00:00और अबात नेपाल में हुई तरासदी की ऐसी तबाही वहाँ पर मची कि अब मौत का आकड़ा 1222 के पास
00:07पहुंच चुका है
00:07करीब 4200 लोग अभी लाखता बताये जा रहे हैं
00:11पाली ग्लेशे टूटते से आई विनाशकारी बार ने घरों, सडकों और पुलों को मलवे में तब्दील कर दिया है
00:17सबसे बड़ी चिंता उन 100 हाइड्रो पावर करमचारियों को लेकर है जो मलवे से भरी सुरंगों में फस गए है
00:26रेस्क्यू ऑपरेशन है लेकिन अब तक सुरंगों में सिर्फ शब बरामद हुएं
00:29इस बीच भारत ने नेपाल के लिए पांचवी राहत उड़ान भेजी है जसमें 11 सदसे रेस्क्यू टीम, विशेश उपकरान और
00:36साहरे पांचटन मेडिकल सप्लाई शामल है
00:38नेपाल के पिदामिती बाले इंशाने संसंदे भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटन समें तमाम मित्र देशों और इंतराश्टे संक्रिटरों से मिल रही
00:45मदद के लिए अभाज जताया और आगे भी सेयोग की उम्मीद जताई
00:52आश्टोष मिश्णा मेरे सेयोगी, इस वक्त सीदे नेपाल से माय साज हो गए है
00:55आश्टोष आप शुरू से ही वहाँ पर ग्राउंड जीरो पर मौझूद है
00:59लेकिन अब जो राहत और बचाव का काम है, वो किस तरीके से पहले की तुलना में बदल गया है?
01:10नेहा जो बचाव का काम है, वो लगभग पहाडी लाकों से पूरा हो चुका है
01:15रेस्टोरेशन का ये दूसरा चरण है, वो इसलिए को भी ज्यादा तर जो लेक है हेली सौटी कम कर दे
01:19गए
01:19अब चुनावती ये है कि उन गाओं तक पहुंचा जाए जहां लोग है, मैं इस समय बेत्रावती में हूँ, आज
01:24तक पहला नेटवर्ग बेत्रावती के उस इलाकों में है, ये पूरी तरह से बह चुका है, जिसे फुटिल कहा जाता
01:29है, ठीक पहाडियों से रसुआ शुर�
01:45जार था, मानसरोगर के यात्री जाते थे, इसी बेत्रावती पवित्र शहर में डुकी लगाते थे, यहां कैम करते थे, कहीं
01:50बस अड़ा था, कहीं बाजार था, सब कुछ मलबे में है, सड़क के दूसरी तरब भी ये पूरा रास्ता, जितने
01:55पुल ब्रिज थे, वो सब कु
02:12जार यही था, यहां के जो लोग थे, वो उपर पहाडी की तरब भागे, लेकिन बहुत सारे चोटे बच्चे महिलाएं
02:17थे, जिनके बारे में कोई सुराग नहीं है, अब जैसे मैं आया हूँ, वैसे तमाम सारे लोग दुर्गम रास्तों से
02:22वो लोग हैं, जो यहां पहाड
02:42जैसे कि यह बच्चे महिलाएं बुजर्ग सबसे जादा इस तरह की आपदा में वो प्रभावित होते हैं, उसकी किताब यहां
02:47रह गई है, यह चोटे बच्चों के जूते रह गया, संभवत है, वो भागने की कोशिश कर रहे थे, इधर
02:51पीछे जो ब्लॉक इमारत दिख र
03:06ले गई है, उसी के साथ सड़क का दूसरी तरफ जो शहर है, बेतरावती की एक्स्क्लूसिव तस्वीर एक ग्राउंड रिपोर्ट
03:11आप आज तक पर देख पा रहे, क्योंकि यहां पहुचना ही मुश्किल था, जिन पहारी रास्तों से हो करके हम
03:16यहां आए हैं, यह जानने
03:31कि वो सारे फुल बिल्कुल बह चुके हैं, जमी दोज हो चुके हैं, यहां तिर्फ तबाही का मनदर, अब कोशिश
03:35क्या है, यहां पर बद्बू भी आ रही है, वो इसलिए क्योंकि जो ऊपर से शब भर करके आए हैं,
03:39वो क्या मलबे में हैं कहीं पर हैं, तो थोड़ी देर
03:55जिसने प्रेम से अपनी पत्नी को जो अंगूठी पहनाई थी, वो मोबाइल फोन की वो तस्वीरें लेकर के उन शव
04:01की तस्वीरें देख रहा है, जो पुलिस और प्रशासन के पास हैं, सिर्फ यह देखने के लिए कि कहीं उनमें
04:05उसकी पत्नी तो नहीं है, क्योंकि कई सा
04:12जा रहते हैं, मेरी बेटी, मेरी बेटा, उनका घर यहां पर था