00:00अमेरिका में RSS पर सबसे बड़ा राजनीतिक दाओं खेला गया है
00:04करीब 90 अमेरिकी निताओं ने सांसदों ने एलान कर दिया है
00:09कि वेर RSS से जुड़े लोगों या संस्थाओं से चुनावी चंदान नहीं लेंगे
00:14दिल्चस्प बात ये है कि इस सुची में भारतिये मूल के सांसद रोख हन्ना और प्रमिला जैपाल भी शामिल है
00:22लेकिन इस फैसले ने अमेरिका में हिंदू संगठनों और निताओं के बीच नई बहस छेड़ दी है
00:28उन्नेस अगस को RSS प्रमुक मोहन भागवत नियोक के मेडिसिन स्क्वाइर गार्डन पहुचे थे
00:33वहाँ उन्होंने युनिवर्सल ओननेस यानी वैश्विक एक्ता और अंतरधार्मिक समवात पर बात की थी
00:40मोहन भागवत ने कहा था कि जो हिंदू ये मानता है कि मुसल्मानों को भारत से बाहर निकाल देना चाहिए
00:48वो हिंदू नहीं रह सकता
00:50मोहन भागवत के नियोक में कारिकरम से पहले ही विवादों में गिर गया था
00:55क्योंकि तब नियोक के सिटी मेर जोहरान ममदानी ने इस कारिकरम का कड़ा विरोध किया था
01:01लेकिन उनके कारिकरम के दो दिन बाद दो अमेरिकी संगठन हिंदूज ओफ यूमन राइट सेक्शन और सेकरड एक्ट्स ने एक
01:10नया अभियान शुरू कर दिया है
01:1231 अगस्त को जारी संकल्प में नेताओं ने वादा किया कि वे RSS से जुड़े लोगों से चुनावी फंड नहीं
01:20लेंगे
01:20अगर पहले ऐसा पैसा मिला है तो उसे वापस करेंगे या लोगतंत्र से जुड़े संगठनों को दान दे देंगे
01:27इस छे पन्नों के संकल्प पत्र में अमेरिका के आठ राज्यों के सांसदों, विधायकों, मेरों और उमिद्वारों ने हस्ताक्षर किये
01:37हैं
01:37सबसे चर्चित नाम है प्रमिला जैपाल, रोह खन्ना, रॉबिन केली और मिशिगन थे सिनिट उमिद्वार अब्दुल एल्च सेयद
01:45प्रमिला जैपाल ने कहा कि RSS लोगतंत्र को कमजूर करने वाला संगठन है
01:50वही रोह खन्ना ने दावा किया कि उन्होंने RSS से जुड़े करोवारी की ओर से
01:55मिले च्छासट सौट डॉलर का चंदा वापस कर दिया है
01:59यहीं से विवास शुरू हो गया
02:01हिंदू अमेरिकन पॉलिटिकल एक्षिन कमिटी यानि HAPAC ने इस अभियान को हिंदू विरोधी और भेदवाव पूर्ण बताया
02:10संगठन का कहना है कि सिर्फ हिंदू अमेरिकी दानदाताओं को निशाना बनाना गलत है
02:15वहीं हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने भी इसे अन अमेरिकन बताया
02:20उनका तर्क है कि अगर सिर्फ हिंदू समुदाय के चंदे की जाच होगी
02:24तो यह समान वेभार के सिद्धान के खिलाफ होगा
02:27फिलहाल यह कोई सरकारी कानून नहीं है
02:29यह नेताओं का खुद से लिया गया संकल्प है
02:32लेकिन इससे साफ है कि मुहन भागवत का अमेरिका दोरा
02:36अब अमेरिकी राजनीती तक पहुँच गया है
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