00:28Tata Group
00:30trust ने इस फैसले को कानूनी तोर पर आमाने बताया और अब नोयल टाटा का एक बयान इस पूरे विवाद
00:35को और बड़ा बना रहा है उन्होंने money control से कहा कि उन्होंने चंदरा की न्यूकती के खिलाफ vote किया
00:41था और उनका vote गलत तरीके से इस्तिमाल किया गया नोयल टाटा ने क
00:59चंदर सेखरन की दुबारा पांच साल की न्यूकती पर असर पर सकता है तो चलिए पूरी कहानी को समझाते हैं
01:05इस वीडियो में अंतक बने रहिए दरसल कहानी शुरू होती है 12 अगस 2026 से उस समय एंच चंदर सेखरन
01:11ने टाटा संस की बोर्ट को बताया था कि वह अपना म�
01:17पद के लिए खुद को पेश नहीं करेंगे उनका मौझूदा कारेकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म होना था टाटा ट्रस्ट
01:24का कहना है कि चंदर सेखरन का यह फैसला स्वतंत रूप से लिया गया था साफ तोर पर बताया था
01:29और ट्रस्ट ने इससे स्विकार भिकट लिया था इसक
01:43का कहना है कि यह फैसला सर्वजनिक रूप से भी सामने आ चुका था और इसके अधार पर ग्रूप के
01:48इंपलाईज, लेंडर, काउंटर पार्टीज, मार्केट और सबसे बड़े शेयर होल्डर्स ने आगे की प्रक्रिया को लेकर कदम उठाए इसलिए ट्रस्ट
01:56का तर्क है
01:57कि एक बार यह फैसला सर्वजनिक होने के बाद उसके को सिक्वेंस को बाद में पलटना आसान नहीं है, लेकिन
02:03करीब एक महीने बाद तस्वीर पूरी बदल गए, 17 सितंबर को टाटा संस के बोड की बैठक होई और चंदर
02:09सेखरन को पांच साल के लिए फिर से चेयर मैन बन
02:27यहीं से असली कानूनी और कार्परेट लड़ाई की सुरुआत होती है, टाटा टरस्ट का कहना है कि टाटा संस के
02:33आर्टिकल्स और एसोसियेशन में चीयर मैन की न्युक्ती से जुड़ी एक खास व्योस्था है, टरस्ट के मुताबिक टाटा टरस्ट द्वारा
02:39न्युक्ती
02:52बावजूद भी रिजुलोसन को पास किया जाना टरस्ट के अनुसार कानूनी तोर पर सही नहीं है, इसी अधार पर टरस्ट
02:58ने इसे लीगल नियुलिटी यानि की कानूनी रूप से अमान ने बताया है और विबात को और गंभीर बनाने वाली
03:04बात नोयल टाटा का वीटो �
03:06वाला बयान है, नोयल टाटा ने मनी कंट्रोल से कहा कि उन्होंने चंदर सेकरन की अपॉइन्मेंट के खिलाफ वोट किया
03:12था, लेकिन उनका वीटो लीगल ओपिनियन के अधार पर गलत तरीके से ओवर राइट किया गया, उन्होंने साफ कहा कि
03:18वह इस फैसले को इलीगल मा
03:32यानि कि डिवाई चंदचूर की लीगल ओपिनियन भी बोर्ड रूम के सामने रखी, टाटा ट्रस्ट के मुताविक इस लीगल ओपिनियन
03:39में ट्रस्ट की पोजीशन का समर्थन किया गया था, लेकिन ट्रस्ट का आरोफ है कि बोर्ड ने इस राय को
03:44ध्यान में नहीं लिया,
03:45दूसरी तरफ टाटा संस के बोर्ड ने चंदर सेखरन की रियापॉइन्मेंट को मंजूरी दी है, इसलिए इस समय दोनों पक्षों
03:52की कानूनी स्थिती पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, अब अगली बड़ी नजा टाटा संस की AGM पर है क्योंकि
03:57चंदर सेखरन को सिर्फ च
04:12चंदर सेखरन को हटाने की कोशिश की जा सकती है, मेडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टाटा ट्रस्ट की तरफ से AGM
04:18में चंदर सेखरन को हटाने की कोशिश की जा सकती है, वहीं अगर डाइरेक्टर के पद से चंदर सेखरन हटते
04:24हैं तो वे चियर्मेन के पद पर भी नही
04:28in the right way that will get rid of all of you.
04:29Therefore, not only about this,
04:32but this is the case that Tata Suns
04:33has the same size for 5 years.
04:36This is one of the key things about Tata Suns
04:38when you have an Enlightenment
04:39and you can get a steadying
04:43of the Director in the Bay Area.
04:45One of the key things that have was
04:45you have invested in Tata Suns
04:48at about 36% capacity destinies.
04:50The third phase is the total
04:52K spinning company
04:54for a two-story part.
04:56को लेकर हुआ यह टकराव सिर्फ एक बेसिक न्युप्टिकामामला नहीं रह
05:00जाता बल्कि ग्रुप के गौवर्णिंस श्ट्रक्ट्चर और ब्रेशियं मेकिंग
05:03पॉर से जुड़ा एक बढ़ा सवाल बन जाता है लेकिन कहानी में एक और
05:07Tata Suns की Listing को लेकर
05:09Tata Suns को लेकर RVI की Regulatory Requirement के बीच
05:13Listing का मुद्दा भी सामने आया
05:14Tata Suns के Board ने Regulatory Requirement का प्लान बनाने के लिए
05:18आगे की प्रक्रिया पर कदम उठाने की बात कही है
05:21लेकिन Tata Trust ने साफ कहा है कि उसने Tata Suns की Listing को मंचूरी नहीं दी है
05:26और Trust चाहता है कि Listing के अलावा दूसरे सभी विकल्पों को भी एक्स्प्लोर किया जाए
05:31यानि चेयर्मेन की न्यूकती के साथ साथ लिस्टिंग का मुद्दा भी Tata Group के अंदर मद्वेद का एक और बड़ा
05:37कारण बन गया है
05:38इसलिए आने वाले समय में Tata Suns की AGM, Noel Tata और Tata Trust की आगे की रणनी थी
05:43बोट के फैसले और regulatory development बहत एहम होंगे
05:47फिलाल बोट ने 4 एक के बहुमत से चंदर सेखरन को अगले 5 साल के लिए दुबारा चेयर्मेन बनाने का
05:52फैसला कर दिया है
05:53लेकिन Tata Trust ने इसे स्विकार नहीं किया और Noel Tata ने अपने बिरोट को सरवचनिक कर दिया है
05:59कुल मिलाकर Tata Group में इस वक्त लड़ाई सिर्फ एक चेयर्मेन की कुरसी की नहीं दिख रही
06:03बलकि सवाल यह भी सामने हैं कि Tata Suns में गवर्नेंस और डिसीजन मेकिंग का अंती मधिकार किस तरह इस्तेमाल
06:10होगा
06:10एक तरफ चंदर सेखरन को बोड का समर्थन मिला है तो दूसरी तरफ Noel Tata और Tata Trust इस फैसले
06:16की बैधता पर सवाल उठा रहे है
06:18अब देखना होगा कि यह टकडा और बोर्ड रूम में सुलचता है या फिर AGM तक पहुंचता है या फिर
06:23मामला कानूनी रास्ते तक जाता है
06:25आपको क्या लगता है अपनी राए कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं और ऐसे ही तमाम अपटेट्स और शियर मार्केट से
06:30जुड़ी तमाम चानकारी के लिए आप बने रहें गुड रिटरंस दिश्टल के साथ
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