00:03एलो दोस्तो कॉक्रोचो कैसे हो मैं अभी दिल्ली में हूँ और ठीक बगल मैं उस जगे के जहां पर हमने
00:12आप लोगं के साथ कई हफ़ते बिताए बुखे रहकर जिहां जंतर मंतर मगर गबराये नहीं किसी परदर्शन या अंशन के
00:19लिए नहीं हम यहां लदाख से आए एक �
00:21वारता के लिए मीटिंग के लिए ग्रह मंतराले के साथ जो की लदाख की संस्क्रिप्ती प्रकृती जमीन के संग्रक्षन के
00:28लिए चल रही थी और उसकी एक कड़ी मगर इस मीटिंग के बारे में जब पूचते हैं कैसा रहा तो
00:35मैं सिर्फ कह सकता हूँ ऐसा रहा अपको के
00:50इस मीटिंग में सिर्फ चाय अच्छी थी वरना कोई नया कदम नहीं उठाया गया बलकि जो पुराने हो चुके फैसले
00:57हैं जैसे कि लदाक में एक लुकतंतर का धांचा बनाया जाएगा एक विदान सबाए सेंबली जिसको कि पूरा प्रशासन स्वांपा
01:05जाएगा उसकी भा
01:20लदाक में बड़े-बड़े फैर बदल बड़े-बड़े फैसले लेने में लगे हैं जिसके बाद की लोकतंतर का कोई मतलब
01:26नहीं रहेगा हमने सरकार से सिर्फ छोटी सी जाइज आश्वासन की उमीद की थी कि जब तक लदाक में एक
01:33लोकतंतरिक धांचा ना आ जाए तब
01:50उसके साथ मिल के किया जाए बस इसकी हमें इंतिजार है और इसलिए हम आप सबसे भी चाहते हैं कि
01:56आप हमारे मदद के लिए आएं क्योंकि हम लदाक में करने जा रहे हैं एक बड़ा पद्यात्रा 19 सप्टमबर से
02:0324 सप्टमबर तक और अगर हमें ये आश्वासन एक हफते म
02:19लदाक के साथ इंसाफ किया जाए जैसे हर राज्य में होता है वो फैसले बड़े फैसले लदाक के लोगों पर
02:26ही छोड़ दिया जाए याद रखिए ये सिर्फ लदाक के लिए नहीं है लदाक वो जगह है हिमाले में जहां
02:32से आपका पानी भी आता है जो कि स्वच होनी चा
02:45तो जब लदाक के लोगों ने रक्षा की देश की तो अब देश की जरूरत है लदाक की रक्षा में।
02:52हमें पूरी उम्मीद है हम सब लदाक में मिलेंगे 19 स्प्टेंबर को जाए ही।
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