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Tata Group में चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Tata Sons के चेयरमैन N Chandrasekaran को दोबारा 5 साल का कार्यकाल देने के फैसले पर Tata Trusts के चेयरमैन Noel Tata ने विरोध जताया है। 17 सितंबर को Tata Sons के बोर्ड ने 4-1 से Chandrasekaran की reappointment को मंजूरी दी, लेकिन Noel Tata ने इसके खिलाफ वोट किया। Noel Tata ने दावा किया कि उनका veto legal opinion के आधार पर गलत तरीके से override किया गया और उन्होंने अपना dissent दर्ज कराया। Tata Trusts ने भी इस reappointment को “legal nullity” यानी कानूनी तौर पर अमान्य बताया है। इस पूरे विवाद में Tata Sons के Articles of Association, Tata Trusts के nominee directors की भूमिका, Chandrasekaran की संभावित reappointment, आगामी AGM और Tata Sons की listing का मुद्दा भी अहम है। आखिर Tata Group में यह पूरा संग्राम क्यों छिड़ा और आगे क्या हो सकता है? जानिए पूरी कहानी।


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00:28Tata Group
00:30trust ने इस फैसले को कानूनी तोर पर आमाने बताया और अब नोयल टाटा का एक बयान इस पूरे विवाद
00:35को और बड़ा बना रहा है उन्होंने money control से कहा कि उन्होंने चंदरा की न्यूकती के खिलाफ vote किया
00:41था और उनका vote गलत तरीके से इस्तिमाल किया गया नोयल टाटा ने क
00:59चंदर सेखरन की दुबारा पांच साल की न्यूकती पर असर पर सकता है तो चलिए पूरी कहानी को समझाते हैं
01:05इस वीडियो में अंतक बने रहिए दरसल कहानी शुरू होती है 12 अगस 2026 से उस समय एंच चंदर सेखरन
01:11ने टाटा संस की बोर्ट को बताया था कि वह अपना म�
01:17पद के लिए खुद को पेश नहीं करेंगे उनका मौझूदा कारेकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म होना था टाटा ट्रस्ट
01:24का कहना है कि चंदर सेखरन का यह फैसला स्वतंत रूप से लिया गया था साफ तोर पर बताया था
01:29और ट्रस्ट ने इससे स्विकार भिकट लिया था इसक
01:43का कहना है कि यह फैसला सर्वजनिक रूप से भी सामने आ चुका था और इसके अधार पर ग्रूप के
01:48इंपलाईज, लेंडर, काउंटर पार्टीज, मार्केट और सबसे बड़े शेयर होल्डर्स ने आगे की प्रक्रिया को लेकर कदम उठाए इसलिए ट्रस्ट
01:56का तर्क है
01:57कि एक बार यह फैसला सर्वजनिक होने के बाद उसके को सिक्वेंस को बाद में पलटना आसान नहीं है, लेकिन
02:03करीब एक महीने बाद तस्वीर पूरी बदल गए, 17 सितंबर को टाटा संस के बोड की बैठक होई और चंदर
02:09सेखरन को पांच साल के लिए फिर से चेयर मैन बन
02:27यहीं से असली कानूनी और कार्परेट लड़ाई की सुरुआत होती है, टाटा टरस्ट का कहना है कि टाटा संस के
02:33आर्टिकल्स और एसोसियेशन में चीयर मैन की न्युक्ती से जुड़ी एक खास व्योस्था है, टरस्ट के मुताबिक टाटा टरस्ट द्वारा
02:39न्युक्ती
02:52बावजूद भी रिजुलोसन को पास किया जाना टरस्ट के अनुसार कानूनी तोर पर सही नहीं है, इसी अधार पर टरस्ट
02:58ने इसे लीगल नियुलिटी यानि की कानूनी रूप से अमान ने बताया है और विबात को और गंभीर बनाने वाली
03:04बात नोयल टाटा का वीटो �
03:06वाला बयान है, नोयल टाटा ने मनी कंट्रोल से कहा कि उन्होंने चंदर सेकरन की अपॉइन्मेंट के खिलाफ वोट किया
03:12था, लेकिन उनका वीटो लीगल ओपिनियन के अधार पर गलत तरीके से ओवर राइट किया गया, उन्होंने साफ कहा कि
03:18वह इस फैसले को इलीगल मा
03:32यानि कि डिवाई चंदचूर की लीगल ओपिनियन भी बोर्ड रूम के सामने रखी, टाटा ट्रस्ट के मुताविक इस लीगल ओपिनियन
03:39में ट्रस्ट की पोजीशन का समर्थन किया गया था, लेकिन ट्रस्ट का आरोफ है कि बोर्ड ने इस राय को
03:44ध्यान में नहीं लिया,
03:45दूसरी तरफ टाटा संस के बोर्ड ने चंदर सेखरन की रियापॉइन्मेंट को मंजूरी दी है, इसलिए इस समय दोनों पक्षों
03:52की कानूनी स्थिती पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, अब अगली बड़ी नजा टाटा संस की AGM पर है क्योंकि
03:57चंदर सेखरन को सिर्फ च
04:12चंदर सेखरन को हटाने की कोशिश की जा सकती है, मेडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टाटा ट्रस्ट की तरफ से AGM
04:18में चंदर सेखरन को हटाने की कोशिश की जा सकती है, वहीं अगर डाइरेक्टर के पद से चंदर सेखरन हटते
04:24हैं तो वे चियर्मेन के पद पर भी नही
04:28in the right way that will get rid of all of you.
04:29Therefore, not only about this,
04:32but this is the case that Tata Suns
04:33has the same size for 5 years.
04:36This is one of the key things about Tata Suns
04:38when you have an Enlightenment
04:39and you can get a steadying
04:43of the Director in the Bay Area.
04:45One of the key things that have was
04:45you have invested in Tata Suns
04:48at about 36% capacity destinies.
04:50The third phase is the total
04:52K spinning company
04:54for a two-story part.
04:56को लेकर हुआ यह टकराव सिर्फ एक बेसिक न्युप्टिकामामला नहीं रह
05:00जाता बल्कि ग्रुप के गौवर्णिंस श्ट्रक्ट्चर और ब्रेशियं मेकिंग
05:03पॉर से जुड़ा एक बढ़ा सवाल बन जाता है लेकिन कहानी में एक और
05:07Tata Suns की Listing को लेकर
05:09Tata Suns को लेकर RVI की Regulatory Requirement के बीच
05:13Listing का मुद्दा भी सामने आया
05:14Tata Suns के Board ने Regulatory Requirement का प्लान बनाने के लिए
05:18आगे की प्रक्रिया पर कदम उठाने की बात कही है
05:21लेकिन Tata Trust ने साफ कहा है कि उसने Tata Suns की Listing को मंचूरी नहीं दी है
05:26और Trust चाहता है कि Listing के अलावा दूसरे सभी विकल्पों को भी एक्स्प्लोर किया जाए
05:31यानि चेयर्मेन की न्यूकती के साथ साथ लिस्टिंग का मुद्दा भी Tata Group के अंदर मद्वेद का एक और बड़ा
05:37कारण बन गया है
05:38इसलिए आने वाले समय में Tata Suns की AGM, Noel Tata और Tata Trust की आगे की रणनी थी
05:43बोट के फैसले और regulatory development बहत एहम होंगे
05:47फिलाल बोट ने 4 एक के बहुमत से चंदर सेखरन को अगले 5 साल के लिए दुबारा चेयर्मेन बनाने का
05:52फैसला कर दिया है
05:53लेकिन Tata Trust ने इसे स्विकार नहीं किया और Noel Tata ने अपने बिरोट को सरवचनिक कर दिया है
05:59कुल मिलाकर Tata Group में इस वक्त लड़ाई सिर्फ एक चेयर्मेन की कुरसी की नहीं दिख रही
06:03बलकि सवाल यह भी सामने हैं कि Tata Suns में गवर्नेंस और डिसीजन मेकिंग का अंती मधिकार किस तरह इस्तेमाल
06:10होगा
06:10एक तरफ चंदर सेखरन को बोड का समर्थन मिला है तो दूसरी तरफ Noel Tata और Tata Trust इस फैसले
06:16की बैधता पर सवाल उठा रहे है
06:18अब देखना होगा कि यह टकडा और बोर्ड रूम में सुलचता है या फिर AGM तक पहुंचता है या फिर
06:23मामला कानूनी रास्ते तक जाता है
06:25आपको क्या लगता है अपनी राए कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं और ऐसे ही तमाम अपटेट्स और शियर मार्केट से
06:30जुड़ी तमाम चानकारी के लिए आप बने रहें गुड रिटरंस दिश्टल के साथ
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