Skip to playerSkip to main content
Upload date: 07/10/22

उत्तर प्रदेश के ज़िला मुज़फ़्फ़रनगर के क़स्बा सिसौली में स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती मनाई गई। जिसमें रालोद अध्‍यक्ष जयन्त चौधरी ने कहा आज जश्न से माहौल दिखाई दे रहा हैं। कुछ ऐसे मौके होते है हम खुशी मना सकते हैं। जब तक किसानों की समस्याएं समाप्त न हो जाए तब तक हमें ये तारीख याद रखनी चाहिए। एक सामाजिक आंदोलन के रूप में हम उन्हें याद करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर चौधरी जयंत सिंह का भाषण।
CCA की रिपोर्ट।
टीम – विशाल स्टोनवॉल, शाकिब यामीन रंगरेज़, मौ. सावेज़ चौहान, दीपक भारती


On 6 October, 2022, Late Chaudhary Mahendra Singh Tikait’s birth anniversary was celebrated In Sisauli town in Muzaffarnagar district of Uttar Pradesh. National President of the Rashtriya Lok Dal, Chaudhary Jayant Singh, addressed the gathering. He said that this day marks a day of celebration and happiness. We must remember this day until all the issues that face our farmers have been addressed. On his birthday, we gather here in large numbers to remember him and to pay him tribute. This is a video report of Jayant Chaudhary’s speech on Chaudhary Mahendra Singh Tikat’s birth anniversary.
A CCA Report.
Crew- Vishal Stonewall, Shakib Yameen Rangrezz, Mohd Savez Chauhan, Deepak Bharti

#CCA #JayantChaudhary #RLD #RashtriyaLokDal #BKU #kisan #MahendraSinghTikait #BKUPresident #mazdoor #farmers #labours #jayanti #birthanniversary #BharatiyaKisanUnion #tribute #celebration #farmerleader #leader #Muzaffarnagar #WestUP #UttarPradesh #India

Visit CCA’s website: www.chalchitraabhiyaan.com/

Category

🗞
News
Transcript
00:00चल्चित्रभ्यान की और वीडियोस देखने के लिए सब्सक्राइब करें और बेल आइकॉन को दबाएं
00:32अब चुनाव आया इन्होंने का किसान पर बिल नी आएगा एक बी बिल किसान पर आएगा नहीं अब कह रहे
00:41हैं विजनी पर हम कोई रात किसान को नहीं देंगे
00:43कि दुर्वों का नमन करता हूं सामने मेरे पूरा पुर्वा परिवार बैठा है हम लोग यहां समिलित हुए क्योंकि आज
00:51एक विशेश कारी आज एक जशन सा महुल दिखाए दे रहा है कष्ट तो बहुत है किसान के लिए
01:02किसान का दो जिवन संघर्श का है हमेशा हिला आज भी है लेकिन कुछ ऐसे मोके होते हैं कि हम
01:09लोग खुशी मना सकते हैं और आज ऐसी ही तारीख है
01:15मैं समस्ता हूँ कर जब तक इस तारीख कम है तो तब तक रहना ही चाहिए जब तक इस देश
01:22में ग्रामिन भारत में ग्रामिन समाज क। आगे जब तक समस्याएं सारी हल लेए हो जाती तक यह तारीख हमें
01:30याद रखनी चाहिए
01:31ևz
01:33ր
01:37ր
01:43ևz
01:44ևz
01:44ր
01:54ևz
01:55ևz
02:00ևz
02:03foreign
02:06in
02:09so
02:13good
02:14ुबुए लोगों के लिए वियादर्स थे करांति की चिंगारी थे धर्तिकुटि और एक व्यक्ति तक उनको सीमित नहीं कर सकते
02:28क्योंकि आप सबका सयोग उनको था
02:32इसलिए एक तरह से एक सामाजिक आंदोरन के रूप में आज उनको याद करते हैं उनकी स्मृतियों का ध्यान करते
02:39हैं और उन्हें सर्दांजिली देते हैं
02:43आप सब जोहां बैठे हो आज पीछे मुड़कर अपने जीवन में आप गौर करोगे देखोगे जो समय बुज़ूर्ग थे वो
02:53तो कमी होंगे याद लेकिन जब आंदोरन की शुरू आत्मी जो जवान थे
03:00याद करो वो दिन, याद करो वो पल आपके जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा आपने उनको दिया और कैसी मासुम्यत
03:09थी मासुम्यत ही करोगे उसको भावना होगे
03:13कि दावट कैत ने कहा के बैठो और सारे काम छोड़के परिवार छोड़के अपने जिम्मेदारी छोड़कर के आप लोग उसमें
03:23जुटे यह मासुम्यत थी यह इमानदारी थी यह जनुन भाव
03:31आज भी आज भी अगर पूरे देश में कोई ऐसा समाज है जो इतना मासुम मुझे दिखता है जो अपने
03:41व्यस्ताओं को छोड़के अपनी जीवन की सारी चीज़ों को बुला करके विश्वास करना जानता है क्यों जो आदमी दूसरे पर
03:49विश्वास नहीं कर सकता जो आद
04:02लेकर मासूम और इमांदार गाओं का आदमी आज भी मुझे दुखता है कि अगर समाज के लिए कुछ करना मरने
04:10की बात हो तो किसी से पीछे नहीं ऐसे ग्रामिन समाज के एक बड़े नेता रहे बाबा मेंदे सिंक टिकैट
04:21को मैं सर्गांदी देने आया हूं और इस मंज प
04:30एक दूसरे का सहयोग करने की भावना है और नहीं होती तो सारे अपने विवाद भूल करके आप लोग क्या
04:39तेरह महीने इतनी ताकतवा सरकार के विरुप लड़ाई लड़ सकते संभव नहीं कर शायद पैतिस साथ बाद ऐसा अंदोलन देश
04:49में दुबारा देखा ऐसा मह�
04:53पड़े हैं गाओं में कुछ व्यवस्ता अच्छी होती हैं लेकिन कुछ परम्परा हैं जो पुरानी चली आ रही हैं उनकारण
05:02से शोचन भी होता उसकारण से बटवारे भी जिंदा रहते हैं आज भी जाके गाओं में जाके देखेंगे तो बालमी
05:10की का महला अलग हुआ ज
05:24जब गाओं का फैसला करना होता हुए खटे बैठते हैं लेकिन कुछ व्यवस्ता है अभी भी बटवारे की चल लए
05:30लेकिन ये जो आपने अंदोलन छेड़ा क्यों कुछ सवाल किसान का सवाल किसान के अस्तित्वक था और किसान के नाम
05:40पे किसान मज़्दूर के नाम पे ग
05:52कैसे इतने ताक्षा दुर बने क्या खूबिया थी उनके अंदर कैसे जोड़ लिया उन्होंने लोग उनके कहने पर कैसे हम
06:00लोग जूड़ जाते थे आज क्यों नहीं जूड़ पा रहे हैं यह वो तारीक है कि हम इन सब चीजों
06:06पर सोच विचार करें कहां कैसे कमजोरी आ�
06:12तेरा महीने आपने अंदरन किया लेकिन यह सरकार फिर तुमारा जूड़ बोलके आपको लोटाने का काम कि भी घर लोट
06:21जाओ गाओं लोट जाओ तुमारा काम को हुआ पड़ा है
06:24और लोगों को मालूम है कि काम हुआ नहीं सारे विशेया दूरे हैं आज भी दाम गिमांगी थी दाम के
06:33लिए और कोई उनकी व्यवस्ता नहीं है कि कैसे दाम सुरुचित किसान को अप्टिम मैनल का फल सुरुचित मिलना चाहिए
06:39सरकार के पास कोई और नहीं कोई तैयारी �
06:42depending on what you want to do is it is the only way you can't hear the
06:49I think this is the only way I can't go out of it and you know, I don't want to
07:02I'm going to stop and stop again and have the same way.
07:09foreign
07:10foreign
07:12foreign
07:12foreign
07:13foreign
07:14foreign
07:14foreign
07:15foreign
07:17foreign
07:18रेक्टर और ट्रोली पे सवाली पे रोग भी कोई सरकार लगा देगी आपने देखा अभी परसों की तो बात है
07:26योगी जी की वहां पे सवार होगे शोबाई आत्रा निकाल रेते मैं सवाल पूछना चाहता हूँ क्या उनकी शोबाई आत्रा
07:33पे कोई कारवाई पुलिस करेग
07:35कि उनके बाहन को सीज करेगी तो सरकार आपको धंपी देरेगी कि किसान आप टोली भी सीज होगी दस हजार
07:43रुपे का जुर्माना भी हो और इसे जुर्माना मत बताओ मानो ये तो रहत दे रहे हैं हाँ आज ये
07:52किसान ने किस्टा सुनाया कि पुलीस वाले ने जिए उसे �
07:55और डंडा चलाया दो हजार रुपे वसूर लिये का आठ हजार रुपे की बचत दे रहा हो ये भी हो
08:06सकता है जो प्रदान मंतरी किसान सम्वान योजना के नाम से आठ हजार की गोजना हो जा जमाने बिलकुल उलेट
08:13परण चल रहे हैं ऐसे ही चल रहे हैं तो संभाल लो इस
08:22मंज़ पर आके चूंकि मुझे वो उनका चेहरा याद आ रहा है आधर ने गुलाम मुद्ध जी को भी मैं
08:28स्रदानी देना चाहूंगा यह इसी स्थान पर मेरी उनकी आखरी भेट हुई थी और आप सब को देखके मुझे बहुत
08:36प्रसंता हो रही है लड़ाई जारी रखनी
08:38है एक छेत्र का भी एक मुद्धा है जो मेरे संग्यान माया और यह सरकार की वादा खिलासी का एक
08:46जीता जाता हो भारन है चुनाव आया इन्होंने का अभिशाजी ने का किसान पर मिलनी आएगा एक भी एक भी
08:55मिल किसान पर आएगा नहीं अब कह रहे हैं मिजनी पर हम कोई
08:59पर आइप आएगा वैक आंट किसान को नहीं देंगे ये वादा थिल उखी तो हुई ए जूटी तो है नहीं
09:05रेवडी से दिकत
09:06है गोडशंक्कर से दिकत है हमें तोको दिकत नहीं यहां है को पुदबिभॉनगर में जिसको दिकत है आहां
09:24more no milk and starry
09:26and
09:26the
09:26the
09:27the
09:28the
09:28the
09:28the
09:29the
09:29the
09:29foreign
09:35foreign
09:37foreign
09:37foreign
09:37foreign
09:40foreign
09:42foreign
09:46foreign
09:48foreign
09:58foreign
09:59foreign
10:05foreign
10:06foreign
10:10foreign
10:12foreign
10:20foreign
10:21foreign
10:21foreign
10:42foreign
10:50foreign
10:52foreign
10:52foreign
10:58foreign
11:00foreign
11:00foreign
11:07foreign
11:08foreign
11:09a
11:11a
11:11a
11:12a
11:12a
11:12a
11:13a
11:14a
11:14a
11:14a
11:16a
11:17a
11:18a
11:18a
11:20a
11:20a
11:21a
11:23a
11:34a
11:35a
11:36a
11:36a
11:37a
11:37a
11:49a
11:49a
11:49a
11:49a
11:50a
11:50a
11:50a
11:50a
11:50a
12:01a
12:03a
12:04a
12:04a
12:04a

Recommended