00:00दिल्ली पुलिस का कहना है कि सत्य निकेतन में चल रहा ऑपरेशन खत्म हो गया है इसमें बारा को रेस्क्यू
00:05करवाया गया जिसमें नौच्छात्र और तीन मजदूर थे वही साथ लोगों की मौत हो गई है इस पूरे मामले में
00:11हॉस्टल मालिक उसकी पत्नी और बेटे को घि
00:42रफ्तार किया गया
00:45क्योंकि सत्य निकेतन में रहने वाले हज़ार उच्छात्र जानते हैं कि अगला नंबर उनका हो सकता है
00:53कल बहुती एक पैनिक सिचुएशन हुई तो बच्चों के लिए इसकेप के लिए कोई एमरजनसी डोस गेट्स कुछ भी नहीं
01:00है
01:00तो अगर कल को दूसरी पीजिस में भी कोई पैनिक सिचुएशन हो इतनी नारो गली आएं कि बच्चे कल को
01:07कोई पैनिक सिचुएशन हो तो वो कैसे निकलेंगे उनके लिए तो कोई एसकेप ही नहीं है
01:13सत्य निकेतन में रहने वाले ये च्छातर सरकार को खबरदार कर रहे हैं कि अगर भविश्य में वो ऐसी मुसीवत
01:19में फसे तो पचा भी नहीं पाओगे
01:23आप अंदर जाएंगे पतली-पतली गली आएं बहुत छोटी-छोटी सी गली आएं और ऐसी छे-छे मंजल पाच-पाच
01:30मंजल के बिल्डिक्स बना रखी हैं उसमें भी अंदर
01:4736 साल पुरानी इमारत के इस मलवे ने दिल्ली में हॉस्टल माफिया से एक बार फिर खावरदार किया है
01:52जो लालच के लिए बच्चों की जान से खिलवाल करने को भी तयार है
02:16अगर पैसे कमाने का लालच हॉस्टल डेज के मालिक हरी राम बंसल को नहीं होता तो इतना बड़ा हाथसा नहीं
02:22होता
02:22पुलिस ने भले इमारत के मालिक को ग्रफतार कर लिया हूँ लेकिन सच तो ये है कि सत्थ निकेतन इलाके
02:27में जानलेवा पीजी चलाने वालों की कमी नहीं है
02:37ये हॉस्टल डेज की बगल वाली इमारत है जो लोहे के पिलर के सहारे ठीकी हुई है
02:41अब भले ही इसे गिरानी की बात की जा रही हो लेकिन सत्थ निकेतन में इस तरह की मारतों की
02:46कमी नहीं है
02:50मेरा घर है मेरी इसेडेंट हूं का मैं रहता हूं भाज इसाब आपको दिखाते हैं अभी आपको अब हैं यह
02:58सपोट लगा रख ऊंजर एकून
03:00एक मेंट जी मैं आपको एक चीज़ बताओं ये पिलर है एडिशनल सपोर्ट के लिए हमने लगाया हुआ है तो
03:05ये सेफटी पॉपस पही लगाया हुए ना पिलर है यहां पर बिगहर पिलर के पांच मल जी कैसे बन जाएगा
03:10आप बता है लेकिन देखे आप देखे तस्वीर
03:38किसी में देरा नो पिलर्स तो ये सब भी बिल्डिंग्स का ये आप जाओगे अंदर आप देखना तो यही सेम
03:46कंडिशन तस्वीरे सक्ति निकेतिन इलाके का सच बता रही है चात्र कवाही दे रहे हैं लेकिन पैसों के लालच में
03:56अंधे हो चुके लोग इतने बड़े हा�
03:59सच पर परदा डालने से नहीं चुकते लेकिन सत्य निकेतन के सच को अब छिपाये नहीं जा सकते
04:08महस दस कदम की दूरी पर वो जगे है जहां पर बिल्डिंग पूरी निस्ता नाबूत हो गए और हम खड़े
04:15हैं बिल्डिंग नंबर 111 और 110 के बीच में ये दोनों बिल्डिंग आप देख रहे हैं इसमें कोई ताजूब नहीं
04:23है दोनों बिल्डिंग एक जरजर हालत में ह
04:25एक में थोड़ा बाहर से लीपा पोती हुई है सब पाच मंजला इमारत है अज तक समपताता मौसमी सी अब
04:36जिससत से देश को खबरदार करने जा रही है वो अफसर से लेकर सरकारों की नियत पर सवाल उठाता है
04:41जो इस तरह के हाथसों के बाद ही जागते हैं
04:47यहां की हकीकत जब आप एंटर करिए तो यहां दोनों बिलडिंग के लिए सिर्फ एक रास्ता है और वो रास्ता
04:54जिस पर हम लोग खड़े हो रहे बिलडिंग के भीतर आप आते सर पर आपको एसी मिलता है और यहां
05:00पर जाल मिलता है पूरे तार का तो देखें एक दो तीन
05:12यहां पर देखिए एक दो तीन चार पाथ छे वाटर मीटर्स भी पूरे लगें साथ लगें और यह बैलकनी देखिए
05:21टूटी फाटी बालकनी सारा सरीया बाहर निकला हुआ है और उसकी अलावा यह तार आप दिख रहें तो हमने बारा
05:28मिलकर यहां गिना तेरा चौदा पं�
05:3321 मीटर है यह बीम यहां नीचे तक पूरी हिली हुई है पूरी दिवार उपर से नीचे तक क्राक है
05:40यह जो आप लाइन देख रहे हैं यह तस्वीर है उस बिल्डिंग की जहां पे 50-60 बच्चे भेड़ बक्रियों
05:51की तरह कमरों में रह रहे हैं उपर सीलिंग देख लीजे
06:03उनों बिल्डिंग के लिए उसमें दोबाई खड़ी हैं सिर्फ एक बित्या का यह रास्ता है एक हाथ का यह रास्ता
06:11है अगर खुदा ना खास्ता कोई फायर या कोई दिक्कत होती है आई यह आपको दिखाते हैं यहां से उसके
06:17पावन हमारे कैमरमन हैं तो यह है रास्ता �
06:20उपर जाने का यानि कि और इससे जादा कुछ समान यहां पर दो लोग अगर खड़े हो जाएं तो चलने
06:29की जगे नहीं है रास्ता बंद हो जाएगा अगर कोई गिर जाए लड़करा के स्टामपीड हो जाए यहां पर पूरी
06:34स्टिवेशन ऐसी है अंदर ना खिड़की है ना
06:48हो रही थी जिसे लेकर M.C.D. और उसके अफसर जाग गए होते तो कई परिवार नहीं उचड़ते हैं
06:57बहुत डेंजरस है कभी भी हमारे साथ कुछ भी ढटना गट सकती है कभी भी आते जातесь हमाँ पर पानी
07:02टपकता रहता है पुरा
07:03सीलन है वो छज्जा जो आप देख रही है कभी भी गिर सकता है तमाम मीटर ये देख रही है
07:08कभी भी सौर्ट सर्किट हो सकते हैं तूटा फाटा है तूटा फूटा अब देखे अधर पुरा लटता हुए वायर देखे
07:14बहुत खत्रा है मैं ये मतलब बच्चों के जान के सा�
07:24कोई option नहीं है मजबूरी में हम यहां रह रह रहे हैं बहुत दूर दराज से बच्ची आया है दिलीविक
07:27से विदाले पास हॉस्टल नहीं है कि हम हॉस्टल में रह सके तो और इसका रेंट देखिए आप इतना महेंगा
07:32रेंट है एक बैट का ये पंदर पंदर अजार इसमे
07:48कि अपनी शर्तों पर अमान की हालत में चात्रों को रहने के लिए मजबूर किया जाता है देखे खिड़की की
07:55हालत यह है और आईए आपको दिखाते हैं जो अकॉमडेशन है आप यह है 25,000 का अलिशान अकॉमडेशन कोई
08:03खिड़की ना दर्वाजा उधर का भी बंद किया
08:06गया है बाहर देखेंगे तो एक और बिल्डिंग आपको नजर आजाएगी जाला वाला पड़ा हुआ है पर वाइरिंग पूरी है
08:1225,000 रेंट है आप देख लिए दो बच्चे तीन बच्चीस में रहते हैं और काफी महंगा है मैम और
08:17देख लिए बाहर इंफ्रास्ट्रक्�
08:33देखें ये छोटा किचिन है या सिलिंडर लगा हुआ है कोई एक्जिट नहीं है कोई एक्जोस्ट प्यान नहीं है दिल्ली
08:42में पिछले साल से अब तक 6 बड़े हाथ से हो चुके है फिर भी जानलेवा पीजी में रहने वाले
08:47छात्रों के सुरक्षा को लेकर कुछ भी नही
09:00सकता हुआ है
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