00:00एक बोलो जो पॉजिटिव तरीके से समाज की शक्ती को राष्ट की शक्ती में बदलते हैं।
00:12दूसरी प्रजाती उन लोगों की है जो कोई भी काम शुरू होने पर नाराज फूफा बन जाते हैं।
00:25भारत ने ऐसे सारे फूफाओं को जवाब दिया।
00:33केंपस के बाहर एक नई दुनिया आपको मिलेगी।
00:40आपको दो तरह के लोग मिलेंगे।
00:44एक बो लोग जो पॉजिटिव तरीके से समाज की शक्ती को राष्ट की शक्ती में बदलते हैं।
00:58दूसरी प्रजाती उन लोगों की है जो कोई भी काम शुरू होने पर नाराज फूफा बन जाते हैं।
01:18उनका फेवरिट काम होता है हर काम का बिरोध करना।
01:25इनका एक ही डायलोग होता है इसकी क्या जरूत है।
01:34इसकी क्या जरूत है।
01:36यह हर फूफा बागे प्रमनेंट डायलोग होता है।
01:40जब हम दुनिया का सबसे बड़ा स्टेच्यू बना रहे थे, तो फूफा जी ने कमरकस ली, कहा इसकी जरूरती क्या
01:52है, हमने हाइस्पिट ट्रेन पर काम शुरू किया, तो फूफा जी फिर बोले, इसकी जरूरती क्या है, हम यूपी आई
02:03लेकर आए, तो यही फूफा लोग
02:06को कहते थे, वाइ यूपी आई, यूपी आई की जरूरती क्या है, हमने चीप बनाने की बात किये, तो फिर
02:16कहा गया, कि जरूरती क्या है, हमने नई पार्लेमेंट बिल्डिंग बनाई, तो यह फिर बोले, इसकी जरूरती क्या है, हमने
02:31देश के लिए मरने मिटने वाले,
02:34सर्वस्रेट बलिजान देने वाले
02:37हमारे वीर सेना नायकों का
02:41मेमोरियल मनाया
02:42फुफा भी मैदान में आ गए
02:44इसकी क्या जरूरत थी
02:50लेकिन भारत ने
02:53ऐसे सारे फुफाओं को
02:57जवाब दिया
03:03जो देश के लिए जरूरी है
03:07वो भारत को करने से
03:09कोई रोक नहीं सकता
03:29भी मैं में
03:29जर जर दिए
03:29में में आ एक लिए
03:29झाल झाल
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