00:02हमारे पास वह सब कुछ था जो उत्तर प्रदेश को देश के अंदर केवल जन संख्या की दिश्ये ही नंबर
00:15एक बनाने की सामर्थे नहीं रखता था
00:19हर दृष्टी से वह यूपी को नंबर एक पर करने की सामर्थे रखता था
00:27लेकिन जिन लोगों ने इस चुनावती को समस्या माना उन्होंने उत्तर प्रदेश की दुर्गती कर दी
00:37और जिन लोगों ने उत्तर प्रदेश की इस चुनोती में संभावनाई देखी
00:43उन्होंने सफलता के नितने प्रतिमान स्थापित के
00:48हम लोगों ने उन संभावनाओं को आज एक नहीं उचाई तक पहुचाने में सफलता प्राप्त की
00:53आज हम मानते हैं कि यहाँ उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी आबादी
01:02या हमारे लिए एक डिमोग्रेफिक डिविडेंट की रूप में उप्योगी है
01:09हमारे पास युवा सकती है युवा की इस स्केल को स्कीलिंग के साथ जोड़ना
01:24उस स्कीलिंग को इंप्लाइमेंट के साथ जोड़ना इस टार्ट अप इको सिस्टम के साथ उसको जोड़ना
01:35और पिछले नौ साड़े नौ वर्स के अंदर उत्तर प्रदेश के अंदर डवल इंजन की सरकार ने सफलता पुर्वक उसे
01:43आगे बढ़ाने का काम किया
01:47देश की सबसे उर्वरा भूमी यूपी के पास थी
01:53पिछली सरकारे नदाता किसानों को एक चुनोती मानती थी और एक समस्या मानती थी
02:02पैड़नाम था किसान आत्मत्या करता था पैड़नाम था किसान के सामने प्लायन करने के सिवाई
02:14कोई दूसरा चारा नहीं बचा था
02:19किसान हतास और निरास था
02:23हमने उसे समस्या नहीं माना
02:26हमने अनदाता किसान को
02:32उसकी समस्या को
02:36समझा उसका समाधान निकालने का प्रियास किया
02:41आज आप कह सकते हैं कि यूपी के अंदर किर्शी विकास की दर
02:46आठ प्रिसत से बढ़ करके 21 फीस्दी हो गई है
02:49और भारत की कुल किर्शी लेंड जो योग्य भूमी है
02:56उन में से यूपी का सेयर केवल 11 फीस्दी है
02:59लेकिन उस 11 प्रिसत किर्शी योग्य भूमी में उत्तर प्रदेश आज के दिन पे
03:0521 फीस्दी खाद्यान उत्पादन करके देश का पेट भरने का काम भी कर रहा है
03:11इसके लिए प्रियास प्रारम्व करने पड़े थे
03:17दसकों से लंबी सिचाई की प्रियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया
03:22किसानों को आधुनिक्ता के साथ जोड़ा गया
03:26सासन की योजनाओं को किसानों तक पहुँचाने का काम हुआ
03:31उनकी उपज के लिए बाजार तक पहुँचाने के लिए कनेक्टिविटी दी
03:40और जब सरकार और किसान एक साथ मिल करके सभ्यान को आगे बढ़ाए
03:46उत्तरफरदेस के अन्यदाता किसानों ने
03:48अन्यदाता किसानों ने उत्तरफरदेस की किर्सी उपच को
03:53आठ फीस्दी से बढ़ा करके ठारा फीस्दी बढ़ाने में सफलता प्राप्त की
03:57आपके सामने में केवले को धारण देना चाहूंगा
04:032007 से 2017 के बीच
04:08उतरप्रदेश के अंदर
04:1129 चीनी मिले बंद हुई
04:15इस दोरान जो गन्ना किसान थे
04:19उनके गन्ना मुल्य का भुकतान भी
04:21अलग-अलग चीनी मिलों में बाकी थे
04:25चीनी उत्योग जरजर इस्तिती में था
04:2917 में जब सरकार आई थी
04:31हमारे सामने सबसे जुलन्त मुद्दा
04:34गन्ना किसानों का भी था
04:38आज मुझे बताते बेप्रसंता है
04:40कि आज के दिन पे हम उतरप्रदेश के अंदर
04:42122 चीनी मिले चला रहे हैं
04:46कोई चीनी मिले पिछले
04:489.5 वर्ष के अंदर कोई चीनी मिल बंद नहीं हुई
04:53हम अब तक
04:55326,000 करोड रुपे का गन्ना मुल्यका भुक्तान
04:59DBT के मात्यम से किसानों के खाते में कर चुके हैं
05:04और आज के दिन पे गन्ना किसानों को प्रती कुंटल का दाम प्रदेश सरकार उन्हें उपलब्द करवा रही है
05:13वो 400 रुपे प्रती कुंटल के हिसाब से करवा रही है
05:18122 चीनी मिलों में से 110 चीनी मिले ऐसी हैं
05:21जो चौथे दिन गण्यणमल्य का भुक्तान कर विख अब उसमें 4 साल नहीं लग रहे हैं नौ साल नहीं लग
05:26रहे हर चौथे दिन उनका गण्यणम्या का भुक्तान
05:30के खाते में होता है दस सीनी मेले ऐसी हैं जिन में समस्याएं हैं उनका भी समाधान निकाला जा रहा
05:38है लेकिन मैं माता मानता हूं जहां चाह वहां रहा है अगर सरकार ठान ले कि हमें यह करना है
05:46उस कारे को होने में देर नहीं लगती है
05:50और यही यही पिछले साड़े नौ वर्स के अंदर यूपी के अंदर हुआ है
06:01उतर प्रदेश के अंदर
06:05कोई भी समाज हो कोई भी सोसाइटी हो
06:10अगर वहाँ अपने कारिकर और हस्द सिल्पियों का सम्मान नहीं कर सकता है
06:15तो इसका मतलब उसने
06:21वहाँ के उद्यमिता को हतोत साहित करके
06:28विकास को एक प्रकार से वहाँ की ब्यवस्था कुंद कर रही है
06:38उतर प्रदेश के पास पहले से ही इसकी ब्यापक संभावना ही थी
06:45उतर प्रदेश इस देश से अत्यंत संभरित था
06:5417 में जा हम लोग आये हमारे सामने चनौती थी
06:57क्या होगा
07:04सूक्समलगुमद्यम उद्यम से जुड़े भे मारे जो छेतर हैं
07:09उनमेंसे जादातर कारिगर जादातर हस्त सिल्पी जादातर उद्यमी प्लाइन कर चुके थे
07:16हतास और निरास बैठे थे
07:20कहीं मार्केट का भाव
07:24कहीं पॉलिशन कंट्रोल बोर्ड का भाव
07:28कहीं सरकार की उदासीन था
07:33कहीं सुवधाओं का और कनेक्टिविटी का भाव
07:40उस हतासा और निरासा को देख करके हमें भी लगता था
07:44क्या हम इसको आगे बढ़ा पाएंगे
07:48और उसी समय जा हम लोगों ने इसका सर्वे करवाया था
07:51तब हम लोगों ने उत्तरब्रदेश के
07:53MSME उद्यम को एक पैचान देने का काम किया था
08:00वन डिस्टिक वन प्रॉडक्ट यहीं से प्रारंब होता है
08:06थिरोजाबाद का ग्लास
08:11मुरादाबाद का ब्रास
08:16अलीकड का हार्डवेर
08:20लखनों की चिकन गारी
08:23मेरट का स्पोर्स आइटम
08:28साहरनपूर की लकडी की कारीगरी
08:32भदोई का कालीन
08:35वारानसी की रेशम की साड़ी
08:38गोरकपूर का टेरा कोटा
08:42सिदार्थ नगर का काला नमक चावल
08:4957 जनपदों में
08:51जब हमने इसका सर्वे करवाया
08:52तो यूनिक प्रोड़क्ट हमें मिला था
08:56तो मैंने उस समय के अपने अधिकारियों से का
08:58मैंने का इसका एक सेल गठित करो
09:00एक टीम इसके साथ लगाओ
09:02और हर जिले की एक प्रोड़क्ट को
09:04जो सेस 18 जनपद हैं
09:06इनको भी एक पैचान के साथ जुड़ो
09:10और फिर 75 जनपदों के लिए
09:13एक यूनिक प्रोड़क्ट हमने दिया
09:14जैसे मतुरा में हम हैं
09:17तो मतुरा में
09:19ठाकुर जी की पोसाग को
09:20हमने वन डिस्टिक वन प्रोड़क्ट का हिस्सा बनाया था
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