Skip to playerSkip to main content
  • 15 minutes ago
अमेरिकी सीनेट ने पास किया रूस प्रतिबंध बिल, जानें भारत पर क्या होगा इसका असर

Category

🗞
News
Transcript
00:00देंकि सबसे पहले तो हम ये समझ लें कि ये बिल है क्या, ये रोशिया सैंट्शन्स बिल जो है, ये
00:04सैंटर लिंसी ग्रहाम जो अफॉर्चुनेटली नहीं रहे, उनका हम कह सकते हैं एक प्रॉजेक्ट था, और वो जब सैनेट में
00:12थे, तो उनने 500% टैरिफ से एक बिल ये ल
00:28में, लेकिन जब सैनेटर लिंसी ग्रहाम का निधन हो गया, तो सैनेट के कॉलिग्स ने एक ट्रिब्यूट के ताउर पे
00:35इस बिल को पास किया, और उस जिस जब बिल को पास किया गया, तो 100% टैरिफ से अटाके
00:43से 100% पे कर दिया गया, तो कहीं न कहीं, इतना सीरियस नहीं �
00:48था ही, ऐसा था कि चलिए से हम एक ट्रिब्यूट के तोर पे कर देते हैं, लेकिन क्योंकि जब सैनेट
00:53ने बिल पास कर दिया था करीब धाई महीने पहले, और उसके बाद ये हाउस में आया, तो माना ये
00:59जा रहा था कि हाउस इस बिल को मिड्टरम इलेक्शन के बाद जो च
01:18नो में उसे फटाफट फटाफट जल्दी जल्दी इस बिल को आगे बढ़ाया गया, तो ये बिल 100% जो टारिफ
01:26है वो ऑथरिटी देता है प्रेजिनेंट को, कि वो जो भी चाइना के, जो अमेरिका के रश्या से जो तेल
01:37खरीदते हैं और अमेरिका जिन से नाराज है या हो
01:39सकता है, उसके ओकर टारिफ लगा है, तो उसमें चाइना, इंडिया, टुर्की, इस तरहां के जो देश हैं, जो उनसे
01:48ऑईल और गैस एनरजी लेते हैं, वो उनके ओपर बिल ये 100% टारिफ लगा सकते हैं प्रेजिनेंट ट्रॉम्प, और
01:54आने वाले कोई भी राश्यपदी
01:55तो मोटा मोटी बिल ये करता है, लेकिन ये बात important है बताने के लिए, कि ये कोई White House
02:01की तरफ से पुछ नहीं था, या President Donald Trump की तरफ से कोई पुछ नहीं था, कि वो ये
02:05चाहते थे, ये US Congress ने एक action लिया है, और क्योंकि अभी बिल पास हो गया है, तो obviously
02:09President Donald Trump इसे इस पे साक्षर क
02:24आने वाले हैं, अगले महीने, अगले हफ़ते, और जब अगले हफ़ते वो आएंगे यहां पे, तो obviously एक leverage के
02:32तौर पे President Donald Trump यूज कर सकने हैं, एक tool के तौर पे दिखाने के लिए है, जो हमेशा
02:37से President Donald Trump करते आए हैं, कि उनके पास बहुत सरा options होते हैं, उसमें एक और option हो
02:41गय
02:49हैं, तो कहीं नहीं एक वेपन है, President Donald Trump के पास दिखाने के लिए, कि देखे अगर आप यह
02:56नहीं करते हैं, इस तरागे कंसेशन समय नहीं देते हैं, तो मेरे पास यह एक और नया tool है, तो
03:00हमें उस तज़रे से भी इसे देखना चाहिए, दूसरा महतर प्रूंट कि अमेरिका म
03:15war को खतम करने के लिए, और उन्होंने अब एक नई authority दी है, President को, तो President के उपर
03:20यह कहीं नगहीं बन जाता है, कि वो इस यूद को खतम करें, और इस नई authority से, I think
03:27कहीं नगहीं एक तौर पे Russia को message भीजा है, और इसी को, I think domestic audience को बताया जाएगा,
03:33कि देखे हम कोशिश पूरी कर
03:45दिया है, कि वो इसे कैसे और कभ यूज करेंगे, अब उनके पास से है ज़रूर, और आपको भी पता
03:50है, हमें भी पता है कि President Trump बिलकुल फ्रेंट फूर्ट पे खेलने हैं, तो देखना होगा, वो किस तरह
03:55की indication देते हैं, जैसे कि मैंने पहले भी कहा कि White House की तरफ से ऐसा as such क
03:59कोई push नहीं था इस बिलकुल लेके, हमने देखा है कि अगर President Trump ये चाहते है, बिल पास हो,
04:04तो हमने बहुत सारी social पे post देख ली होते हैं अभी तक, लेकिन अब हाला कि ये कहना और
04:10कभी भी किसी ने भी कोई predicting कर सकते हैं कि President Donald Trump next move, उनका क्या होगा, अब
04:15authority तो जरूर है उनके
04:16पास, तो देखना होगा, उनका पहले जब comments आजाएंगे, उसके बाद शारी एक indication मिल जाए कि किस तरह से
04:22और कैसे इसे President Donald Trump यूज करना चाहते हैं, देखे भारत के साथ काफ़े interesting चीज़े हुई हैं, पिछले
04:28कुछ हम कह सकते हैं, अल्मूस्ट दो साल में, और ये, I think, थो�
04:44trade deal, वो almost complete है, announcement बची है, और ऐसे कहा भी Honorable Minister Goel ने कि, जब section
04:523 or 2 के findings आ जाएंगे, तो उसके बाद हम देखेंगे किस तरह के tariffs बाकी competing countries पे
04:58लग रहे हैं, और उसके बाद हम negotiate करके एक trade deal sign कर सकते हैं, क्योंकि अभी 100%
05:04tariffs का एक एक नया law बन गया है, जो President Donald Trump के पास, और आने वा
05:14देश के पास इस तरह से लोग हैं, जो बात कर सकते हैं, तो इस पे immediately तो कोई impact
05:21नहीं है, क्योंकि President Donald Trump ले भी ते तो बिल साइम भी नहीं किया, और अगर कर भी देते
05:26हैं, तो 100% tariff नहीं लगने वाला, unless President लगाएं वो tariff, तो immediately तो मुझे लगता है कि
05:33कुछ नहीं होगा, लेक
05:34लेकिन जरूर एक बहुत बड़ा point of discussion होगा दोनों देशों के बीच में, और जहां तक भारत का सवाल
05:39है, I think भारत अपना जो रुख है, वो साफ कर चुका है, कि भारत की जो energy security है,
05:44उसके लिए भारत को जो भी diversify करने पड़ेंगे, अपने अज़े purchase वो करने पड़ेंगे, �
05:49तो देखना होगा आने वाले समय में कि किस तरह से दोनों देश मिलके इसको discuss करते हैं और इसका
05:54क्या eventual impact होगा trade deal के उपर, देखें ये बड़ा interesting है, इसमें exception के जो आब बात कर
06:00रहे है, exception जैसा है, गर मैं example तो काफसा एक बहुत बड़ा bill था, law था, तो उसके लिए
06:06अगर आ�
06:17अफिस simplify किया है, US Congress ने कि President टारिफ लगा भी सकते हैं और हटा भी सकते हैं, तो
06:23इसमें जो भी देश के अपर अगर टारिफ लगता है, तो उन्हें कांगरस से engagement करने की जरूरत नहीं है,
06:28वहाँ पर अपना case बनाने की जरूरत नहीं है, वो directly White House और जो administration को officials हैं, उनके
06:33साथ ब
06:47I think थोड़ा सा इसे समय देना चाहिए और देखना चाहिए कि किस तरह से President Donald Trump इसे या
06:53आने वाले कोई भी राश्रपती इसे देखते हैं और किस तरह से use करते हैं, लेकिन ये बात उतनी सही
06:58है कि ये एक नया, जैसे कि मैं कहाते है एक variable है और थोड़ा समय लेके से देखना हो�
07:10झाल अगा एक तरह से देखना होगगा होगगा होगा होगगा होग हैँ और जातनी सही है कि मैं कि एक
07:11उऴा होगगा है।
Comments

Recommended