00:02अगर किसी देश की अर्थव्योस्था की रफ़तार बढ़ानी हो तो सबसे जरूरी चीजों में से ये क्या होगी?
00:09सस्ती और लगतार मिलने वाली इनर्जी सप्लाई?
00:11भारत दुनिया के उन देशों में सामिल हैं जो अपनी कच्चे तेल यानी की क्रूड ओयल की जरूरत का 90
00:17% से ज़्यादा हिस्ता आयात करता है
00:20ऐसे में जिस देश ये भारत को सबसे ज़्यादा क्रूड ओयल मिलता है उसका महतों सिर्फ इनर्जी सेक्टर तक सीमित
00:26नहीं रहता
00:26बलकि इसका असर महंगाई, पेटॉल, डीजल की कीम्तों, रिफाइंडिव मार्जिन्स और देश की पूरी एकोनॉमी पर पड़ता है
00:52इसी दोरान रूस ने इशियाई खरीदारों खास कर भारत और चीन को आकर्शक कीम्तों पर क्रूड की पिशक शुरू की,
00:59भारत के लिए यह मौका इसलिए महत्पून था क्योंकि देश को लगतार बढ़ती इनर्जी डिमांड को पूरा करने के लिए
01:05बड़े पैमाने पर क
01:06चरूरत थी, डिसकाउंट रेसिया नोयल ने भारतिये रिफाइंडीज को बेहतर खरीद बिकल्प दिया और धीरे धीरे रूस भारत का सबसे
01:14बड़ा क्रूड सप्लायर बन गया, अब दोजार शब्विस में भी यह स्थिती काफी हद तक कायम है, रोइटर्स की रिपोर्�
01:31को उस्तन टू मिलियन बैरल पर डे से जादा क्रून मिला, वही मिडिलिस्ट की हिस्तेदारी घटकर करीब 30% रहेंगे,
01:37यानि कि इनरजी बास्किट में रसिया की भूमिका और मजबूत हुई, लेकिन यहाँ एक और दिल्चस्प बात है, कि रूस
01:43से भारत की खरीद हमेशा
01:45एक जैसी नहीं रहे, 2026 की शुरुआत के कुछ महीनों के दवरान रसियान ओयल इंपोर्ट में गिरावट आई, फरवरी में
01:51इराक ने कुछ समय के लिए रूस को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा कुरूड सप्लायर बनने में काम्याबी हासिल
01:57की, उस समय भारत में
01:59रसियन कुरूड इंपोर्ट करीब एक बिलियन बैरल पर डे तक गिर गये थे, जो पिछले साल के उचे इस तरों
02:04की तूलना में काफी कम था, इसके बाद तस्वीर पूरी तेजी से बदली, मेडे लिस्ट में जियो पोलिटिकल टेंसन और
02:10स्टेट ओफ हॉर्मुच से जु
02:27इस हाल देखने को मिला, केपलर के आकरो के अनुसार, रूस से भारत का इंपोर्ट जून में करीब 2.73
02:33मिलियन बैरल पर डे तक पहुंच गया था, जुलाई के मध्य तक या करीब 2.59 मिलियन बैरल पर डे
02:39तक रहा, जून का आकड़ा खास तोर पर महत्पून था, उस महीने
02:43भारत का कूल कुरूड इंपोर्ट करीब 4.93 मिलियन बैरल पर डे के रिकॉर्ड इस तर पर पहुंच गया था,
02:49और इसमें रसियन ओयल की बड़ी भूमी का रही, इसका मतलब साफ है कि जब ग्लोबल ओयल मार्केट में सप्लाई
02:55को लेकर अनिश्चिता बढ़ी, तब भारत
02:57ने अपने रिफाइनर्स के लिए रूसी कुरूड ओयल का इस्तमाल एक महत्पून सप्लाई के तौर पर किया, हाला कि इसका
03:03मतलब यह नहीं कि भारत सिर्फ रूस पर निर्भर हो गया है, भारत लगतार अपने ओयल बास्केट को डाइवर्सिफाई कर
03:08रहा है, रसिया के अ
03:24नेती भारत के लिए इसलिए महत्पून हैं क्योंकि ग्लोबल इनर्जी मार्केट में किसी इक दीश या शेतर पर जरूरत से
03:31ज़्यादा निर्भरता जोखीम बढ़ा सकती है, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रूस का कुरूड भारत के लिए इतना
03:36आकर्शक क्यों है, त
03:52तरह के कुरूड को प्रोसेस करने में सक्षम है, ऐसे में सस्ता कुरूड खरीद कर उससे पेट्रॉल डीचल और दूसरे
03:58पेट्रॉलियम प्रोडक्ट्स तयार करना रिफाइनर्स के लिए बेहतर मार्जिन का उसर देता है, हलां कि दो हजार चबश में यह
04:04फायदा पहले ज
04:17परसेंट कम है, रूस की हिस्सेदारी जुलाई के 55.9% से घटकर 45% रह गई है, इसके पीछे
04:24रसियन सप्लाई में कमी है, चाइनिज वायर से बढ़ती कंप्रीशन और भारतिये रिफाइनिज में में जैसी बजहें इसके पीछे बताई
04:31जा रही है, यानि कहानी अब सिर्फ
04:32डिसकाउंटेड रसियन ओयल की नहीं, बलकि ग्लोबल ओयल मार्केट में कमप्रीशन भी बढ़ रही है, और चाइना भी रसियन कुरूड
04:39की खरीद बढ़ा रहा है, रोइटर्स के मुताविक चीन की रिफाइनिज की रसियन ओयल खरीद में तेजी से सप्लाई के
04:45लिए कम�
04:49सप्लायर बना रहा, इसका मतलब है कि कुछ उतार चड़ाव के बावजूद भारत रूस इनर्जी पार्टनर्सिप की बुनियाद मजबूत है,
04:56इसके साथ ही दोनों दीशों के बीच पेमेंट्स इंफ्राइस्ट्रक्चर भी बहतर हुआ है, सितंबर दोहजार चबवीस मे
05:13डॉलर पर कम निर्भरता के तौर पर भी देखा जा सकता है, भारत के लिए आगे की रननीती काफी अस्पष्ट
05:19दिखाई देती है, चाहां बहतर कीमत और भरोसेमन सप्लाई मिले, वहां से कुरूड खरीदना और साथ साथ सप्लायर को डाइवर्सिफाइक
05:26करते रहना, रस
05:38असिया भारत का टॉप कुरूड सप्लायर बने रहना सिफ्टो दीशों के बीच व्यापार की खबर नहीं है, बलकि इसका सीधा
05:44संबन पेट्रोल डीजल की कीमतों, इन्फलेशन, रिफाइंडी मार्जिन्स, करंट अकाउंट और भारत की इनर्जी स्रिकुरेटी से भी ज�
06:05तूसरे सप्लायर्स की और तेजी से रुख कर सकते हैं, इसलिए आने वाले समय में असली नजर इस बात पर
06:11रहेगी कि रसिया कितने समय तक भारत को पर्याप्त कुरूड और प्रतियस्प्रधी कीमत पर सप्लाई करता है, हाला कि इस
06:18पूरे मामले पर आपको क्या लगता है
06:19अपनी राय कमेंट सक्षन में चरूर बताएं और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शियर मार्केट से जुड़ी तमाम चानकारी के
06:24लिए आप बने रहें गुट रिटर्न्स दिश्टल के साथ
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