00:00उची देर बाद भारत के प्रधान मंत्री नरेंदर मोणी और चीन के राष्ट्रोपती शी जिन्पिंग की विपक्षिय वारता शुरू होने
00:06वाली है
00:07और उससे पहले दोनों नेताओं की एक तस्वीर सामने आई है जहाँ पर दोनों नहीं
00:13इनफाक्ट हम कहींगे तीन नेताओं की वो तस्वीर सामने आई है जिसमें उस वैश्विक तिकडी की बात होती है
00:18जिसको देखकर बाकी किसी एक समझोते एक संतुलन एक सहयोग की बात बेमानी हो जाती है
00:24हाला की इसमें कितनी संभावनाएं हैं उसका एक रोमैंटिक व्यू सबके सामने जरूर रह सकता है
00:30कितना ये संभव हो सकता है उसका रियालिटी चेक सब जानते हैं और हम भी करेंगे अभी
00:35लेकिन एक तरफ राश्रपती रूस के दूसरी तरफ चीन के और बीच में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी
00:44एक तरीके से विश्व के हर एक धड़े हर एक देश को साथ जोड़ कर सहयोग की बाचीत की बात
00:51करने की पक्षधर
00:53भारत की तरफ से जो बाते हुई है ब्रिक्स की ओपनिंग के समय ब्रिक्स की शुरुआत के समय उसमें भी
00:59इसी बात को रेखांकित किया गया है
01:02लेकिन यहाँ पर हाथ पकड़े हुए ये तीनो नेता और सुबित हमेशा जब भी बात होती है रश्या चाइना इंडिया
01:12की आलगी भारत आधिकारी क्रूप से हमेशा इस बात को डाउन प्ले करता है लेकिन तियांजन में जब ये तीनो
01:17मिल रहे थे उस समय भी इन तीनो �
01:19देशों के ट्रॉइका को लेकर डिसकेशन शुरू हुआ थे बिलकुल हमेशा का जाता कि अगर तीनो देश आपसी चीजों के
01:26उपर एक तरीके से साथ आ जाए तो बहुत चीजे परिस्तितियां बदल जाएंगे और देखिए तस्वीर हमने आपको याद होगा
01:31कल भी हमने �
01:32देखा था कि रान की राश्पती का हाथ पकड़कर परदान मंत्री मोधी आगे चल रहे थे पजिश्यान का और आज
01:37वैसी तस्वीरे एक बार फिर से हम देख रहे है क्योंकि शीजिंग पिंग आज ही करीबर बारा बज़े के करीब
01:41भारत उनका विमान लांड किया उसके ब
02:02यहां पर पहुंचे थे भारत मंडपम में दो बजे से आयोजन शुरू होना था और उसी वक्त यह तीनों एक
02:08साथ थे यह तस्वीर तभी की है श्वेता जब यह तीनों एक साथ हाथ पकड़े हुए हैं आपने देखा होगा
02:13कि जिस सीक्वेंस में यह जो राश्पती है ज�
02:30से पहले इरान के राश्पती पहुँचे पहुचे पिर उसके बाद आपने देखा कि शी सिंग पिंग आए और फिर पोतिन
02:36आये और यहां पर जब यह मुलाकात हो रही थी जब वक्तव यह त्था पृदान मंख्री नरेंद मोदी का उसके
02:41पहले यह मुलाकात हुई है और �
02:43जो pictures हैं ये बहुत symbolic हैं श्वेता ये दिखाती है कि किस तरह से bricks में जो rick है
02:49वो बहुत एहम है और भले ही अपने-पने मुद्दे हो अपने-पने विचार हो और अलग-अलग विरोधा भास
02:56हो कई मुद्दों को लेकर लेकिन एक साथ एक मंच पर इनकी मौजूदगी बहुत
03:00माइने रखती है और किस तरह से आपको याद होगा कि पिछली बार जब राश्पती पुतिन के साथ इसी तरह
03:06की एक तस्वीर साजा की थी प्रधान मंत्री ने तो Donald Trump का एक reaction आया था कि I have
03:12lost India and other nation तो इस तरह का एक reaction पिछली बार भी आया था और कहीं न कहीं
03:20ये संकेत भी है �
03:21और ये इस ब्रिक समू की ताकत भी है कि किस तरह से भारत कूट नीतिक मंच पर आगे बढ़
03:27रहा है और इरान के साथ साथ रूस को लेकर आया है उसके अलावा चीन के साथ यहाँ पर मौजूद
03:32है और UAE भी है और ये जो तस्वीरें होती है खास तोर पे इंस्टा जो पोस
03:49मेलडी उनके लिए लेकर गए थे तो जब भी उनको इस तरह का एक संदेश देना होता है अपनी कामराडरी
03:56बॉन हॉमी और फर कूट नितिक पहल दिखानी होती है तो वो इन मंचों का इस्तिमाल करते हैं और ये
04:01जो तस्वीर है वो साजा प्रयासों को दिखा रही है कि कैस
04:05भारत और चीन आगे बढ़ रहे हैं एले सी पर जो तराव है उसे कम करने की दिशा के साथ
04:09साथ एक मजबूत समय करन यहाँ पर बनता हुआ दिखाई दे रहा है भारत चीन और रूस का ये तस्वीर
04:17वाकई महत्वपूर्ण बहुत है इस तस्वीर के जरिये संदेश क्या है
04:20संकेत किया है ये बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन जब हम RIC की बात करते हैं रश्या इंडिया चाइना की बात
04:26करते हैं तो ये कोई आज की बात नहीं आज की चर्चा नहीं है 1990 के दशक में दरसल रूस
04:31के एक स्टेट्समन हुआ करते थे प्रेमकॉव उनकी तरफ से ये बा
04:50जबाब के रूप में रह सकता है अंशुमन जी और लेकिन ये कभी materialize नहीं कर पाया लेकिन ताकत इन
04:57तीन देशों के साथ आने की यहीं होगी बिलकुल मैं आप बिलकुल सेके और अब ये आके साकार हो पाया
05:03है जबकि बात अब से चल रही है पर साकार अब हुआ है पर इस
05:19इसकी मतलब चाह है कि हमारे पास एक्राफ कारियर हो क्योंकि अभी सब समुद्र की काहनी सब चल रही ही
05:26सब जगह अगर हम एक देश को देते हैं तो 40-50 साल जब तक वो एक्राफ कारियर रहेगा वो
05:33देश हमारा पर्मानेंट फ्रेंड है क्योंकि उसकी रिपेर उसकी ट्रे
05:50करना चाहूंगा इस संदर्म में लेकिन आज ये जो तस्वीर आप देख रहे हैं हाले कि एक एंगल से आप
05:57देखते हैं तो आप इंडोनेशिया के भी का भी प्रतिनिधित वो उस तस्वीर में देख लेते हैं और ये अलग
06:05अलग तस्वीर हैं जिनमें आप इन वेश्मिक �
06:08नेताओं को साथ आगे बढ़ते हुए देखते हैं अब चाहे आप वो एक साथ देखें या न देखें जेनल दयाल
06:14लेकिन भारत का नेत्रित वो और साथ लाना देखें ये भी बहुत बड़ा सिंबॉलिजम है कि प्रधानमंत्री बीच में दोनों
06:21का हाथ पकड़े हुए है
06:30और एक तरफ ला रहे हैं।
06:52प्र हर प्रिमनिस्टर थे उनको रिप्लेस्ट प्रेजेड़ेंck पुट्टिन एजा प्राइमिनस्टर किया था प्रफ्मकोव जो थे वो एक बहुत स्ट्राइजिक थिंकर
06:59थे और प्रिमकोव जब थे तो वे
07:01instrumental थे रश्या और चाइना का जो बॉर्डर डिस्प्यूट था उसको
07:07resolve करने में उनका बहुत बड़ाध था फिर वो प्राइम
07:10मिनिस्टर बने और वो फिर प्रेजिडेंट पुटिन के बहुत दिन
07:13जब तक सलाकार रहे जब तक वो गुजरे जब तक तो वेज़े ग्रेट थिंक बहुत आगे की सोचते थे और
07:18इंडिया के बहुत बतलब इवाद इंडियन लवर बतलब
07:43और इंडोनेशिया ये चार देशों को जब आप मिला देते हैं तो वहाँ पर आबादी के हिसाब से वो कितना
07:49बड़ा पैमाना हो जाता है सुरिश गोईल जी भी हमारे साथ जुड़ रहे हैं पूर राज नहीं करे हैं सुरिश
07:54गोईल जी स्वागत है आपका आज तक पर य
07:59बातचीत हो रहे हैं एक बार फिर आराइसी की बातचीत सब हो रहे हैं जिसको हमने कहा कि एक बड़ी
08:04बड़ी खुबसूरत फैंटिसी ज़रूर है लेकिन यह संभव कितना हो सकता है यह दूर की बात है पर जब हम
08:10भारत चीन रूस इंडोनेशिया चारूं का प्रतेनिधित
08:13करते हुए नितरित्व को एक तस्वीर में एक साथ देखते हैं तो ब्रिक्स का एक बहुत बड़ा मेसेज जाता है
08:21शोटा जी नमस्कार जब आपने RIC के बात करी थोड़ा सा मेरे को अशरे भी हुआ और अचंबा भी हुआ
08:29क्योंकि मेरे को यह उमीद नहीं थी कि आपको RIC के बारे में इतनी तफसील से मालूम होगा
08:35ऐसे डिप्लोमेट हम दो डील करते थे I was dealing with Russia, China at that time Russia division में में
08:42डिरेक्टर साथ तो मुझे पता है कि हाँ पर RIC के बारे में कितनी बातचीत हुई थी काफी कोशिशे की
08:50गई थी और जैसा कि आपने कहा एक बड़ा हसीन खुआप सा है यह लेकिन यह हसीन खुआप खुआभी
09:06रशिया को काफी interest था उस टाइम पर हमारा एक सोचने का नजरिया अलग था तो वो जो खुआप टूट
09:12गया वो टूट गया बात कतम हो गई और अब यह जो RIC है यह BRICS के form में हाँ
09:18पर सामने आ रहा है दूसरी चीज़ यह मैं कहूंगा श्वेता जी की BRICS के बारे में तर
09:35लेकिन अगर देखा जाए इसको हम बोलते हैं कि non-west है या anti-west नहीं है लेकिन as an
09:42alternative to west एक यह बड़ा effective platform बन सकता है as an alternative क्योंकि west की जो development models
09:52हैं उससे काफी दिक्कते खड़ी हुई है
09:55trade related दिक्कते खड़ी हुई है trade imbalances हुए है financial inflow effect हुए है और यह अगर आप प्यात
10:02करें कि 2006 में जब यह बना था BRICS
10:052006 में यह बना ही इसलिए था कि Lehman Brothers के जो liquidation हुआ bankruptcy हुई उस Lehman Brothers के
10:13बैंकरप्सी के बाद में जो पूरी west week financial अवस्था चरमरा गई थी
10:19तो उस तहीं पर यह समझा गया है जरूरी कि जो दुनिया के south के जो बड़ी countries है
10:26China, India और Asia साथ में आकर के एक alternative platform प्रवाइड करें और यह उस कर समय
10:34BRICS का गशन किया गया और successful ride देखिए आप यह उसके बासे financial system का फिस्टेबल हो गए है
10:43जी
10:45सुरेश सार एक बात हम क्योंकि आपने बात किया कि 2006 के अंदर जब यह आया था इसमें कई बदलाव
10:50हुए
10:51अक्सर हमने देखा कि अमारिका हो या फिर मिडली खासों पर यहरोप के कई देश इस बात को कहते है
10:55कि देखे
10:55ब्रिज जो है अपरसंगिक हो जाएगा क्योंकि जितने ज़ादा इसमें देश आ रहे हैं उन सब के अपने अपने इंटरस्ट
11:00क्लैश होते हैं कहीं न कहीं दूसरे
11:02मेंबर स्टेट के साथ में लेकिन आज प्रतान मंतरी मोदी ने कई इंटरनाशनल और्रिक्स को जिक्र किया उन्होंने कहा कि
11:07देखे
11:07वो और्रिक्स को क्या करना है तो ऐसे दौर के अंदर क्या आप मानेंगे कि ऐसा ना हो व्रिक्स का
11:20भी वही हाल हो कि जहां पर एक ही नेशन डॉमिनेट करता है या फिर यहां पर गुछ बैलन्स बनता
11:25हो दिखेगा हमको आने वाले वक्त में
11:28यह आपका सुमित बहुत बढ़िया सवाल है और इसके बारवे में यही कहूंगा कि ऐसा कोई भी
11:34मल्ती लेटरल या प्लूरी लेटरल ओग्राइजेशन नहीं है जहांके मेंबर्स के बीच में जगड़े ना हो या दिकते ना हो
11:42या डिफरेंसीज अफ उपीमिन ना हो सब के बीच में रहे गए यह आफ्ट रॉल एवरी सारी कंट्री सौबरंग कंट्री
11:48जानके अपने नी
11:49स्वार्थ होते हैं नीत अब्जेक्टित होते हैं तो डिफरेंसी जाएंगे लेकिन अगर बिलकर के एक कॉमन प्लाट्रॉम पर आ करके
11:58वो यह देखते हैं कि उनके साथ रहने से उनकी प्रॉब्लम सौल्व हो जकती हैं तो एक बहुत बड़ी कोहिसिवने
12:07साज आती है
12:07मैं एक्जांपर दोगा हैं यहां पर इरान का अभी हमको इरान का UAE का और साथी अरेबिया का जो यह
12:14डिफरेंसीज हैं यह बहुत बड़े लग रहे हैं यह और यह लग रहा है कि जो डेली डेलेरेशन अभी तो
12:20इश्यू हो रहा है चार वज़े कहा यह नहीं हुआ लेकिन
12:35जो आजकल के जो पुलिटिकल हाला थे उसकी वज़े से गल्फ की सिक्यूरिटी आर्किटेक्चर वो भी खतम सा हो गया
12:43है युवेसे ने साथी अरेबिया को मना कर दिया जब साथी अरेबिया ने कहा कि आप फूर्टिस के खिलाफ अमारे
12:51मदद की दिये तो युवेसे अब
12:55गल्फ कंट्रीज के लिए एक रिलाइबल पाटनर की तरह से नहीं देखा जा रहा है और अगर सिक्यूरिट्य आर्किट्चर चेंज
13:05होगा उसने सिक्यूरिटी आर्किक्ट्चर में ये संभव है कि एरान और गल्फ कंट्रीज आपस में विलकर के काम करें कुछ
13:13हो सकता है �
13:15तो ये काफी चीज़े बदल जी
13:18रिलाइबिलिटी ही नहीं खत्म हो रहे हैं
13:19बलकि उस समय जो सब ने सोचा कि
13:22अमेरिका की वज़े से हम सेफ हैं
13:23उल्टा अमेरिका की वज़े से वो
13:25सुरक्षित नहीं थे
13:26तो अब हम जो अगली बड़ी
13:29मुलाकात जिसकी बात कर रहे हैं
13:30जिसकी बात हमने ब्रेक से पहले छोड़ी थी
13:32वो थी भारत और चीन
13:35प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी
13:37और शी जिन पिंग
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