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Ganesh Ji Ko Janeu Kaise Chadhaye: गणेश जी को जनेऊ कैसे पहनाएं? क्या गणपति जी को जनेऊ चढ़ाते समय इसकी कोई विशेष विधि होती है और जनेऊ किस साइड से पहनाना चाहिए? इस वीडियो में जानिए गणेश जी को जनेऊ चढ़ाने की सही विधि, जनेऊ को मूर्ति पर किस दिशा में रखना चाहिए, किस मंत्र का जाप करना चाहिए और जनेऊ अर्पित करने का धार्मिक महत्व क्या है।साथ ही जानिए गणेश पूजा में जनेऊ अर्पित करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि पूजा श्रद्धा और विधि के अनुसार की जा सके। अलग-अलग क्षेत्रों और पूजा परंपराओं में विधि में थोड़ा अंतर हो सकता है।Ganesh Ji Ko Janeu Kaise Chadhaye: Janeu Kaise Pahnate Hai,Kis Side Pehnana Chahiye,Vidhi..

How should you offer and wear the sacred thread (Janeu) on Lord Ganesha? Is there a specific method for placing the Janeu on Ganesh Ji, and which side should it be worn from? In this video, learn the proper traditional method of offering Janeu to Lord Ganesha, which side it should be placed on the idol, which mantra can be chanted, and the religious significance of offering the sacred thread during Ganesh Puja.

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~ED.464~HT.318~PR.111~VG.HM~
Transcript
00:28गणपती बप्पा मूरिया
00:30ये सारी जानकारी आईए सुवडियो में आपको देते हैं
00:34शास्त्रों में गणेशी को प्रथम पूज्य माना गया है
00:37इसलिए किसी भी शुबकारी या पूजन में उन्हें जनेव धारन कराया जाता है
00:41जनेव में तीन धागे होते हैं
00:43जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश के प्रतीक है
00:45गणेशी को जनेव चड़ाने से तृदेवो का आशरवाद मिलता है
00:49सनातन धर्म में यग्यो पवत को आत्म नियंत्रन, पवत्रता और विद्या का प्रतीक माना गया है
00:55गणेशी बुद्धी के देवता हैं
00:58इसलिए उन्हें जनेव अर्पित करने से बुद्धी ज्यान और एकागरता बढ़ती है
01:01जनेव चड़ाने से पहले उसे थोड़ा सा गंगाजल छिड़क कर पवित्र कर ले
01:05सफेद जनेव पर हल्दी या कुमकुम का हलकाते लख लगाए
01:09गनेशी को हल्दी लगा जनेव बहुत प्रिये है
01:11जनेव अर्पित करते समय इस मंत्र का जाप करें
01:25अगर ये मंत्र आपको कठिन लग रहा है तो ये जपे
01:32गनेशी को जनेव हमेशा उनके बाय कंधे से होकर दाहिने तरफ की और पहनाय जाता है
01:37बाय से दाया क्यों? देवता पूजा में जनेव हमेशा सव्य यानि बाय कंधे पर ही धारन करते है
01:44अगर प्रतिमा बहुत छोटी है ये मूर्ती पर जनेव लपेटना संभव नहीं है
01:48तो जनेव को मोड कर गनेशी के बाय हाथ या कंधे को सपर्ष कराते हुए उनके चरणों में अरपत करने
01:53जनेव स्थापना के समय पंचामरत स्नान या सांकेतिक स्नान जरूर कराएं
01:59यदि आप नई मूर्ती स्थापित न करके अपने मंदर के गनेशी की ही सामाने पूजा कर रहे हैं
02:04तो भी गनेश चतुर्थी के दिन उन्हें नया जनेव जरूर अरपत करें
02:08अब सवाली उठता है कि गनेव कब उतारें
02:10अगर आपने नई मूर्ती की स्थापना की और विसर्जन भी करेंगे
02:13तो विसर्जन के साथ ही जनेव को भी विसर्जित कर दे
02:17लेकिन अगर आप अपने इस थाई मंदर में विराजमान गनेशी को जनेव पहना रहे हैं
02:22तो उसे कभी भी नहीं उतारना चाहिए
02:23उसे वैसे ही पहने रहने दे अगर कुछ दिनों बाद वो गंदा हो जाए आप गंपती पपा को नया जन्यों
02:30चड़ाना चाते हैं तो अगली चतुर्ती या दिवाली पर पुरा ना निकाल कर बहते जल में उसे प्रवाहित कर दे
02:36या पीपल के पेड़ के पास रख दे और नय
02:38जन्यों इसी विधी से दोबारा पहना दे फिल हाल असे वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
02:44साथ ही चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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