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  • 6 weeks ago
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर दुर्ग स्थित श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर में तीन दिवसीय लक्खी मेला 12 से 14 सितंबर तक आयोजित होगा। मुख्य मेला 14 सितंबर को रहेगा। मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को मंदिर परिसर में जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट काना राम की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी मौजूद रहे।

जिला कलक्टर ने बारिश की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। बारिश से बचाव के लिए मुख्य हम्मीर किला परिसर स्थित पार्क में जलरोधक तंबू लगाने के निर्देश मंदिर ट्रस्ट को दिए गए।
अवैध रास्ते पूरी तरह होंगे बंद
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए रणथम्भौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। खंडार, बोदल और उलियाणा की ओर से आने वाले अवैध रास्तों को पूरी तरह बंद रखा जाएगा, ताकि श्रद्धालु निर्धारित सुरक्षित मार्ग से ही मंदिर पहुंचें। मेला मजिस्ट्रेट, सहायक मेला मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त मेला मजिस्ट्रेटों के बीच बेहतर समन्वय के लिए वाई-फाई व्यवस्था भी की जाएगी। जलभराव वाले क्षेत्रों और जलस्रोतों के पास गोताखोर तथा एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी। रपट और अन्य संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। भीड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और वीडियोग्राफी होगी। गणेशधाम तिराहे और रणथम्भौर दुर्ग स्थित मंदिर परिसर में चौबीस घंटे नियंत्रण कक्ष संचालित किए जाएंगे।

बिजली-पानी और सड़क व्यवस्था रहेगी दुरुस्त

रणथम्भौर दुर्ग, जोगी महल से गणेशधाम तक निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए साइलेंट जनरेटर, तकनीकी जांच और विद्युतकर्मियों की टीम तैनात रहेगी। बारिश के दौरान बिजली से होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए विशेष सावधानी बरती जाएगी। बस स्टैंड सहित अधिक आवागमन वाले क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और गणेशधाम से जोगी महल तक सड़क को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के पानी की निकासी की भी व्यवस्था की जाएगी। सफाई व्यवस्था के लिए पूरे मेला क्षेत्र को नौ जोन में बांटा जाएगा। प्रत्येक जोन में सफाई कर्मचारियों की तैनाती होगी। सफाईकर्मियों को पहचान के लिए परावर्तक जैकेट पहनाई जाएगी। भंडारा स्थलों और मंदिर परिसर में पर्याप्त कूड़ेदान रखे जाएंगे तथा अस्थायी और चलित शौचालयों की व्यवस्था की जाएगी।
रोडवेज बसों में 50 प्रतिशत किराया छूट
श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए अच्छी स्थिति वाली अतिरिक्त रोडवेज बसें संचालित की जाएंगी। बसों में अधिक सवारी भरने पर रोक रहेगी। राज्य सरकार के निर्देशानुसार रेलवे स्टेशन से मेला पार्किंग स्थल तक निर्धारित 20 रुपए किराये में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। श्रद्धालुओं से इस मार्ग पर केवल 10 रुपए किराया लिया जाएगा। किराये में छूट की सूचना सभी बसों में स्पष्ट रूप से चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक, खाद्य सामग्री की होगी जांच

मेले को प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए पॉलिथीन, एकल उपयोग वाली प्लास्टिक सामग्री, प्लास्टिक के कप, प्लेट, चम्मच और दोने-पत्तल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। खाद्य पदार्थों, मिठाइयों, फलों और भंडारों में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें निरीक्षण और नमूने लेने की कार्रवाई करेंगी।
निर्धारित स्थान पर ही लगेंगे भंडारे
नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए मेले के दौरान भंडारे नगर निकाय सीमा से बाहर हेलीपैड से मुख्य सड़क के बीच स्थित निर्धारित खाली भूमि पर ही लगाए जाएंगे। इसके लिए पंचायत समिति से अनुमति लेना आवश्यक होगा। भंडारे नि:शुल्क रहेंगे, लेकिन प्रत्येक भंडारे के लिए निर्धारित अमानत राशि जमा करनी होगी, जो नियमों की पालना होने पर वापस कर दी जाएगी। भंडारा संचालकों को कचरा प्रबंधन के लिए चार कर्मचारी लगाने, पर्याप्त कूड़ेदान रखने और पॉलिथीन तथा अमानक कप, गिलास व दोने का उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। भंडारों में व्यावसायिक गैस सिलेंडर का ही उपयोग करना होगा।

चिकित्सा और दमकल दल रहेंगे तैनात

मेले के दौरान गणेशधाम और दुर्ग में चिकित्सा दल तीन पारियों में चौबीस घंटे तैनात रहेंगे। आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध रखने के साथ किले के नीचे और गणेशधाम पर एंबुलेंस तैनात रहेंगी। नगर परिषद की दमकल भी उपलब्ध रहेगी। सामान्य चिकित्सालय में आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त बिस्तर आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में उप वन संरक्षक मानस सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश राजोरा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहित कासनिया, मेला मजिस्ट्रेट गौरव मित्तल, नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया, मंदिर ट्रस्ट के प्रधान सेवक हिमांशु गौतम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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00:00The road has been done and completed the work from other people.
00:06All of the people are looking for the decision of the temple,
00:11you will not be able to do that route.
00:16Plus, the process of the process is done,
00:20whether there are medical facilities,
00:22whether there are facilities or facilities,
00:23We have to keep up with all of our knowledge.
00:27You will be able to follow up with your friends.
00:30You will be able to follow up with your friends.

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