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किस्मत का फैसला और लोहार का तकदीर - Kismt Ka Faisla Aur lohar Ka Takdir -Hindi Kahani - Cartoon
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01:23ुम्मीद के सहारे आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है
01:26देखो, सामने भठी है, पुराने आउजार है
01:29और काम करने के लिए मेरे हाथ है
01:31लेकिन मेरे पास अच्छी दुकान नहीं है
01:34नया सामान खरीदने के पैसे नहीं है
01:37और ना ही कोई ऐसा बड़ा ग्राहक है
01:39जो मुझे ज्यादा काम दे सके
01:40मैं चाहता हूँ कि एक दिन मेरा काम इतना बढ़ जाए
01:44कि तुम्हें किसी चीज़ की चिंता ना करनी पड़े
01:46लेकिन समझ नहीं आता कि शुरुआत आखिर कहां से करो
01:51शुरुआत हमेशा वहीं से होती है
01:54जहां इनसान खड़ा होता है
01:56आपको एक ही दिन में बड़ा आदमी बनने की जरूरत नहीं है
02:00पहले अपने काम को लोगों तक पहुँचाईए
02:03अभी आप केवल उन लोगों का काम करते हैं
02:06जो खुद आपके पास आते हैं
02:08क्यों न आप आसपास के गावों में भी जाकर लोगों से मिलें
02:12अपने बनाए हुए ओजार दिखाएं
02:14हो सकता है किसी को आपकी महनत पसंद आ जाए
02:18और आपको बड़ा काम मिल जाए
02:20मौका हमेशा घर बैठी नहीं आता
02:23कई बार हमें खुद उसके पास जाना पड़ता है
02:31अगली सुभर रघुनाथ जल्दी उठकिया
02:33उसने अपनी पुरानी भठी जलाई
02:36और लोही को गर्म करके कुछ नए ओजार बनाने लगा
02:41आज मैं केवल रोज की तरह काम करके दिन खत्म नहीं करूँगा
02:45अगर मुझे आगे बढ़ना है तो कुछ नया करना ही पड़ेगा
02:49मैं ऐसे ओजार बनाऊंगा जो मजबूत हो और किसानों के काम आए
02:53हमारे गाओं के ज्यादा तर लोग खीती करते हैं
02:57अगर उन्हें मेरे बनाए औजार पसंद आए तो शायद मेरा काम बढ़ सकता है
03:01पैसा कमाने के लिए सिर्फ ज्यादा काम करना जरूरी नहीं होता
03:05सही दिशा में काम करना भी जरूरी होता है
03:10रगुनाथ लगातार हथोड़ा चलाता रहा
03:13उसके हाथों में चाले पढ़ चुके थे
03:15लेकिन उसने काम बंद नहीं किया
03:24बस भी कीजिये रगुनाथ जी
03:26सुभा से लगातार काम कर रहे हैं
03:28आपने खाना भी ठीक से नहीं खाया
03:31और आराम भी नहीं किया
03:32मेहनत जरूरी है
03:34लेकिन शरीर का ध्यान रखना भी जरूरी होता है
03:37अगर आप ही बीमार पढ़ गए
03:39तो फिर ये घर और आपकी दुकान
03:41दोनों कौन संभालेगा
03:43थोड़ा आराम कर लीजिये
03:45फिर शाम को काम कर लेना
03:48सीता
03:49मुझे पता है कि तुम मेरी चिंता करती हो
03:52लेकिन आज मेरे मन में एक अलग ही उम्मीद है
03:55इतने वर्षों से मैं दोसरों के तूटे हुए औजार ठीक करता रहा हूँ
04:00अब मैं चाहता हूँ कि लोग मेरे बनाए हुए नए औजार खरीदे
04:05अगर आज मैं थोड़ा ज्यादा काम कर लूँ
04:08तो कल गाओं के बाहर जाकर कुछ लोगों को अपना सामान दिखा सकता हूँ
04:12शायद यही चोटी सी कोशिश हमारे जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आए
04:23कई घंटों की मेहनत के बाद
04:25रगुनाथ में कुछ कुदालें, दरांतियां और खेती में काम आने वाले ओजार तयार कर लिए
04:35अगले दिन वो अपना सामान लेकर पास की गाओं की ओर निकल पड़ा
04:46नमस्ते चाचा जी, मैं पास के गाओं से आया हूँ
04:49मेरा नाम रगुनाथ है और मैं लोहार का काम करता हूँ
04:53मैंने अपने हाथों से खेती में काम आने वाले कुछ हौजार बनाए हैं
04:58अगर आपको जरूरत हो तो एक बार इन्हें देख कर बताईएगा
05:02मैं ज्यादा पैसे नहीं मांगता
05:04बस चाहता हूँ कि मेरा सामान लोगों तक पहुँचे
05:07और अगर किसी को मेरे काम में कमी लगे
05:10तो वो मुझे साफ साफ बता दे
05:12ताकि मैं अपना काम और बहतर कर सकूँ
05:16बेटा आजकल बाजार में भी बहुत सारे औजार मिल जाते हैं
05:20लोग शहर से बना-बनाया सामान लेकर आते हैं और बेट जाते हैं
05:25लेकिन कई बार वो सामान कुछी दिनों में टूट जाता है
05:28तुम्हारा सामान देखने में तो मजबूत लग रहा है
05:31अगर तुम सच में अपने काम की जिम्मेदारी लेते हो
05:35If you are going to use one kudal, I will use one kudal. If this is good, I will give
05:41you another another.
05:43I will give you another one.
05:44Chaja ji, this is the only thing you can use.
05:48You can use this kudal. If you are going to use any kudal, then I will give you another one.
05:55I will always tell you that I will always be prepared.
06:03You can use this kudal.
06:05If you are going to use one kudal, then you will be prepared.
06:07If you are going to use one kudal, then you will be prepared.
06:14Raghunath has a day of 1000 kudal.
06:17He has paid more than one kudal.
06:18But he has the first time feeling that his kudal has been able to increase.
06:23He can do it with many kudal.
06:29The sita, today something good I have made.
06:32In the morning, I have sat with the complexities of a week.
06:34I have been happy with some kudal.
06:37Some kudal have found me.
06:39And some kudal came to me along.
06:41If it is a good kudal, then it would also be good to do.
06:46I have paid goods not bad.
06:48But I am in a world's confidence.
06:58।
07:49ुपनीव पर खड़ा होगा।
07:53गोविंद, मुझे उस रघुनात के बारे में पूरी जानकारी चाहिए।
07:58वो कहां कहां जाता है, किस से मिलता है और उसका काम कितना बढ़ रहा है।
08:04सब पता करो। मैं ये नहीं चाहता कि लोग अचानक उसे बड़ा कारीगर समझने लगे।
08:09अभी वो गरीब है और उसके पास ज्यादा साधन नहीं है।
08:13अगर सही समय पर उसे रोका जाए, तो उसका काम आगे बढ़ने से पहले ही खत्म हो सकता है।
08:21मालिक, आप बिलकुल चिंता मत कीजिए। मैं उसकी हर गतिविधी पर नजर रखूँगा।
08:26वैसे भी वो आदमी बहुत सीधा लगता है।
08:29शायद उसे अभी तक ये भी पता नहीं होगा कि व्यापार की दुनिया केवल महनत से नहीं चलती।
08:35यहां बड़े लोग अपने फाइदे के लिए कई तरह के तरीके अपनाते हैं।
08:40मैं पता लगाता हूँ कि उसकी सबसे बड़ी कमजोरी क्या है।
08:43फिर हम उसी कमजोरी का फाइदा उठाएंगे।
08:47उधर रगुनाथ अपने छोटी सी दुकान में लगातार काम कर रहा था।
08:53उसे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उसकी बरती महनत किसी दूसरे व्यक्ति को परेशान करने लगी है।
09:04सीता आज गाओं के बाहर से भी एक आदमी आया था।
09:08उसने कहा कि अगले मही में एक बड़ा व्यापार मेला लगने वाला है जहां आसपास के कई गाओं और शहरों
09:15के व्यापारी अपना सामान लेकर आते हैं।
09:17मैं सोच रहा हूँ कि अगर मैं वहां अपने बनाय आउजार लेकर जाओं तो शायद मुझे नए ग्रहक मिल सकते
09:23हैं।
09:24लेकिन इसके लिए ज्यादा सामान बनाना होगा और थोड़ा अच्छा लोहा भी खरीदना पड़ेगा।
09:30ये तो बहुत अच्छा अवसर है। लेकिन हमें सोच समझ कर फैसला लेना होगा।
09:36मेले में जाने के लिए आपको कुछ पैसे खर्च करने पड़ेंगे। और अगर वहां सामान नहीं बिका तो नुकसान भी
09:43हो सकता है।
09:44फिर भी मुझे लगता है कि जिंदगी में कुछ मौके ऐसे होते हैं जिन्हें डर की वज़ा से छोड़ना नहीं
09:50चाहिए।
09:50अगर आपका दिल कहता है कि आपको वहां जाना चाहिए तो जाईए। मैं घर संभाल लूँगी और आप अपने काम
09:57पर पूरा ध्यान लगाईए।
10:20और बाकी से अच्छा लोहा खरीदूँगा अब मुझे पहले से भी ज्यादा मेहनत करनी होगी।
10:28रगुनाथ ने मेले में जाने का फैसला कर लिया। उसने दिन रात मेहनत करके नए औजार बनाने शुरू कर दिये।
10:39दूसरी तरफ भैरव को जब इस बात का पता चला तो उसके मननी जलन और भी बढ़ गई।
10:46तो अब ये रगुनाथ मेले में भी जाने की तैयारी कर रहा है। इसका मतलब ये आदमी सचमुच आगे बढ़ने
10:54का सपना देख रहा है। अगर मेले में इसका सामान लोगों को पसंद आ गया तो ये मेरे लिए बड़ी
11:02परिशानी बन सकता है।
11:04नहीं, मुझे पहली ही कोई ऐसा रास्ता निकालना होगा जिससे ये आदमी अपनी ही सपने में उलच जाए। भैरफ के
11:13मन में एक चाल चल रही थी। जबकि रगुनाथ अपनी मेहनत में लगा हुआ था। उसे उम्मीद थी कि आने
11:21वाला व्यापार मेला उसकी जीवन की द
11:24दिशा बदल सकता है। मेले में जाने के लिए अब कुछ ही दिन बचे थे। रगुनाथ पूरी मेहनत से नए
11:30ओजार बना रहा था। लिकिन उसे नहीं पता था कि भैरफ उसके खिलाफ एक चाल चल चुका है।
11:41सीता, देखो मैंने अब तक काफी ओजार तयार कर लिये हैं। कुछ मजबूत को दाले हैं, दरांतियां हैं और खेती
11:49में काम आने वाले कई दूसरे सामान भी बना लिये हैं।
11:53अगर मेले में इनने से आधी भी बिग गए, तो हमारा काफी फाइदा हो जाएगा। मैं चाहता हूँ कि इस
11:59बार लोग मेरे काम को सिर्फ देखे ही नहीं, बलकि इस्तमाल करकी इसकी मजबूती को भी पहचाने।
12:23पर आख बंद करके भरोसा मत करना। जैसे जैसे इनसान आगे बढ़ता है, वैसे वैसे उसके आसपास अच्छी लोगों के
12:30साथ कुछ बुरे लोग भी आ जाते हैं।
12:53उसरों को गिरा कर आगे बढ़ने से अच्छा है कि इनसान अपनी मेहनत से खुद आगे निकले।
12:59रगुनात अपनी दुकान के पीछे बने छूटी से कमरे में तयार ओजारों को संभाल कर रखता था।
13:07उसी रात भैरव का साथ ही गोविंद चुपके से वहां पहुँच गया।
13:14भैरव मालिक ने सही कहा था ये रगुनात सचमुच मेले में जाने की पूरी तयारी कर चुका है।
13:21इतनी सारे ओजार अगर बिग गए तो इसका काम आगे बढ़ जाएगा।
13:26लेकिन मुझे सिर्फ यहां से सामान चोरी नहीं करना है।
13:29मालिक ने कहा था कि ऐसा करना है जिससे रगुनात खुद मुसीबत में फस जाए और लोगों का भरोसा उससे
13:36उठ जाए।
13:37गोविन ने चुपके से रगुनात की कुछ तयार ओजारों को नुकसान पहुचाने की कोशिश की। और फिर वहां से निकल
13:45गया।
13:50अगली सुबह रगुनात दुकान पर पहुचा तो उसने एक ओजार उठा कर देखा। उसमें कुछ गडबर दिखाई दी।
13:58ये क्या? कल राप तक तो ये कुदाल बिल्कुल ठीक थी। मैंने इसे अपने हाथों से बनाया था। लेकिन आज
14:06इसमें ये दरार कैसे आ गई। और ये दूसरी दरांती भी कुछ अलग लग रही है। क्या मुझसे काम करते
14:13समय कोई गल्ती हो गई थी?
14:15नहीं, मुझे अच्छी तरह याद है कि मैंने हर ओजार को ध्यान से जाचा था।
14:45अच्छी तरह जाच लीजिए। मेले में कोई खराब सामान चला गया तो आपकी महनत से ज्यादा आपकी नाम को नुक्सान
14:53होगा।
14:55तुम ठीक कह रही हो। नुक्सान पैसे का हो जाए तो फिर से कमाया जा सकता है। लेकिन अगर लोगों
15:02का भरोसा तूट गया तो उसे वापस पाना बहुत मुश्किल होता है।
15:06मैं एक एक ओजार दुबारा जाचूंगा। चाहे मुझे पूरी रात क्यों ना लग जाए। अगर किसी में जरासी भी कमी
15:14होगी तो मैं उसे मेले में नहीं जाओंगा।
15:20रगुनाथ ने कई घंटे लगा कर अपना पूरा सामान जाचा। उसे कुछ हौजारों में जान बूच कर की गई गडबडी
15:29का शक हुआ। लेकिन उसके पास कुछ सबूत नहीं था।
15:34सीता बात कुछ समझ में नहीं आ रही है। ये गडबडी साधारन नहीं लगती। जैसे किसी ने ओजारों को खराब
15:42करने की कोशिश की हो। लेकिन मैं किसी पर बिना सबूत के आरोप नहीं लगा सकता। अब जो भी हुआ
15:49हो मैं अपने बचे हुए सामान को दोबारा तयार
15:52करूँगा। मेले में खराब चीज लेकर जाना मेरे लिए सबसे बड़ी गलती होगी। यहीं समझदारी है। दूसरों की चाल में
16:02फसकर अपना समय खराब मत कीजिए। अगर किसी ने सचमुच आपका नुकसान करने की कोशिश की है तो उसे ये
16:10देखकर खुशी होगी कि �
16:11आप परेशान हो गए। लेकिन आप अपनी मेहनत से उस नुकसान को पूरा कर दीजिए। कभी कभी सबसे अच्छा जवाब
16:19लड़ाई नहीं बलकि अपनी मेहनत से सफल होना होता है। रगुनाथ ने अगले दो दिन लगातार मेहनत की। उसने खराब
16:30हुए ओजारों को अ
16:41अब सुभर अगुनाथ अपना सामान बैल गाडी में रखकर मेले की ओर निकल पड़ा। सीता, आज मेरे जीवन का शायद
16:49सबसे महत्वपूर दिन है। पता नहीं वहाँ क्या होगा और मेरा सामान कितना बिकेगा। लेकिन मैं इतना जरूर जानता हूँ
16:58कि मैंने अपनी त
17:03आत्मे नहीं है। तुम घर की चिंता मत करना। मैं कोशिश करूँगा कि शाम तक अच्छी खबर लेकर वापस आओ।
17:10आप बस अपने मन में डर मताने देना। वहाँ बहुत बड़े व्यापारी होंगे, बड़ी बड़ी दुकाने होंगी और शायद आपका
17:20सामान उनके सा
17:21दिखाई दे। लेकिन याद रखिएगा कि किसी चीज की कीमत उसके आकार से नहीं, उसकी गुणवत्ता से होती है। आप
17:31अपने काम पर भरोसा रखिए। भगवान करें, आज का दिन आपकी लिए नई शुरुवात लेकर आए।
17:48मेले में पहुँचकर रखुनाथ ने एक छोटी सी जगह पर अपना सामान सजा दिया। आसपास कई बड़ी दुकाने थी। उन्हीं
17:56में सी एक दुकान भैरव की भी थी।
17:59अरे वाह रखुनाथ, तु तुम भी यहां पहुच गए। मैंने सोचा था कि तुम अपनी छोटी सी दुकान में ही
18:06खुश हो, लेकिन लगता है अब तुम्हारी नजर भी बड़े व्यापार पर पड़ दी है। खेर कोशिश करना अच्छी बात
18:12है, लेकिन मेले में केवन म
18:15पहिनत से काम नहीं चलता, यहां बड़े व्यापारी आते हैं और उनके पास तुम्हारे जैसे छोटे कारीगरों से कहीं ज्यादा
18:22आनुभव होता है।
18:45बलकि सीखने और आगे बढ़ने का आफसर है।
19:24बाई यह कुदाल कितने की है। देखने में तो मजबूत लग रही है। लेकिन मैं पहले यह जानना चाहता हूँ
19:30कि इसमें इस्तमाल किया गया लोहा कैसा है।
19:33मुझे खेट के लिए ऐसी चीज़ चाहिए जो जल्दी तूटे नहीं।
19:36बाजार में कई बार पैसे देने के बाद भी सामान कुछी दिनों में खराब हो जाता है।
19:41आप इसे अच्छी तरह देखकर जाच सकते हैं।
19:44मैंने इसे मजबूत लोहे से बनाया है और हर हिस्से को खुद तयार किया है।
19:49मैं आपको ये नहीं कहूँगा कि मेरा सामान दुनिया का सबसे अच्छा है।
19:53लेकिन इतना जरूर कह सकता हूँ कि मैंने इसे पूरी इमानदारी से बनाया है।
19:58अगर इस्तिमाल करने के बाद आपको कोई कमी लगे ति आप मेरे गाउं आकर मुझसे जरूर कहिएगा।
20:04तुम्हारी बातों से लगता है कि तुम्हें अपने काम पर भरोसा है।
20:08ठीक है मैं ये कुदाल ले जाता हूँ। अगर ये अच्छी निकली तो अगले मही में मेरे गाउं के कई
20:14किसानों को भी ओजारों की जरूरत है।
20:16तब मैं तुम्हारे बारे लोगने जरूर बताऊँगा।
20:21धीरे धीरे रघुनात के पास ग्रहक आने लगे। उसके सामान की मजबूती देखकर कई लोग प्रभावित हुए।
20:49दोपहर तक रघुनात का काफी सामान बिक चुका था। ये देखकर भैरव का चेहरा खुस्से से भर गया।
20:57ये कैसे हो सकता है? इतने वर्षों से मैं मेले में दुकान लगाता हूँ और लोग मेरे सामान को जानती
21:04हैं। लेकिन आज कई ग्रहक उस रघुनात के पास जा रहे हैं। अगर ये इसी तरह चलता रहा तो धीरे
21:11धीरे लोग इसे ही जादा पसंद करने लगेंगे।
21:13मिझे कुछ करना ही होगा। मैं इसकी सफलता को ऐसे नहीं देख सकता।
21:18मालिक अगर आप कहें तो मैं इसके बाकी सामान में भी कुछ गड़बड़ी कर सकता हूँ। अब ही भी कुछ
21:24हौजार इसकी दुकान पर रखे हुए हैं। अगर किसी ग्रहक को खराब चीज मिल गई तो इसका नाम खराब हो
21:30जाएगा और फिर लोग इससे खरीदना बंद क
21:45मैं चाहता हूँ कि कोई उसके बारे में शिकायत करे और लोग उसका भरोसा करना छोड़ दे। शाम होने लगी
21:56और रखुनाथ ने अपना बचा हुआ सामान समेटना शुरू किया। उसी समय एक व्यक्ति तीजी सी उसकी दुकान की ओर
22:04आया।
22:08तुम ही रखुनाथ हो ना? मैं सुभा तुमसे एक दरांती खरीद कर ले गया था। तुमने कहा था कि तुम्हारा
22:14सामान मजबूत है लेकिन कुछ देर काम करते ही इसमें गरबड़ी आ गई। तुम लोगों से बड़े-बड़े वादे करते
22:21हो और खराब सामान बेशते हो
22:23मैं अपने पैसे वापस लेने आया हूँ।
22:53उसे उसमें कुछ ऐसी गरबड़ी दिखाई दी जो सामान में नहीं थी।
23:23मुझे तुम्हारी नई दरांती नहीं चाहिए, मुझे मेरे पैसे चाहिए। तुमने मुझे खराब चीज दी और अब बात घुमाने की
23:31कोशिश कर रहे हो।
23:32यहां इतने लोगों के सामने मैं तुम्हें आसानी से जाने नहीं दूगा।
23:36अगर तुम्हारा सामान खराब निकला तो मैं सभी को बताऊंगा कितन लोगों को धोखा देते हो।
23:44आसपास खड़े लोग रगुनात की दुकान की ओर देखने लगे।
23:48उसकी खुशी अचानक चिंता में बदल गई।
24:18आमने आने तक हार नहीं मानूंगा।
24:20भीड में खड़ा भैरव ये सब देखकर मन ही मन मुस्कुरा रहा था।
24:25लेकिन तभी वहां एक बुजर्ग गिसान आगे आया।
24:29मैं सुभा से इस रगुनात को देख रहा हूं।
24:32जब मैं इसके पास आया था तो इसने मुझे सामान बेचने के लिए जबरदस्ती नहीं की।
24:37उल्टा मुझे कहा कि अच्छी तरह जाच कर खरीदो।
24:40मैंने भी इससे एक औजार खरीदा है और अभी तक उसमें कोई कमी नहीं मिली।
24:45किसी एक शिकायत के आधार पर किसी को बेहिमान कहना ठीक नहीं है।
24:49पहले पूरी बात की जाच होनी चाहिए।
24:52बुजूर्ग किसान की बात सुनकर आस पास के कुछ लोग रगुनात के पक्ष में बोलने लगे।
24:58रगुनात को उमीद की एक किरन दिखाई दी।
25:01लेकिन उसके सामने अभी भी एक बड़ी मुश्किल खड़ी थी।
25:05उसे समय रगुनात की नजर भीड के पीछे खड़े गोविंद पर पड़ी।
25:09उसके चेहरे पर अजीब सी घबराहट थी।
25:13रगुनात को अचानक अपनी दुकान में हुए नुकसान की बात याद आ गए।
25:17रगुनात की नजर बार बार गोविंद की ओर जा रही थी।
25:20उसे अपनी दुकान में हुई अजीब घटना याद आने लगी।
25:24लेकिन बिना किसी सबूत के वो किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहता था।
25:28भाई साब, मैं आपसे एक बात कहना चाहता हूँ।
25:31आप अपनी दरान्ती और मुझे यहां से कहीं मत जाने दीजीए।
25:35अगर सच में मेरे काम में कोई कमी है, तो मैं सब के सामने अपनी गलती सुईकार करूँगा।
25:41लेकिन मुझे इतना आफसर जरूर दीजीए कि मैं इस दरान्ती को ध्यान से जाच सकूँ।
25:46मैं वर्षों से लोहे का काम करता हूँ।
25:49और इस ओजार को देखकर मुझे कुछ ऐसी बाते दिखाई दे रही है, जो साधारन टूप फूट जैसी नहीं लगती।
25:56ठीक है, मैं तुम्हें जाचने का मौका देता हूँ।
25:58लेकिन अगर तुमने बहाना बनाने की कोशिश की, तो मैं यहीं सब लोगों को तुम्हारी सच्चाई बता दूँगा।
26:04मैं महनत करके पैसा कमाता हूँ।
26:06और किसी बेइमान दुकानदार को अपने पैसे लेकर आराम से जाने नहीं दे सकता।
26:11अगर तुम्हारी गलती है, तो तुम्हें उसे मानना पड़ेगा, और अगर तुम्हारी गलती नहीं है, तो तुम्हें साबित करना पड़ेगा।
26:18रगुनाथ ने दरांती को अपने हाथ में लेकर बहुत ध्यान से देखा।
26:23फिए तक ईसके किनारों और पकड़वाली हिस्से को जाक्शता रहा।
26:28देखिए मैं कोई जूत नहीं बोल रहा हूं।
26:31इस दरांती में जो नुकसा हुआ है वो सामानने इस्तिमाल से नहीं हुआ लगता।
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26:38KTOR CHEESE SE DUBANE KIKO SHISH KIKI GAYE HAYE
26:41AISA LAKTA HAYE JIESE KISI NEJAN BOOCH KAR ESSE KAMZOR KIYA HO
26:44MEN YEE NAHI KEHTA KIKI AAP NAY AISA KIYA HAYE
26:47LAKIN ITNA ZARUR KEHTA HAYE
26:49KYYEH DARANTI MENERE HATSE NIKALNE KEBAAD KISI KEY SEMPARK MEN ZARUR ARAYE HAYE
26:53BAT TO RGHUNATKI SAHIH LAGRAHE HAYE
26:56AGER YEE SAADHARAN TOOT POOT HOTI
26:59TOO LOHAE KA HISTSA ALT PARIKES SE KHARAB HOTA
27:02LAKIN YAHAAN NISHAN KUCH AHR HI BATA RAHE HAYE HEMEI BINNA POORI BAT JANE
27:07KISI GORIBA ADNI COO BEMAN NAHIN KEHNA CHAHAIYE
27:10PAHLAY YEE PATA LAGANA CHAHAIYE KIKI AAKHIR DARANTI KU NUQSAN PAHUNCHAYA KISNAE
27:15RGHUNATKI BAT SUNKAR BHAIRAV PARIŞAAN HO GIA
27:18USE LGA KIKI KAHIN GOWIND DDR KAR KAR KOKOI BAT NA BATA DAY
27:22ARAY YEE SAB BAKAR KIKI BATES HAYE HAYE
27:27KPSHU AAKR BATI SABAN KKATI BATI HAYE HAYE HAYE HAYE HAYE HAYE
27:33TOO PHIR KOOI APNI ZIMMEDARI KAISLEY LAYEGA
27:36GARAHAK MEN XESSI SE SABAN KHARIIDA THA
27:39OR ABRUUSME GERBADY MOLI HAYE SIDHI BATI HAYE HAYE HAYE HAYE HAYE
27:44BHAI RAHUBAI MEN AAPKI BAT SEMJTAU HAYE HAYE HAYE HAYE HAYE HAYE HAYE HAYE HAYE HAYE HAYE
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28:25अगर तुम्हें अपने काम पर इतना भरोसा है
28:27तो खुद ही साबित करो कि तुम निर्दोश हो
28:31रगुनात को अब भैरव के व्यवहार पर संदे होने लगा
28:34उसने देखा कि गोविंद लगातार भीड से दूर जाने की कोशिश कर रहा था
28:40गोविंद भाई आप एतनी जल्दी कहा जा रहे हैं
28:43जबसे ये मामला शुरू हुआ है मैं आपको बहुत परिशान देख रहा हूँ
28:47अगर आपको कोई जरूरी काम है तो आप जा सकते हैं
28:50लेकिन जाने से पहले मैं आपसे एक छोटी सी बात पूछना चाता हूँ
28:54क्या आप कल रात या आज सुभे मेरी दुकान के असपास आई थी?
28:59मैं? मैं तुम्हारी दुकान के पास क्यों आऊँगा?
29:02तुम्हारा काम और तुम्हारी दुकान से मेरा क्या लेना देना है?
29:06मैं तो अपने काम से मेले में आया हूँ
29:08तुम अपनी परिशानी में मेरा नाम क्यों घसीर रहे हो?
29:12अगर तुम्हारे ओजार खराब निकले हैं, तो उसकी जिम्मेदारी मुझ पर डालने से क्या फायदा होगा?
29:18गोविंद की घबराहत बढ़ती जा रही थी.
29:20रगोनात को अचानक याद आया कि कुछ दिन पहले उसकी दुकान में भी ओजारों के साथ छेड़ छाड़ हुई थी.
29:29I don't say anything, Govind, but a few days ago, my house was made with my craft with my craft
29:35with my craft with my craft with my craft with my craft.
29:37I didn't do that because I didn't do that because I didn't have any evidence.
29:41Today, again, my craft with my craft with my craft.
29:44This is why I have to understand the whole thing.
29:48If you are afraid, then you don't need to be afraid.
29:50I don't want to be afraid, but I am afraid of my craft.
29:57What happened to my craft with my craft?
29:59What happened to my craft with my craft?
30:02I don't want to be afraid of my craft.
30:05I don't want to be afraid of my craft.
30:08I'm afraid of my craft.
30:08Govind, I didn't ask you for this question.
30:11I think it's very high.
30:14He's seen this.
30:17Govind, I didn't ask you to ask yourself, who you are, who you are, who you are.
30:23Then you yourself why you don't like?
30:25And when you're afraid of this, you will be afraid of my craft.
30:31You will be afraid of my craft with my craft.
30:32I want to be afraid of someone else.
30:35But now I don't like to be afraid of this.
30:38You will be afraid of my craft with my craft.
31:06foreign
31:58If you don't have anything to do, I don't want to do anything against you.
32:03I don't know.
32:33I don't know.
33:33I don't know.
33:46I don't know.
34:19I don't know.
34:40I don't know.
35:08I don't know.
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