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  • 7 weeks ago
केरल के 'टाइगर मैन' के लिए जंगल सिर्फ कार्यस्थल नहीं है, बल्कि घर, कक्षा और आजीवन साथी है. पढ़ें बीजू गोपीनाथ की रिपोर्ट.

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Transcript
00:07जादतर लोग अपनी पूरी जिंदगी में किसी बाग को सिर्फ एक या दो बार ही देख पाते हैं
00:13लेकिन एक शक्स ऐसा भी है जिसके लिए जंगल का यहराजा हर रोज कसाथी है
00:18यह है कीरल के रहने वाले श्रीनिवासन
00:21साल 1999 में महस 16 साल की उम्र में एक पूल के नीचे से गुजड़ते बाग को देख कर उनका
00:28जीवन हमेशा के लिए बदल गया
00:30शुरुआत में जब उन्होंने अधिकारियों को यह बात बताई तो किसी ने उन पर यकिन नहीं किया और उनका मजाक
00:38उड़ाया गया
00:38लेकिन श्रीनिवासन ने हार नहीं मानी उन्होंने अपने चाचा से एक छोटा सा कैमरा उधार लिया और घने जंगलों में
00:46सबूत जुटाने निकल पड़े
00:48उनकी खीची तस्वीरे इतनी सटीक और कीमती साबित हुई कि साल 2010 में इस पूरे इलाके को आधिकारिक तौर पर
00:56टाइगर रिजर्व घोशित कर दिया गया
00:58इन वाइल लाइफ कैमरों की रख रखाओ के लिए वे आज भी हर दिन करीब 50 किलोमीटर पैदल चलते हैं
01:05पिछले 26 सालों में 2000 से भी जादा बार बागों का आमना सामना करने वाले श्री निवासन आज परंबिकुलम के
01:13असली टाइगर मैन है
01:15केरल से ETV भारत के लिए बीजू गोपी नाज की रिपोर्ट

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