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भारत पर 100% टैरिफ लगाएगा अमेरिका? देखें ब्लैक एंड व्हाइट विश्लेषण

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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजना उमकर्षप और ब्लाक इन वाइट में आपका स्वागत है
00:03आज प्रधानुत्री नरेंद्र मोदी का चिहतरवा जन्दिन है और इस मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में कई कारक्र
00:10माय उचुद किये गए
00:10बीजेपी और प्रधानुत्री मोदी के समर्थकों की ओर से आशिरवाद का दिया अभियान चलाए गया
00:16काशी से लेकर कच तक और दिल्ली से लेकर उजयन तक प्रधानुत्री मोदी की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के
00:23लिए दिये जलाए गया
00:25बीजेपी के सेवा संकल्प अभियान के तहट जगा जगा रक्तदान शिवेर स्वच्चता अभियान चलाया गया
00:31दूसी तरह विपॉक्षी दलों ने दिये जलाने और कारक्रमों के खर्च पर सवाल खड़े किये
01:09अपने जंदन के मौके पर प्रधानुति मोदी ने दिल्ली के भव्य यशो भूमी से सेमिकॉन इंडियार 2026 काउट खाटन किया
01:16प्रधानुति मोदी ने भारत को इलेक्ट्रोनिक्स मनिफाक्ट्रिंग का सबसे नया और सबसे भरोसे मंठिकाना बताया है
01:22लगभग एक लाख 27,000 करोर रुपे के बजट वाले समी कंडॉक्टर मिशन 2.0 के तहट भारत सिर्फ चिप्स
01:32खरीदेगा नहीं
01:33बलकि देश के भीतर ही चिप दिजाइनिंग, फाप्रिकेशन, टेस्टिंग हो, एक्विप्पेंट मनिफाक्ट्रिंग है इसका पूरा एकोसिस्टम खड़ा तर रहा है
01:43दुनिया में जहां भी सेमिकंडॉक्टर एकोसिस्टिम बने है वहां यह पूरा एकोसिस्टिम दसकों की मेहनत के बाद तया हुई है
01:57लेकिन भारत ने आपके सहयोग से चिप डिजाइन हो, मैनिफैक्ट्रिंग हो, इन सभी पर एक साथ काम किया
02:13और इसके बाद आपको अमेरिका का दोहरा मापदन दिखाएंगे, अमेरिकी संसत के दोनों सदनों से एक ऐसा बिल पास हुआ
02:20है
02:20जो भारत जैसे देशों पर सौफ फीजदी तबका भारी भरकम टारिफ लगाने की ताकत अमेरिकी राश्रपती को देता है
02:27अमेरिका की दलील है कि इसे रश्या की जंग की फंडिंग रुख जाएगी
02:31ये वही अमेरिका है जो अभी दो दिन पहले युक्रेन से कह रहा था कि रश्या के रिफाइनरी और डीजल
02:38डीपो पर हमले रोग दिये जाए
02:40क्यूंकि इसे ग्लोबल मार्केट में तेल की किल्नत हो रही है बात सिफ रूसी तेल की नहीं है
02:46अमेरिकी चालबाजियों की फेरेस तब लंबी होती चली जा रही है दशकों तक अमेरिका ने खाडी देशों के साथ पेट्रो
02:53डॉलर डील का खेल खेला
02:55यानि तुम डॉलर में तेल बेचो, हम तुम्हे सुरक्षा की गारंटी देंगे
02:59लेकिन खबर है कि अमेरिका ने उसी साउधी के कटर दुश्मन हूती विद्रोहियों से बैक चैनल डील कर ली है
03:07शर्ट ये है कि हूती लाल सागर में अमेरिकी जहाजों पर निशाना ना साधे
03:12पदले में अमेरिका सौधी अरब की मदद नहीं करेगा
03:15जिस फाइटर जेट को अमेरिका अचूक और अजे बताकर पूरी दुनिया को बेचता रहा
03:20क्या वो सूपर पार की साख दुबो रहा है
03:23हूती विद्रोहियों का बहुत बड़ा दावा है
03:25उन्होंने दावा किया है कि सौधी अरब के F-15 फाइटर जेट को उन्होंने मार गिराया
03:31इतना ही नहीं
03:32इरान भी कई बार F-15 विवानों को गिराने का दावा कर चुका है
03:38समुद्र की गहरायू में चाइना के गुप्त प्लान ने दुनिया को हैरान कर दिया
03:42साटलाइट तस्वीरों से चाइना की सीक्रिट मदर्शिप का पता चला है
03:46जिसे ड्रोन सबमरीन तैनात करने के लिए तैयार किया जा रहा है
03:50इस मदर्शिप के से एक साथ दरजनो मानव रहे ड्रोन सबमरीन को लौच किया जा सकेगा
03:57जो बिना किसी इंसानी मदद के दुश्मन के जहाजों पर नजर रखने
04:01जा सूसी करने पलक जपकते ही हमला करने में सक्षम होगी
04:07पहले चोर घर में घुसकर डाका डालते थे
04:10तो लोगों ने दर्वाजों पर आधुनिक ताले जड़ दी है
04:12लेकिन अब ना कोई दर्वाजा तूटता है ना कोई ताला
04:15अब चोरी, लूट, डाका सब आपकी जेब में रखे फोन के जरिये ऑनलाइन हो रहा है
04:19महराश्च्रों में साइबर ठगों ने एक रिटाइड आमी मैन की जंदगी भर की कमाई पर डाका डाल दिया
04:25सिर्फ एक फरजी पेंशन वेरिफिकेशन आप डाउनलोड करवाई
04:29और तीन घंटे के अंदर नौ ट्रांजाक्शन किया 28,70,000 रुपे साफ कर दे है
04:38उतराखन के ओली में भारत और अमेरिका की सेना का युधा भ्यास 2026 जारी है
04:43और इस बार आतंगवात के खात्मे के लिए मैदान में सिर्फ जवान ही नहीं
04:47बल्कि हाई टेक रोबोटिक डॉग्स और एडवान्स ट्रोल्स भी उतरे है
04:51इमारत में छेपे आतंग्यों का सफाया करना हो त्या तुर्गम पहाडियों पर फूफ या निगरानी
04:55रोबोटिक डॉग्स पलग जपकते हैं
04:58लोकेशन क्लियर करें
05:00महराश के नाशिक से विरोड प्रदर्शन की एक ऐसी तस्वीर आई है जो अपने आपने शायत पहले कभी नहीं देखी
05:06होगी
05:06आवारा कुत्तों के आतंग से परिशान हो साइल लोगों ने बोरे में कुत्ते को भर कर नगर पंचायत के चीफ
05:13ऑफसर की टेबल पर छोड़ दिया
05:15इतना ही नहीं व्रशाचार के आरूप लगाते हुए अफसर को नोटों की माला पहनाने की भी कोशुश हुई जिसके बाद
05:21दफ्तर में हंगामा हुआ
05:40सोने और चांदी की कीन्तों में आज अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है
05:44रिकॉर्ड उचाई को छूने के बाद चांदी के दान तेजी से तूटे
05:47वहीं सोना भी अब तक के उचे स्तर से काफी नीचे फिसल चुका है
05:51आखिर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट क्यों आई है
05:53अमेरिका के फेडरल रिजर्व का फैसला इसकी वज़ा है
06:14यानि 57,000 करोड रुपे का व्यापार करता है
06:19और जो यूकरेन से ये कहता है कि वो रश्या की तेल रिफाइनरीस पर हमले ना करे
06:25वहीं अमेरिका और उसके नेता आखिर दूसरे देशों को ये उपडेश क्यों देने लगते है
06:30कि उन्हें रश्या से कच्चा तेल नहीं खरीदना चाहिए
06:33रश्या के साथ व्यापार करने का मतलब है यूकरेन युद को बढ़ावा देना
06:37आप खुद सोचे
06:40आखिर ऐसा कैसे हो सकता है
06:42कि अमेरिका रश्या के साथ व्यापार करे तो इससे युक्रेन युद को बढ़ावा नहीं मिलता और वो भी युरेनियम खरीदे
06:49प्लुटोनियम खरीदे वो पैसा युद में नहीं जा रहा है लेकिन अगर भारत या कोई अन्य देश देल खरीदे तो
06:59ये पैसा युद के ले
07:00जा रहा है अमेरिका इन तमाम देशों पर कड़े प्रतिबंद लगाने की धंकी देने लगता है और इस बार भी
07:06यही कर रहा है आज हम आपको इस पूरे मुद्दे पर एक ऐसी रिपोर्ट दिखाएंगे जो अमेरिका की दबाव बनाने
07:12की रणनी थी उसके तरफा फैसलों
07:14और रश्या के साथ उसके खुद के व्यापार को लेकर गंफीर सवाल उठाते हैं।
07:46यानि जिन देशों ने अमेरिकी दबाव के बावजू रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदना बंद नहीं किया उन देशों
07:52को इसकी सजा देने के लिए अमेरिकी संसत में इस कानून को पारित किया है।
08:15इन पाँच देशों में भारत, चीन, हंग्री, स्प्रोवाकिया और अजर्बैजान शामिल हैं।
08:19ये वो देश हैं जो मौझूदा वक्त में रूस से सबसे ज़ादा तेल और गैस खरीद रहे हैं।
08:25अगर ये टैरिफ भारत पर लगता है तो अमेरिका में भारत का जितना भी सामान निर्यात होता है वो सीधे
08:31सीधे दोगुना महगा हो जाएगा और इसकी सबसे बड़ी मार भारतीय व्यापारियों पर पड़ेगी और अमेरिका में भारत का निर्यात
08:38तेजी से सिकुडने ल
09:22लेकर तीन बाते समझना बहुत जरूरी हैं।
09:23ट्रेड डील की अंतिम दौर की बाचीच चल रही थी।
09:28और तीसरा, ये कानून अमेरिकी दबाव का एक मुखोटा भी हो सकता है।
09:33ये बात इसलिए कही जा रही है, क्योंकि 100% टैरिफ का आंकड़ा एक अधिकतम सीमा यानि सीलिंग है, ना
09:40कि आटोमेटिक टैक्स।
09:41राश्टपती ट्रम के पास इसे पूरी तरहे माफ करने या कम करने का भी अधिकार रहेगा, इसलिए कई विशलेशक इसे
09:48अमेरिका की एक दबाव बनाने की रणनीती, यानि प्रेशर टैक्टिक्स मान रहे हैं, ताकि भारत को रूस से दूर किया
09:54जा सके, या भारत से कोई
09:55एक तरफा द्यापार समझोता कराय जा सके, जबकि भारत इस दबाव के सामने बिलकुल भी जुकने को तयार नहीं है,
10:01भारत के विदेश मंत्राले ने इस पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए साफ कहा है, कि भारत अपने 140 करोड
10:09लोगों की उर्जा सुरक्षा सुनिश्�
10:24खारिच कर दिया है, और हम ये स्थिती साफ करके चल रहे हैं, कि अगर भारत को रश्या के कच्चे
10:28तेल की जरूरत होगी, तो देशित में हम ये आयात जारी रखेंगे।
10:54अरजनिक मंचों से लगातार भारत के खिलाफ कई बयान बे रहे थे। उन्होंने ये तक कहा था, कि अगर भारत,
11:00चीन और ब्राजील रश्या से तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं, तो रश्या को दिया गया उनका पैसा, ब्लड
11:05मनी, यानि खून से सना हुआ पैसा मा
11:24लेकिन कड़वा सच ये है कि रश्या और भारत के व्यापार पर एतराज जताने वाला यही अमेरिका खुद रश्या के
11:30साथ अपना आयात नर्यात जारी रखता है।
11:54लेकिन अमेरिका में किसी ने वहाँ के पैसे को ब्लड मनी यानि खून से सना पैसा नहीं कहा। ये भी
12:01तब हुआ जब रश्या से अमेरिका को फर्टिलाइजर्स का निर्यात 38 प्रतिशत बढ़ा। यूरेनियम और प्रोटियम का व्यापार 61 प्रतिशत
12:09बढ़ा। और नु
12:51सोच क्यों नहीं रखता।
12:53उनका भी नहीं जिन्होंने मेरे साथ काम किया। और खास तोर पर रास्टा ध्रक्शों का तो बिलकुल नहीं। मेरे विचार
13:04में ये आकलन उस देश के नागरिकों को करना चाहिए जिन्होंने उन्हें वोट दे कर सब्ता सौंपी।
13:12जहां तक भारत की और से रूस से अरजा संसादनों की खरीद की बात है तो मैं साफ कर दूं
13:18कि अमेरिका अब भी अपने नुकलियर पावर प्लांट्स के लिए हमसे परमानों अरजा की खरीद करता है। इनमें अमेरिका में
13:27चल रहे नुकलियर पावर प्लांट्स के लिए �
13:29यूरेनियम भी शामिल है तो अगर अमेरिका खुद अपनी उर्जा जरूरतें रूस के जरीये पूरी करता है तो फिर भारत
13:37की खरीद को लेकर उन्हें आपत्ती क्यूं है इस विशे पर गहन अध्यन की जरूरत है और हम इसे लेकर
13:44रास्टुपती टरंप से चर्चा के लिए
14:15भी तैयार है
14:17किसी की धमकी में आए बिना अपने 140 करोर लोगों के हितों की रक्षा करेगा प्योर रिपोर्ट आज तर
14:29क्या आप यकीन करेंगे कि जिस अमेरिका ने रश्या पर सेकडो प्रतिबंद लगाए हुए हैं उसी अमेरिका के राश्टुपती डॉनल्ड
14:35टरंप के बेटे डॉनल्ड टरंप जूनियर की शादी के बाद
14:39बहामाज में हुई पार्टी का खर्च रश्या से जुड़े कारोबारी उमर्ट्रेमलेव ने उठाया था
14:45और आरोप यही है कि यह वही रूसी कारोबारी है जो राश्टुपती पूतिन के काफी करीबी है
14:51आज हम आपको यह बताएंगे कि आखिर रश्या पर अमेरिका द्वारा जो आर्थिक प्रतेबंद लगाए जाते हैं
14:56उनके पीछे की असली कहानी क्या है और इस कहानी में कितनी बड़ी ट्राजिजी छीपी है
15:08यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने रश्या से कच्चा तेर और गैस खरीदने वारे देशों के खिलाफ टैरिफ
15:14को अपना हथियार बनाया है
15:17राश्पती ट्रम के कारेकाल में अमेरिका ऐसा चार बार कर चुका है
15:21पिशले साल भी अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक टैरिफ इनी वजहों से लगाया था और अब भी वो
15:27कुछ नया नहीं कर रहा है
15:32अमेरिका बार बार अपने कड़े प्रतिबंधों को जायस ठहराने के लिए यूकरेन युद्ध को आधार बनाता है
15:37ये कहता है कि यूकरेन युद्ध को रोकने के लिए वो रूस के कच्चे तेल पर प्रतिबंध लगा रहा है
15:42लेकिन हकीकत में इन प्रतिबंधों के पीछे एक दूसरी कहानी है
15:46इन प्रतिबंधों के पीछे पहला और सबसे असली कारण है अमेरिकी तेल का बाजार बढ़ाना यानि अमेरिकी तेल की मौनोपोली
15:54और उसका मार्किट शेर
15:56किसी भी बाजार का सीधा नियम यही होता है कि अगर आप अपने सबसे बड़े प्रतिस्परधी को मुख्य बाजार से
16:02बाहर कर देंगे तो आपकी मौनोपोली अपने आप मजबूत हो जाएगी
16:05और अमेरिका अभी यही कर रहा है उसने प्रतिबंध लगा कर रूस को सीधे सीधे इस बाजार से बाहर किया
16:12हुआ है
16:13इन प्रतिबंधों की दूसरी वज़े है पेट्रो डॉलर सामराज्य के रक्षा
16:17दुनिया का जादातर तेल आज भी अमेरिकी डॉलर में खरीदा और बेचा जाता है और इसे पेट्रो डॉलर विवस्था कहते
16:23हैं
16:24लेकिन रूस और चीन जैसे देश लगातार तेल के व्यापार को अपनी स्थानिय मुद्राओं या अन्य मुद्राओं में करने का
16:31प्रयास कर रहे हैं
16:32अगर रूस बिना किसी पाबंदी के दुनिया को तेल बेचता और डॉलर को दरकिनार करता है तो अमेरिकी डॉलर की
16:38वैश्विक बाथशाहत खतरे में पढ़ जाएगी
17:02यच्छ अविक बाथ चार अव्युज ऑनल्बचल्टै नवी अव्युचित प्रॉल युक्टटैस अव्युच्टैसी इंट हैं
17:14अवर चंटैसा हैं
17:26without sanctions, who have opted for cross-border national currency payment systems.
17:32Why does Russia or BRICS shy away from openly claiming de-dollarization?
17:39And how would you respond to the allegation that BRICS is a forum against the dollar
17:46that Donald Trump often talks about?
17:49Thank you.
17:49It's very interesting question.
17:51This is a very interesting question.
17:53I will be shocked again.
17:54BRICS किसी के खिलाफ नहीं है.
17:57BRICS तो अपने सदस्य देशों के राश्ट्रिये हितों के लिए है.
18:01और रूस भी BRICS देशों में से एक है.
18:04रूस से अमेरिकी डॉलर और यूरो इस्तिमाल करने का अधिकार चीन लिया गया था.
18:09ये पूरी दुनिया के लिए रिजर्व करेंसी हैं.
18:12और अमेरिका ने हमें इस रिजर्व करेंसी का इस्तिमाल करने के अधिकार से वंचित करने का फैसला किया.
18:19तो हमें क्या करना चाहिए?
18:26हमें सोचना चाहिए कि हम अपनी खुद की करेंसी क्यों ना इस्तिमाल करें?
18:31क्या इसकी कीमत अमेरिकी डॉलर के बराबर है?
18:33नहीं, कुछ हद तक तो यह उससे भी बहतर है.
18:40और हमने अलग-अलग देशों को नेशनल करेंसी इस्तिमाल करने का प्रस्ताव देना शुरू किया.
18:46ऐसा इसलिए नहीं है कि हम डॉलर के खिलाफ हैं.
18:49और हम किसी डी डॉलरलाइजेशन पॉलिसी का दावा भी नहीं करना चाहते.
18:53हम बस वही कर रहे हैं जो हमारे राश्ट्रिय हितों के लिए बहतर है.
19:04तो मैं ये कहूँगा कि असल में अमेरिका ही डॉलर को रिजर्व करेंसी के तौर पर नुकसान पहुंचा रहा है.
19:11क्योंकि अगर आप चाहते हैं कि आपकी करेंसी रिजर्व करेंसी बनी रहें,
19:24और जितना ज्यादा भरोसा खत्म हो रहा है, उतना ही भरोसा नेशनल करेंसी की तरफ बढ़ रहा है.
19:29तो यही प्रक्रिया है और यही इस प्रक्रिया का स्वरूप है.
19:38और जाहिर है, सब ही देश वही कर रहे हैं.
19:44यहां बहुत सारे लोगों के मन में ये सवाल आता है,
19:47कि अगर अमेरिका को रूस से इतनी ही दिक्कत है,
19:49तो उसने रूस का तेल पूरी तरह बंद ग्यों नहीं करवा दिया.
19:53लेकिन हकीकत में यही पर अमेरिका की असली आर्थिक चाला की समझ में आती है.
19:58अगर रूस का तेल पूरी तरह बाजार से गायब हो जाए,
20:01तो दुनिया में तेल की भारी कमी हो जाएगी.
20:03इससे तेल की कीमत है,
20:05150 डॉलर प्रतिबैरल से 200 डॉलर प्रतिबैरल तक जा सकती है,
20:09जिससे अमेरिका और पूरी दुनिया में भायनक मेहगाई और मन्दी आ जाएगी.
20:13इसलिए अमेरिका और उसके सयोग्यों ने G7 प्राइस कैप नीथी अपनाई.
20:18इसके तहए तो रूस को तेल बेचने के अनुमत ही तो है,
20:20लेकिन इसमें शर्त ये है कि रूस 60 डॉलर प्रतिबैरल से जादा कीमतों पर तेल का नर्यात नहीं कर सकता.
20:27इससे बाजार में तो तेल की सप्लाई बनी रहती है और वैश्विक कीमतें भी नियंतरन में रहती है,
20:32लेकिन रूस को उस तेल पर कोई बड़ा प्रॉफिट मार्जिन यानि मुनाफ़ा नहीं मिलता, जो उसे सूपर पावर बनाने की
20:38ताकत रखता है.
20:41और चौथा बड़ा कारण है पश्चिमी देशों की सर्विस मॉनोपली.
20:44दुनिया के पास तेल भले हो, लेकिन उस तेल को समंदर के रास्ते, एक देश से दूसरे देश भेजने के
20:51लिए जहाजों का बीमा और बड़े शिपिंग टेंकरों की ज़रूरत होती है.
20:54इस पूरी शिपिंग और इंशोरेंस इंडस्ट्री पर 90 प्रतिशत नियंतरण अमेरिका, ब्रिटिन और यूरूपिय संग की कमपनियों का है.
21:02अमेरिका ने नियम बनाया है कि जो भी जहाज रूसी तेल को तै प्राइस कैप से महंगे दाम पर ले
21:08जाएगा, उसे पश्चिमी कमपनिया इंशोनेंस नहीं देंगे.
21:11इस सर्विस मोनोपली का इस्तमाल करके भी अमेरिका तेल के बाजार में अपनी मोनोपली बनाता है.
21:17और ये बात दुनिया समझी नहीं पाती कि इन प्रतिबंधों का असली खेल यूकरेन युद्ध को रोकना नहीं है, बलकि
21:23इनका असली खेल रश्या को तेल बाजार से बाहर कर देना है.
21:27और उसके सामने ऐसे हालात पैदा करने की कोशिश है कि वो भविश्य की तकनीकों में निवेश करने के लिए
21:33पैसा न जुटा पाए और वैश्विक महाशक्ति की दौड़ में हमेशा पीछे रहे.
21:37और ये बात हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि अगर यूकरेन युद्ध अकेला इसका कारण होता, तो अमेरिका खुद भी
21:43रश्या से व्यापार बंद कर देता और व्यापार ही क्यों?
21:49पिछले हफ़ते अमेरिका ने यूकरेन से कहा था, कि वो रूस की तेल रिफाइनरों को निशान न बनाएं, और इसके
21:55बाद रश्या ने अमेरिका को इसके लिए धन्यवाद दिया था.
21:58इससे पहले ये खबर भी आई थी कि राश्पती ट्रम के बेटे डॉनल्ड ट्रम जूनियर की शादी के बाद बहमास
22:04में हुई पार्टी का खर्च रूस से जुड़े कारोबारी उमर क्रेमलेव ने उठाया था, जो राश्पती पुतिन के करीबी हैं.
22:10यानि अमेरिका के राश्पती ट्रम अपने बेटे की शादी की पार्टी में रूस के कारोबारी से पैसा खर्च करवा देते
22:16हैं, खुद रश्या के साथ व्यापार कर लेते हैं, लेकिन भारत को उसके राश्ट्रहित में फैसले लेने पर 100%
22:23टैरिफ लगाने का कानून थो�
22:37मीटिंग की थी, ये बहुत बड़ा दावा है रॉय्टोज और अक्सियोस का, कि अमेरिका ने येमिन के हूती विद्रोहियों, जो
22:45की एक आतंकी संगठन है, जो अपने आपको रिजिस्टन्स फोस कहता है, उन हूती विद्रोहियों के साथ एक सीक्रिट मीटिंग
22:52की थी, ज
23:04यानि जिस साओधी अरब ने अमेरिका के लिए अपना कच्चे तेल, अपना कच्चा तेल जो है, वो आज तक सिर्फ
23:09डॉलर में बेचा, उसी साओधी अरब के साथ, अमेरिका ने खेला कर दिया है, और अब ये खबर पूरी दुनिया
23:16को हैरान कर रही है, देखे।
23:33हूती के हमले साओधी अरब की नीद बुड़ाये हुए, साओधी अरब को लगा था कि हूती के खिलाफ अमेरिका, पाकिस्तान
23:41और तुर्किये जैसे दोस्त, मदद के लिए आएंगे, उन्होंने बोला भी कुछ-कुछ गैसा ही थी, लेकिन जब हूती के
23:47साथ, उसकी अस्�
23:48इसली जंग शुरू हुई है, तो साओधी अरब का सच से सामना हो गया है, उसे समझ में आ गया
23:53है कि उसे बचाने कोई नहीं आएगा, वो भी नहीं जो डिफेंस डील करके उसका पैसा एंचने के लिए उसका
24:00दोस्त बने थे, और वो भी नहीं जो साओधी के तेल के चक्कर
24:18लेकिन अमेरिका ने साफ इंकार कर दिया, अमेरिका ने ऐसा क्यों किया था, ये साओधी को तब समझ में नहीं
24:23आया था, लेकिन अब इस पर एक बड़ा खुलासा हो गया है
24:30दरसल डॉनल्ड टरम्प सरकार और हूती के बीच एक सीक्रेट डील हो गई है, अमेरिकी न्यूज वेब पोर्टल एक्सियोस की
24:37एक रिपोर्ट के मताबिक, डील ये हुई है कि हूती लाल सागर और बाबल मन्देप के पूरे समुदरी मार्क पर
24:42अमेरिका और अन्या अंतर
24:56के बीच ये सीक्रेट मीटेंग पिछले हफते उमान की राजधानी मसकत में हुई थी और खास बात ये है कि
25:01ये मीटेंग अमेरिकी दूताबास के अंदर हुई इससे पहले अमेरिका के उपराष्ट पति जेडी बांस ये पहले ही कह चुके
25:07हैं कि अमेरिका हूती के संपर्क
25:26वजह से वैसे ही दुनिया में कच्चे तेल का 20 प्रतिशत व्यापार प्रभावित हो रहा है।
25:56अब यहां पहले 70 जहाज प्रतिदिन गुजरते थे अब यह संख्या 26 हो गई है और अगर हूती ने भी
26:01हमले शुरू कर दिये तो स्थिती बहुत खराब हो जाएगी।
26:26उनका कहना बनाय जा रहा है। उनका कहना है कि अमेरिका से तो साल 2025 से ही उनका सीसपायर चल
26:31रहा है।
26:32और हूती और अमेरिका के इस डील की कहानी साल 2023 से ही शुरू हो जाती है जब हमास के
26:38आतंकियों ने इसराइल में रसंगार किया था।
26:40हमास के इस हमले के बाद इसराइल ने उनके खिलाप एक बड़ा सैन्न आपरेशन शुरू कर दिया था।
26:45इसराइल हमास युद्ध में यमन के हूती ने फिलिस्तीन का साथ देने का एलान किया था।
26:50युद्ध में मदद के नाम पर हूती ने लाल सागर और बाबल मंदेब ने इसराइल से जुड़े जहाजों पर ड्रोन
26:56और मिसाइल हमले शुरू कर दिये थी।
26:58हूती के इन हमलों की वज़े से लाल सागर का पूरा समुद्री मार्क खत्रे में आ गया था
27:04साल 2023 में हूती के इन हमलों ने अमेरिका और कई अन्य देशों को परिशान करके रखा था
27:10बड़े स्तर पर समुद्री व्यापार प्रभावित हो रहा था
27:13इस वजह से अमेरिका और बिटेन ने साल 2024 में हूती के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिये लेकिन इसके
27:19बावजू हूती ने लाल सागर में अपने हमले बंद नहीं किये
27:22साल 2025 में डॉनल्ड ट्रम्प की वापसी के बाद अमेरिका ने मार्च में हूती के खिलाफ एक बड़ा सैन्ने ऑपरेशन
27:29शुरू किया जिसका नाम था ऑपरेशन रफ राइडर
27:31इस ऑपरेशन के तहट करीब दो महीने तक यमन में हूती के ठिकानों पर हवाई हमले किये गए
27:37अमेरिका के इन हमलों से हूती ठंडे पड़ गए वो अमेरिकी हमलों को रुखवाना चाहते थे
27:42इस मौके का फाइदा उमान ने उठाया उसने 6 मई दोहजार पचीस को अमेरिका और हूती के बीच युद्ध विराम
27:48करवा दिया
27:49ये किसी तरह का लिखित युद्ध विराम नहीं था इसमें ये तैह हुआ था कि अमेरिकी सेना हूती के ठिकानों
27:54पर बंबारी नहीं करेगी
27:55और हूती अमेरिका और अन्य देशों के जहाजों को निशाना नहीं बनाएंगी
27:59हालांकि इस दील में इसराइल शामिल था
28:05इसराइल हमास युद्ध में भी अमेरिका तभी मैदान में उत्रा जब अमेरिकी जहाजों पर हूती ने हमले शुरू की
28:12उससे पहले वो भी कुछ नहीं कर रहा था
28:14और ठीक उसी तरह से जब सौधी अरब और हूती के बीच जंग शुरू हुई है
28:19तो अमेरिका ने हूती पर हमला करने से इंकार कर दिया
28:22क्योंकि ध्यापार प्रभावित हो सकता है
28:23दोनों ही मामलों में अमेरिका ने अपना फाइदा देखा और दोस्ती यारी को साइड लाइन कर दिया
28:29फियरो रिपोर्ट आज तर
28:49स्वीरे मिसाइल हमले का एक विडियो सब जारी किया है
28:52जबकि सौधी अरब ने इन दावों की अब तक कोई पुश्टी नहीं की है
28:56ये दावा भी ऐसे वक्त में सामने आया है
28:58जब इसी साल एप्रिल में इरान ने भी अमेरिकी F-15E को माल गिराने का दावा किया था
29:19उसकी मुश्किल क्या है और क्यों ये फाइटर जेट अब अमेरिका से लड़ाकू विमान खरीदने वाले देशों को परिशान कर
29:26सकता है
29:26उसके लिए आप हमारी ये रिपोर्ट देखे
29:40ये तस्वीरे देखकर साओधी अरब में सिर पकड़ लिया होगा और अमेरिका मुश्चिपा कर बैठ गया होगा
29:48जिस फाइटर जेट का मलबा आप देख रहे हैं उसे अमेरिका दुनिया के सबसे खतरनात और हाइटेक फाइटर जेट में
29:55से एक बताता था
29:56ये अमेरिकी फाइटर जेट एफ-15 का मलबा है जिसे हूतियों ने मार गिराया है
30:01सोचिए अमेरिका का हाइटेक फाइटर जेट हूती जैसे लड़ाकों ने मार गिराया जिनके पास हाइटेक हाथ्यार भी नहीं है
30:13हूती का दावा है कि उन्होंने यमन के मारिप में साओधी अरब के F-15 फाइटर जेक तो मार गिराया
30:20हूती नेता उने तो F-15 गिराने की तस्वीरे जारी करके साओधी अरब और अमरिका का मज़ाख उड़ाया है
30:26हूती नेता मुहमद अब्दुलसलाम ने कहा कि F-15 के मलबे की तस्वीरे इस दिये जारी की गई है
30:32ताकि पश्चिमी देश साओधी अरब की बातों में आकर उनसे लड़ने न पहुँच जाए
30:39साओधी अरब अपने इस फाइटर जेट के गिराए जाने से बहुत परिशान है
30:42वो परिशान इस लिए है क्योंकि F-15 उसकी एरफोर्स के पास मौझूद सबसे ताकतवर जेट था
30:49और उती तवारा उसे मार गिराना उसकी एरफोर्स के लिए शर्णाक है
30:54साओधी अरब के पास कोल 283 फाइटर जेट है जिनमें 231 तो केवल F-15 फाइटर जेट ही है
31:01साओधी अरब 1975 से ही अमेरिका से F-15 फाइटर जेट खरीद रहा है
31:06और समय समय पर उन्हें अपग्रेट भी करा रहा है
31:09और आज जब ग्युद्ध के मैदान में इसकी जरूरत पड़ी तो हूटी जैसे लड़ाकों ने उसे मार गिराया
31:18साओधी अरब के लिए कितनी बड़ी चिंता की बात है कि वो अपने सबसे ताकत पर फाइटर जेट के दम
31:23पर हूटी को हराने की योजना बना रहे हैं
31:26और हूटी उसी फाइटर जेट को मार गिरा रहे हैं
31:29सौधी के पास बूती पर हवाई हमले करने के लिए फाइटर के विकल्ट बहुत कम है
31:34सौधी को लगा था कि अमेरिका का ये फाइटर जेट उसके बहुत काम आने वाला है
31:38क्योंकि अमेरिका ने इसको लेकर बहुत बड़े बड़े दावे किये थे
31:42अमेरिका का दावा है कि F-15 को हवाई लड़ाई में आज तक कोई नहीं गिरा पाया है
31:47और ये अभी तक सही माना जाता है
31:51क्योंकि F-15 को हवाई लड़ाई में नहीं बलकि जमीन से हमला करके गिरा गया है
31:58F-15E एक ट्विन इंजन मल्टी रोल ओल वेदर फाइटर जेट है
32:02जिसे एक पाइलिट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर चलाते हैं
32:06इसलिए F-15 अमेरिकी एरफोर्स का भी एक फ्रंट लाइन फाइटर जेट है
32:11जिसे अटैक मिशन के लिए इस्तिमाल किया जाता है
32:14F-15 से 10,000 किलोग्राम तक के हतियार ले जाए जा सकते हैं
32:18और इसमें लेजर गाइड़िड बम, एर टो एर मिसाइल और जीपियस गाइड़िड हतियार भी शामिल है
32:23F-15 के रफ़तार 29,000 किलोमीटर प्रती घंटा तक हो सकती है
32:27और इसकी एक खासियत ये भी है कि वो रात के सबै में भी कई टागेट का पता लगा सकता
32:33है
32:33और उन्हें ट्रैक करके हमला कर सकता है
32:38इसकी इसी खासियत की वज़े से कई देशों ने अमेरिका से ये फाइटर जेट खरीदा है
32:45इस वक्त F-15 फाइटर जेट इसराइल, साओधी अरब, सिंगापूर, कतर और जापान के पास है
32:51इसराइल और साओधी के पास F-15E हैं और जापान के पास F-15J
32:56वही सिंगापूर और कतर जैसे देश इसका अप्ग्रेड़िड वर्जिन F-15EX Eagle 2 इस्तिमाल करते हैं
33:05हलाकि F-15 की बेजोड काबलियत के बावजूद, युद्ध के मैदान में ये कई बार नकाम रहा है
33:10हाल के दिनों में ही कई F-15 गिराने का दावा किया गया है
33:15इसी साल अप्रेल में इरान के खातम अल-अन्बिया सेंट्रल हेड़कॉर्टर्स ने दावा किया
33:20कि उनके एर डिफेंस सिस्टम ने एक F-15 को ध्वस्त कर दिया
33:24ये F-15 E था जो टू सीटर फाइटर जेट था
33:28मार्च में भी इरान ने एक F-15 मार गिराने का दावा किया था
33:32लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने उसे खारिच कर दिया था
33:35इसके बाद कुवेट में 3 F-15 मार गिराए गए थे
33:38लेकिन ये अमेरिकी फाइटर जेट कुवेट के एर डिफेंस सिस्टम ने गल्ती से मार गिराए थे
33:46भूती के द्वारा F-15 को मार गिराए जाने के बाद
33:49अमेरिकी दावे और सुदी का F-15 पर भरोसा दगबगा रहा होगा
33:55हेरो रिपोर्ट आज तक
34:01खर आगे बढ़ते हैं और आपको ये दिखाते हैं कि इरान पर हमले की अमेरिका ने अब तक क्या कीमत
34:07चुकाई देखे
34:25अमेरिका बिलकुल नहीं चाहता कि हुर्मुस के बाद अब बाब अलमंदेब में भी उसके लिए युद्ध का एक नया मोर्चा
34:31खुल जाए
34:32हुर्मुस से जहाजों की आवाजाही करवाने के लिए अमेरिकी सेना को पूरी ताकत छोपनी पड़ती है
34:37तब जाकर कही किसी दिन 10 तो किसी दिन 20 जहाज गुदर पाते हैं
34:42आया जीसी के हमलों की वज़े से हुर्मुस से जहाजों की आवाजाही करवाना बहुत मुश्किल हो गया है
34:49अब अगर लाल सागर में भी अमेरिकी सेना हूती के खिलाफ युदर के मैदान में उतरी
34:54तो अमेरिका के हत्यारों की खबद भी बढ़ेगी और उनका खर्चा भी बढ़ेगा
34:58फिल्हाल जो स्थिती है उसमें अमेरिका नहीं चाहता कि वो युद्र के दो मोचे खोल कर अर्बो डॉलर समंदर में
35:05बहाता रहे
35:05इरान में ही अमेरिका भारी नुकसान धेल चुका है और ये अब भी जारी है
35:16इरान के हमलों में अभी तक अमेरिका 3,63,000 करोड रुपे खर्च कर चुका है
35:22और युद्र जारी रहने की स्थिती में हर महीने करीब 28,727 करोड रुपे का खर्च इसमें और जुड जाता
35:29है
35:29एक तरह से अभी की स्थिती में इरान युद्र अमेरिकी अर्थ ब्यवस्था पर एक बड़ा बोज बना हुआ है
35:36युद्र में अमेरिका को हत्यारों का भी भारी नुकसान हुआ है
35:40जिसमें काई फाइटर जेट्स हवा में इंधन भरने वाले हवाई जहाज, फाइटर हेलिकॉप्टर और ड्रोन शामिल है
35:48इस युद्र में अब तक अमेरिका के चार F-15E फाइटर जेट्स, एक F-35A फाइटर जेट्स और एक A
35:55-10 ड्राउंड अटैक एरक्राफ्ट तबाह हुए है
35:58इसके अलावा हवा में इंधन भरने वाले साथ KC-135 हवाई जहाज और एक E-3 अर्ली वार्निंग सिस्टम एर
36:06ड्राफ्ट तबाह हुआ है
36:07इसके अलावा पाँच हेलिकॉप्टर, एक सविलांस एरक्राफ्ट और एक अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर भी तबाह हुए है
36:14युद्र के दोरान अमेरिका के 30 MQ-9 रीपर ड्रोन भी मार गिराए गए है
36:19अभी एरान युद्र खत्त नहीं हुआ है और ये कब तक चलेगा इसकी कोई समय सीमा तै नहीं है
36:25सीसवायर की चर्चा करना भी फिलहाल बेमानी है
36:28ऐसे में अगर अमेरिका ने हूती के खिलाफ युद्र का दूसरा मोर्चा खोल दिया
36:32तो सैन खर्च की सभी सीमाएं पार हो जाएंगी
36:35और डॉनल्ड ट्रम्प की सरकार को ये समझाना भारी पड़ जाएगा
36:39कि आखिर दो मोर्चों पर अकेले युद्र कब तक लाजाएगा
36:44नवंबर में ही अमेरिका में में टर्म चुनाव होने वाले हैं
36:47और अगर युद्र का कोई अंग निकलता नहीं देखता और खर्च ऐसे ही बढ़ता रहा
36:52तो ट्रम्प को भारी नुकसान होने की संभादना है
36:55ऐसे में वो युद्र का नया मोर्चा बिलकुल नहीं खोलना चाहते
36:59विरो रिपोर्ट आज तक
37:03तेलिग्राफ की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है कि चाइना दुनिया का पहला अंडर वाटर ड्रोन मदर्शिप बना रहा है
37:09जो पूरी तरह रोबोट टेकनालोजी पर आधारित होगा
37:12और क्यों दुनिया चाइना के इस मदर्शिप को लेकर चिंता जटा रही है
37:17उस पर हमारी ये रिपोर्ट भी
37:27समंदर की लडाई में चीन अब अपना एक नया हत्यार लेकर आने वाला है
37:31ये किसी भी बाग जंग की सूरत बदल सकता है
37:34इस नया हत्यार ने दुनिया की सैने महाशक्तियों के भी होश उड़ा दिये है
37:40चीन दुनिया का पहला अंडर वाटर ड्रोन मदर्शिप बना रहा है
37:45ये ऐसी सब्मरीन होगी जो पूरी तरह से आटोमैटिक और अनमैंड होगी
37:50यानि समंदर के अंदर मौझूद इस सब्मरीन को जमीन पर मौझूद किसी कमांड सेंटर से चला जा सकेगा
37:57फाल फिलहल के जितने भी युद्ध चल रहे हैं उसमें डोन हत्यारों का दम पूरी दुनिया देख रही है
38:04डोन अटाक के जरिये यूकरेन रशा पर कई बार भारी परता दिखता है
38:09डोन के जरिये हमला करके आया जिसी भी अमेरिकी सेना को चौकाती रही है
38:13चीन ने दो कदम आगे की सोची है
38:16ये पहली बार है जब किसी देश ने समंदर की लडाई के लिए डोन का घातक परूब तयार कर लिया
38:22है
38:24अमेरिकी डिफेंस इंटेलिजन्स कंपनी विंटॉर ने एक तस्वीर जारी की है
38:28ये तस्वीर है हुडोंग जोग हुआ शिप्याड की जहां एक लाल जहाज बनते हुए दिखाया गया है
38:35सैटलाइट तस्वीरों में देख रहा ये जहाज ही अंडर वाटर डोन मदर शिप बताया जा रहा है
38:42चीन के अंडर वाटर डोन मदर शिप के लंबाई करीब 205 मीटर और चौड़ाई 27 मीटर है
38:48इसके पिछले हिस्से में करीब 55 मीटर लंबी और 13 मीटर चौड़ी वेट वेल है
38:53जिसके जरिये और्टोनॉमस सब्मरीन समंदर में उतर पाएगी
38:56वेट वेल के आगे बंध हैंगर है जहां चार अन्मैंड सम्मरीन रखी जाएगी
39:03अन्मैंड सम्मरीन का सबसे बड़ा फाइदा ये होगा कि उन्हें क्रू के लिए जगह या लाइफ सपोर्ट सिस्टम की ज़रूरत
39:09नहीं होगी
39:10और खतरनात मिशन पर इसे तुरंट उतरा जा पाएगा
39:15देखिए समत्री सकती संतुलन में चीन आगे निकल रहा है और ये देखना होगा कि अब वो आक्रमक निती अपना
39:22रहा है
39:22अपनी तकनीकी का इस्तेमाल करके वो अंडर वाटर मानो रही ड्रोन का प्रियोग कर रहा है जिसकी रिपोर्ट आ रही
39:30है लगाता इससे पूरे इस टेशिया से लेटर के आसियान कंट्री और भारत जो पुरा इंडो पैसिफिक और इंडिया नोसिंग
39:37का पुरा रीजन जो
39:50पर उसके जो एग्रेसिव पोस्टरिंग हमेशा रहती है जैसे फिलिपिन्स हो जपैन हो इस तरह के जो देश हैं जो
39:55परिसान रहते हैं या उनके जहाजों पर चीन कभी ब्लॉकिंट करता है कभी आकरमन करता है तो अब अंडर वाटर
40:04ड्रोन से एक समधर के अंदर युद्
40:19प्रणवरी में हुआ था लेकिन अब की बार चीन ने साउथ चाइना सी के हेनां द्रीप के पास कुछ अन्मैंड
40:26पंडुब्यों का परिक्षार पूरा कर लिया है यारी पंडुब्यां पैयार हो चुकी है और उन्हें बस अपनी मदर्शिप का इंतजार
40:33है आज तक ब्योर
40:36प्रणवंत्वी नरेंद्र मोदी के 76 जनदन पर बीजेपी कारकरता केंदर की योजनाओं के लाभारती और प्रणवंत्वी मोदी के समर्थ को
40:43ने विशेश उत्सव मनाया पूरा देश उत्सव और सेवा के अनूठे रंग में रंगा नजार आया अगर आप देखें तो
40:50
41:06जन्म भूमी से कर्म भूमी तक आस्था से सेवा तक प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के 76 में जनम दिन के
41:13मौके को बीजेपी और एंडिये ने पूरे देश में भारत संपर्क और सेवा पर बना दो
41:21कोने कोने में सेवा संकल्फ अभियान के तहथ आशिरवात का दिया जलाया गया तो वहीं गुजरात के वरनगर से लेकर
41:27बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी थक वाइकर्स के महा काफिले की गून सुनाई
41:33वारानसी के काशी विश्वनात मंदर में विशेश दर्शन पूजन हुआ जहां रक्षमंत्री राशनात सिंग, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदितनाथ, आंध्र
41:40प्रदेश के मुख्यमंत्री चंदरबाबु नाईडू और केंद्रिय मंत्री चिराग पास्वान एक सा
41:59सद्यक्षे, सब लोग यहां पर पूजा अर्चन करने के लिए काशी विश्वनात का आये थे, और विधिवत पूजा अर्चन का
42:06कारिश्वंपन हुआ है, और हम लोगों ने इस सर से प्रातना की है, कि हमारे प्रदान मंत्री मोदी जी को
42:13वह दिरगायू करेंगे.
42:17वहीं दूसरी तरफ पीम मोदी की जन भूमी वर्डनगर के हटकेश्वर महादे मंदिर में केंद्रिय ग्रह मंत्री अमिच्छा, गुजरात के
42:24सियम भुपेंद्र पटेल, महराष्ट के डिप्टी सियम एकनाथ शिंदे और केंद्रिय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने वि�
42:44240 करोड लोगों को विक्सित भारत की यात्रा के साथ जोडने का काम किया
42:53इसके साथ ही शुरवात हुई जन भूमी से कर्म भूमी को जोडने वाली एक एतिहासिक यात्रा के
42:57वारानसी से वड़नगर और वड़नगर से वारानसी के लिए
43:003-300 यानि कुल 600 बाइकर्स की रैली को
43:03एक साथ हरी जंडी दिखाईगे
43:05आदामी 7 अक्टुबर को
43:07पीम मोदी के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री पत के
43:0925 साल पूरे हो रहे हैं
43:11ये 600 बाइकर्स देश के साथ राज्यों के
43:14193 जिलों और सैक्ड़ों गाउं से गुजरते हुए
43:17मोदी जी के 25 वर्षों के सेवाकारियों का संदेश
43:19जन जन तक पहुँचाएंगे
43:21प्रधानमंत्री के जर्म दिन के साथ ही
43:2317 सितंबर से 17 अक्टुबर तक चलने वाले
43:26बीजेटी के महिने पर लंबे सेवा संकल्प अभिहान का
43:28विकुल भी बजगया है
43:29इन दौर में बीजेटी के अध्याक्ष नितिन नवीन ने
43:32भव्वे रोडशो किया
43:34उधर देश भर में आशिरबात का दिया कारिक्रम के तहट
43:37अग्भूत नजारा देखने को मिलावा
43:39लखनों के राष्ट्रिय प्रेडना स्थल पर
43:40एक लाख दियों की रोशनी से पूरा परिसर नहला उठा
43:45भवनेश्वर में 40,000 से अधिक आदिवासी चात्र चात्राओं ने
43:48एक साथ दिये जलाकर अपने प्रिय प्रधानमंत्री को शुबकाम नाएं
43:53कोलकता में शुबिंदु अधिकारी ने भुगरी तटपर आतिशबाजी के बीच दिये जला
43:59उत्राखंट के कालसी में सीम पुषकर सिंग धामी पटना मरीन डिराइपर समराच चौधरी
44:03इसके अलाबा दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुपता प्रवेश्वरमा और आशीश सूथ भी इस दियापर में शामिल हुए
44:09कुल बिलाकर प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस 76 में जनमदिन को बीजेपी ने सेवा समर्पन और जनसंपर का उत्सव बना
44:16दिया
44:17आज तक बियो
44:21और अब बात पुल्यूशन के सिल्यूशन की
44:23आज तक और दिल्ली सरकार के संयुक्त अभ्यान में प्रदूशन से निपटने के तरीकों पर नए-नए अविश्कार सामने आ
44:29रहे है
44:29आज हम आपको एक ऐसा ही अनूठा डिवाइस दिखाने जा रहे है
44:32जो बारिश के मौसम में स्मार्ट तरीके से काम करता है
44:53मेरा नाम राजन हांडा है और मैं MRH Technologies Private Limited में डारेक्टर हूँ
44:59यह जो प्रड़क्ट आप मेरे पीछे देख रहे हो इसको फिल्टर क्यूब बोलते हैं
45:03यह फोस्ट एर सर्कुलेशन के टेक्नोलोजी से इस्तमाल किया जाता है
45:08यह रोड की डस्ट को देखती है, स्मोक को देखती है
45:11उसके इलावा कुछ जो गैसे हैं जैसे NO2 है या SO2 है जो की हामफुल होती है
45:17यह उसको भी कैप्चर करती है
45:19सारा समान जो इसके अंदर लगता है वो चाहे इंजीनियर दिल जर्मनी में हुआ है
45:24लेकिन अंदर इंडिया में हो रहा है
45:26असेंबल इंडिया में हो रहा है
45:27इससे इसकी कोस्त अप्रोडक्शन भी बहुत रीजिबल हो जाती है
45:31और इसकी अवेलबिलिटी भी बहुत अच्छी हो जाती है
45:34और श्रविसिंग भी हो जाती है
45:38I am Priyanka Manocha, founding team of MRS Technologies Private Limited
45:43and on my right is Pranav Kaushik from our partner company Man & Hummel
45:50and he is Stephen, another employee colleague from Man & Hummel
45:55so together we bring to you the pollution solution that you see behind us
46:01which is called as filter cube
46:03एक क्रिकेट स्टेडियम के अंदर जितनी हवा बर सकती है
46:06उतनी हवा हर गंटे ये एक मशीन करके एरिया में डालती है
46:11तो ऐसी मल्टिपल मशीन से अब हम यूज करते हैं
46:14तो वाट वी ट्राइट टू एक हम एक प्लीन एर जोन क्रियेट करते हैं उस एरिया के लिए
46:18ताकि वहाँ का जो लोकलाइज पलूशन है वो लोगों के ब्रीधिबल लिमिट्स में आ जाए
46:39तो आज के लिए ब्लाक इन वाइट में इतना ही अब आप से हमारी अगली मुलाकात होगी
46:42कल रात 9 बजे तब तक आप कुछ रहिए स्वस्त रहिए सुरक्षत रहिए और बाटने का इलजाम दीवार पर है
46:48लेकिन सच ये है कि आज एक कमरे में भी लोग अलग अलग रहते हैं नमस्कार
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