00:00नमस्ते आचारी जी जैसे सिख धर्म में मूर्ती पूजा मना किया गया है लेकिन गुरू ने पांच कक्ये दिये केस
00:08किरपान और उसके उपर उन्होंने हमें पगड़ी भी पहनने को दी कि तुम हमारे जैसे ही दिखो तो ये भी
00:15एक तरीके से देखा जाए तो मूर्त का यू
00:29बात विधी है मन्जिल नहीं है राह है अगर मुसाफिर इमानदार हो मन्जिल नहीं है मूर्ते इसलिए होती है फिर
00:43बाल रहा हूं उसको आप मिरर की तरह इस्तेमाल कर सको और यही काम गुरू का भी है गरंथ का
00:50भी है देवाले का भी है सबका यही काम है और अगर आप इम
00:58जंगी, आपके घर, आपकी जिंदगी के हर विशय का यही काम होना चाहिए कि वो आपके लिए मेररगी तरह काम
01:05करें, मूर्त का प्रयोग सब को करना पड़ेगा, क्योंकि जगत ही मूर्त है, पुस्तक भी मूर्त है, शब्द भी मूर्त
01:16है, धोनी भी मूर्त है, दिशा भी म�
01:21तो कौन मूर्थ से बच के भाग सकता है? सिर्फ चेहरे ही थोड़ी मूर्थ है. सब कुछ ही प्रतिमा है
01:28भाई. मूर्थ से बच के कौन भाग सकता है? जो लोग बोले नहीं, नहीं, नहीं, आइडल वर्शिप इस अ क्राइम.
01:33वो पंगले जानी नहीं रहे हैं कि everything is an idol.
01:36How can you escape an idol?
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