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'हम तलाक नहीं करवाते बस...', आजतक पर अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के दिलचस्प जवाब
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00:00दिल से स्वागत अभिनन्दन सबसे जादा मुझे लगता है कि महराज जी किसी का होता है तो आपका होता है
00:07और मैं पीछे बहुत सारी युवाओं को भी देख रही हूँ और देखे सब के मोबाईल उठ गए कि पता
00:11नहीं कौन सा वाइरल मोमेंट बाबा दे देंगे है ना
00:18लेकिन हम प्रभु कृष्ण की भूमी पर है हम शुरुवात ही उपदेश से करेंगे जनमाष्टमी का पर्व है इससे अच्छा
00:27अबसर क्या हो सकता है तो सबसे पहले आवाज आ रहे हैं सबसे पहले आप सबको कृष्ण जनमाष्टमी की बहुत
00:38-बहुत सुबकामना है सद
00:40भगवान स्री क्रिश्न की कृपाप और आपके परिवार पर बनी रहे यही आपके लिए मंगल कामना है आज के लोगों
00:48को भगवान स्री क्रिश्न को जरूर सुनना चाहिए अर्जुन कह रहे थे मैं युद्ध नहीं करूँगा
00:55अरजुन क्या कह रहे थे मैं युद्ध नहीं करूँगा
00:59क्यों नहीं करोगे सामने अपने लोग खड़े है
01:01जो व्यक्ति कर्म नहीं करता या कर्म से भागना चाहता है
01:07ऐसे लोगों के लिए भगवत गीता है
01:09ऐसे लोगों के लिए कृष्ण है
01:12यदि कृष्ण को आप समझते पढ़ते श्टड़ी करते तो आज ना हमारे देश में कुछ लोग कहते हैं कि हम
01:20बहुत बेरोजगार हैं
01:21मुझे लगता है कि आपके अंदर यदि काबलियत है गुण है तो आप बेरोजगार नहीं हो सकते
01:29कुछ अपना कर लीजिए नौकरी ही क्यों लेना है हमें नौकर ही क्यों बनना है हम नौकरी लेने वाले क्यों
01:36बने आव बदलते हैं भारत को
01:38नौकरी लेने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनते हैं
01:41और यही गीता सिखाती है
01:43अब इन लोगों ने गीता तो पढ़ी नहीं पढ़ी उनके लिए बोल रहे हैं
01:48बुरा ना मान जाना
01:49जिन लोगों ने गीता नहीं पढ़ी
01:51उन लोगों के लिए बात है, वो ढूड़ते हैं, नौकरी दे दो, नौकरी दे दो,
01:56गीता पढ़ोगे तो नौकरी लेने वाले नहीं बनोगे, नौकरियां देने वाले बनोगे,
02:00जैसे क्या, क्या, भगवान कहते हैं न, कर्मन्ने वाधिकारस्ते, माफले सू कदाचना,
02:22कर्म करो कि आप भी तो कर्म करही रहे हैं न दिन रात, स्वेत पत्र लेके घूमती रहती हैं,
02:27आप भी कर्मनी करो तो आपको रोटी कैसे मिले, आप से सीखना होगा सबको,
02:32नहीं, आप कर्म नहीं करेंगी बताओ आपका गुजारा होगा, यह कर्म नहीं करेंगी मैया इनका गुजारा होगा, आज तक वाले
02:41कर्म नहीं करें कैसे गुजारा होगा, मैं कर्म प्रधान अविश्व करी राखा, आपका फोन प्लीज साइलेंट कर लिजे, प्लीज फोन
02:50सा
03:01कर्म, कर्म परदान,थनेslowत करोगे तो अभा किया अजकर सबको ना फोकर्त का चाहिए बिना करेग देख अनग्यांद में इसेट
03:11मिल याए तो बस्मं बैटक कि घू माँंगे फिरी में सिलेंडर मिल जाए तो चूला जुला लेंगे फिरी में आंडा
03:16मिल लिए игр Rick
03:17कि प्रव आफ में बीघे करिसे इंद न पॉकट वाल ऐसे जिल रह tu है
03:21इंद प्रश्य करदभ यह कि damit रहे है कि अकल इढ� worth प्रवकका है
03:27ज़िकी इद फर्लिकी इंद उन आप आहिज हो जाएर तो अप उन्ये भीत कब
03:32कि छोटे बच्चे को चलने मद दो,
03:35तो क्या होगा? वो लंगड़ा हो जाएगा.
03:38चलेगा, गिरेगा, खड़ा होगा, चलेगा, गिरेगा, तबना उसकी पाँ में बल आएगा.
03:43चलने मद दो. आप तो बैसाकित हमारे हैं, ना?
03:46कुछ मत कर बेटा, हम हैं, ले.
03:48छोटे बच्चे को आप बैठे-बैठे, बेटा चलने की क्या जरूरती, क्या चाहिए, ले, ये खिलोना बैठे-बैठे की चलने
03:54ही न, अपाइज नहीं हो जाएगा, पर फ्री में देंगे नहीं तो वोट नहीं मिलेगा न, अब वोट की राजनीती
03:59यह लग है यह फिर नेता
04:00लोग जाने मैं तो नेता हूँ नहीं, आचा, बहुत सारे जो कथावाचक हैं, मुझे लगता है कि आपने उस परंपरा
04:10को तोड़ा है, आप एक अलग तरीके से बात करते हैं, एक connection बनाते हैं, और इसलिए बहुत सारे ऐसे
04:18कथावाचक रहे जो आप, और धर्म गुरु, ज
04:21जैन्जी है नहीं है, उम्र, उम्र की बात नहीं होती है, पहला नाम किसको दिया गया, प्रेम से? केवल अनिरुद्धाचारे
04:32जी महाराज नहीं, पुकी बाबा, पुकी एक बहुत प्रेम का शब्द है, धन्यवाद, धन्यवाद, आपने बुरा तो नहीं माना था,
04:41ज़र �
04:41आपको पहले पता चला कि आपको Pukki Baba कह रहे है।
04:44हमें अच्छा लगा कि हमारी जन्ता, जनार्दन, हमारे जैन जी हमसे प्यार करते हैं
04:49और अपन आश्रिवाद देते हैं।
04:51और यह अच्छी बाद है कि जन्ता का आश्रिवाद मिल रहा है।
04:54Pukki Baba आप जो नाम देंगे हमें सब सभीकार है।
04:58पर बहुत सारी चीजें आपकी वहां से चल पड़ती हैं आप बिस्किट को विष्किकिट कह दिया आपने।
05:05आपकी बात सुन रहे हैं, मतलब आपकी बात को पे खुश हो रहे हैं, शेयर कर रहे हैं, सारी चीजें
05:12पर क्या आपको लगता है आपकी बात सुन रहे हैं।
05:14हाँ, लोग सुन भी रहे हैं और लोग समझ भी रहे हैं और उसे जीवन में उतार रहे हैं।
05:18कले के लड़का कले अपरसों मेरे लड़का आया, बोले गुरुजी, आपकी बात सुनी मैंने के कोई आपसे प्यार क्यों करेगा,
05:27और ये बात सुनी तो मैंने अपनी सैटिंग छोड़ दिया, क्योंकि मैं उसके चक्कर में पढ़ता तो काम्याब ना होता,
05:38मेरी पढ़ाई व
05:45तो मैं समझ गया कि कोई आपसे प्यार, क्यों करेगा, आप लोग भी समझो, चक्कर मेना पढ़ो, पढ़ाई लिखाई में
05:53मन लगाओ, महनत करो, काम करो, और ना घर के रहोगे और ना घाट के, तो मेरी बात से देखिए
06:01लड़के, सैटिंगों को छोड़ रहे हैं, इससे �
06:14तलाक नहीं कराती, बस, तलाक कराना पती पतनी के बीच में घुसना पाप है, पती पतनी के प्रेम में मत
06:24घुसना, बाकी लड़के पढ़ने के उमर है, लड़कियों की पढ़ने योग, माबाप ने पढ़ने भेजा, बेटा पढ़के माबाप को थोड़ा
06:31नाम रोशन कर ल
06:36तो मैं मावाब के सपने को साकार करने के लिए मैं भी थोड़ा सपोर्ट करता रहता हूं बच्चों को, के
06:41बढ़ो, चक्कर में ना पढ़ो, जो जो चक्कर में पढ़ा, रावड चक्कर में पढ़ा, दूसरे की, आज तक जल रहा
06:48है, आप लोग अपने पतियों का हाथ पकड�
07:03हो, ये पढ़ा पराई चक्कर में, ये पढ़ा था पराई चक्कर में, पराई नारी के चक्कर में, तो तेरा क्या
07:10हाल होगा, रेक खालिया, है, पराई के चकर में आज तक जल रहा है और तुम पढ़ोगे, तुम्हारा क्या हाल
07:20होगा, इसलिए पराई के चकर में पढ़ना �
07:24पर आजकल जिस तरह की हिंसा हो रही है, जिस तरह की होते हैं प्रेम संबंध लेकिन या तो शादी
07:30से पहले हत्या, या फिर मतलब हत्या, अभी कितने सारे रिष्टों में ऐसा दिखा गया है, इसलिए तो हम कह
07:37रहे हैं, पहले चक्करम पड़ोगे, तो सादी बाद में तूट
07:41जाएगी, पतिनी को पता चलेगा, पतिनी कैसे वरदास्त करेगी कि मेरा पती किसी और किसंग रह चुका है, या पुरुष
07:47कैसे वरदास्त करेगा कि ये इस्तरी किसी और किसंग रह चुकी है, इसलिए अपने चरित्र को पवित्र रखना चाहिए, यही
07:54सनातन है, या तो य
08:11करती तो ये ये चीजें भी बहुत हो रही हैं अभी क्या मतलब मुल्य आपको लग रहा है संस्कार कम
08:18हो रहे हैं ऐसा है ना पहले पुरुषों ने इस्त्रियों पर खूब अचार किया कुछ पुरुषों ने तो इस्त्रियां बदला
08:24ले रही है
08:28पहले जला दिया जिन्दा, दहेच के लिए, इस्त्रियों को भी तो जलाया गया है, नहीं जलाया गया, दहेच के लिए,
08:35मिट्टी का तेल, दहेच कम लाई हो, जला दिया, आए दिन हमारे कानों में गूंजता था, खबर आती थी, दहेच
08:43के लिए इसको जला दिया, एक और ख
08:48पैसों के लिए उसकी पतनी को जिंदा असब के सामने जला दिया था, ये ख़वर थी, पुरानी हो गई, इसलिए
08:53भूल गई, अभी कुछ समय की साल भर भी नहीं हुआ, जला दिया, ना इस्त्री पर अत्याचार हो, ना पूरुष
09:01पर, समाज में, इसलिए कहते हैं, अत्याच
09:04रोकना है, तो अपनी बेटी और अपने बेटे दौनों को संसकार देना होगा, इस्त्री को पुरुष का सम्मान करना सीखना
09:11होगा, और पुरुष को सम्मान करना सीखना होगा, बैलाइंस बनेगा, गाड़ी के दौनों पहिए समान होंगे, तब गाड़ी चलेगी, पंचर
09:33में आपकी कथाओं में सबसे विजित्र प्रश्न आते हैं, लेकिन एक बार भी मैंने नहीं देखा कि आप हिचकते हों
09:40कि इसका क्या जवाब दो, आप जवाब सबका देते हैं,
09:45सबसे कोई ऐसा मुश्किल प्रशन रहा है, जिसका जवाब आपको सूझा ही नहीं है, आप देखो, सब लोगों से आप
09:50लोग तो बात करनी पाते हैं, तो जो आप लोगों से छूट जाते हैं, वो हमारे पास आजाते हैं, तो
09:59जो आप से छूटा वो हमारे पास आए, तो हमें
10:01उसको कहने हैं कुछ, अब जो बनता है, जितना पढ़े हैं गुरु जनों के अश्रवाद से उतना कह देते हैं,
10:08बेचार ऐसा है ना, समाज को अपनी बात कहने का आज तक कोई प्लेट फॉर्म मिला नहीं था, कम से
10:14कम अपना सुख दुख अच्छा बुरा कहते तो हैं, कहते ह
10:18कहने से हलका हो जाता है, तो वेचार अपनी अच्छी बुरी बात जो है, किससे कहें, आप तो सुनती नहीं
10:23हैं, तो वो हम सही कहते हैं, उन सवालों कजवाब देना सब के बसकी बात भी नहीं है, जएजे, इसलिए
10:32हमें देना पड़ता है जवाब, आप यहां भी मैं सोच �
10:36कि लोगों से कहूंगी कुछ लोग अगर सवाल पूछना चाहते हैं कितना भी मुश्किल ही सही, तो महराज जी से
10:41जरूर पूछे, मन में तयार कर लिजे सब, लेकिन सोशल मीडिया अच्छा है बुरा है, आप कम से कम हम
10:50लोग अपनी बात तो कह पाते हैं, वरना कोई बात कहन
10:53होती तो फिर आपको ढूड़ना पड़ता हमें, कि मैया कहां है, बहन कहां है, अप कम से कम हम अपनी
11:00बात तो कह पाते हैं, आप मिलें ना मिलें अपनी बात कह के सोशल मेडिया में, हम अपना पक्छ भी
11:06रख पाते हैं, अभी कुछ दिन पहले हमने जो बोला था समाज में स�
11:22वरना आप लोग तो हमें फासी पे चढ़ा देते हैं।
11:25कुछ लोग सही बोलेंगे, कुछ लोग गलत भी बोलेंगे।
11:28कुछ लोग, सही था।
11:29लोग तंत्रत है।
11:30आपके चैनल भी गलत चला है था मेरे लिए।
11:33आपको अच्छा नहीं लगता है।
11:35पर आप आए ना, यही होता है ना लोग तो हम बुरा थोड़ी मानते हैं।
11:39अमें तो पता है आप लोग विचारे काम कर रहे हैं।
11:41आप मालिक तो है नहीं।
11:49ऐसी बात नहीं होती है महराजी।
11:51लेकिन एक ही चीज एक व्यक्ति को अच्छी एक व्यक्ति को बुरी लग सकती है।
11:55और हमारे देश की सबसे अच्छी सबसे बड़ी सुन्दरता तो यही है ना।
11:59हम लोग किसी का पराद नहीं देखते हैं।
12:02आप से प्रेम भी उत्रही करते हैं।
12:18लेकिन अगर मनुसमृती को लेकर जो राहूल गांधी ने कहा है, क्या वो गलत है?
12:23क्या कहा है? मैने सुना नहीं उनकी बार।
12:25उन्होंने महलाओं के लिए कहा कि महलाओं के लिए जो मनुसमृती में लिखा गया है वो बिलकुल गलत है
12:32और ये बताता है कि हमें smash the patriarchy करना है, यानि कि हम उसको पीछे छोड़ें और उन सारी
12:39चीजों को अना मिलें. ये पहली बार नहीं है, मनुस्मृति की प्रतियां कई बार चलाते रहे हैं।
13:02कि कह सकते हैं कि बुर्का गलत है? क्या कह सकते थे तीन तलाग गलत है? क्या कह सकते थे
13:08कि वहां पर वही होता ना महिलाओं को तलाग दिने के बाद फिर दूसरी बार जाती है अदीश विकार तू
13:15कुछ होता है, हलाला वगरा क्या होता है? है? हलाला तो क्या राहुल गांदी �
13:21कह सकते हैं कि हलाला गलत है, हलाला को गलत नहीं कहते, तलाग तीन तलाग को गलत नहीं कहते, बुर्खा
13:27को गलत नहीं कहते, सनातन को गलत कहेंगे वो, क्योंकि सनातन सीधा है, जब आप देता नहीं है, तो राहुल
13:34गांधी जैसे लोग केवल सनातन को टारगेट करते हैं, मन�
13:39क्या गलत वही तु लिखा है नारी का सम्मान करो नारी का अपमान अब बताईए तीन तलाग दे के छोड़
13:46देना ये नारी का सम्मान है तो राहुल गांधी जी को यह क्यों नहीं दिखा मनुश्मृती दिख गई कि उसमें
13:52गलत है वहां भी देख लेते तीन तलाग पर फोड
13:59आजनेती करनी है, सनातन को गलत ठहराना है, सनातन
14:03सौब्ठ है क्या करो, कुछ बोलता नी, कौन बोले, सनातन में हम लोग ना
14:07लड़ना नी पसंद करते, इसलिए कोई कुछ भी बोलके चला जाता है
14:11पर आपको लगता है कई बार व्याख्या अगर ऐसी कर दी जाती है
14:14तो जो आप कह रहे हैं कि जो लोग नहीं गीता पढ़ रहे हैं उनको मैं बता रहा हूं
14:19तो बहुत सारे ऐसे लोग हैं जोनोंने नहीं पढ़ा
14:21गीता ग्यान नहीं लिया, रामचरितमानस नहीं पढ़ा
14:25लेकिन जो सोशल मेडिया के रील्स हैं उसके जरीए एक छोटा ग्यान आप हिस्सा उसका ले लेते हैं
14:29आपको लगता है गलत व्याख्या सनातन के लिए
14:33कौन कर रहा है गलत व्याख्या?
14:34बहुत सारे लोग राजनीती में ही सही
14:38अब राजनेताओं का क्या है वो तो रामचरितमानस जला रहे थी कुछनेता हमने देखा
14:42बोल रहे थे यह चौपाई गलत है
14:45अरे तुमारे बाप दादों ने वो चौपाई पढ़ी है ठीक से अर्थ करना आता है
14:49पढ़ी लिखी कुछनी जला रहे हैं
14:52अब समस्या ये है कि आज तक सुना अपने के कोई मुसलमान कुरान को जला रहा है
15:01आज तक सुना के कोई हिसाई बाईवल को जला रहा है
15:06पर हिंदू को पता नहीं क्या हो गया है रामचरितमानस जला रहा है
15:11मनोस्मरती जला रहा है
15:12पढ़ लो भाईया, पढ़ लो, जो बातें अच्छी लगें वो उतार लो, जो नहीं लगें छोड़ लो, कहा है ना,
15:20सार सार को गही लहे, थोथा दे, उड़ाए, साधो ऐसा चाहिए, जैंसे सूप सभाव, सुपड़ा होता है, सुपड़ा, आप जानती
15:28है, भटकी हैं कभी �
15:31सुपड़ा होता है, मासका, उसमें ना धान और चीजें साप करते हैं, दादी अम्मा, उसमें ना जो घराब चीज होती
15:39है, उड़ जाता है, और जो अच्छी होती है वो बच जाता है, तो व्यक्ति का सुभाव ऐसा होना चाहिए,
15:44कि बुराईयां उड़ा देनी चाहिए, �
15:46यदि माना की मेरे में कोई बुराई है, आप में कोई बुराई में आपकी बुराई क्यों देखिए, बुराई इस तरष्टी
15:51में किसमें नहीं है, इस एक आदमी बताई ये संसार में जिसमें कोई बुराई ना हो, अरे मनुष मृती में
15:58अच्छाई लिखी है, वो ग्रहन क
16:15यह साद हो तो आप अख्छाई देखलो अबरा ही देखना तो फिर क्या देखते रहो बुरहीं बुरा जुदेखन मैं चला
16:22ना मिली आ कोई
16:24जो दिल खोझा आप उना हम जो बुरा कह रहें वनुष्मृति यह वही बुरे हैं
16:31एक व्सिता हिजी न ini का अधैने है जो जा राम चारतमानश को बुरा कह रहे हैं वही बुरे हैं
16:34तो फिर इए यह इनको यह वाला दोह पढ़ा दी जीगा बुरा जो देखन मन चला यह खुद की बुराइब
16:44नहीं देखते के
16:45खुद के बाप दादों का पता नहीं है, बुरा ही ढोड़ रहे हैं संसार में.
16:49ये बार तुसे ही है कि सहिंशीलता केवल एक रूप में नहीं हो सकती है, और रूप में आपके आने
16:55चाहिए.
16:56लेब महराजी, आज हम श्री कृष्ण जन्मस्टमी से पहले, अब मतलब बस अब लल्ला का इंतजार हो रहा है कि
17:03उनका जन्म होगा और एक बार फिर उत्सब समूचा विश्व मनाएगा.
17:06भजन आपसे हम सुनना चाहते हैं, आप केवल कथा नहीं, बल्कि भजन भी बहुत सुन्दर गाते हैं.
17:15मतुरा से, आप लोगोंने कंजूसी करते हैं, थोड़ा संगीत मंगीत तो रखते हैं?
17:19मतुरा से, गोकुल मैं, गोकुल से, ब्रंदावन मैं, एक चोर आया, की माँखन चोर आया,
17:43मतुरा से, गोकुल मैं, गोकुल से, ब्रंदावन मैं, एक चोर आया, की माँखन चोर आया,
18:05उस का नहा की प्यारी मुसिकन, उस की मुसिकन पैखो जाऊं।
18:17मेरा दिल करता है आजिस मैं, उस का ही दिवाना हो जाऊं।
18:25यह जमाना, मेरे काना, ना भुलाना, तेरे द्वार आया, की तेरे द्वार आया,
18:38एक चोर आया, की माँखन चोर आया,
18:46इसे आप इंस्टाग्राम पर सुन लीजेगा, अच्छा लगेगा, आप यहाँ सब सुरुभी तो नहीं है,
18:54इंस्टाग्राम पर पूरा म्यूजिक और म्यूजिक वीडियो का लगा था, इनको मने सुना दिया है,
19:01उसको सुन के ही तो पता चला कि आप लिखे, आपने लिखा है, बोल भी आपके है, सुर भी आपका
19:07है, तो आप लोग चला दीजिए अपने टीवी पर, ठीक है,
19:11म्यूजिक वाला वर्जन ना? अग, औरिजनल वाला, नहीं चलाएंगे? ज़रूर चलाएंगे, आपने कहा है कि राइट्स भी सारे, हम दे
19:23दे दे दे दिये, पूरे राइट ले लीजिए, राइट्स भी आपने दे दिये, उसमे कोई दिक्कत ही नहीं है, बैसे
19:32भी जनम उ
19:42लेकिन इस गीत से ही मुझे एक चीज आया जो मैंने व्याख्या की बात की थी न, उसमें बहुत सारे
19:47लोग व्याख्या करते हैं, तो ईश्वर के बहुत सारी ऐसे पहलूओं की बात वो करने लगते हैं, जिसको सनातन की
19:55सुविकारिता एक अलग स्तर की है, जब हम माखन चो
20:10बागवान की अच्छी चीज़ों को देख कर उसे आत्मसाध कीजिये, मुझे लगता है भगवान के जीवन से तो ये सबसे
20:15बढ़ी चीज हम सीख सकते हैं.
20:18भगवान से सब कुछ सीख सकते हैं, भगवान से हम गीता सीख सकते हैं, राम जी से मर्यादा सीख सकते
20:25हैं, आजकल के बेटे अपने मावाप की सेवा ने करते, हमारे पास 324 वरद्ध माताइं रहती हैं, वो माई जिनको
20:33बच्चे घर से निकाल देते हैं, यदि सेवा करते तो
20:36तो हमें क्या जरूर थी विद्धाश्नम बनाने की?
20:39आजकल से राम जी को अपना आधर्ष बनाई है,
20:42राम जी ने अपनी सौतेली मा के कहने से अपने आपको चौदा वर्ष के लिए अपने दूर कर लिया अध्या
20:48से,
20:49यदि मावाप के वचनों अच्छा,
20:52ये बात आप तो जानती ही होंगी,
20:54कि राम जी को जब चौदा वर्ष का बनवास मिला,
20:57उस समय राम जी राज इतिलक की तैयारी कर रहे थे,
21:00और बनवास हो गया,
21:01फिर आज्ञा लेने, बनवास की आज्ञा लेने कौशिल्यमा के पास गए,
21:05तो कौशिल्यमा ने कहा बेटा,
21:07तुम नहाए नहीं, तैयार नहीं हुए,
21:09तुम्हें राजा बनना है आज,
21:11कहा मा मैं तो नहा भी लिया,
21:13तैयार भी हो गया,
21:14और पिता ने राजा बना भी दिया,
21:16राजा बना दिया,
21:17कहा का राजा बना दिया,
21:18बोले पिता देन मोहि कानन राजू
21:21मतलब मुझे जंगल बनवास का राजा बना दिया
21:24बनवास का राजिया मुझे दे दिया
21:2814 साल के लिए मा में बनवास जा रहा हूं
21:31कौशल्या मा बोली क्या कह रही हो राम बनवास जा रहे हो
21:34पूरी बात बताई, कोशल्या बोली मैं तेरी माँ हूँ, पिता ने आज्या दी तो क्या हुगा, मा की आज्या नहीं
21:41है, तो बनवास नहीं जाएगा, राम जी बोले मा, यदि मा की भी आज्या मिल गई हो तो, मा की
21:47आज्या, मैंने तो आज्या नहीं दी, नहीं, कहकई मा ने �
21:50और जब कहके मा का नाम आया तो कॉसलिया ने ये नहीं कहा मा कॉसलिया ने कि नहीं वो थोड़ी
21:56तेरी मा है मैं तेरी मा हूँ तू नहीं जाएगा बनवास नहीं माने आज्या दे दी राम तेरी सौतेली ही
22:03मा सही पर है तो मा तो मा का वचन मैं नहीं काट सकती अब राम तू �
22:09वही कर जो तो जी अच्छा लगे तो देखो मर्यादा कोशलया मा की कि एक मा का वचन ना कि
22:15यदि राम मा के वचन को काट देते तो वाने वाली पीडी भी अपने मा के वचन को काट ती
22:20राम ने मा के वचन का पालन इसलिए किया कि यूगों यूगों तक बच्चे अपने माव
22:26आपके बचनों का पालन करते रहें, इसलिए बनवास कई, कि पालन करते रहें, लेकिन आप आजकल मनमाना चल रहा है,
22:34तरेता यूग से कल यूग में कुछ तो परिवर्तन है, परिवर्तन तो है, और कृष्ण जी के जो उपदेश रहे,
22:42वो भी थोड़ा सा अलग, मतलब राम
22:56कि भगवान स्री कृष्ण को लेकिन समाज में बहुत सारी ब्रांतियां हैं, अब जैसे लोग कहते हैं कि कृष्ण, अब
23:02जैसे आप बताईए, राधा और कृष्ण कौन हैं, आप बताईए, अगर जो कठाएं कहीं जाती हैं उसके हिसाब से तो
23:11इसी क्षेत्र में, दो अल�
23:25कोने अपनी कबोले हमारी साधी हो गई, तो हमारी राधा बन जाओ, इसी चक्कर में ब्यभचार चालू हो गया, भगवान
23:33का नाम ले लेकर, आपके मंच से आपका चैनल बड़ा है, इसके माध्यम से ये बात कह दूँ कि राधा
23:39स्री कृष्ण की प्रेमिका, जैसे पतनी भ
23:53पती से क्या बुराई है, तो कृष्ण और राधा का विवाह भी हुआ है, यहीं भांडी रवठ है, आप जाए
23:58दर्शन करिए, ब्रह्मा जी ने विवाह कराया था, तो राधा कृष्ण केवल प्रेमी प्रेमिका नहीं, वह पती पतनी है, ये
24:07बात कहा करिए, वरना ये लड
24:08के कुछ लड़कियों को बरगला लेते हैं, कि तुम हमारी राधा प्रेमिका बन जाओ, और उसके चक्र में गलत काम
24:14करते हैं, भगवान का नाम ले लेके, तो भगवान के नाम से गलत रास्ता ना पकड़ ले न समाज, ये
24:19हम सब की जिम्मेदारी है, तो राधा कृष्ण, �
24:22अब आप कहेंगे रुकमणी जी कौन है, रुकमणी जी भी पतनी है भगवान की, और राधा जी भी पतनी है,
24:28अब कहेंगे कि रुकमणी कौन है, राधा जी कौन है, तो सुनिये, भगवान कृष्ण की दो लीलाएं हुई, एक लीला
24:36हुई, दो भुजी, व्रंदावन के क�
24:39दो भुज और द्वारिका के कृष्ण कितने भुज है चतुर भुज द्वारिका धीस कितने भुज है चतुर भुज तो स्री
24:47कृष्ण जब तक वरंदावन में रहे तब तक दो भुज से रहे और जब स्री कृष्ण द्वारिका गए तो स्री
24:54कृष्ण वहां दो भुज में �
24:55वहाँ सदा चतुर्भुज में रहे तो जब नारायन जब कृष्ण कौन है साथ शाथ नारायन जब नारान दो भुज में
25:05लीला करते हैं तो उनकी लक्षमी राधा बनकर सेवा करती हैं और जब नारान चतुर्भुज होते हैं तब उनकी लक्षमी
25:11रुकमनी बनकर उनकी सेव
25:13करती हैं तो रुकमणी लक्षमी ही राधा है और लक्षमी ही रुकमणी है ये बात जानना सबको आवश्यक है वरना
25:21ना जाने कितनी भ्रांतियां इन बातों से हो जाती है नहीं शिवजी को लेकर भी लोग अपना वो कहते हैं
25:28कि धुनी रमाएंगे तो उस वो भी एक भ्रांत
25:32संकर जी तो भषम इसलिए लगाते हैं संकर जी के भषम हमारा जो मंदिर है ना वो मैसिज है जैसे
25:39आज आज आप चैनल से बैटके मैसिज दे रहे हैं संत लोग आपके पास आ रहे हैं आप मैसिज दे
25:44रहे हैं आप लोग भी जब निउस सुनाते हैं तो साथ में को अच्छ
26:01को ग्रहन नहीं किया अब जैसे संकर जी मैसिज क्या देते हैं आप लोग संकर जी जाते हैं मंदिर जाते
26:06हैं तो मैसिज क्या है संकर जी भस्म रमाते हैं मैसिज क्या मिला कि पागल ज्यादा घमंड ना कर देख
26:13मेरी उपर राख लगी है ना तू भी एक दिन राख हो जाएग
26:17काई बात का घमंड करता है, तो आप जादा घमंड ना करिए, कितने दुनों का हंकार, सदा ना रहा है,
26:23सदा ना रहेगा, जमाना किसी का, किसका रहा है, सत्ता, संपत्ति, सुन्दर्ता, किसकी रही है सदा, आपने तो खुद अपने
26:32जीवन में सत्ताइं आती देखी, सत्ता�
26:36को रंक बनते देखा रंक को राजा बनते आप लोगों ने देखा होगा तो किसी के बाप की बभौती नहीं
26:42है सत्ता और किसी के बाप की बभौती नहीं है संपत्ती सत्ता संपत्ती संपत्ती ये आएगी और इसलिए घमंड ना
26:56कर तो संकर जी राख लगाते हैं भश्म मुर्�
27:01कि मेरी उपर लगी है तू भी एक दिन राख हो जाएगा बड़ी गाड़ी बड़े बंगले का घमंड कब तक
27:08एक दिन आपको बड़ी गाड़ी बड़े बंगले से निकल कर समसान जाना होगा और समसान में राख बनना होगा यहां
27:15जितने बैठे हैं मैं स्वयम एक दिन राख
27:18हो ही जाओंगा, कब तक राख नहीं बनेगा वेटा, कब तक भागेगा,
27:222026 मने बना,
27:242040 मनेगा,
27:262080 मनेगा, कब तक नहीं बनेगा,
27:28बता, 2099 आते आते हम सब राख हो चुके होंगे,
27:32किसकी रही है,
27:34कितने दिन की है आपकी,
27:35इसलिए संकर जी ये मैसेज देते हैं, घमंड ना करो, इसलिए राख लगाते हैं, राख लगाने का ये मैसेज है,
27:41लेकन मैसेज लोग समझते नहीं, है न, संकर जी सांप लपेटे हैं, सांप मैसेज देता है, काल कहते हैं, संकर
27:49जी के गले में क्या है, काल मतलब सांप, बोस्
28:00इसलिए जादा तीन पांच ना करो, चुपचाप अपना मरो जब टाइम आए, शान्ती से.
28:06सान्ती से मरो अपना जब टाइम आए, जादा परेशान होने की जरूरत नहीं,
28:10चमनबियाए टाइम खा रह हैं, गोलियां खा रह हैं, वहिंक है, तो मूख तो नहीं पोटा करता हम आप two
28:30को स्वास करता हो योग सांकर जी जब गना आप हूंगीज का में योग करती होग हम ओ आज सुनिये,
28:38संकर जी के गले में सांप बैठा क्या मैसेज दे रहा है
28:42काल है
28:43काल सबको देख रहा है
28:46आपने पुराना महाभारत देखा
28:47उसमें क्या बोलता है
28:49मैं समय हूँ
28:51क्या बोलता है
28:54हाँ समय है
28:55एक दिन में घुमता घुमता समसान चला गया
28:57तो समसान में एक अच्छी बात लिखी थी, बताओं, समसान में लिखा था, कि यही व्रंदवन के समसान में, आप
29:05लोग भी जाके देख सकते हैं, समसान भी जाते आते रहा करो, क्योंकि आखरी पड़ाओ वहीं है सबका, मैं तो
29:13जाता रहता हूं, तो समसान में लिखा था, सम
29:25समय जो गया, आप उसे आप ला नहीं सकते, पैसे से समय थोड़ी खरीच सकते हो, पैसे वाले समय खरीद
29:34लेते, तो काहे मर गए पैसे वाले, खरीद न लेते, इसलिए संकर जी कह रहे हैं, कि देख तेरा समय
29:40जा रहा हो, काल बैठा, सांप मतलब काल अभ्याल, मुखक ग्रा�
29:45सांप को काल कहा गया, इसलिए शिव को कालों के काल महा काल कहते हैं, क्योंकि वो काल को जीत
29:51चुके हैं, पर हम नहीं जीते, तो तुम नहीं जीते, तो घमंड ना करो, क्योंकि काल बैठा है, फन पसारे,
29:56संकर जी बैल पे सवार है, बैल मतलब नंदी, नंदी मतलब धर्म, स
30:13कितने पाँ वंदर हैं, कितने पाँ बाहर हैं, बताओ, कितने, एक पाँ बाहर है, कि दो, एक पाँ बाहर है,
30:23तीन पाँ, क्या मैसिज मिला, बताओ,
30:27मंदिर गए, पानी डाला, आ गए, शीखा भीखा, बच्छ नहीं
30:31इसलिए सनातन, सीखते आप लोग कुछ नहीं है और बदनाम सनातन को करते
30:35तुमारे मंदिर में क्या है, अरे मंदिर में सब कोछ तुमने सीखा कहा है
30:39तुमारे तो खोपड़ी पाम मूर्खता थी
30:41इसका अर्थ तो बता रहे हैं
30:45संकर जी के मंदर में जो नंदी है वो किसका सवरूप है
30:48धर्म
30:49इसलिए मोदी जी ने नई संसद बनाई न
30:51तो सेंगौल रखा
30:53सेंगौल में नंदी है
30:54बोलो हाँ
30:55किना
30:57है नंदी वो नंदी कौन है
30:59वही धर्म का प्रतीक है
31:01बोलो हाँ
31:02जैसे आज तक वालों का देखो ये है
31:05पहचान है इसकी
31:06क्या है ये
31:08हाँ ये पहचान है ये
31:10इसकी पहचान है
31:11ऐसे ही धर्म की पहचान नंदी
31:14संकर जी किस पर सवार है धर्म पर
31:16और धर्म के पाँ होते हैं चार
31:18सत्य, दया, दान और तप
31:20इनमेंसे कल्यूग में तीन पाँ तूट गए हैं, कल्यूग में क्या तूट गए? धर्म के तीन पाँ तूट गए, सत्य
31:27नहीं रहा कल्यूग में, दया नहीं रही और तप नहीं रहा, इसलिए तीन पाँ तूटे हैं नंदी के, एक पाँ
31:33आगे हैं, मतलब एक पाँ जी भी थ
31:35मैं केवल दान है, दान केवल पर धर्म चल रहा है टिका हुआ है।
31:40इसलिए एक पाफ है तीन पाफ टूट चुके है।
31:44तो वो तीन पाफ जो अंधर है ना वो टूट एक कल haar है।
31:47सत्युग खाया तो धर्म चारों चरण से होता है।
31:52धर्म चारों चरण से होता है, तो संकर जी बैल पर चड़े हैं, आप लोग कहते हैं, संकर जी बैल
31:57पर चड़े, बैल की सवारी, तुम्हें ग्यान नी हैं, हम क्या करें, संकर जी बैल पर नहीं सवार हैं, संकर
32:03जी धर्म पर सवार हैं, धर्म ही था भरा सौना खचा खच लंक क
32:08दीवार में था था था था खचलंक की दीवार में एक रती नहीं मिला दावड को मरतीवार में जाने ना
32:17देना धर्म करना लोभ मत धन धाम का और धर्म ही जाता रहा तो धन रहा किस काम का अच्छा
32:24ये बताओ धर्म बड़ा की धन बड़ा इसलिए कहता हूं प्राण जाए पर
32:29धर्म न जाए
32:31क्या न जाए
32:32धर्म को बचाईए
32:34गीता में लिखा
32:38अपने धर्म पर जिंदा रहना अच्छा है
32:40अपने धर्म में रहके मर जाना अच्छा है
32:43पर दूसरे धर्म का स्वीकार
32:45दूसरे धर्म को स्वीकार करना अच्छा नहीं है
32:48आज हमारे देश में धरमांतरण हो रहा है
32:51क्या हो रहा है?
32:53पांच हजार में, दो हजार में धरमांतरण हो जा रहा है
32:57धरमांतरण गीता में लिखा है
32:58मर जाओ अच्छा है
33:00पर धरम का परिवर्तन करना पाप है
33:02पर कोई इक्छा से करे महराजी तो
33:04एक्षा से क्या आम चाहे कि मेरी एक्षा है में इमली हो जाओं तो क्या आम अपनी एक्षा से इमली
33:12हो सकता है जबकी इमली भी खटी है आम भी खटा है पर नहीं हो सकता यदि इमली बनाना होता
33:19तो परमात्मों से आम क्यों बनाता इमली बनाना होता यदि हमें हिंदू बनाय
33:34होगी क्यों कि हम धरम छोड़ते हैं धरम कायर छोड़ते हैं समझदार नहीं धरम छोड़ते कई लोग इस बात को
33:45लिकर व्यथित हो जाते हैं कि जातियों में जब बंटवारा हो जाता है वो पक्षपात होता है तो वो चाहते
33:51हैं कि छोड़ते हैं पक्षपात जातियां कहां क
33:53हम तो कह रहे हैं संभिधान से जातियां हटादो, क्यों नहीं हटा रहे हैं?
34:00कि जातियां कौन बना रहा है बद लोग कहते हैं पंडित ने जाती बनाई अरह पंडित जाती जाती बनाते तो
34:07जाती प्रमान पत्र पंडित जी बांट रहे होते काहे बदनाम कर रहे हो पंडितों को ब्रामनों को किस ने बनाई
34:12संभीधान जाती प्रमान पत्र आपको जाती �
34:15प्रमान पत्र बनाना होगा तो आप मेरे पास आएंगे कि कानूनी व्यक्ति के पास जाएंगे, बोलो, तो बताओ, जातियां कौन
34:22बांट रहा है, हाँ, तो बदनाम बेचारे पंडित जी है, और खेल, यहां कानून खेल रहा है, मतलब वो व्यवस्था
34:33तो थी नए, काई की,
34:35जब से जातियों में बटवारा हूँ, भले वो कर्म की वज़े से शुरुवात हो, यह बात मनुस्मरती में लिखी है,
34:40आपके प्रशन का उत्तर, जातियां क्यों बनाई गई, सुनो, जातियां इसलिए बनाई गई, जातियां छुआ छूत के लिए नहीं बनी,
34:49उंच नीच
35:04विदेशी है, तो उस समय पहचानने के लिए हमारे अहां वर्न बनाए गई, जैसे आजकी पहचान आधार काड है, आजकी
35:12पहचान बोटर आईड़ी है, पासपर्ड है, एसे उस जमाने में आधार काड बोटर आईड़ी त्याधी कुश न YE था, तो
35:18पहचान थी, कि भाई,
35:20आपकी पहचान ब्राम्हन है, आपकी पहचान छत्री है, आपकी पहचान वैस्षेह और आपकी पहचान सूद्र है, और सबके गोत्र दे
35:27दिये, पासवर्ड, गोत्र क्या है, पासवर्ड है, कि कोई घुसने ना पाए बीच में, हमारा तुमारा रूप बना के घुस
35:33जाएगा
35:33तो हमारी बहन बेटियों को आपस में लड़ा पिला के गलत काम कर देगा
35:37आज भी कोई बीच में ना घुस पाई
35:39इसलिए पासवर्ड के हिसाब से क्या डाल दिया गया
35:44गोत्र आपका गोत्र क्या है
35:46अरे गलत बात
35:47अरे आफका नहीं पाता हो तो कंशब में रख और तो आपको जब भी आप कोई पुद्लि पूजा करेंगी आप
36:08कूजा पाट करते हैं
36:09पती के साथ, पूजा पाठ करती हूँ, पर उसमें वही पढ़ली जी कहते हैं, न पता हो तो कश्यप बोल
36:14दो, तो काहे नहीं पता, आप तो पढ़ी, अरे अनपढ़ हादिमें को नहीं पता हो, समझ में आता, आप तो
36:19पढ़ी लिखी है, आपको तो पता, गोत्र पता हो ना,
36:38चैनल से हैं, तो आप के हाँ भी विवस्था पग हैं, जैसे आप एंकर हैं, आप बोलती हैं, ये कैमरा
36:44में चैमरा चलाता है, ये विवस्था हो गई, आप हो गई, दो हो गए कि नहीं, अब आप कहते हैं,
36:48फिर ये तीसरी विवस्था जिसने इसको विवस्थित किया होगा
36:51चौथा किसीने श्टूडियो बनाया होगा, लाइट लगायोगी, डेवलप किया होगा, तो विवस्था हो गई ना, ऐसे ब्रामाण एक विवस्था है,
36:58छत्री एक विवस्था, भाई तुम देश को समालो, तलवार चलाना है, चलो जाओ, छत्री है, वैश, आपको पैसे कमा
37:04कमा के लाना, देश को मजबूद करना, शूद्र, ब्रामाण चत्री वैस सूद्र के साथ कंदे, आपको भी एक असस्टेंड चाहिए
37:10कि नहीं अपने काम के लिए, ऐसे सूद्र भाई सब के साथ खड़ा रहेगा, भेद भाव थोड़ी था, भेद भाव
37:16होता, तो राम शब
37:36आपने से क्यों हो आख अचाहिए, अचही बताओ, आम जनम से आम है कि करम से होता है, भले वो
37:42वैश्यकुल में पर दावाए, जनम से गाय है कि करम से थोती है, अब कोई गाय दूध ना दे, तो
37:47गाय ना कहोगी आप, जाती खत्म करने की बात आप कर रहे हैंना, अरे भाई
37:50सुन। जाति खतम कर दीजे हह बता यह बताओ हमार यह जातियां कहा थी अ File��ि हमने जातियों की बात
37:58नहीं की कि हमने किसकी बात कि
37:59तक बार बंबर ब्य वस्था थी यह दिया नहीं थी हमारे सनात्र में आपर अगीत पड़ी और ओर निय
38:19वर्न है, क्या है, जोर से, हाँ, जातियां नहीं है, जातियां संभिधान में है, जातियां मोची संभिधान में है, सास्त्रों
38:31में मोची नहीं है, कुमहार, लोहार, इस संभिधान में है, हमारे धरम सनातन में नहीं है, हमारे सनातन में सब
38:40एक हैं,
38:41आपने नंदी जी के तीन पाओं की बात बताई कि अंदर है, एक जो बाहर है वो है दान, क्या
38:48वो पैर भी भीतर न चला जाए, दान चोरी जैसी चीजें भी हो रही है, इसलिए आपको थोड़ा सा दान
38:55करना चाहिए, गौरी गुपालों मातां रहती है, थोड़ा सा दान कल मा
39:11अब देखो, दान चोरी हुई, इसमें भी कुछ लोगों ने कह दिया कि पुजारी उने चुरा लिया, मतलब बदनाम कौन
39:16हो गया, पुजारी, जब की पुजारी तो विचारा सेलरी से काम कर रहा है, महिनावंदी से, चोरी गई और कर
39:23रहा है, वह चोरी अब जैसे इस कमरे
39:25में दान पेटियां ले आओ, और यहां जो मुखिया है वही चोरी कर ले, तो वो उसकी गलती है, उसमें
39:31सिस्टम की भी गलती है कि उसने ध्यान नहीं दिया, परन्तु वहां उन लोगों की गलती है, अब किसी की
39:38नियत कैसी है, यह उन नियत खोटों की गलती है, उनकी परसन
40:04इसमें मेरी नियत की खोट है ना, इसमें मेरी गलती है ऐसे ही भगवान का पैशा जन लोगों ने चुराया
40:10उन लोगों की गलती है, उने
40:13सजा मिलना बंना चाहिए, सब इसके दोषी नहीं है। आप को लगता है छोगों का विशवास दिगा होगा इस वजसे
40:20यानिव है inglés不要
40:26यहां पर राजनीती भी आ जाती है कि विपक्ष इसमें कहता है कि अभी भी बहुत लोगों को बचाने की
40:31कोशिश हो रही है उसमें
40:35नहीं हुआ तो न्याय नहीं हुआ तो न्याय होना चाहिए जो गलत है उन्हें दंड मिलना चाहिए
40:42जो गलत हैं, उन्हें दंड मिलना चाहिए और बिलुकुल मिलना चाहिए ताकि आगे से ये गलती ना हो, क्योंकि यदि
40:51आगे दंड नहीं दिया गया, हम तो कहते हैं बलातकारी को नो चोराहे पे लटका के फासी दो, और गलती
41:00करने कोई दान चोरी की भी गलती उसे भी दंड
41:05सिर्णा चाहिए, ये तो तो तालिबानी से आगे, तो फिर आपका घर का पासवर देते नहां भेज देंगी तीन चार
41:11चुर, कानून से देगा, काराजी कुछ चीज़ेगे, कानून से देते हैं, लोग लोग भाग जाते हैं, और पुलिस को पकड़ाते
41:19हैं, पुलिस भईय
41:33यार, इतना क्या है, तो फरचोरी करने आ जाएगा, एक बार सस्ता रोवे, बार बार महंगा रोवे, एक बार रोलो
41:42अच्छे से, आपके करांतिकारी विचार होता है, महाराजी, माफ कीजिए, अच्छा, पुझा आखिर में, चोर को दंड मिलना चाहिए, हमारी,
41:52हमारा कानू
41:53कहता है, सुधरने का मौका मिलना चाहिए, हर व्यक्ति को, सब को, बलातकारी को भी, छोड़ दो, नहीं, नहीं, उस
41:59पर मेरे विचार आपसे, बिल्कुल एक जैसे हैं, लेकिन देश के कानून और सम्विधान की अनुसार, माराजी, हम, मेरी बार
42:07बार नजर घड़ी पे चा
42:22करते हैं, जन्भूमी परकृषिन जी का मंदर है, काहे नहीं, बिल्कुल भव्य मंदर बना चाहिए, और बना ही चाहिए, समें
42:30क्या है, ये तो मुसलमान भाईयों को चाहिए, कि वो आगे आए, और कहें के भाई, हमारे पूरवजों नहीं आपकी
42:35जमीन हडप ली थी, अब
42:50बिना लडाई जगडे के बनना चाहिए, कोट वोड की जरूरतना है, आप सी सहमती से बनना चाहिए, ज़िए पर कोट
42:55में तो, चलो है तो फिर कोट बनाएगी, आपको उम्मीद है कि ऐसा हो जाएगा, काहे ना होगा, राम जी
43:04आए तो खृष्ण जी आए पहले राम जी आ
43:18भावित कर गया, जिसकी वज़े से आज अनिरुद्धाचारी जी महराज हमारे सामने है, जब हमने पहली बार वेद पढ़े, तो
43:26वेद में लिखा था मात्र देवो भव, पहले पढ़ा है, पहले माताओं की सेवा श्टार्ट कर दें, फिर आगे का
43:45पढ़ेंगे, तो पहले
43:46पढ़ा मात्र देवो भव, तो माओं की सेवा स्टार्ट कर दी, बे साहरा माओं को गोरी गोपाल में साहरा, फिर
43:50पढ़ा पित्र देवो भव, तो गोरी गोपाल में हजारो संत, आज भी बारो महिने भरपेट प्रशाद पाते हैं, तीस हजार
43:57लोग परडे भोजन करते हैं
43:59गौरी गौपाल में, अखंड रसोई, 30,000, भारत की सबसे बड़ी रसोईयों में रसोई गौरी गौपाल जी की है, जो
44:0524 गंटे चलती है, और वहां से मात्र देव हो, पित्र देव हो, क्या हो गया, संतों की सेव, पिता
44:12तुल्य, अतिथी देव भव, आप हमारे कौन है, अति
44:17भगवान के तुल्य होता है, तो फिर गौरी गौपाल में, जो भी आए, अतिथी रूप है, सब को भोजन मिले,
44:22तो अतिथी देव भव हो गया, आचार देव हो, तो हमने पढ़ी चपाई, परहित सरिस धरम नहीं भाई, परहित करना,
44:31लोगों का हित करना, इससे बड़ा को
44:45भाव, ना कोई ब्रामन, ना कोई छत्रिय, ना कोई वैष्ण, बिना भेद, कोई भी आओ, सब के साथ एक सा
44:51वहार गौरी गौपाल में हैं, और गौरी गौपाल में जो माय हैं, मैंने आज तक किसी मा से जात नहीं
44:56पूची कि आपकी जात क्या है, ब्रामन, छत्रिय, वैष
44:58सब माव के पाव दबा कर सब की समान रूप से सेवा करता हूँ
45:02कोई भेदभाव नहीं
45:03तो हमने तो जातियों की दिवार कपकी तोड़ दी
45:06अब तो संबिधान की बारिय वो तोड़ दे
45:09हमने तो तोड़ रखी है
45:13किसी के पास कोई प्रश्न था
45:15एक प्रश्न का मौका होगा
45:18नहीं लेकिन वो वो प्रश्न
45:23एक प्रश्न का केवलापस है
45:25अरे पूछ लेने दीजी तीन चार लोगों को कोई बात में
45:27हाँ बोलो
45:34मैं चाहता हूँ कि आपके मुखसे अगर मां यमना के सुद्धी करण की बाट उठेगी
45:39तो निच्चे दूरूप से असर होगा सरकार परो यांके लोगों को
45:42मां यमना में हजारों लागों करोण लोगों की आस्था का केंद्र है
45:45और उससे बड़ा मेनी समस्था
45:46बहुत अच्छी बात इन्होंने कही देखिए ये प्रश्न आपको पूछना चाहिए था
45:53इन्होंने प्रश्न नहीं किया है
45:55इन्होंने आपसे निवेधन किया है
45:57कि आप इस मुद्च को उठाए
45:58अगर आप यमुना सफाई में सरकार की नीती वाले शेत्र में होते है
46:03आप बताईए सरकार यमुना जी को क्यों आई इसाब करना चाहती है
46:19जनारदन से थोड़ा लेना चाहिए अपने अपने विचार अब सरकार जिन से सलाह लेती हैं सलाहकार वो पढ़े लिखें अच्छी
46:28बात है पर हम भी तो अपना नोब बता सकते हैं अच्छा लगे तो माल लेना भाई या नहीं लगे
46:32तो कौन सा पैसा खरचुरा है तो हमारी �
46:35बात ये है कि ऐसा है कि यमुना जी में जितने नाले मिल रहे हैं बड़े बड़े शेहरों के राजधानियों
46:42के इन नालों को पहले रोका जाए और रोक के एश्टीपी लगा करके उसे जल को शुद्ध किया जाए शुद्ध
46:49पानी यमुना जी में डाला जाए और उसे गं�
47:05और एक बाद बताए, सरकार हमें जिम्मेदारी दे दे और एक बज़ट दे दे कि अनुरुद्धाचार जी ये करना है,
47:11दो साल के अंदर, बलकि एक डेड़ साल के अंदर, मैं पूरे भारत की नदियों को जो अशुद्ध है, सब
47:18को शुद्ध कर सकता हूं, दो साल में? दो सा
47:34यमना जी गंदी कैसे हैं, बड़े बड़े नालों से, नालों को रोक दिया जाए, अश्टिपी बना दिया जाए, सुद्ध करके
47:40पानी डाल दिया जाए, बहुत ज़्यादा खिचडी नहीं है, सीधी सी बात है, पता नहीं सरकार क्यों ही समझती इस
47:45बात को, या उनके जो सला
48:00हैंगे, हमने आपकी बात रख दिया, सुने जिनको देना है, और किसका प्रश्न था, बोलो, बोलो.
48:09महाना जी, मैं आप से एक अंडोद करना चाहूंगा यहां से, आज भाजपर सरकारों 11 साल हो गये हैं, क्या
48:15गाय माता अब राष्टी घोषद नहीं होंगी, क्या कोई महें संत, कोई आंदोलन कर रहा है गाय माता के लिए,
48:21क्या गाय ऐसी कटती रहेंगी, उत्तर परदेश �
48:27अब राष्टी घोषद होंगी, पहले तो नहीं थी, सरकार हिंदू हो की आ गई है, राष्ट्पती हिंदू, पिदान मंतर हिंदू,
48:33तो आखिर जे गाय माता राष्टी घोषद का होंगी, यह आप मेरे अन्डोद है, इस पर एक आंदर आप करेंगी,
48:38आज यहां पर योग
48:40जी का इंटरव्यू कौन लेगा, योगी जी आयते पहले भी, उन्होंना लोगों से यह प्रश्ने कर लीजिएगा, कि योगी जी
48:47कप करेंगे, कि महाराजी बंदरों की बहुत समस्या बंदा होंगे, उनका चवाब सुनिये आप, कि बंदरों की बुजा करो, हन्म्रान
48:56चाल
49:13महाराजी, मात्मा गांधी जी ने कहा था कि अहिंसा पर्मो धर्म, अहिंसा पर्मो धर्म गांधी जी ने नहीं कहा, गांधी
49:21जी के पहले हमारे वेदों ने ये बात कही है, गांधी जी को क्यों बोल रहे है, गांधी जी ने
49:25उसका अनुसरन किया, अनुसरन आप भी कर सकते,
49:38उस हत्या का जिम्मेदार कौन है
49:39आज तक मुझे इस प्रशन का उत्तर नहीं मिला
49:41कौन है अत्यारा बताईए
49:43यह दूसरा मिशे है
49:44तो अहिंसा क्यों बोल रहे है
49:46उससे बड़ी हिंसा क्या होगी बटवारे से
50:00अहिंसा के पुजारी मात्मा गानी जी ने
50:08की तरह चलना होगा एक हाथ में गांडीव और एक हाथ में गीता
50:12भाईया गीता की बात मानोगे नहीं मानोगे तो गांडीव से मनवाएंगे
50:16बोलो
50:18माराज जी समय इनका बोल देते हैं
50:22आखरी
50:28अभी अभी बात करते हैं पहले उनका सुन लेते
50:35यहां हां भी बात करते हुए अभी बात बोलो
50:42अ हम आप
50:53अभी हम एक विद्धियाल्य बना रहे हैं एक अच्छा एक से लेके बार वी तक
50:57CVSC Board का, जो
50:595-7,000 बच्चे
51:01पढ़ेंगे, और बिलकुँ
51:03निहशुल्क पढ़ेंगे,
51:045,000, हैं?
51:08अपने
51:09मावाप की बात मानों यही बोलेंगे.
51:13ठीक है?
51:14एक बाद फिर से.
51:15भगवान आप सबको सुखी, स्वस्त रखें,
51:17मेरी बात से किसी को बुरा लगा हो, तो छमा.
51:19छमा जरूर करिएगा.
51:21महतमा गांधी का दिल दुखाना,
51:23या उनके अनुयायों का दिल दुखाना उद्देश नहीं है.
51:25पर मैंने जो प्रशने पूछा है,
51:27उस प्रशनों को पूछने का मुझे अधिकार है के नहीं ये बोल दो?
51:35ठीक, ठीक, ठीक है.
51:48ठीक, चलो, आपको बुरा लगा, इसके लिए छमा, कोई दिखकत में, ठीक है.
51:53राधे, राधे.
51:54राधे, राधे.