00:03सामन्था रूत प्रभू अपनी जिंदगी के सबसे अच्छे दौर का मज़ा ले रही है।
00:30वो अपने पती के साथ अपनी पारंपरिक गोद भराई की रस्म मनाती हुई नजर आ रही है।
01:00सामन्था ने अपनी ड्रेस बदली और पीले रंगी सिल्क की साड़ी पहनी।
01:04वीडियो और फोटोस के साथ एक्ट्रस ने उस पारंपरिक अध्यात्मिक समारों के बारे में बताया जिसमें वो एक होने वाली
01:09मा के तौर पर चामिल हुई।
01:11और ये भी बताया कि ये उनके लिए क्यों खास था।
01:14सामन्ता रूत प्रभु ने कहा कि वो हमेशा से भारती परंपराओं का सम्मान करती आई हैं।
01:19भले ही उन्हें हर रस्म का मतलब पता न हो। उनका मानना है कि पुरानी रस्मों, मंत्रों और उनके जाप
01:24का गहरा आध्यात्मिक महत्व होता है।
01:27गोद भराई के दौरान श्री विद्या परंपरा के एक पुजारी ने सामन्ता रूत प्रभू को हर रस्म का मतलब समझाया
01:33इससे उन्हें ये समझने में मदद मिली की हर मंत्र चड़ावे और काम का एक खास मकसद होता है
01:39रस्मों में से एक थी कला आवरण
01:41समन्ता रूत प्रभू के मताबिक कला आवरण श्री विद्या परंपरा की एक खास रस्मे जिसमें होने वाली मा के साथ
01:48चक्रों के जरीए देवी के 94 कलाओं या दिव्य गुडों का सम्मान किया जाता है
01:53इस रस्मे के दौरान होने वाली मा के चक्रों को शुद्ध करने उनमें उज़ा भणने और उन्हें अध्यात्मिक आशिरवात देने
02:00के लिए पवित्र जल और मंतरों का इस्तिमाल किया गया
02:04सामन्था ने बताया कि इस रस्म की सबसे अच्छी बात ये थी
02:07कि इसमें होने वाली मा को देवी का दर्जा दिया जाता है
02:10उन्होंने लिखा मुझे सबसे ज़्यादा इस बात ने परभावित किया
02:13कि इस रस्म में मा को किस नजरीय से दिखा जाता है
02:17उन्हें साक्षाद देवी के रूप में सम्मान दिया जाता है
02:20उस पवित्र रचनाकार के रूप में जिसके जरीए एक नई जिंदेगी आकार ले रही है
02:25ये उनके अंदर पल रहे बच्चे के लिए भी आशिरबाद और उस महिला के लिए भी जो खुद के लिए
02:30नए रूप में जर्म ले रही है
02:32सामन्ता ने अपनी पोस्ट में देवी खडग माला का मतलब भी समधाया
02:36इसमें उन देवी देवताओं और दिवे शक्तियों के नाम शामिल हैं जो इन नौ घेरों से जुड़ी है और इनका
02:42जाब किया जाता है
02:43फिलाल समन्ता रूत प्रभू की ये तस्वेरे सोशल मेडिया पर काफी वाइरल हो रही है
02:48आप क्या कहना चाहें कि कॉमेंट सेक्शन में में लिकर जरूर बताएं वीडियो को लाइक करें शार करें और चैनल
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