Skip to playerSkip to main content
  • 2 months ago
महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने कैसे अपने शरीर के साथ स्वर्ग की यात्रा की? जानिए युधिष्ठिर को छोड़कर रास्ते में एक-एक करके पांडवों के गिरने का रहस्य! सनातन धर्म के इस अनसुने और गहरे रहस्य को जानने के लिए वीडियो अंत तक देखें।
Transcript
00:05ुप्रुक्षेत्र के रक्तपात के बाद राजा युधिष्ठेर और उनके भाईयों ने महा प्रयान का मार्ग चुना।
00:11नियम था कि जो रास्ते में गिरा, वह अपने पापों और कमियों के कारण गिरा।
00:16सबसे पहले महारानी द्रॉपदी गिरी, क्योंकि उनका प्रेम अर्जुन के प्रती अधिक था।
00:21इसके बाद सहदेव गिरे, जिन्हें अपनी बुद्धिमत्ता और त्रिकाल दर्शिता का अहंकार था।
00:27फिर नकुल गिरे, जिन्हें अपनी अध्वितिय और बेजोर सुन्दर्ता पर बहुत घमंड था।
00:33चौथे स्थान पर महाबली अर्जुन गिरे, जिन्हें अपनी तीरंदाजी पर अभिमान था।
00:44ुदिश्थिर बिनारु के अकेले शरीर सहित स्वर्ग के द्वार तक पहुंचे।
00:49लेकिन स्वर्ग में प्रवेश से पहले उनके वफादार कुट्टे ने भी अपना असली रूप दिखाया।
00:54जह धर्म और कर्म की परीक्षा थी, जहां केवल निशकलंक आत्मा को ही स्थान मिला।
01:00सनातन धर्म के ऐसे ही रहसियों को जानने के लिए अभी लाइक और फॉलो करें।

Recommended