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  • 7 weeks ago
नेपाल जैसी प्रलय भारत के पहाड़ी इलाकों में भी आ सकती है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजराओं कश्योप और ब्लाक इन वाइप में आपका बहुत-बहुत स्वागत है
00:03आज सबसे पहले आपको बताएंगे कि राम मंदर ट्रस्ट को अपना पहला CEO मिल गया है
00:08अपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को घुटनों पर लाने में बड़ी भूमेका निभाने वाले रिटार ए मार्शल जितेंद्र मिश्र
00:16अब राम लला के दर्बार की व्यवस्ता संभालेंगे
00:20देवरिया के रहने वाले हैं जितेंद्र मिश्र
00:23उन्होंने साड़े 5000 से ज़ादा दिगजों को पीछे छोड़ते हुए
00:26राम मंदर के पहले CEO का पद हासल किया
00:30हाली में चड़ावी को लेकर उठे विवादों के बाद
00:33श्री राम जन्म भूमी तीर्थ शेत्र ट्रस को एक ऐसे कमांडर की जरूरत थी
00:38जो व्यवस्था को पारदर्शी बना सके
00:41अब इनके जिम्मे राम मंदर के खजाने सुरक्षा प्रशासन को सभालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी
00:48आयोध्या के बाद बात मतुरा की जो अब यूपी के 2027 के चुनाओं की धुरी बनता जा रहा है
00:55मुख्यमंद्री योगी आदितनात का पूरा फोकस अब मतुरा वरंदावन पर है
00:58उनके जैकारों में बाके बिहारी लाल की जै जैकार है
01:03तो मतुरा के विकास का भी वो दावा कर रहे है
01:07सवाल यह है कि क्या बीजेपी का विजयरत मतुरा की इसी सांस्कृतिक और धार्मिक भूमी से अपनी सियासी रफ्तार पकड़ेगा
01:16नेपाल में आई तबाही ने पूरी दुनिया को चौका दिया है
01:19और अब सवाल यह है कि क्या वैसे ही प्रले भारत के उतरा खंड हिमाचल जम्मु कश्मीर में आ सकती
01:27है
01:27आज आपको दिखाएंगे कि कैसे कमजोर होते पहाड और लगातार बढ़ती क्लेशर जीलें
01:32देश के इन पहाडी राज्यों के लिए एक बहुत बड़ा चालेंज है
01:37इसके बाद आपको बताएंगे कि एक हफ़ते पहले जिस रास्ते पर मौत का मलबा बिचा था
01:42आज वहाँ चीन के बुल्डोजर दोड रहे है
01:45नेपाल में मातम है शवों की तलाश और गिनती हो रही है
01:49लेकिन चाइना के तिवित में सब खामोश है
01:52क्या चाइना ने तबाही के इस मंज़र पर परदा डाल दिया है
01:58इसके बाद आपको बताएंगे कि नेपाल ने भारत, चाइना और अमेरिका जैसे देशों से मुआफजात क्यों मांगा है
02:04नेपाल के प्रधानवंत्री बाले इंशाह का कहना है कि अमीर देशों के फैलाई प्रदूशण की सजा नेपाल भुगत रहा है
02:10इसलिए ये देश नेपाल को दी जाने वाली मदद को दान नहीं बलकि नैतिक जिम्मेदारी समझकर हर्जाना देए
02:20इसके बाद आपको बताएंगे कि चैंकर के बदले टैंकर की नई रणनीती के तहट अमेरिका ने इरान पर हमले बहुत
02:26तेज कर दिये हैं
02:27इन हमलों में ना सिर्फ इरानी टैंकर्स को निशाना बनाया गया है बलकि सौस से जादा सेन ठिकानों पर भी
02:32बंबारी की गई है
02:34जबकि एरान इन हमलों में आम नागरे को एक शादी समारों का भी उसने एक लेगो वाला विडियो बनाया है
02:40उसको शादी समारों को निशाना बनाये जाने का दावा किया है
02:45इसके बाद आपको दिखाएंगे कि कैसे एक पिता को उसके ही बेटे लाठी डंडे से मार रहे हैं
02:54और आखर में आपको दिखाएंगे कि कैसे आज स्वास्त को लेकर हमें चिंता करनी चाहिए
03:00क्योंकि पुराने सामान को री पैकेज करके नए पैकेज के साथ पेश किया जा रहा है
03:06लेकिन आथ सबसे पहले हम आपको यह बताएंगे कि क्या नेपाल जैसी प्रले के उत्तराखंड, हिमाचल, प्रदेश, जम्मू कश्मीर इन
03:14तमाम राज्यों में भी आ सकती है
03:16हिमाले की जिन पहाडियों से 26 अगस को नेपाल में आपदा आई, उसी हिमाले क्शेत्र का एक बड़ा हिस्सा भारत
03:24में आता है
03:25हिमाले क्षेत्र में भारत की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत से जादा है
03:30नेपाल की 4.27 प्रतिशत है भूटान की 1.1 प्रतिशत है और चाइना की यही हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत
03:39है
03:39यानि चायना के बाद हिमाले क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा जो है वो भारत में ही आता है
03:46अब इनमें भी जन राज्यों में हिमाले के ये पहाड सबसे ज़्यादा चिंता पैदा कर रहे हैं
03:51उनमें उत्राखंट, हिमाचर प्रदेश, जम्मू कश्मीर सबसे उपर है
03:55जो तस्वीरे आ रही हैं उसने हमें इतना सतर कराने पर मजबूर किया
04:01कि हमने सोचा कि आज इस ख़बर से शुरुआत करते हैं क्योंकि देखिए ये जो संकेत मिल रहे हैं
04:06आप सबसे पहले इन राजियों से आई इन तस्वीरों को देखिए
04:10पहाडों के तूटने, बादल फटने, भुसकलन की घटनाएं बहुत तेज गती से बढ़ रहे हैं
04:16और सिती ये है कि अब भी इन राजियों में लांसलाइट के कारण चार सो से ज़ादा सड के पूरी
04:22तरह बंद है
04:24अब पहाडों का इस कदर तूट कर बिखरना, कोई सामान इघटना नहीं है
04:28इस वक्ट जम्मू कश्मीर का 28 प्रतिशत शेतरफल ऐसा है
04:33जहां भुसकलन और पहाड किसकने का जोकिम सबसे ज़ादा है
04:3824.4 प्रतिशत पहाडी इलाकों को हाई रिस्क की श्रेणी में रखा गया है
04:42टेलिग्राफ की एक रिपोर्ट पताती है कि जब जम्मू कश्मीर में दर्ज हुई
04:46679, 669 बुसकलन की घटनाओं का ध्याइन हुआ
04:50तो उनमें 87 प्रतिशक घटनाएं अकेले इसी हाई रिस्क जोन में रिकॉर्ड हुई
04:57और यहां बात सिर्फ जम्मू कश्मीर की नहीं है
05:01उत्राखन के आपदा प्रबंदन विभाग के मताविक 2015 से 2024 के बीच पूरे राज्य में जानते हैं बाड की 12
05:09,758 घटनाएं दर्ज हुई है
05:12पहाड की सकने की 4,000 बादल फटने की 70,70 घटनाएं
05:18बहुत खतरनाक बात है यह इसका मतलब यह है कि उत्राखन में इस वक्त हर दिन
05:23हर दिन कहीं ना कहीं कहीं ना कहीं पहाड तूटने भुसकलन की कम से कम एक घटना तो जरूर हो
05:30रहे यह रोजाना
05:31और यही हाल हिमाचल प्रदेश का है जहां हैंगिंग ग्लेशर्स का खतरा 30 से बढ़ रहा है
05:38हैंगिंग ग्लेशर्स का मतलब यह है कि जहां पहाडों की खड़ी जो धलान है
05:43वहाँ भी बर्फ और ग्लेशर का बड़ा हिसाट का हुआ है
05:46जो कभी भी तबाही ला सकता है
05:48वो तूट कर जब गिरता है तो अपने साथ पूरा मलबा लेते हुए पिखलते हुए आगे
05:54जबरदस बरबादी का सबब बनता है
05:55और इसलिए हमने आपसे शुरुआत में ही कहा कि क्या जैसी तबाही नेपाल में हुई है
06:02वैसी तबाही का खत्रा उतराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मु कश्मीर में भी हो सकता है
06:09अगर सिर्फ आज की तस्वीरे देखे तो उतराखंड और हिमाचल प्रदेश में बार्ड, लांसलाइट, नदियों का जलस्तर बढ़ने से दस
06:15लोगों की जान जा चुकी है
06:16दो लोग लापता वताये जा रहे है
06:19उतराखंड के देरदून, बागेश्वर, नैनी ताल, अल्मोडा में भारी से भारी बारिश दर्च की गई है
06:27जबकि हिमाचल प्रदेश के सोलन के उपरी इलाकों में
06:32कुल्लू जिले में भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ आ गई है
06:36इन घटनाओं के कारण हिमाचल प्रदेश में कुल 269 सड़ के ठप
06:41उतराखंड में 170 से जादा सड़ के ठप
06:44हाईवेज बार के कारण बंथ
06:47पड़ी बात यह है कि पिछले कुछ सालों में इन घटनाओं को न्यू नॉमल मान लिया गया है
06:51कि भई ये बाढ़ तो आईगी ही आई ये भुसकलन तो होगा ही होगा
06:58जादतर लोग यही सोच रहे हैं कि भारी बारिश के दौरान लाइंसलाइट की घटनाएं सामान ने होती है
07:03और कुछ के वक्त बाद सब सही हो जाता है
07:08लेकिन हकीकत में ये सोच पूरी तरह से घलत है
07:11सचाई ये है कि जैसे कोई दिवार धीरे धीरे जरजर कमजोर होकर तूटने लगती है
07:24अगर हमारी सरकारों ने जल्द कोई नया आक्शन प्लान लागू नहीं किया
07:28तो भारत के हिमाले क्षेत्र में भी नेपाल जैसी आपदा पैदा हो सकती है
07:35सवाल यही है कि क्या इन संकेतों को कोई देख रहा है
07:39आज अगर भारी तबाही के यह साफ साफ तस्वीरे देख रही है
07:44जो किसी भी बड़ी तरास्दी में किसी भी दिन तबदील हो सकती है
07:48तो क्या कोई जागने को तयार है
07:50अब भारत के हिमाले क्षेत्र में नेपाल जैसी तबाही का खतरा क्यों वंड़ा रहा है
07:54उसके लिए आप IIT मंडी की इस रिपोर्ट को देखे
08:00इसमें हिमाचल प्रदेश की 2000 से जादा ग्लेशल लेक्स
08:03यानि ग्लेशल जीलों का अध्यान किया गया
08:05जिसमें ये पता चला कि इनमें 9 से 12 जीले ऐसी हैं
08:08जो काफी गंभीर है समिदन जीले
08:10यानि ये वो जीले हैं जिनका आकार बदल रहा है
08:14तेजी से बड़ा हो रहा है जो बड़ी आपदा में फट भी सकती है
08:20इनमें भी 4 जील ऐसी हैं जिनकी निगरानी के लिए
08:23IIT मंडी ने सबसे जादा प्रात्रमिक्ता बताई है
08:29इनमें एक है घेपल जील दूसरी है वासुकी जील तीसरी है
08:32काशांग जील और चौती है बसपा जील
08:35ये वो जीले हैं जिनका आकार पिछले 10 सालों में 30 से 60 प्रतिशत बड़ा है
08:41और अभी जिस तरह हिमाचर प्रदेश में भारी बारिश हो रही है
08:44चटाने तूट रही है भुसकलन हो रहा है उसके कारण इन जीलों का प्राक्रितिक बांध है
08:50जैसे लेक बनाना जील उसके जो प्राक्रितिक बांध है वो कभी भी तूट सकते हैं
08:57और फिर जो विनाशकारी तबाही का अलम होगा
09:00अगर ऐसा होता है एक बार में लाखो करोडो लीटर पानी हिमाचल प्रदेश के निचले इलाकों में आएगा
09:06और वो भी जबरदस मलवे के साथ जो वो अपने रास्ते में धोता हुआ साथ लाएगा
09:11मतलब भयानक तबाही हो सकते हैं और यही कारण है कि अभी पूरी दुनिया नेपाल की आपदा को भारत के
09:18लिए भी एक शेताब ने मान रहे है देखिए
09:23जाए तो जैसे ही चौड़ा होगा एरिया पर यहां से मान लेते हैं अगर यह बिस भी आखिए यहां पर
09:34बाताल ब्रिज इतना नीचे है यहां और बाताल ब्रिज बहुत दूर है इसका नहीं है जादा
09:41और इसके ही अगर ये अच्छा गेपक कर का रहा रहे तो और इसका है तर तो यॉgend हाई पर
09:51ग्रेज़
09:59जी यह यह यह यह यहां से यह खरके और बेखे हो
10:05जूमे देखके हो से यह कल आए दोर है नल्ली या में समय कर देख समय
10:10परसंटेज इनफ्रीज काफी जादा हो गया और यह ऐसे आ करके यहाँ पर यही एनेश टुनिटिसिक्स यह आपका उस्सरफ जा
10:16रहा है उदैपुर के आगे तो यहाँ पर सीधे बरीज रही है
10:22अब आप यह देखे कि हिमालेक शेत्र इतना समवेदन शील क्यों है हिमाले को दुनिया की सबसे युवा परवत श्रिंखला
10:30कहा जाता है और अंग्रेजी में इसे यांग फोल्ड मांटन्स भी कहते है यानि ऐसे पहाड जो अभी पूरी तरह
10:36से मजबूत नहीं हुए है और ज
10:49समुद्र हुआ करता था इस टेथिस सागर कहते थे इसे जो एजिया और आफ्रिका के बीच फैला हुआ था लेकिन
10:56इसके बाद धीरे धीरे इस समुद्र की जगा पर हिमाले की परवत श्रिंखलाएं बन गई और ऐसा इसलिए हुआ क्यूंकि
11:03हमारी पृत्वी की सत्य टेक्
11:18टेवरेस लगभग पॉइंट टू से पॉइंट फाइव मिलिमीटर ऊपर उठ रहा है जिसकी वज़े से इन पहाडों को जीवत पहाड
11:26भी कहा जाता है यह बाते हमने आपको इसलिए बताई ताकि आप यह समझ पाएं कि हिमाले के पहाड आज
11:33भी ठोस नहीं है जब इन पह
11:44बातरा भारत के हमाले कि शेत्र में जताया जा रहा है सोची ओफिशली लगभग हजार लोगों के मौत की पुष्टी
11:50हुई है और चार-पांच हजार लोग नेपाल में गायब हैं अभी भी लापता हैं लोग मान रहे हैं कि
11:57मरने बालों की संख्या बहुत जादा हो सकती है
12:14बातार बढ़ रहे हैं लेकिन चाइना चाइना के टिविट में ऐसी कोई हल चल नहीं है चाइना अभी यही कह
12:21रहा है कि इस आफदा में सिफ 16 लोगों की मौत हुई है पांच सो च्यालिस लोग लापता हुए है
12:26जिनमें 271 विदेशी नागरेक शामिल है अजीब बात यह है
12:30कि जब नेपाल में रेस्क्यू टीम्स के लिए प्रभावित इलाकों में पहुचना भी मुश्किल हो रहा है तब चाइना ने
12:36एक हफ़ते से भी कम वक्त में बार से प्रभावित वे पूरे इलाके को फिर से खोल दिया है यानि
12:43इस प्रले में चाइना का जो नाशनल हाइव
12:58होने के बाद कई बुल्डोजर्स और दूसी मशीने जिरॉंग पोर्ट तक पहुच गई है जहां नेपाल की सीमा के साथ
13:04एक इमिग्रेशन ओफिस हुआ करता था और 26 अगस की तबाही में ये बिल्डिंग पूरी तरह नश्ट हो गई थे
13:12लेकिन अब आप देख सकते हैं कि चाइना ने यहाँ अपना एक जंडा लगा दिया है और जो भिजली सप्लाई,
13:18रोड नेटवर्क, कम्यूनिकेशन बेस स्टेशन प्रभावित हो गए थे उन्हें फिर से चालू किया जा रहा है और ये बात
13:24कई लोगों को हैरान कर रही है
13:26The Guardian की एक रिपोर्ट में International Campaign for Tibet नाम के एक संगठन ने यह आरोप लगाया है कि
13:32चाइना इस बार में प्रभावित हुए अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से सही कर रहा है लेकिन वो इस आपदा में
13:37मारे गए लोगों को ढूनने पर जादा ताकत नहीं लगा रहा
13:42The Guardian ने संगठन के हवाले से शब्दशा लिखा है कि नेपाल में जो तबाही दिख रही है वही तबाही
13:49तिबत में छिपा ली गए है जबकि तिबत के चार गाओं, सेल, सेर्चों, लाबी और रिजी में 300 घर तबाह
13:57हो गए हैं कई लोग अब भी लापता है
14:00चाइना में कई लोग खुद ये बात कर रहे हैं कि तिबत में हुई मौतों को सरकार ने छिपा लिया
14:05है जबकि चाइना की जो कम्यूनिस सरकार हैं वो ये कह रही है कि इस तरह की सभी बातें सभी
14:11सूचना हैं गलत है, ब्रामक है, बेबुन्याद है
14:16अब चाइना की साइबर सेक्योरिटी प्रोटेक्शन ब्योरो का ये कहना है कि उसने ऐसे दस लोगों पर कारवाई की है
14:21जो टिबट में आई बार को लेकर जूप फैला रहे हैं
14:25हला कि तिबट से जुड़ी कई निर्वासित संस्ताएं हैं और पर्श्मी मीडिया ये कह रहा है कि चाइना ऐसे लोगों
14:32को गिरफ्तार करके तिबट की हकीकत बाहर नहीं आने देना चाहता है
14:36और उसका लक्ष अब भी यही है कि वो जिरॉंग पोर्ट में बार से प्रभावित हुए सभी इंफ्रास्ट्रक्टर्स को तेजी
14:42से बना रहा है
14:43और जब आप भी इन तस्वीरों को देखेंगे तो आपको हैरानी होगी कि जहां पिछले हफ़ते इतनी भयानक प्रलय आई
14:49थी
14:51वहां आप कैसे चाइना के सेक्डो बुल्डोजर्स दिन रात काम कर रहे हैं देखे
14:56तो ऐसा साफ देख रहा है कि चाइना का सारा का सारा फोकस अपने रोद्स को वापस
15:01नॉमलाइजेशन की तरफ ले जाना है ताकि फिर से वहां पर बैक टू नॉमल लाइफ शुरू हो जाए
15:06और रेस्क्यू ओपरेशन पर उसका ध्यान कम है ऐसा आरोप वहां पर मौजूद लोग और कुछ वेस्टर्ण मीडिया लगा रहा
15:13है
15:13चाइना और नेपाल की रेस्क्यू ओपरेशन में जमीन आस्मान का यह अंतर इसले भी हो सकता है
15:17क्योंकि नेपाल की तुलना में चाइना एक बड़ा देश है और उसके पास बचाओ अभियान के लिए
15:22टिकनोलजी है, हेलिकॉप्टर्स है, ड्रोन्स है, पैसों की कोई कमी तो है ही नहीं
15:27जिन अलाकों में चाइना की रेस्क्यू टीम्स पहुंच नहीं सकती थी
15:30उन अलाकों में चाइना ने हेवी ड्यूटी कार्गो और पैसेंजर ड्रोन्स का इस्तमाल किया
15:35जो इंसानों का वजन उठा सकते हैं। यानि जिन सकरी पहाड़ियों या फिर मलबे के धेरों पर हेलिकॉप्टर्स लाइंड नहीं
15:43कर पा रहे थे, वहाँ इन ड्रोन्स के जरीए फसे हुए लोगों को ऐलिफ्ट किया गया और बेस कैम तक
15:48लाया गया।
16:06इसके लावा अगर आप इन ग्राफिक्स को देखेंगे तो चाइना ने तिबत में आई बाड के लिए 7,372 करोड
16:12रुपे जारी किये। जबकि नेपाल की सरकात दूसे देशों से मदद लेकर भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए अब तक 492
16:18करोड रुपे ही कठा कर पाई है।
16:21इस वक्त नेपाल में बाड और मलवे से प्रभावित कम से कम 11-12 हाइड्रो पार प्रोजेक्स की सुरंगों को
16:26खोलने वहां तक पहुँचने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
16:50और मजदूर लापता थे जिन में से 289 लोगों को सुरक्षत बाहर निकाला जा चुका है और अनुमाने के अदिक्तम
16:58600 लोग अब बीन मलवे में बरी सुरंगों के अलग-अलग जो हिस्से हैं उनमें हो सकता है कहीं फसे
17:02हों कहीं लापता हो सकते हैं।
17:20और इन में भी चिलिमे में भारते टीम ने खराब मौसम के बीच टनल में पैर जमाने की जग़ा बनाई।
17:28और सुरक्षा रसिया मांद कर नेपाल का सबसे जो हाई-risk rescue operation है उसको शुरू किया है।
17:34ते करिछिए टनल में भी तीन है।
17:58ताइब नाज़ी करेंगे ट्राइब।
18:00ताइब टनल में त्पर्षा रसंपर्ण खाते ही त्भापकरेण थेखा रसियरुटिए
18:13है को आप साथी कि कहते हैं कि कुद्रत का नियम है जो दोगे वही बढ़ कर वापस आएगा लेकिन
18:25क्या आप जानते हैं नेपाल के साथ इसका उलट हो रहा है नेपाल का कहना है कि जिस वाल जलवायू
18:31संकट का वो बार-बार शिकार हो रहा है
18:33उस जलवायू संकट के लिए वो जिम्मेदार नहीं है वैश्विक सतर पर कुल ग्रीन हाउस गास उत्सरजन में नेपाल की
18:39हिस्सेदारी सिर्फ और सिर्फ 0.04 प्रतिशत है जबकि चाइना की हिस्सेदारी पूरी दुनिया में सबसे जादा 33.1 प्रतिशत
18:48अमेरिका की हिस्से
19:02इसे देशों को चुकानी पड़ ले जिनकी इसमें कोई घुमिका नहीं इसी मुद्दे को उठाते हुए नेपाल के प्रधानवंत्री बालेंशा
19:08ने कहा है कि इन बड़े देशों को प्रदूशन की सजा नेपाल वुगत रहा है और इसके इन देशों को
19:14नेपाल को दी जान
19:27पर उठाने के लिए बहुत गंभीर हैं और इसके लिए वो सितंबर 2026 में होने जा रहे हैं संयुक्त राश्रमा
19:34सभा के सत्र से भाग लेने वाले लेने न्यू यॉक जा सकते हैं ताकि दुनिया के सामने वो जलवायू न्याय
19:41यानि क्लाइमिट जस्टिस का मुद्दा उठा �
19:44इसके अलावा पालेंचा ने आज नेपाल में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भारत को धन्यवाद यानि थांक्यू इंडिया भी कहा है
19:51साल 2013 में एक फिल्म आई थी स्पेशल 26 और उस फिल्म के बाद से 26 अंक के साथ कई
19:57बार स्पेशल यानि विशेश शब्द जोड़ता रहा
20:00लेकिन अब नेपाल में आई इस भयावर प्रलय के बाद 26 तारीक को कुछ लोग एक अलग ही नजर से
20:05देखने लगे है
20:06कारण यही है कि 26 तारीक ने इतिहास में कई बार ऐसी घटनाओं को जन दिया है जिने दुनिया आज
20:11भी भूल नहीं पाई है
20:13जिसे नेपाल में ये तबाही 26 अगस्त को आई थी
20:16साल 2023 में जब इराक के शादी समारों में आतिश बाजी के दौरान आग लगी और इसमें सो से जादा
20:22लोग मारे गए थे तब वो तारीक भी 26 सितंबर की थी
20:26अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद काबूल एपोर्ट पर जो हमला हुआ वो भी 26 अगस 2021 को हुआ
20:32था
20:342015 में जब नेपाल में भूकम पाया तब भी उसकी तारीक 26 अक्टूबर थी
20:532004 में हिंद महासागर में सुनामी 26 दिसंबर को आई
20:562001 में गुजरात का भूकम 26 जनवरी को आया
21:001991 में इंडोनेशा की सुनामी 26 नवंबर को आई
21:031986 में चरनबिल की परवाण उतबाही 26 एप्रिल को हुई
21:071963 में एक हजार लोगों की जान लेने वाला योगोसलाविया का भूकम 26 जुलाई को आया
21:13लिस्लम्वी है और यही कारण है कि लोग अब ये कह रहे हैं कि 26 तारीक अशुब है
21:20खरागे परते आपको ये बताते हैं कि जिस वक्त पाकिस्तान के प्रधानवंद्वी शाबाज शरीफ
21:24SEO समिट में सिंदु जल समझोते को बहाल करने के लिए रोना दोना कर रहे थे
21:29तब उसी वक्त इसलामाबाद बारिश में तालाब बना हुआ था
21:33और पाकिस्तान के लोग इसके लिए बहां की सेना को कोस रहे थे
21:38एक दिन पहले इसलामाबाद से लेकर रावल पिंडी तक कई रहाईशी इलाकों में चार फीर तक पानी भर गया
21:44और पाकिस्तान के लोग ये कहने लगे कि जब सारा पैसा सेना हजम कर जाएगी
21:49तो नाले साफ कराने के लिए पैसा कहां से आएगा
21:53पाकिस्तान के मीडिया का कहना है कि इस बार के कारण इसलामाबाद रावल पिंडी में तीन लोगों की मौत हो
21:58गई है
21:58हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई स्कूल्स कॉलेजिस बंध हैं
22:01इस बार से बेहाल हुए पाकिस्तान के कुछ लोगों ने ये भी कहा
22:04कि जो बलोच और सिंधी ये सोचते हैं कि पंजाब रांद के लोग विकास का स्वाद ले रहे हैं
22:10वो भी उनके डूपते हुए घरों को देख सकते हैं
22:13आगे बढ़ते हैं और आपको ये बताते हैं कि ओपरेशन सिंदूर की कमान संभालने वाले
22:17रिटार्ड एर मार्शल जितेंद्र मिश्रा योध्या में राम अंदर के पहले सीओ यानि पहले मुख्य कारिकारी अधिकारी कैसे बने और
22:24इसके माइने क्या है
22:25आजया योध्या में शिराम जन्भूमी शेत्र ट्रस की एक महदपूर्ण बैठक हुई
22:29जिसका उद्देश शिराम मंदर के पूरे प्रशासनिक और वित्तिय धाचे का काया कल्प यानि उसकी रिस्ट्रक्चरिंग करना था
22:36और इसी बैठक में मौझूदा सदस्यों की नई जिम्मेदारी तैह होनी था
22:40नए CEO का चैन होना था
22:42इसके लिए दो महीने पहले 6 जुलाई को एक सर्च कमिटी बनाए गई थी
22:46जिसे नए CEO की योग गिता और चैन प्रक्रिया तक तैह करनी थी
22:50जब ये प्रक्रिया तैह हो गई
22:53तब इसके लिए योग ये उमीदवारों से आवेदन मंगाए गए
22:57और आपको यकीन नहीं होगा कि पूरे देश से 5585 लोगों ने
23:05प्रभू शीराम के मंदर का CEO बनने के लिए आवेदन दिया
23:09इसके बाद इनमें से कुल 16 आवेदन शॉट लिस्ट हुए
23:12जिनने 11 और 12 अगस को इंटिव्यू देने के लिए आयोध्या बुलाया गया
23:15इस पूरी प्रक्रिया के बाद शीराम जनभूमी तीत शेत्र ट्रस के सामने
23:20अंतिम तीन नाम आए जिनमें पहला नाम
23:23रिटार्ड एर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का था
23:27दूसरा नाम रिटार्ड मेजर जेनरल संजे प्रताप सिंग
23:30विश्वाराव का था
23:32और जिन्हों ने जम्मू कश्मीर जैसे सम्वेधन चील क्षित्रों में कोर और साब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप
23:37में काम किया
23:38और तीसरा नाम शृती भारत द्वाज का था
23:41जिनके पास केंद्र और राज्य सरकारों के अलग-अलग मंत्राले और विखभागों में काम करने का प्रशास्तिक अनुभव है
23:48अब मंदिर ट्रस को आपसी सहमती से इन में से एक नाम चुनना था और वो नाम था रिटार्ड एर
23:53माशल जितेंद्र मिश्रा था
23:55और यहां पिए भी देखिए कि जब जितेंद्र मिश्रा के नाम का एलान हुआ तब उसके बाद जितेंद्र मिश्रा को
24:00गूगल पर भारत के लोग सबसे ज़ादा सर्च कर रहे थे
24:02बारते वाई उसेना में जितेंद्र मिश्रा की पहचान एक जाबाज अधिकारी की रही है जिनका ग्रेजला उत्तरप्रदेश का देवरिया है
24:09वो 6 दिसंबर 1986 को भारते वाई उसेना में शामिल हुए थे और इसके बाद वो 30 सालों से ज़ादा
24:15तक सैने सेवा का हिस्सा रहे
24:16इस दोरान उन्होंने फाइटर कॉमबाट लीडर की भूमिका निभाई और अपने पूरे करियर में 3000 घंटे से ज़ादा उडान का
24:23शांदार अनभव हासिल किया
24:25इसके अलावा वो बेंगलूरू के एर फोस टेस्ट पाइलिट स्कूल, अमेरिका के एर कमांड और स्टाफ कॉलेज और बृतिन के
24:32रॉयल कॉलेज अब डिफेंस स्टाडी से भी टुड़े रहे
24:34उन्होंने फाइटर स्कौडरन की कमांड सबाली, एरक्राफ्ट और सिस्टम्स टेस्टिंग इस्टाबिश्मन्ट के चीफ टेस्ट पाइलिट रहे
24:41उन्हें दो महतुपूर्ण एर बेस का एर ओफिसर कमांडिंग भी बनाया गया
24:46इसके बाद वो जनवरी 2025 में वेस्टरन एर कमांड के प्रमुक बने और ये वही कमांड है जिसने ओपरेशन सिंदूर
24:55के दौरान पश्चिमी मोर्चे पर सबसे एहम भूमिका निभाई थी और जितेंदर मिश्रा ने इसकी पूरी कमान संभाली थी
25:01अब इन तस्वीरों में देख सकते हैं कि जब प्रधानवंत्री मोधी मई 2025 में पंजाब गए थे पंजाब के आदमपूर
25:08एर बेस पहुंचे थे तब जितेंदर मिश्रा उनके साथ मौजूर थे
25:12एनाई को दिये एक इंटर्व्यू में जितेंदर मिश्रा ने बताया था कि जब प्रधानवंत्री मोधी आदमपूर एर बेस पर आये
25:17थे तब उन्होंने उनसे पूछा था कि क्या वो उनकी गाड़ी में उनके साथ बैच सकते हैं और तब प्रधानवंत्री
25:22मोधी ने बिन
25:42सेवा मेडल से समानत किया गया और अब वो योद्या में रामंदर के प्रबंधन को भी संभालेंगे रामंदर के सीओ
25:48का ये पद सिर्फ आपचारिक नहीं होगा इसके लिए मंदर ट्रस्ट अपनी धीड में संशोधन करके सीओ की शक्तियों और
25:54ठीड मेडारियों को अपचारिक रूप से टै करेगा जिसे कानूनी मामली प्रशासनिक कामकाच्ग वित्तिय प्रबंधन चंदे की जानकारी नए नियम
26:03प्रक्रिया नई प्रक्रियां यह सब बनाना या मंदर के विशाल प्रशासनी धाचय को मीवस्थित करना या सारे जो का
26:23राम मंदर के CEO के काम में सरकार का कोई दखल नहीं होगा
26:26और CEO के ऊपर मंदर ट्रस्ट के महा सचिफ होंगी
26:28और ये इसलिए बड़ा है क्योंकि मंदर की सारी शक्तियां भी CEO के पास नहीं रहेंगी
26:33यहां ये भी समझे है कि जिस तरह एक कमपनी को चलाने के लिए CEO की जरूरत पड़ती है
26:38ठीक उसी तरह इस मामले में राम मंदर को चलाने के लिए CEO की जरूरत क्यों पड़ी
26:44इसके पीचे सबसे बड़ा कारण है चंदा चोरी
26:47और आप सब जानते ही कि कैसे मंदर प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों ने भगवान शीराम के चड़नों में अर्पित
26:52किये गए
26:52चंदे को चुरा लिया और इससे महेंगी गाड़ी खरीद ली जमीने खरीद ली फोन खरीद लिये
26:58कहीं से कैश बरामद हुआ इसके अलावा राम मंदर में कितना चड़ावा जितना चड़ावा आ रहा है
27:04उसकी पार दर्शिता के लिए भी CEO का पद बनाया गया
27:0825 शबिस में राम मंदर की कुल आए 237 करोड रुपे रही जबकि कुल खर्च 11 करोड रुपे रहा
27:14और इसी दोरान मंदर के निर्मान कारियों पर इस एक साल में 425 करोड रुपे खर्च हुए
27:19जबकि कुल खर्च 1882 करोड रुपे रहा
27:23अब ये लेन देन किसी बड़ी कंपनी के जैसा ही है
27:26और क्यूकि अभी भारत के कई मंदिरों में प्रशासनिक कामों व्यवस्थाओं के लिए CEO नियुक्त किया जाता है
27:32इसने राम मंदिर में भी पारदर्शता के लिए व्यवस्था बनाई गई
27:36इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट की इसी बैटक पे प्रशास्तिक धांचे को भी बदला गया है
27:40जिसमें तीन नए सदस से शामिल हुए है
27:43इनमें पहले है महेश भागचंद का दूसरे है मदन मोहन पांडे तीसरे है डॉक्टर निर्मलाय आदव
27:49इनमें भी महेश भागचंद का को नया कोशा ध्यक्ष बनाए गया है
27:53जिबकि स्वामी गोविंद देव गिरी अब कोशा ध्यक्ष से श्री राम जन्म भूमी तीर्थ शेत्रटरस के नए महा सचिब बन
28:00गये
28:01यह वही पद है जो पहले चंपत राए के पास था
28:05इसके अलावा निपेन मिश्रा शीराम जन्म भूमी मंदर की कंस्रॉक्शन कमिटी के चैमिन है
28:09वो भी देवरिया जिले से हैं और नए CEO जितेंद्र मिश्रा भी देवरिया जिले से आते हैं
28:16अच्छा हमारे इस जो मनिर के संचालन के लिए जो आवशकता है हो शायद पूरा कर सकेंगे
28:23कुछ में सफल नहीं है हमेशा इंप्रूब्वेंट होता है किसी भी चीज को आगे बढ़ते रहने के समय
28:33समय के अनुसार कुछ परिवर्टन होता आगे बढ़ता रहता है
28:37तैंकर के बदले टैंकर इरान वार में अब अमेरिका इसी नई रणनीती के साथ मैदान में उतर गया है
28:43इरान अगर कमर्शल टैंकर पर हमला करेगा तो बदले में अमेरिका उसके सेन ठेकानों के साथ साथ
28:49उसके जो tankers हैं उनको भी बॉम से उड़ा देगा
28:53फिछे 3 दिनों में अमेरिकी सेनाएं tanker के बदले
28:56tanker रणनीती के तहट इरान पर बड़े-बड़े हमले कर रही है
28:59अभी तक अमेरिकी सेनाएं इरान की नाकेबंदी वाली रणनीती के तहट
29:03उन जहाजों को रोकती थी जो इरान जा रहे थे
29:06अमेरिकी सेनाई उन्हें वापस जाने के लिए कहती थी
29:09और सेन इताकत के जरीए उन्हें लोटा देती थी
29:12लेकिन अब इरान द्वारा commercial tankers पर किये गए हमलों के जवाब में
29:16अमेरिकी सेनाओं इरानी टैंकर्स को भी निशाना बना रही है
29:20फिर चाहे इरानी टैंकर लंगर डाल कर किसी बंदरगाह पर ही खड़े क्यों न हो
29:25अमेरिकी सेना के ताजा हमले इरान द्वारा सौधी अरब और लाइबेरिया के टैंकर्स पर किये गए हमलों का बतला था
29:32इरान ने हॉर्मूस के पास सौधी एरब के सिद्र और लाइबेरिया के सेनिगल प्रोस्पेरिटी को मिसाइल और रॉकेट हमलों से
29:40निशाना बनाया था
29:41अब इन हमलों के जवाब में अमेरिकी सेनाओं ने इरान के दो टैंकर्स उड़ा दिये और कल रात तो अमेरिका
29:47ने इरान पर कहरी बर्बा दिया
29:49करीब एक महीने की शान्ती के बाद अमेरिका ने इरान पर जो हमला किया उसमें उसने केवल इरानी टैंकर्स पर
29:56हमले नहीं किये बलकि इरान के सो सेने ठिकानों पर घातक हमले किये हैं
30:02इरान की न्यूज एजेंसी का दावा है कि इस बार के अमेरिकी हमलों में पांच नागरिक मारे गए, 68 लोग
30:07घायल हुए, अमेरिकी हमले के बाद की तस्वीरे एतनी भयानक है कि अब इरान उन तस्वीरों को दिखा कर अमेरिका
30:14के जुल्मों की कहानिया सुना रहा है।
30:17अमेरिकी सेनाओं ने इरान के बंदरबास, केशम, जास्क, सिरिक, हर्मोजगान, अहवाज, चावाहार, कॉन्राक और आघजारी पर हवाई हमले किये और
30:30इनको पड़ा नुकसान पहुचाया है।
30:32सिरिक पर अमेरिका ने जो हमले किये हैं उसकी तस्वीरों ने तो इरान को दहला दिया। इरान का ये दावा
30:37है कि अमेरिकी सेना ने सिरिक में हो रहे एक शादी समारों को मिसाल से निशाना बनाया जिसमें आम नागरिक
30:45मारे गए। इरान का कहना है कि जश्न के माहौल को अ
31:03लेकिन सिरिक के शादी समारों की जो तस्वीरे सामने आई हैं वो काफी डरावनी है एरान ने सिरिक के शादी
31:08समारों में हुए हमलों की तुलना मार्च में मिनाब स्कूल पर हुए हमलों से कर दी है मिनाब स्कूल में
31:14हुए हमलों में 120 बच्चों की मौत की खबर सामने आई थ
31:17जिसके बाद एरान ने इन हमलों को अमेरिका का जलम बता कर प्रचारत किया था
31:23ठीक वैसे ही इस बार शादी समारो पर हुए हमलों को वो अमेरिका के खिलाफ हतियार के तौर पर इस्तमाल
31:29कर रहा है
31:30इरान के लेगो एनिमेशन टीम एक्स्प्लोसिव मीडिया ने इस हमले की तस्वीरों के आधार पर लेगो वीडियो भी बनाया है
31:36जो सोशल मीडिया पर वाइरल है
31:37इसके जरीए वो दुनिया को अमेरिका और अमेरिका की सेना के हमले के बारे में बता रहा है
31:43इसमें दिखाया गया है कि जश्न का महौल इस अमेरिकी हमले के बाद मातम में कैसे बदल गया
31:48विडियो के अंत में अमेरिका को ये चेताबनी दी गई है जिसमें लिखा है तुमने एक शादी को मातम में
31:54बदला अब हम बदला लेंगे
31:56इरान की न्यूज एजनसी इरना ने एक दावा ये भी किया है कि सीरी की नहीं खुजेस्तान के बाज और
32:04आगाजारी जो शहर है उनके पास जो अमेरिकी हमले हुए उनमें साथ लोगों की मौत हुई है और आठ लोग
32:10घायल हुए
32:11एजनसी का ये दावा है कि अमेरिकी सेनाओं ने तीन जगों को निशाना बनाया और नागरे को टागिट किया
32:17इरान जिन अमेरिकी हमलों को जुल्म के तौर पर पेश कर रहा है, वो हमले सीधे सीधे अमेरिकी राश्वपती डॉनल्ल
32:23ट्रॉम्प की निगरानी में हो रहे थे और वो सोशल मीडिया पर एक तरह की लाइफ कमेंटरी कर रहे थे।
32:28डॉनल्ल ट्रॉम्प ने अमेरिकी सेना�
32:32प्रूट सोशल पर लिखा कि जिस वक्त वो लोग पोस्ट कर रहे हैं उस वक्त अमेरिका हॉर्मूस के पास इरान
32:40के ठिकानों को निशाना बना रहा है और ये हमले बड़े हैं और शक्तिशाली हैं।
32:46इसी पोस्ट में उन्होंने जॉडन पर इरान के नाकाम हमलों की भी जानकारी दी और दावा किया कि इरान ने
32:52जॉडन के अमेरिकी मिलिटरी बेस पर आठ मिसाइलें दागी और इन सभी को मार गिराया गया।
33:16जवाब में वो जॉडन के अमेरिकी ठीकानों पर हमले करता है लेकिन ये हमले ज्यादा कामयाब नहीं हो पाते हैं।
33:46लेकिन इनमें आधी मिसाइले ही जॉर्डन की वायू सीमा तक पहुंच पाई बाकि सारी रास्ते में ही नाकाम हो गई
33:54अधिकारियों के मताबि करीब 13 बलिस्टिक मिसाइल सी जॉर्डन के एर स्पेस तक पहुंच पाई
33:59इन मेंसे 10 मिसाइलों को एर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम किया जबकि अन्य मिसाइले लक्ष से बहुत दूर गिरी जिससे
34:06कोई नुकसान तो नहीं हुआ
34:07इसके अलावा इरान में बहरेन पर 24 ड्रोन्स, कुवेट पर बिलिस्टिक मिसाइल्स और इराग के इर्बिल पर दो ड्रोन अटाक
34:17किये लेकिन इन हम लोग में भी कोई खास नुकसान नहीं पहुचा है
34:21अब जो अमेरिकी सेना है उसके अधिकारियों का ये कहना है कि उनके हमलों की वज़ा से जो इरान है
34:28वो सेरान की सेन एक्षमता पहले के मुकाबले कमजोर हो गई है
34:32इसलिए इरान की मिसाइले लक्ष तक नहीं पहुच पा रहे
34:37अब आपको रक्त के रिष्टों की ऐसी शर्मनाक तस्वीर दिखाएंगे जिसके बारे में आप कलपना भी नहीं कर सकते हैं
34:44क्या आप सोच सकते हैं कि बेटे अपने बुजूर्ग पिता पर दंडे बरसा सकते हैं
34:49लेकिन ऐसा हुआ पूडे के इंद्रापूर में हुआ जहां पिता के शरीर पर डंडे बरसाने से पहले बेटों के हाथ
34:55एक पल के लिए भी नहीं कापे
34:58माता पिता का खयाल रखना तो दूर ये कल्यूगी बेटे उनसे मिलने तक नहीं आते थे
35:03जब बीमार लाचार इस बुजर्ग माता पिता ने अपनी जमीन बेच दी तो उन्होंने पिता को डंडों से पीटा
35:09ये तस्वीर 30 अगस्त की है पैसत साल के तुकाराम अपनी बीमार पत्नी के साथ सड़क पर जा रहे थे
35:15बुढ़ापे में कमजोर शरीर के साथ एक दूसरे का सहारा बनकर सड़क पर आगे बढ़ रहे थे
35:21तब ही वहाँ एक कार आकर रुकी उसमें से इस बुजर्ग माता पिता के दो बेटे उतरे
35:27उनके मन में और चेहरे पर इसलाचार बेबस माता पिता के लिए कोई हमदर्दी या कोई अपनापन नहीं थी
35:35थी तो सिर्फ जमीन पाने की जिद और एक पागलपन वाला गुसा फिर क्या बिना कोई लिहाज उन्होंने अपने ही
35:45बुड़े बाप से सवाल दागा
35:46कि उन्होंने जमीन कैसे बेच दी और इसे पहले कि ये वुज़र्द संभल पाते हैं बेटों ने डंडों से अपने
35:52पता को पीटना शुरू कर दिया
35:54बुड़े तुकाराम के हाथ पैर, पीट, कंधे, सब पर डंडे बरसा रहे थे अपने बेटे और लाचार मा शर्मनाक हरकत
36:03को देखकर बस चीक पुकार रही थी
36:05लेकिन कल्यूगी बेटों को बिलकुल भी लिहाज नहीं आया, अब पुलिस में दी गई फायार के मुताबिक, वो जाते जाते
36:11धमकी देके गए
36:13कि बेची हुई जमीन वापस लो, वरना जान से मार देंगे
36:39और अब अंजना 2.0 आपको बताएंगी कि आखिर पल्यूशन का सिलूशन, वो कारक्रम जो हमने अंजना 2.0 शुरू
36:47किया है, जिसमें हम बस यह चाहते हैं कि पल्यूशन का सिलूशन निकले, तो बहुत दिल्चस्प है, आप ये रिपोर्ट
36:53आपको दिखाते हैं, जिससे �
36:54आपको समझ में आएगा कि आप कैसी कैसी राय क्योंकि हवा हमारी, मेहनत हमारी तो हम ही इस हवा को
37:01बदलेगे, बिल्कुल अंजना, पल्यूशन के सिलूशन में आज का इनोवेशन है, एक मल्टी परपस स्ट्रीट लाइट पोल, यानि एटमस पोल,
37:10दावा है कि ये पोल न
37:11सिर्फ दिल्ली की हवा को साफ करने में मदद करेगा, बल्कि सर्विलांस डिवाइस के तौर पर भी ये काम करता
37:17है, इसके अलावा ये देश की राजधानी दिल्ली के आधुनी की करण में भी योगदान दे सकता है, आई ये
37:23पूरी रिपोर्ट देखते हैं
37:25My name is Sanjay Komera, मैं Axel One American company का CEO हूँ, and Axel One is primarily a climate
37:34engineering company है, focused on solving pollution problems like what we are seeing at Delhi.
37:41The new technology का implementation राजध में पहली बार है, I mean Delhi में पहली बार, India में पहली बार,
37:48दुनिया में पहली बार, and glad to bring it to Delhi, so I'll be testing Rajgat में, Rajgat में चालू
37:54है, it's almost last four weeks, we have deployed about 23 poles.
38:01I would call it as the world's first climate environmental node, basically the idea behind that was, you know, we
38:09have all these street lights that don't do anything, right, except giving you the light, so what we thought was,
38:15primarily cities like Delhi requires pollution control at street level, so what we thought was, why don't we convert the
38:23traditional street lights into the urban street lights, so aap jo dek rahe hoon,
38:29इसमें, it has got almost four-in-one function built into it, the primary biggest function is environmental cleaning, so
38:39it actually tells you, कितना pollution levels है, and also it tells you, how much of pollution reduction, the individual
38:47street light has done, every day, so every pole can support, clean air to 2,000 people per day.
38:54तो आज के लिए Black and White में इतना ही है, आपसे हमारी अगली मुलाकात होगी, कल रात 9 बजे,
38:59तब तक आप खुश रहिए, स्वस्त रहिए, सुरक्षत रहिए, और इनसान के शब्दों पर नहीं, उसके एरादों पर घौर कीजे,
39:05क्योंकि मीठा खंजर जखम देता है, और खर
39:09अपरी डाट भला करती है, नमस्कार

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