सवाई माधोपुर. नगर निकाय चुनाव का सियासी पारा चढ़ने के साथ इस बार चुनावी मैदान में पढ़े-लिखे चेहरों की मौजूदगी भी खास चर्चा में है। पार्षद बनने की दौड़ में ऐसे कई प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं, जिनके पास बीएड, बीकॉम, बीटेक, एलएलबी, एमए और एमएससी जैसी उच्च शैक्षणिक डिग्रियां हैं। यानी इस बार वार्डों की सियासत में किताबों से लेकर कानून, तकनीक और वाणिज्य की पढ़ाई करने वाले उम्मीदवार भी मतदाताओं के बीच अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
नामांकन के दौरान सामने आए प्रत्याशियों के शैक्षणिक विवरण पर नजर डालें तो कई वार्डों में चुनावी मुकाबला केवल राजनीतिक दलों और निर्दलीयों के बीच ही नहीं, बल्कि शैक्षणिक योग्यता के लिहाज से भी खासा दिलचस्प दिखाई दे रहा है। कांग्रेस और भाजपा के टिकट पर उतरे प्रत्याशियों के साथ निर्दलीय उम्मीदवारों में भी उच्च शिक्षित चेहरों की अच्छी-खासी संख्या है।
एलएलबी वालों की भी मजबूत दस्तक
चुनाव मैदान में कानून की पढ़ाई कर चुके प्रत्याशी भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वार्ड 54 से कांग्रेस प्रत्याशी हरिप्रसाद योगी बीए, एलएलबी हैं। इसी वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप यादव एमएससी, बीएड की योग्यता रखते हैं। वार्ड 53 में भाजपा के भगवानसिंह गुर्जर एलएलबी हैं, जबकि इसी वार्ड से निर्दलीय जयंत बीकॉम, एलएलबी की डिग्री के साथ चुनावी मैदान में हैं। वार्ड 59 से कांग्रेस के जावेद भी बीए, एलएलबी हैं। इसी प्रकार वार्ड छह से भाजपा प्रत्याशी शैलेन्द्र चौधरी भी बीए एलएलबी है।
बीएड डिग्रीधारी भी दिखा रहे दम
शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े डिग्रीधारी भी पार्षद बनने की दौड़ में शामिल हैं। वार्ड 58 से निर्दलीय विक्की एमए, बीएड हैं। वार्ड 56 से निर्दलीय उमा एमए, बीएड के साथ मैदान में हैं। वहीं वार्ड 40 से कांग्रेस प्रत्याशी संगीता वर्मा बीए, बीएड हैं। वार्ड 54 में भी एमएससी, बीएड डिग्रीधारी प्रत्याशी चुनावी मुकाबले में है।
बीकॉम से बीटेक तक के प्रत्याशी
इस बार वाणिज्य और तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं की भागीदारी भी नजर आ रही है। वार्ड 23 से भाजपा प्रत्याशी मेघा वर्मा बीकॉम हैं। वार्ड 28 से भाजपा के हर्षित जैन भी बीकॉम की योग्यता रखते हैं, जबकि वार्ड 31 से भाजपा प्रत्याशी सौरभ गोयल बीकॉम हैं। वार्ड 53 से निर्दलीय जयंत बीकॉम के साथ एलएलबी कर चुके हैं। वहीं वार्ड 58 में निर्दलीय प्रत्याशी आरिफ बीटेक की डिग्री के साथ चुनावी मैदान में हैं। इसी वार्ड में होटल मैनेजमेंट में बीएससी की योग्यता रखने वाले विक्की ओबरॉय भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं।
एमए से एमएससी तक की योग्यता
चुनाव में केवल तकनीकी और प्रोफेशनल डिग्रीधारी ही नहीं, बल्कि स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त प्रत्याशियों की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है। वार्ड 60 से वंदना राजपूत एमए हैं और चुनाव मैदान में हैं। वार्ड 57 से भाजपा प्रत्याशी माया गोयल एमए हैं। वार्ड 58 से निर्दलीय विक्की एमए, बीएड हैं, जबकि वार्ड 56 से उमा एमए, बीएड हैं। वार्ड 54 से निर्दलीय दिलीप यादव एमएससी, बीएड हैं।
कई वार्डों में आमने-सामने होंगे पढ़े-लिखे चेहरे
खास बात यह है कि कुछ वार्डों में एक से अधिक उच्च शिक्षित प्रत्याशियों के मैदान में होने से मुकाबला और रोचक हो गया है। वार्ड 53 में एलएलबी और बीकॉम-एलएलबी डिग्रीधारी प्रत्याशी आमने-सामने हैं। वार्ड 54 में बीए-एलएलबी और एमएससी-बीएड की शैक्षणिक योग्यता वाले प्रत्याशी मुकाबले में हैं। वहीं वार्ड 58 में एमए-बीएड, बीटेक और बीएससी होटल मैनेजमेंट जैसे अलग-अलग शैक्षणिक बैकग्राउंड वाले प्रत्याशियों ने ताल ठोकी है।
अब नाम वापसी के बाद साफ होगी तस्वीर
नामांकन के बाद चुनावी मैदान में प्रत्याशियों की तस्वीर सामने आ चुकी है, लेकिन नाम वापसी के बाद असली चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ होगी। कौन मैदान में टिकता है और कौन नाम वापस लेकर किसी दूसरे प्रत्याशी के समर्थन में जाता है, इस पर राजनीतिक दलों के साथ मतदाताओं की भी नजर है। नाम वापसी के बाद वार्डवार समीकरण बदलने की संभावना के बीच पढ़े-लिखे प्रत्याशियों की यह बढ़ी हुई भागीदारी निकाय चुनाव को और दिलचस्प बना रही है।
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