00:01जहारखन की राजनीती से इस वक्त बहुत दुखत खबर सामने आई है।
00:30हमारे प्रेय सुदव्य कुमार सोनु जी के निधन का दुखत समाचार मिला। इस खबर को स्विकार कर पाना मेरे लिए
00:35बेहत कठिन है।
01:00सत्ता पक्ष के साथ साथ विपक्षी निधन पर दुख जताया।
01:04सुदव्य कुमार सोनु जहारखन मुक्ति मोर्शा के वरिष्ट और समर्पित निधाओं में गिने जाते थे।
01:09वर्तवान सरकार में उनके पास काई महतुकूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी।
01:13सुदव्य कुमार सोनु के अचैनक निधन की खबर जैसे ही सामने आई गिरडी से लेकर पूरे जहारखन में शोक की
01:18लहर दोड़ गई।
01:19परसों उनसे मुलकात हुई थी। लगवक आदर घंटे की बाचित हुई।
01:29और आज आपके कैमरे के सामने उनके चले जाने का दुख व्यक्त करना पड़ रहा है।
01:41यह प्रकृति की कैसी नियती है। एक व्यक्ति जो राजिनी थी और समाज का धरुहर था।
01:54इतना जल्दी चला गया। बहुत दुख हुआ।
01:59पीड़ा हुई। चुकि सुदिब सुन्यूं मेरी नजर में एक अच्छे व्यक्ति थे।
02:07बिवार कुशल भी थे। और मुझे याद है कि जब मंत्री बने थे।
02:15तो मुझ से मिलने के लिए मेरे आवास पर आये थे।
02:20बहुत सी बाते हुई। उन्होंने कहां कि छड़ा गाइडलाइन करते रहिए गाय।
02:24तो मुझे राजनीतिक बिवाद अलग हो सकते हैं।
02:33लेकिन उस व्यक्ति के साथ मेरा विधान सुवा के अंदर तर्क वितर्क भी होता था।
02:39लेकिन व्यक्ति ने कभी मरयादा नहीं लागी।
02:43देखे, बहुत ही दुखत कबर है।
02:47सुबह सुबह ये सुनने को मिला।
02:49इस से दुखत कबर साथ।
02:53इस पूरे वर्स कही है, कुछ पिछले वर्स के में नहीं मिला होगा।
03:00मेरे बहुत मजदी की साथ ही थे।
03:04जब भी कोई गड़बंदन की बात होती तो हम और वो मिल करके तैक करते थे।
03:10सुभाविक है, जो कि शुदीप सुनू।
03:13पुलिटिकल पार्टी में भले अलग रहे हो लेकिन एक तो हमारे स्वाहर के थे।
03:19प्रारम से एक प्रकार से जान पाचान परिचित थे।
03:25मैं कह सकता हूँ काफी दिलेर रहे हैं।
03:33अच्छानक इस प्रकार के मिर्तियों होना परिवार के लिए तो सौक्ट होता ही है।
03:42लेकिन समाज के लिए भी और आम जान भी जो उनसे परिचित रहे होंगे तो सबों के लिए बड़ी अच्छानक
03:51से लगता है कि ऐसा भी हो सकता है।
03:53एक सक्रिय राजनितिक जीवन का अच्छानक इस तरह खत्म हो जाना पूरे जहारखन के लिए गहरे सदमे की खबर है।
03:59कल तक जो नेता सरकार में महतुपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे आज उनकी तस्वीर के सामने लोग शंधाजली दे रही
04:06है।
04:06सुदव्य कुमार सोनू के निधन ने जहारखन की राजनिती में एक ऐसी रिक्ता छोड़ दी है जिसे भरना आसान नहीं
04:12होगा।
04:12उनके समर्थक, पार्टी कारकरता और राजनितिक साथी उन्हें उनके संगष, संगठन के प्रती समर्पन और जहारखन के लिए किये गए
04:21योगदान को याद कर रही है।
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