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यह GDP ग्रोथ को लेकर सरकार और पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के दावों के बीच छिड़ी बहस की पड़ताल है। अप्रैल-जून तिमाही में भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.8% दर्ज हुई, लेकिन गर्ग ने पिछले साल के संशोधित आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुराने आंकड़ों से तुलना करने पर नॉमिनल GDP ग्रोथ महज 2.6% रहती। कांग्रेस ने इसे ‘स्टैटिस्टिकल जिम्नास्टिक्स’ बताते हुए सरकार से जवाब मांगा। वहीं सरकारी सूत्रों ने गर्ग की गणना को गलत बताया, क्योंकि इसमें पुरानी और नई GDP सीरीज के आंकड़ों को मिलाकर तुलना की गई है। नई सीरीज में बेस ईयर 2011-12 से बदलकर 2022-23 किया गया है और गणना की पद्धति में भी बदलाव हुए हैं। ऐसे में सवाल सिर्फ 7.8% बनाम 2.6% का नहीं, बल्कि GDP आंकड़ों की विश्वसनीयता, संशोधन और आम लोगों की आर्थिक स्थिति का है।

This is an analysis of the debate between the government and former Finance Secretary Subhash Chandra Garg over India’s GDP growth figures. India recorded 7.8% real GDP growth in the April-June quarter, but Garg questioned the revisions made to last year’s figures, arguing that growth would be only 2.6% if compared with the originally reported numbers. The Congress called the figures “statistical gymnastics” and demanded answers from the government. Government sources, however, rejected Garg’s calculation, arguing that it mixes figures from the old and new GDP series, making the comparison statistically inappropriate.

#IndiaGDP #GDPGrowth #IndiaEconomy #GDP78Percent #RealGDP #NominalGDP #GVA #ManufacturingGrowth #ServicesGrowth #GFCF #MOSPI

~PR.516~HT.408~ED.276~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00जूट, सफेद जूट या फिर आकडों की याड में देश से छिपाया गया एक बहुत बड़ा सच
00:06आज सवाल किसी नेता की बयान बाजी का नहीं है, सवाल आपकी और हमारी जेब का है
00:11सरकार ढोल पीट रही है कि देश की जीडेपी 60.8 प्रतीशत की रौकेट रफ्तार से भाग रही है
00:18लेकिन देश के पूर्वित सचिप सीना ठोक कर कह रहे हैं कि ये सब आखों का धोका है
00:24असली ग्रोध तो 2.6 प्रतीशत भी नहीं है
00:28अब सवाल ये है कि देश से जूट बोल कौन रहा है
00:31कि सरकार आकडो का मेकप करके जनता को गुमराह कर रही है
00:35या फिर पूर्वित सचिप आधी धूरी गड़ित बता कर देश में संसनी फेला रहे है
00:40आज आकडो का वो काला चुठा खुलेगा जुसे देखकर आप खुद ते करेंगे कि जीडीप का असली शेहनशा कौन है
00:46और कौन बोल रहा है सफेजूट
00:48आए इस आर्थिक महाभारत की शुरुआत करते हैं
00:50वित्वर्ष 2026-27 की पहली तिमाह यानिकी अप्रेल-जून के आकड़े आते हैं
00:55सरकार एखलान करती है कि देश की रियल जीडीपी ग्रोच 7.8 पुतीशत रही है
01:01या आकड़ा रिजर्व बांक इनकी आर्बियाई के 7 पुतीशत के अनुमान से भी काफी आगे निकल गया
01:06प्रधान मंत्री नरेंडर मोदी ने खुद मोर्चा समभाला और कहा कि भारत की अर्थिववस्था का लोहा पूरी दुनिया मान रही
01:12है
01:12और निराशवादियों के मुँपर ताला लग चुका है
01:14सरकारी खेमे में दिवाली जैसा महौल बन गया
01:18लेकिन ठीक तभी परदे के पीछे से एक ऐसा धमाका होता है
01:22जुसने सरकार के इस 7.8 पुतीशत वाले गुबारे में सीधी सुई चुब हो दी
01:26मैदान में उतरते हैं पूरवित सचिव शुभाष चंडरगर्ग
01:30वो शक्स जो कभी खुद भारत सरकार का पूरा बजट और खजाना तयार करते थे
01:35एक टीवी इंटरव्यू में गर्ग साहब ने सीधा बंफोडा है
01:38नोने कहा कि 7.8 प्रतीशत का आकड़ा सिर्फ दिखाने के लिए है
01:42अगर पिछले साल के असली आकड़ों से तुलना करे तो देश की असल
01:46नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 2.6 प्रतीशत से जादा नहीं है
01:50कहा 7.8 प्रतीशत और कहा 2.6%
01:54ये बयान आते ही विपक्षी पाटी कॉंग्रेस ने सरकार को घे लिया
01:58कॉंग्रेस ने से स्टाटिस्टिकल जिमनास्टिक्स यानि आकड़ों का फ्रॉड करार दिया
02:02कॉंग्रेस का सीधा आरोप है कि देश में नौकरिया नहीं है
02:05महेंगाई आसमान चू रही है लोगों की बचत खत्म हो चुकी है
02:09और इस कड़वी सच्चाई को छिपाने के लिए सरकार कागज ओपर जादुगरी दिखा रही
02:13अब समझे कि गर्ग साहब ने 2.6% का आकड़ा निकाला कहा सीधा
02:18गड़ित बिलकुल सीधा है गर्ग का दावा है कि पिछले साल यानि कि Q1
02:22फाइनेंशियल येर 2026 में सरकार ने नौमिनल जीडीपी 86.5 लाख करोड बताई थी
02:30इस साल नई सीरीज में ये आकड़ा आया 88.27 लाख करोड
02:34गर्ग साहब ने साल के नए आकड़ी की तुलना सीधे पिछले साल के 86.5 लाख करोड से कर दी
02:42जवाब निकला सिर्फ 2.6% गर्ग का रूप है कि सरकार ने इस साल की ग्रोथ को 10.3
02:49प्रोथ नौमिनल और 7.8 प्रोथ रियल दिखाने के लिए
02:54पिछले साल के आकड़े को घटाकर 80.000.000 करोड कर दिया यानि पिछले साल के आकड़ों में भारी कटोथी
03:00की ताकि इस साल की ग्रोथ अपने आप ही बड़ी दिखे अब आए सरकार के जवाब पर
03:05सरकारी सूत्रों और अर्थ शास्त्रियों ने गर्ग साहाब के इस दावे को बे मतलब और गलत करार दिया है
03:10सरकार का कहना है कि पूर्वित सच्चिव आधी सच्चाई बता रहे हैं क्यों? क्योंकि इसके तीछे तीन बड़े काड़न डे
03:17गए
03:19सरकार ने जीडीपी नापने का अधार वर्ष यानि की बेस इयर बदल कर 2022 से तेस कर भिया है
03:25जब बेस इयर बदलता है तो डेटा का दाइरा और गड़ना का तरीका बदल जाता है
03:29पुरानी सीरीज के आखड़े की तुलना नई सीरीज से करना संख्याई के नियमों के खिलाफ है
03:34सरकार का 7.8 पृतिशत वाला आखड़ा रियल जीडीपी का है
03:39पिगर्ग साहब 2.6 पृतिशत का गड़ित नॉमिनल जीडीपी पर दो अलग-अलग सीरीज को मिला कर लगा रहे है
03:45पीम की आर्तिक सलाकार परिशद के सदस से संजीव सान्याल ने कहा कि गाड़ियों की रिकॉर्ड बिकरी
03:51कॉर्पोरेट मुनाफ़ा और टाक्स कलेक्शन साबित करते हैं कि अर्थिवयविस्था में वाकई जाने
03:55तो आकिरका जूट बोल कौन रहा है
04:14सरकार भले ही कागजों पर 7.8 प्रुतिशत का स्कोर बोड डिखाए लेकिन असली जीडिपी वो है जो आम नागरिक
04:21की जेब में दिखती है
04:22उसकी थाली की खर्च में दिखती है और ये वाव को मिलने वाले रूजगार में दिखती है
04:27अब फैसला आपके हाथ में क्या आपको लगता है कि आपकी जिन्गी 7.8 प्रुतिशत की रफ्तार से बेहतर हो
04:32रही है
04:33या फिर आपकी जेब का बजट कह रहा है कि 2.6 प्रुतिशत का दावा ही असली सच है
04:37अपने राया में कॉमेंट सेक्शन में ज़रूर बताए फुलाल वस अतना ही देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के
04:42लिए देखते रही वान इंडिया है

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