00:00चल्चित्रभ्यान की और वीडियोस देखने के लिए सब्सक्राइब करें और बेल आइकॉन को दबाएं
00:32अब चुनाव आया इन्होंने का किसान पर बिल नी आएगा एक बी बिल किसान पर आएगा नहीं अब कह रहे
00:41हैं विजनी पर हम कोई रात किसान को नहीं देंगे
00:43कि दुर्वों का नमन करता हूं सामने मेरे पूरा पुर्वा परिवार बैठा है हम लोग यहां समिलित हुए क्योंकि आज
00:51एक विशेश कारी आज एक जशन सा महुल दिखाए दे रहा है कष्ट तो बहुत है किसान के लिए
01:02किसान का दो जिवन संघर्श का है हमेशा हिला आज भी है लेकिन कुछ ऐसे मोके होते हैं कि हम
01:09लोग खुशी मना सकते हैं और आज ऐसी ही तारीख है
01:15मैं समस्ता हूँ कर जब तक इस तारीख कम है तो तब तक रहना ही चाहिए जब तक इस देश
01:22में ग्रामिन भारत में ग्रामिन समाज क। आगे जब तक समस्याएं सारी हल लेए हो जाती तक यह तारीख हमें
01:30याद रखनी चाहिए
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02:14ुबुए लोगों के लिए वियादर्स थे करांति की चिंगारी थे धर्तिकुटि और एक व्यक्ति तक उनको सीमित नहीं कर सकते
02:28क्योंकि आप सबका सयोग उनको था
02:32इसलिए एक तरह से एक सामाजिक आंदोरन के रूप में आज उनको याद करते हैं उनकी स्मृतियों का ध्यान करते
02:39हैं और उन्हें सर्दांजिली देते हैं
02:43आप सब जोहां बैठे हो आज पीछे मुड़कर अपने जीवन में आप गौर करोगे देखोगे जो समय बुज़ूर्ग थे वो
02:53तो कमी होंगे याद लेकिन जब आंदोरन की शुरू आत्मी जो जवान थे
03:00याद करो वो दिन, याद करो वो पल आपके जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा आपने उनको दिया और कैसी मासुम्यत
03:09थी मासुम्यत ही करोगे उसको भावना होगे
03:13कि दावट कैत ने कहा के बैठो और सारे काम छोड़के परिवार छोड़के अपने जिम्मेदारी छोड़कर के आप लोग उसमें
03:23जुटे यह मासुम्यत थी यह इमानदारी थी यह जनुन भाव
03:31आज भी आज भी अगर पूरे देश में कोई ऐसा समाज है जो इतना मासुम मुझे दिखता है जो अपने
03:41व्यस्ताओं को छोड़के अपनी जीवन की सारी चीज़ों को बुला करके विश्वास करना जानता है क्यों जो आदमी दूसरे पर
03:49विश्वास नहीं कर सकता जो आद
04:02लेकर मासूम और इमांदार गाओं का आदमी आज भी मुझे दुखता है कि अगर समाज के लिए कुछ करना मरने
04:10की बात हो तो किसी से पीछे नहीं ऐसे ग्रामिन समाज के एक बड़े नेता रहे बाबा मेंदे सिंक टिकैट
04:21को मैं सर्गांदी देने आया हूं और इस मंज प
04:30एक दूसरे का सहयोग करने की भावना है और नहीं होती तो सारे अपने विवाद भूल करके आप लोग क्या
04:39तेरह महीने इतनी ताकतवा सरकार के विरुप लड़ाई लड़ सकते संभव नहीं कर शायद पैतिस साथ बाद ऐसा अंदोलन देश
04:49में दुबारा देखा ऐसा मह�
04:53पड़े हैं गाओं में कुछ व्यवस्ता अच्छी होती हैं लेकिन कुछ परम्परा हैं जो पुरानी चली आ रही हैं उनकारण
05:02से शोचन भी होता उसकारण से बटवारे भी जिंदा रहते हैं आज भी जाके गाओं में जाके देखेंगे तो बालमी
05:10की का महला अलग हुआ ज
05:24जब गाओं का फैसला करना होता हुए खटे बैठते हैं लेकिन कुछ व्यवस्ता है अभी भी बटवारे की चल लए
05:30लेकिन ये जो आपने अंदोलन छेड़ा क्यों कुछ सवाल किसान का सवाल किसान के अस्तित्वक था और किसान के नाम
05:40पे किसान मज़्दूर के नाम पे ग
05:52कैसे इतने ताक्षा दुर बने क्या खूबिया थी उनके अंदर कैसे जोड़ लिया उन्होंने लोग उनके कहने पर कैसे हम
06:00लोग जूड़ जाते थे आज क्यों नहीं जूड़ पा रहे हैं यह वो तारीक है कि हम इन सब चीजों
06:06पर सोच विचार करें कहां कैसे कमजोरी आ�
06:12तेरा महीने आपने अंदरन किया लेकिन यह सरकार फिर तुमारा जूड़ बोलके आपको लोटाने का काम कि भी घर लोट
06:21जाओ गाओं लोट जाओ तुमारा काम को हुआ पड़ा है
06:24और लोगों को मालूम है कि काम हुआ नहीं सारे विशेया दूरे हैं आज भी दाम गिमांगी थी दाम के
06:33लिए और कोई उनकी व्यवस्ता नहीं है कि कैसे दाम सुरुचित किसान को अप्टिम मैनल का फल सुरुचित मिलना चाहिए
06:39सरकार के पास कोई और नहीं कोई तैयारी �
06:42depending on what you want to do is it is the only way you can't hear the
06:49I think this is the only way I can't go out of it and you know, I don't want to
07:02I'm going to stop and stop again and have the same way.
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07:18रेक्टर और ट्रोली पे सवाली पे रोग भी कोई सरकार लगा देगी आपने देखा अभी परसों की तो बात है
07:26योगी जी की वहां पे सवार होगे शोबाई आत्रा निकाल रेते मैं सवाल पूछना चाहता हूँ क्या उनकी शोबाई आत्रा
07:33पे कोई कारवाई पुलिस करेग
07:35कि उनके बाहन को सीज करेगी तो सरकार आपको धंपी देरेगी कि किसान आप टोली भी सीज होगी दस हजार
07:43रुपे का जुर्माना भी हो और इसे जुर्माना मत बताओ मानो ये तो रहत दे रहे हैं हाँ आज ये
07:52किसान ने किस्टा सुनाया कि पुलीस वाले ने जिए उसे �
07:55और डंडा चलाया दो हजार रुपे वसूर लिये का आठ हजार रुपे की बचत दे रहा हो ये भी हो
08:06सकता है जो प्रदान मंतरी किसान सम्वान योजना के नाम से आठ हजार की गोजना हो जा जमाने बिलकुल उलेट
08:13परण चल रहे हैं ऐसे ही चल रहे हैं तो संभाल लो इस
08:22मंज़ पर आके चूंकि मुझे वो उनका चेहरा याद आ रहा है आधर ने गुलाम मुद्ध जी को भी मैं
08:28स्रदानी देना चाहूंगा यह इसी स्थान पर मेरी उनकी आखरी भेट हुई थी और आप सब को देखके मुझे बहुत
08:36प्रसंता हो रही है लड़ाई जारी रखनी
08:38है एक छेत्र का भी एक मुद्धा है जो मेरे संग्यान माया और यह सरकार की वादा खिलासी का एक
08:46जीता जाता हो भारन है चुनाव आया इन्होंने का अभिशाजी ने का किसान पर मिलनी आएगा एक भी एक भी
08:55मिल किसान पर आएगा नहीं अब कह रहे हैं मिजनी पर हम कोई
08:59पर आइप आएगा वैक आंट किसान को नहीं देंगे ये वादा थिल उखी तो हुई ए जूटी तो है नहीं
09:05रेवडी से दिकत
09:06है गोडशंक्कर से दिकत है हमें तोको दिकत नहीं यहां है को पुदबिभॉनगर में जिसको दिकत है आहां
09:24more no milk and starry
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