00:00देशाज पियम मोदी का 76 जनम दिन मना रहा है।
00:04गुजरात के छोटे से गाउं वर्णगर के एक साधारन परिवार में जन्में
00:08नरेंद्र, दामुदर, दास, मोदी आज, दुनिया के सबसे बड़े लोककंत्र के प्रधान है।
00:14लेकिन इस मुकाम कत पहुँचने से पहले उनके व्यक्तित्व की नीव उन्ही शुरुवाती वर्षों में पढ़ी जब वो वर्णगर के
00:22एक स्कूल में पढ़ने वाले छात्र थे।
00:24बच्पन की जिग्यासा, सीखने की ललक, मंच पर अपनी बात रखने का आत्मविश्वास और जिम्मेदारियों के प्रती गंभी इता।
00:33बाल नरेंद्र मोदी के शिक्षक एकसी पटेल आज भी इन खूबियों को याद करते हैं।
00:40वड़नगर के बी एन हाई स्कूल में 1965 से 1967 तक नरेंद्र मोदी को गणिद और विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षक
00:48एकसी पटेल ने अपने छात्र की कई यादे सांजा की।
00:53जिसमें एक तरफ पढ़ाई में तेज और हर गतिविदी में आगे रहने वाला छात्र नजर आता है। तो वहीं दूसी
01:00तरफ बच्पत से ही कुछ अलग करने का जुनून भी दिखाई देता है।
01:04एकसी पटेल बताते हैं कि नरेंद्र मोधी पढ़ाई में बेहत तेश तो थे ही सामाजिक और सांत्रितिक गतिविद्यों में भी
01:11अग्रहनी रहते थे।
01:34स्थल करीब 10 मनें तक तालियों की गड़गाडा हाट से गुशता रहा।
02:10लेकिन नरेंद्र मोधी के छात्र जीवन की सबसे चर्चित यादों में से एक है मगरमच का बच्चा पकड़ने वाला किस्सा।
02:18एक्सी पटेल वो किस्सा ऐसे बया करते हैं जैसे मानो कल की ही बात हो।
02:23हो मगर का बच्चे हमारे बच्चे में शर्मिष्टा तालाव है।
02:27शर्मिष्टा तालाव से हो मगर के छोटे बच्चे को लेकर वो घर पर आए थी।
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03:10I don't want to be able to do any work.
03:14I didn't want to be able to do any work.
03:15We were the teachers.
03:19They said that they were less than the same.
03:23They said, I was gone, I didn't want to be able to do any work.
03:27They were also written their name, but they didn't get transferred.
03:30My son was the law of JS.
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