00:00तुम्हें सभी के किये कर्मों का फल भुगतना पड़ता है। ये सिर्फ एक इनसान की बात नहीं है। शोर मचाती
00:05हुई क्लास है। और एक बच्चा चुपचाप शांती से बैठा है। तब ही क्लास टीचर गुस्से में अंदर आता है
00:11और कहता है तुम सब खड़े हो जाओ,
00:12हाथ उपर करो और अगले 10 घंटे तक ऐसे ही खड़े रहो। और इस चक्कर में सजा किसे मिली। उस
00:17चुपचाप बैठे बच्चे को जो बस अपनी किताबों में खोया हुआ था। वो भी सजा भुगत रहा है क्योंकि वो
00:22भी उसी क्लास का हिस्सा है। तो अब क्या किया ज
00:24उस क्लास को सुधारने के लिए जो कर सकते हो वो करो क्योंकि अगर पूरी क्लास शान्त नहीं हुई तो
00:30सजा तुम्हें भी मिलेगी। भले ही शोर तुमने नमचाया हो। ठीक यही बात क्लाइमेट चेंज पर लागू होती है और
00:36कोरोना महमारी पर भी लागू हुई थी।
00:37तुम खुद जाकर वायरस से नहीं भीड़े थे लेकिन इंफेक्शन तुम्हें भी लगेगा और जान तुम्हारी भी जा सकती है।
00:43इस बात को समझो। पूरी इंसानियत का सामूहिक कर्मदंड वो तुम्हें भी भुगतना पड़ेगा। यह कोई व्यक्तिगत मामला नही
00:50जहां तुम्हें सिर्फ अपने कर्मों का फल मिले। तुम्हें पूरी इंसानियत के सामूहिक कर्मों का फल भुगतना ही पड़ेगा। तो
00:56फिर इस पूरी इंसानियत को सही रास्ते पर कैसे लाया जाए। दिखाओ कि तुम्हारे पास क्या खास है। दिखाओ कि
01:15तुम उन
01:20झाल झाल
Comments