- 6 weeks ago
क्या हैं भारतीय नौसेना की तैयारियां और चुनौतियां? नेवी चीफ ने विस्तार से बताया, देखें
Category
🗞
NewsTranscript
00:00आज तक सुरक्षा सभा में अब मैं मंच पर आमंत्रित करना चाहता हूँ अड्मिरल कृष्णा स्वामीनाथन नौसेना अध्यक्ष परम विशिश
00:10सेवा मेडल अती विशिश सेवा मेडल विशिश सेवा मेडल भारतिये नौसेना के अध्यक्ष और वो भी बेहद चुनोती �
00:18पूर वातावरण में हम उनसे बातचीत करेंगे कि भारत की जो सीमाएं हैं उनकी सुरक्षा आप कर रहे हैं सर
00:26स्वागत है आपका
00:31तो क्योंकि यहां पर इतने चात्र चात्रा हैं तो नौसे नाध्यक्ष पहले आपको संबोधित करेंगे और उसके बाद कुछ प्रशन
00:37उत्तर हम करेंगे सर स्वागत है आपका
00:52uh distinguished veterans
00:59sanmanet leaders founders and ceo's members of the media most importantly
01:04देश विदेश से लाइव देख रहे हुए मेरे साती भारतियों and your children, मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूँ
01:17कि आपने मुझे आज इस महत्वपूर्ण मंच पर अपने विचार रखने का आफसर दिया है.
01:23भारतिय नावसेना की शक्ती केवल उसके जहाजों, पंडूवियों और विमानों में नहीं है. उसकी सबसे बड़ी शक्ती है देश का
01:36उस पर विश्वास.
01:38और आज आज तक के इस मंच से मुझे इस विश्वास के बारे में आप से बात चीज़ करने का
01:45अउसर मिल रहा है. इसके लिए मैं आज तक और इंडिया टुझे ग्रूप का धन्याबाद करता हूँ.
01:54हम अक्सर भारत को एक लैंड पावर की रूप में देखते हैं. लेकिन अगर हम अपने इतिहास और अपनी एकॉनमी
02:03को देखें तो एक और तस्वीर सामने आती है. भारत जितनी भूमी से जुड़ा है, उतना ही समुद्र से भी
02:11जुड़ा है. भारत और समुद्र का रिष्�
02:14हजारों वर्ष पुराना है. लोतिल से म्यूजरिस तक, कलिंगा से चोला तक, कुंजाली मरकाज से कानोजी आंग्रे तक, भारत की
02:25सभ्यता, उसका व्यापार और उसका प्रभाव समुद्र से जुड़ा रहा है. हमारे पूर्वजों ने समुद्र को बाधा नहीं माना है,
02:35�
02:36उन्हेंने समुद्र को एक महद वपूर्ण अवसर माना है. करीब 11,100 किलोमेटर की कोस्ट लाइन और लगबग 24,000
02:47,000 स्क्वार किलोमेटर के एक्स्क्लूजिव एकनॉमिक जोन, ये केवल डेटा नहीं है. ये भारत के अवसर हैं, ये भारत की
02:56जिम्मेदारियां हैं और ये
03:06इकमात्र महासागर जिसका नाम किसी देश के नाम पर है, वह इंडियन ओशन है. लेकिन समुद्र के इंपॉर्टेंस केवल हमारी
03:14हिस्ट्री या जोग्रफी में ही नहीं है. समुद्र हमारे घर तक आता है. बले ही दिखाएं ना दें. हमारे देश
03:26के करीब 95 प्रतिश्यत व
03:36समुद्रों में कुकिंग गैस, किसान के लिए फर्टिलाइजर्स और इंड़ास्ट्रियस के लिए रौ मटिरियल इन सभी के सप्लाइचेंज समुद्र से
03:44जुड़ी हैं. और अब तो हमारी डिजिटल दुनिया भी समुद्र के नीचे गुजरती हैं. हमारे करीब 99 प्रति�
04:04बारत के सर्विसे एक्सपोर्ट इन सभी के पीछे समुद्र के नीचे फैले हुए एक नेटवर्क हैं. यहां तक कि इस
04:13आज तक कारिक्रम का यह ब्राटकास भी उसी ग्लोबल कनेक्टिविटी का एक हिसा है. आप समुद्र से कितने भी दूर
04:21हो, समुद्र आपके आपसे द
04:33मानी ने प्रदान मंत्री शिनरे निमोदी जी ने हाल में ही कहा था, जिस देश का समुद्र सामर्थ जितना मजबूत
04:40होगा, उसका आर्थिक और रननिदिक प्रभाव उतना ही शसक्त होगा. यही मेरिटाइम पावर का सार है, सुरक्षित समुद्र सक्षम भारत.
04:53लेकिन आ
05:01समुद्र में पैदा हुआ संकट, समुद्र तक ही सीमत नहीं रहता. रेट सी और वेस्ट एशिया के कॉनफ्लिक्स ने इसे
05:11बहुत स्पर्श रूप से दिखाया है. एक मारिटाइम क्राइसिस कितने तेजी से सप्लाइ चेंज, इनर्जी सेक्योरिटी और आम भारतिये के
05:20ज
05:31ग्लोबल एकॉनमी इंटरकनेक्टेड होने के वज़े से हम कॉन्फिक्ट के कॉन्सेक्वेंसे से दूर कभी भी नहीं रह सकते हैं. एक
05:41एल्पीजी कैरियर पैंतालीस से पचास हजार टन एल्पीजी लेकर भारत आ सकता है. या लग बतीस से पैंतीस लाग डुमेसिक
05:52एल्�
05:54पराबर है. अर्थात समुद्र से आने वाला एक जहाज करीब पांच लाख भारती परिवारों का एक साल की कुकिंग गैस
06:04की जरूरत पूरा कर सकता है. तो जब हम ये कहते हैं कि नेवी समुद्र की सुरक्षा रखती है तो
06:13इसका अर्थ केवल ये नहीं कि हम किसी जहाज की
06:17रख्षा सिर्फ एक जहाज की रख्षा कर रहे हैं. हम भारत की एकॉनमी की रख्षा कर रहे हैं. हम सप्लाइचीन्स
06:25की रख्षा कर रहे हैं. हम करोडों भारतियों का जीवन की निरंतरता की रख्षा कर रहे हैं. इसलिए विक्सित भारत
06:342047 के चर्चा में मैरिटाइम पा�
06:46उसका एक बड़ा हिस्सा समुदर पर भी लिखा जाएगा और इस बविश्य को सुरक्षित रखने में भारतिय नौसेना की भूमी
06:56का अत्यंत महत्वपूर्ण है।
07:16जिम्दारियां भी बढ़ रही हैं। इन्हें सरल चब्दों में जिम्दारियां हैं।
07:46हमारे सिटिजन्स, हमारी डायस्पोरा और हमारे नाशनल इंट्रेस्ट इनकी सुरक्षाग दायरा समुदर से बहुत दूर तक जाता है।
07:56इसी जिमादारे को निभाले के लिए हमारी नेवी का एक विजिन है जो हम अपने सेल्फ इमेज केते हैं
08:08यह केवल चार शब नहीं हैं, कॉमबाट रेडी, ट्रेडिबल, कोहसिफ और फ्यूचर रेडी, यह नेवी का स्टेटमेंट और सेल्फ इमेज
08:18हैं, जैसे हम रोज के काम से साकार करने की कुशिश करते हैं।
08:51आएए इसका मतलब में आपको समझा दूँ।
08:52पर फैल रहे हैं।
08:55ऐसे एंवायमेंट में हमारी सबसे बड़ी जिमेदारी है डेटरिंस।
09:00हमारी केविबलिटी और हमारी रिडिनस ऐसे हो कि किसी भी आडवरसिरी को बारत के विरुद कदम उठाने से पहले उसकी
09:12कीमत का एहसास हो।
09:14और यदी चुनौती फिर भी सामने आती है तो जवाब तेज और निरनायक हो।
09:22इस रिडिनस का एक बड़ा हिस्सा हेडलाइन में नहीं आता।
09:26जब देशवासी सो रहे होते हैं, हमारे शिप्स समुद्र में तैनात होते हैं।
09:32जब हम अपने घरों में रहोते हैं, हमारे सबमरीन अपने मिशन्स पे होते हैं।
09:38और जब हम अपने त्योहार परिवारों के साथ मनाते रहते हैं,
09:42हमारे सेलर्ज और ओफिसर्स समुद्र में ट्रेनिंग और अपरेशन्स के में लगे होते हैं.
09:48जब भी देश को नेवी की जुरुत हो,
09:52तब नेवी पहले से तयार होने चाहिए.
09:54यही हमारे लिए कौमाइट इडिनिस का मतलब हैं.
10:00दूसरा, क्रेडिबिलिटी.
10:02क्रेडिबिलिटी केवल वेपिन्स या प्लाटफॉर्म से नहीं आती.
10:05क्रेडिबिलिटी उस भरोसे का नाम है कि जरुषत के समय नेवी वहां होगा.
10:12हाल ही में वेस्ट एशिया में संक्ट के दौरान ऑपरेशन उर्जा सुरक्षा उसका एक उदाहरन है.
10:19जब मारिटाइम डूस पे खत्रा बढ़ा, भारत इना हुसेना ने एसेंचिल कार्गो लेकर भारत में आ रहे 32 मर्चिंट वेसल्स
10:28को सेफली एसकॉट किया.
10:29इन जहाजों पर 16,000 क्रोर रुपे से अधिक का जरूरी कार्गो था, यह केवल शिप्स को एसकॉट करना नहीं
10:40था, यह भारत की एकोनॉमिक सेकॉरिटी को सुरक्षित रखना था, यह हमारी सप्लाइचेंज को सुरक्षित रखना था, और यही हमारी
10:51कमिट्मेंट है, जब
11:01क्रेडिबिलीटी का अर्थ केवल सेकॉरिटी ऑपरेशन नहीं है, इसका एक पक्ष और भी है, फर्स प्रेस्पॉंडर, मियनमार में ऑपरेशन ब्रहमा
11:11हो, श्री लंका में ऑपरेशन सागर बंध हो, या यमिन और सुदार में एवाकुएशन ऑपरेशन हो, जब भी संकट
11:20आया, इंडियान नेवी ने सहायता पहuntचाई, कई बार केवल भारतिय नागरिकों के लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के नागरिकों
11:30के लिए भी, और मेरे ले यही एक महत्वन बात है, एक मजबूत नेवी केवल अपनी शक्ति दिखाने के लिए
11:39ही नहीं होती है, �
11:41वहाँ जरुरत के समय अपने शक्ति का इस्तमाल जीवन बचाने के लिए भी करती है।
11:47यही क्रेडिबल नेवी है जिस पर देश भरोसा करें और जो संक्रेट के समय सबसे पहले दिखाई दें।
11:57कोहसिफ, आज टेक्नोलोजी बहुत थेजी से आगे बढ रही है।
12:01हमारे वार्शिप्स, मौडरन सेंसर, वेपन, कम्यूनिकेशन और कॉम्बाट सिस्टम से एक्विप्ट हैं।
12:08लेकिन एक बात कभी नहीं बदलती, एक वार्शिप अपने आप नहीं लड़ता, उसके पीछे लोग होते हैं।
12:39इसलिए इंडियन नेवी की असली ताकत केवल उनके प्लाटफॉम्स नहीं है।
12:43उसके असली ताकत उसके लोग हैं।
12:47हमारे ओफिसर्स, सेलर्स, इंक्लूदिंग अगनी वीव और डिफेंस सिविलियन्स।
12:53टेक्नॉलिजी हमें केपबिटी देती हैं।
12:55टेक्नॉलिजी हमें।
12:58लेकिन उस केपबिटी को कॉम्बैट पाउन में बदलना हमारे साइनिक वो करते हैं।
13:04यह एक माइनसेट हैं, एक टीम हैं, एक नेवी हैं, एक उदेश हैं और एक देश हैं।
13:11और जब चारों एक साथ खड़े होते, तो केपबिटी एक फॉर्मिडबिल फोर्स में बदल जाती है।
13:21चौथा, फ्यूचर रेडी।
13:23टेक्नॉलिजी शायद आने वाले वर्षों में सबसे बड़ी चुनौती होगी।
13:29मैं इसे एक ट्रेडमिल की थरह देखता हूँ।
13:32एक ही जगह खड़े रहने के लिए भी लगातार दौड़ना पड़ता है।
13:39और अगर आपने दौड़ना बंद कर दिया, तो दुनिया आप से आगे निकल जाएगी।
13:44आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलिजी, अटॉनिमस सिस्टम्स, प्रिसेशन स्ट्राइक केबिलिटीज ये केवल टेक्नोलिजिकल ट्रेंज नहीं हैं।
13:53ये आने वाले समय के कॉमबाट एंवार्मेंट को शेप करेंगे।
13:57और नेवी जैसे टेक्नोलिजी इंटेंसिफ फोर्स के लिए ये और भी महत्वपूर्ण हैं।
14:03एक वाश्शिप को डिजाइन और बिल्ड करने में वर्शों लगते हैं।
14:07और वह दशकों तक देश की सेवा करती हैं।
14:11इसलिए आज की नेवी को केवल आज की टेक्नोलिजी के लिए ही नहीं बनाया जा सकता है।
14:18हम एक ऐसे नेवी हैं जो आने वाले कल को भी लगातार समझने की कोशिश करते हैं।
14:26इसी सोच के साथ टेक्नोलिजी डेवलिप्मेंट अक्सिलरेशन सेल, डिरेक्ट अफ इंडिजिनाइजेशन, नीश टेक्नोलिजी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स और इंड़स्री
14:36के साथ हमारे इंगेजमेंट आगे बढ़ रहा है।
14:40फ्यूचर रेडी होने के सबसे महत्पूर्पूर्ण हिस्सा आत्मनिर भरता।
15:09और न्यूकलियर सबमरीन दोनों को डिजाइन, बिल्ड और ऑपरेट करने की शम्ता है।
15:17एक ऐसा भारत जो टेक्नोलिजी के लिए केविल दूसरों की ओर देखती नहीं है।
15:23बलकि टेक्नोलिजी बनाता है, उसे अपने लिए इस्तमाल करता है।
15:29और आने वले समय में दुन्या के साथ साजा करने की शम्ता रखती है।
15:35हम आपनी डिफेंस टेक्नो इंडस्ट्री को और मजबूत करना है।
15:39हमें इनोवेशन को और तेज करना है।
15:42और हमें ऐसी केपिबिलिटीज विक्सित करनी हैं,
15:45जो आने वाले देशकों तक भारत की स्ट्रेटीजिक अटॉनुमी को मजबूत रखें।
15:50क्योंकि आदमन निर्वर्था का अंतिम उद्येश सिर्वर केवल अपने लिए बनाना नहीं है।
15:58बलकि अपने जरुरतों के लिए दूसरों पर निर्वर ना रहना।
16:02अपने फैसले खुद लेना और अपने राश्ट्रे हितों की जिम्हदारी खुद निभाना है।
16:09और यही फ्यूचर रेडी नेवी की दिशा है।
16:14तो कॉमबैट रेडी, ट्रेडिबल, कोर्सिफ और फ्यूचर रेडी चार शब्द लेकिन इनके पीछे एक बड़ा संग कल्प है।
16:22आज के भारत को सुरक्षित रखना, केवल कल के भारत को तयार रखना और भारत में आने वेले भविशे के
16:32निर्मान स्वायम लेना और स्वायम लेने की शक्ती देना।
16:41मैं आज तक के इस प्लाटफॉर्म से आप सभी को एक बात पूरा विश्वास के साथ कहना चाता हूँ, भारत
16:49ये नवसेना तयार है, हर समय, हर परिस्तिती में, हर चिनौती के लिए, जहां जहां भारत की हित होगा, वहां
16:58वहां हमारी जिम्मेदारी होगी, जहां कहीं भार
17:06जहां भारत ये संकत में होगा, वहां हमारी चिंता होगी, और जहां राष्ट्र को हमारी आवश्रता होगी, भारत ये नौसेना
17:13वहां खड़ी मिलेगी आपको.
17:20हमारा उद्देश केवल
17:22हमारा उद्देश केवल
17:24एक powerful navy का नहीं है
17:26हमारा उद्देश है
17:27एक सुरक्षित समुद्र
17:29एक सक्षम दाउसेना
17:31एक मजबूत maritime India
17:33और एक आत्मनिर भर विक्सित भारत
17:36और इस जर्णी में
17:37हमारे सबसे बड़ी ताकत
17:39कोई जहाज, कोई मिसाइल
17:41या कोई टेकनोलिजी नहीं है
17:43हमारे सबसे बड़ा ताकत
17:45है भारत
17:46भारत का विश्वास, भारत का संकल्प
17:50उसी विश्वास
17:51को अपनी शक्ति में बनाकर
17:54उसी संकल्प को
17:55अपनी दिशा बनाकर
17:56भारत ये न उसे न भारत की सुरक्षा में, सुरक्षा से भारत की समुध्री, समूरूदी तक, समुरुदी तक, हार परिसीती
18:06में, राश्च्री की सेवा में खड़ी रहेगी आपको.
18:09जाले हैं, बहुत-बहुत धन्यवद
18:26बहुत बहुत धन्यवाद अड्मिरल आपके लिए एक तरहां से देखा जाए तो पिछले कुछ महिने या यू कहें जब आप
18:35वेस्टर नेवल कमांड के भी मुख्या थे बिलकुल अगनी परीक्षा है
18:40ट्राइल बाइफायर क्योंकि अगर भारतिय नौसेना के बारे में मैं आपको बताओं तो आफ्रिका के पूर्वी छोर से लेकर मलाका
18:48स्ट्रेट और दक्षिन हिंद महासागर 35 लाख वर्ग किलोमीटर का इलाका आप उसकी सुरक्षा की जिम्मिदारी उठाते हैं
18:59कितनी बड़ी चुनोती खास्तोर पर इस समय जब जंग चल रही है और तनाव बढ़ा हुआ है
19:06सबसे पहले आपको मैं बहुत बहुत धन्यवाद कहना चाहता हूँ कि यह मौका आपनी मेर को दिया कि आके मेरे
19:14कुछ विचार आपके सामें रखू में
19:16जैसे सभी लोग जानते हैं हमारे जो सुरक्षा का बातावरन है वो अतना अनुकूल नहीं है जितना हम चाहते हैं
19:22हमारे देश के एर्दगर्द घाफी तराब है और भारत के जो अहुम पर्मारितायम पर के जो प्राम्री मैनिफेस्टेशन को के
19:33होने के नाधे हम लोग इसी तैयारी में हमेशा रहते हैं कि जब भी कहीं पर अनसर्टेंटी अन प्रेडिक्टिबीड हो
19:42हम वहां पर जाके
19:43stability लाएं जिस तरीके से हम से हो सकता है हम stability लाएं और खास करके पिछटे सालों में जहां
19:52पर वेस्ट एशिया में और गल्फ रीजिन में बहुत तना बढ़ गया है हमारे जो देश के हित हैं वहां
19:58पर बहुत सारे बहुत serious national interest है वहां पर तो हम वहां पर तैनाथ हैं एक professional force होने
20:07किनाते हम इन सारे चीजों को अची तरह के स्टाड़ी करते हैं और हमेशा हमारे यही कोशिश रहते हैं कि
20:16अगर global geopolitical trends को ठीक से सामझ लें हम और जहां पर लगता है कि कोई potential hot spot
20:23हो वहां पर हमारे जहाज पहले से pre-position हो ताकि अगर potential hot spot एक क्राइस में बदल जाता
20:30है तो हमको
20:32response time हमारा कम हो जाता है क्यूंकि हम वहां पर pre-position होते हैं थोड़ा बहुत वहां पर हम
20:38सायम ला सकते हैं आपने
20:39so we are pre-positioned, we are ready, we are a professional force, we have been raised for this purpose,
20:45we have been trained for this purpose, so we will align ourselves to the geopolitical environment and the security environment
20:51and serve the nation as best as we can
20:54और आप कर भी रहें, मतलब इस समय अगर आप देखें तो जहां जंग चल रही है, वहां मौत के
20:59मूँ से आप जिंदगी को खीच कर लाए है
21:02और भारत के आर्थिक जो हमारे इंट्रेस्स से उनको प्रोटेक्ट कर रहे हैं, चुनोतियों की अगर बात करें, तो कहा
21:09जाता है कि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी सामरिक महाशक्ती भी है, आर्थिक महाशक्ती भी है, ग्यारा एरक्राफ कैरियर नेवी
21:18भी है, लेकि
21:33कैसी पर बेरी
21:35लुच जाने हैं, सती है, ग्यारी एंटिक मतना हमें इंटिक यहाँ, एकिव पर पायसलै हैं तो
21:41कि यह ग्यारा व्लडेशन को कैसे संजें, आपने कई सम्झे, आज आपने प्रशेडरी को कैसे
21:55करते हैं, because geography is very very important and of course all kinds of capabilities
22:00are important.
22:01जब हम अपने force development करते हैं, तो हम इन सारे मुद्दों को अपने मन में रखते हुए हम करते
22:09हैं,
22:09क्यूंकि you cannot build a force that is isolated from your geography, from your geopolitical
22:14environment, from your security environment and from your threat perception.
22:18So you build a balanced force based on all of this and I think aircraft carriers, जहां तक
22:23aircraft carrier के सवाल है, उनने बहुती सफलता पूरवक कहीं अपने
22:29combat operations उन्ही aircraft carrier के जरिये से ही उनने किया है.
22:33क्यूंकि वो चोटा सा स्ट्रेट है, वो चोटा सा स्ट्रेट है, वो स्ट्रेट को डॉमने जो को स्ट्रेट हैं, जाहर
22:38है कि वो लोग वां पे तैनाथ हैं
22:40कि अरो लोग उसको आसानी से दोमिनेंट कर सकते हैं, तो अधो पॉंकि इस, वांच दो उनने में जाहरा हैं,
22:49तो अधो जोटा साथिस्ट चाहला है.
22:52for that intervention
22:52so it is a challenge
22:55geography will dominate a lot of strategies
22:58and one needs to understand that
23:00so it is a very very challenging moment
23:02but you know
23:03we have to just align ourselves with geography
23:06आपने बहुत बड़ी बात की
23:08कि geography
23:10decide करती है देशों की destiny
23:12और इसको हम क्या कहे
23:14कि geography ने decide किया है
23:15कि हिंद महासागर को हम
23:17dominate करते है
23:19पूरा ocean केवल इंडिया के नाम पर है
23:22हिंद महासागर ऐसी परिस्तिती में
23:25हमने state of hormones देखा
23:27आप अल्रीडी समय
23:28Red Sea के आसपास मौझूद है
23:30वहाँ भारत की
23:32हमारे हितों की सुरक्षा के लिए
23:34दूसरी तरह अगर हम जाए
23:36और यहाँ पर शाए ऐसे 8 से 10
23:38चोक पॉइंट्स हैं
23:40जो हम बहुत बड़ी भूमे कमान निभाते हैं
23:43ऐसे में मलाका स्ट्रेट्स हुआ
23:45सुन्दा स्ट्रेट्स हुआ
23:46लॉंबुक वो हुआ
23:47वहाँ पर क्या हमको और अपनी
23:50मजबूती बढ़ानी की आवशकता है
23:53सबसे पहले तो हम अपनी जोग्रिफी को बहुत अची तरेके से समझते हैं
23:57और हम यह भी समझते हैं कि हिंद महासागर में जो
24:00एंट्री और आक्सेस मिलता है वो सिर्फ चोक पॉइंट्स से मिलते हैं
24:04सिर्फ अभी नहीं हम दर्शकों से कहते आये हैं
24:07खोड़ी, Indian Ocean is a strategic center of gravity of the world attention
24:14and these chalk points are very, very important.
24:17So, in all our assessments of our own rules, our own responsibilities, our own force levels, our own
24:22deployment patterns, हम सारी जो को माइना देते हैं, बहुत मामाइना देते हैं
24:27और भरती नहुसाना का एए को जिसको हम missing-based deployment
24:34कहते हैं कहीं सालों से इस इस का हम इस इस फिलासिफी का हम इस्तमाल कर थेए हैं
24:37और इस फिलोसिफिक के अंतरगत हम लोग कहीं मिशिंस को हमने इंटिफाइ किये हैं
24:45on many of these points, potential hotspots, potential important places हैं
24:50और वहां पे हम मिशिंबेस्ट डिप्लॉप्मेंट कर रहे हैं
24:53जैसे आपको पता है कि गल्फ अवेडन में 2008 से लेके लगातार हर रोज
24:58वहां पे एक भारतिय नवसेना के एक बहुती सक्षम यूनित तैनात है लगातार
25:04and that is a standing commitment
25:06Gulf of Oman के पास भी हमारा एक बहुती सक्षम प्लाटफॉर्म हमेशा ही तैनात है
25:11that's also a standing commitment
25:12और जाम पर भी जरुरत पड़ेगी वहां पर हम हम दिप्लॉइ करेंगे
25:17यह हमारा काम है
25:18we have been raised for this, we have been trained for this
25:20and this is our purpose, we will fulfill it
25:23बहुत सुंदर बाद आपने कही और बिल्कुल सही है
25:26जिस तरह से डिप्लॉइड है
25:29आप एर्क्राफ्ट कारियर की बात कर रहे हैं
25:31तीन एर्क्राफ्ट कारियर निवी का हमारा सपना है
25:33एक चोथा एर्क्राफ्ट कारियर हमारे पास
25:36अल्रेडी है क्या उसको और मजबूत करनी क्या आपशकता है
25:42ग्रेट निकुबार आइलेंड प््रोजेक्ट आपकी
25:44उसके बारे में क्या सोच है
25:47उसके बारे मेरे मेरी यह सोच है
25:50कि
25:50we have to fight to our advantages.
25:53जहां पर भी, जहां पर भी जेओग्राफिया हम परम पूरा पूरा लाउडाव उचाहिए.
26:00जो अर्दम destroyed was के लिजा है जो अधोड इंपाथी क्यां कå हे अधाना को लाव क्याए बाहती है ह।
26:04और हमारे रीच बहुत बढ़ाते हैं तोर्ज साओधी इस्या, Malakka स्ट्रेट, साओचाना सी और पैसिफिक.
26:13So, यदि वो हमारे रीच बढ़ाने का वो इंपॉर्टन रोल निबाते हैं, तो जरूर हमको उसका अड्वांटेज लेना ही चाहिए.
26:22Is that a fourth aircraft carrier? कुछ लोग ऐसे कहते हैं कि it's a fourth aircraft carrier.
26:27मैं नहीं मानता हूँ, मैं सिर्फ मानता हूँ कि वो एक जोगरिफिक लोकेशन है, जो हमारे ले बहुत ही सारा
26:33strategic advantage देता है, और उस advantage को पुरा फाइदा हमको उठाना चाहिए, पुरा लाब उठाना चाहिए.
26:39But the main purpose of an aircraft carrier is to remain mobile.
26:45And हिन महासागर तो बहुत ही विशाल समुंदर है, और वां पे इससे बहुत हजारों किलोमेटर में चलते हैं.
26:52So to be effective, if you have a role in every part of the Indian Ocean region, then you need
26:57to be able to perform that role in every part of the Indian Ocean region.
27:01And to be able to perform that role in every part, you need to be mobile.
27:05And that's what an aircraft carrier does. An aircraft carrier brings a lot of capability that is mobile, that can
27:11pose a threat to the adversary at all parts.
27:13And I think it's important to make the distinction between what is static and what is mobile.
27:18What is static has its importance and we need to take advantage of that importance.
27:22But what is mobile cannot be replaced by what is static.
27:25So one more question, if we have a need to develop it from there, transshipment port, naval base,
27:36with our arthic power, samaric power, will it increase in your journey?
27:41In my journey, the international container transshipment terminal will be able to take the economic factors that we have to
27:51make the economic factors that we have to make the decision.
27:53Because there has to be a business model.
27:56There is no need to be a naval base.
28:16So as a naval officer, as a professional military man, I would say that having a military base there will
28:22be to a great advantage of national security.
28:32Sir, thank you very much.
28:34Thank you very much.