00:00करके दिली पुलिस फायर डिपार्टमेंट की टीम और तमाम जो सिविक एजंसिया हैं वो यहाँ पर पहुंची थी और सीधे
00:06में आपको तस्वीर यहाँ पर दिखाता हूँ यह दस्तर पर यहाँ पर काम जारी है छे से साथ घंटे हो
00:12चुके हैं ग्यारा जो लोग हैं उनको �
00:15रेस्क्यू किया गया जिन में से तीन के मौत हो गई है बाकी जो अस्पताल में भरती है वो भी
00:20काफी गंभी रूप से गायल है क्योंकि जब यह पूरी जो विल्डिंग गिरी है उस मलवे में कई दब गए
00:26हैं और जो मलवा था वो उस तरीके से और कई अधिकारी यहाँ प
00:45ग्राउंड जीरो से आज तक ने एक-एक स्टूडेंट से हाँ पर बातचीत की है और उसे जो समझ में
00:50आता है वो समझ में ही आता है कि करप्सन की वजह से यह हाथसा हुआ क्योंकि 40 साल 50
00:57साल पूरानी यह इमारत थी जरजर इमारत थी छात्रों को लालज दिया जाता था प
01:14पर किली की सीएम आई थी उन्होंने दावा किया कि सक्ट से सक्ट एकसन लिया जाए गा लेकिन हमें और
01:19सभी को मानूम है कि एकसें की नाम पर क्या होगा क्या कि cd के अधिकारी ayuda क्या हो
01:32होगा यह देखने वाली बात होगी छे से साथ घंटे हो चुके हैं रेस्क्य ओप्रेशन की तस्वीरे अलिल जैसवाल आपको
01:39यहां पर दिखाएंगे बड़ा-बड़ा मलबा जिला यह दिखाईए अब यह मलबा किसी सक्स के उपर गिरे तो उसकी क्या
01:45हालत होगी यह बड़
01:58मंतरी रेका गुपता वो खुद घटना साल पर कई घंटों तक रही और उसके बाद वो असपाताल की तरफ निकले
02:03लेकिन इस पीच में उन्होंने यह भरुसा जरूर दिलाया है कि जो इमारत का मालिक है वो गिरफतार होगा जो
02:08भी जिम्मेदार होगा उसको बक्षा नहीं
02:32आपके बच्चों की जान है और कोई भी कल्पिट छोड़ानी जाएगा खास करके यह जिसका मकान है जो यहां पे
02:44बिल्डिंग छोड़के भाग गया जो की अंदर कुछ कंस्रक्शन कर रहा था बेस्मेंट में पुदाई कर रहा था और जिसकी
02:50वजए से जो पिलर है वो डि
02:55तो किसी को भी बच्चा नहीं जाएगा चाहे वो कोई भी हो और जिसके कारण से यह हादसा हुआ है
03:01सबको सजा भुगत नहीं पुदाई
03:23डिल्ली में कितनी इमारतें इस तरह हादसे के इंतजार में
03:29आखिर कितने बेकतूर छात्रों की सिंदगी स्यादा किराय के लालच में इस तरह दाव पर लगाई जाती रहेंगी
03:36दिल्ली में लगातार हो रहे इन हाद्थों की जिम्मेदारी कब और कैसे तै होगी
03:41डिल्ली का सत्के निकेतर निलाका जहां पाँच मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया
03:47पहली नजर में ये आपको हादसा लग सकता है लेकिन ये हादसा नहीं बलकि लालच और लापरवाही के कॉक्टेल का
03:53नतीजा है
03:55क्योंकि जब 40 साल पुरानी इमारत को तीन की जगह 5 मंजिल तक अवैद बना दिया जाए
04:0040 साल पुरानी इमारत की जाँच करने वाला कोई नम बिल्डिंग के वेस्मेंट में पानी भरा होने के बावजूर काम
04:07किया जा रहा
04:07जबकि हाथसे के वक्त छात्र कमरों में मौजूद थे
04:10तो अब आप ही बताईए क्या इसे हाथसा कहना ठीक होगा
04:49इस हाथसे ने देश की राजधानी को एक बार फिर हिला दिया है
04:52लोग डरे हुए हैं क्योंकि वो जिन इमारतों में रह रहे हैं
04:55उनका भी ऐसा ही अन्जाम हो सकता है
04:57जैसा दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में दोपहर करीब तेड़ बजे इस इमारत के साथ हुआ
05:07बेस्मेंट में काम चल रहा था दो दिन से पानी भरा हुआ था
05:11और इसका क्या था कि अंडर कंस्ट्रक्शन था और आप कह सकते हो कि लीगली है
05:17क्योंकि यहां पर आलाउट है कि आप तीन मंजल से लेके पाच चाल मंजिल तक कर सकते हैं
05:22यहां यह बिल्डिंग थी पाच वी मंजिल तक और मैक्सिमम स्टूटिंट थे और एक पीजिस में तीन और चारी बच्चे
05:28रहते था हैं
05:29संडी की वज़े से स्टूटिच लोग यहां पर क्या करते हैं नीचे चाई की दुकान है बेट बटर लेने आते
05:35हैं यह बिल्डिंग इस वज़े से भी आब हम पर प्रेह करते कि कोई नुक्सान ना हो
06:02इमारत ढहते ही यहां अफरा तफरी मच गए धूल के गुपार में पूरे इलाके को घेर लिया
06:08मैं आपको तश्वीरे दिखाऊंगा यहां पर आप देखें यहां लोकल्स की मदद से यहां यह पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा
06:15रहा है
06:16NDRF को भी इस वक्त बुला लिया गया है NDRF की भी एक बटालियन जो है एक टीम जो है
06:21वो इस वक्त यहां पहुंच गई है और अभी धीरे धीरे वो यहां पे स्पोर्ट पे पहुंचने कोशिश कर रहे
06:25हैं लेकिन आप देखें कि कितनी भारी संख्या में जो यहां लोकल्स
06:28हैं वो लोकल जो हैं यहां मदद कर रहे हैं अब ही यह बड़ी मशीने हैं जो कटछ़ हैं यहां
06:39पर फार डेपार्टर की टीम जो है वो इस वक्त यहां आई है और यह पांच मंजिला इमारत बताई जा
06:44रही है अगर आप तष्विरों में थोड़ा और अक्लारिटी से दे�
06:58बॉइस होस्टल में जो है ये पूरा हाथसा हुआ है
07:04बिल्डिंग गिरने के बाद स्थानी ये लोग तुरंत मौके पर पहुँचे
07:06कुछ हथोड़े से मलबा हटाने लगे
07:11आपको दिखा दूँ किस तरीके से रेस्क्यू जो है वो यहाँ पर किया जा रहा है
07:14ये एक गाड़ी है जो कि बिल्डिंग के पास खड़ी की जब बिल्डिंग कोलैपस हुई
07:18तो उसकी हालत देखिए कि किस तरीके से इस पूरी गाड़ी के उपर बिल्डिंग का जो मलबा है
07:23वो भर-बर आकर के गिरा पूरी गाड़ी जो है वो यहाँ पर खतम हो चुकी है अब इसको जेसीबी
07:28की मदद से जो है वो यहाँ से हटाया जा रहा है आप यह समझिए कि जब मैं यह समझाने
07:33की कोशिश इसलिए भी कर रहा हूँ कि यह तस्वीरे देखने के लिए इसलिए मै
07:36क्योंकि जब यह बिल्डिंग कोलैप्स हुई तो मलबा सोचे उस बिल्डिंग के अंदर कई सारे लोग थे और उनकी हालत
07:43क्या रही होगी जब यह बिल्डिंग क्यों तरीके से कोलैप्स हुई जब गाड़ी की हालत इस तरीके की है
07:50सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्स्टी के साउथ कैंपस के पास बसा प्रमुख छात्र इलाका है
07:56यहां बड़ी संख्या में छात्र पी जी और हॉस्टल में रहते हैं
07:59इलाके में कई छात्र आवाज
08:02JCB के अगर बात करें तो यहां पर JCB चलाना खत्रे से खाली नहीं हो सकता
08:07क्योंकि अभी ये नहीं पता है कि आखिर कितने लोग फसे हैं
08:11और कौन-कौन से जगे फसे हैं
08:12अगर JCB से मलवा हटाने के चकर में कुछ और लोग जो फसे हैं
08:17जो शायद injured हो बस उनकी भी जान पर बना सकती है
08:21और इसलिए JCB का अगर हम देखे तो जादा इस्तमाल ऐसे situations में नहीं किया जाता
08:26और जो precise heavy tools होते हैं जैसे बड़े drillers होते हैं
08:30steel cutting machines होती हैं उनका इस्तमाल किया जाता है
08:40अभी इनी technology का इस्तमाल करके जो ऐसी locations हैं
08:43जहां पर यह समझ आ गया है कि यहां पर लोग नहीं फसे हैं
08:45जो building के बाहर की locations हैं
08:48वहाँ पर अब JCB की कारवाई जो है वो शुरू होते भी दिख रहे हैं
08:51और building के बाहर जहां गाडियों पर जो मलवा गिरा था
08:54उनसे अब मलवा हटाना शुरू किया जा रहा है
08:56लेकिन building जहां पर थी जहां लोग फसे हैं
08:59वहाँ पर अभी JCB नहीं चलेगी
09:01वहाँ पर अभी metal cutters चलेंगे
09:03वहाँ पर अभी GPR लगाए जाएगा
09:05यह पता लगा जाएगा यह कहां कहां लोग फसे हैं
09:20क्योंकि यह जगे अब बिल्कुल भी safe नहीं है
09:23कहीं से भी मलवा और भी थोड़ा घिसाख सकता है
09:26और लोगों को injuries हो सकती है
09:28और लोगों को चोटा सकती है