00:00Today we will meet an entire human life in a very brutal health background.
00:07We will talk about a of our human rights.
00:13But by that, we will talk about an entire human life without our rights.
00:15However, in order to be able to do this whole life without our rights and parents,
00:19we will talk about these problems in our lives.
00:19Today, we will talk about an actual human rights.
00:22We will talk about an entire human rights and the誰 comforment of our lives.
00:25This is our truth to our lives,
00:27अच्छा कभी सोचा है कि इनसानियत के सबसे बड़े खौफ आखिर हैं क्या हम लोग अकसर मौत के अंजान डर
00:35मालिया तबाह होने या लोगों के सामने शर्मिन्दा होने के बोच्छ तले दब जाते हैं यह खौफ दिलों में एक
00:42बेचैन समंदर की तरह तूफान बर्पा कर
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01:55When people come to us, when people come to us or go to us, this is a better filter.
02:01After that, the fact is that we actually are our own and who are our own and who are our
02:06own time.
02:07This is not the truth, but the truth is the truth.
02:11And then, the fear comes to us.
02:13How many people do not only do this because they feel like they are failing.
02:19But the fear comes to us.
02:22Why do you think this is the truth?
02:37This is the truth.
02:42These are some of the truths that we ban upon us.
02:53जिन्दगी में रिस्क लेना बहुत जरूरी है रिस्क लेना इनसान को होसला मंद बनाता है और उम्र भर के पच्छतावों
02:59से बिलकुल महफूज रखता है
03:01अच्छा इन तमाम बातों और हकीकतों को समझने के बाद किस्मत एस्टो की जानिब से एक बेहद रोहानी और सुकून
03:08आवर हल सामने आता है
03:09देखें खौफ पर सिर्फ दिमागी तोर पर काबू पाना हमेशा काफी नहीं होता
03:13रूह को उस हिफाज़त की जरूरत होती है जो सिर्फ और सिर्फ इलाही ताकत से मिलती है
03:18इसलिए किस्मत एस्टो ने इन तमाम परिशानियों और डर को जड़ से खतम करने के लिए एक इंतहाई खास वजीफा
03:25और रोहानी रास्ता तजवेश किया है
03:27ये खास अमल अल्लह ताला के दो बहतरीन और इंतहाई ताकतवर नमूनों पर मुश्तमिल है
03:33या मुगनी और या मुगनी का मतलब है बेनियास करने वाला जो आपको दुनिया की महताजी से बिलकुल आजाद कर
03:40देता है
03:41और या मुटकब्र एक ऐसी अजीम रोहानी ताकत पैदा करता है जो हर दुनियावी खौफ को पसे पुष्ट डाल देती
03:48है
03:48इन अस्मा-ए हुसना के विर्द से इनसानी दिल डर और वस्वसों के तूफानों से निकल कर एक अजीम इलाही
03:54हिफाज़त में आ जाता है
03:55अब सवाल ये है कि इसे पढ़ना क्या से है
03:58किस्मत आस्ट्रो के मताबिक इस अमल को रोजाना की जिंदगी में शामिल करने का एक खास तरीका है
04:04दिन का अगास करते वक्त इनी दोनों नामों यानी या मुगनी या मुतकब्र को ठीक 30 दफा जी हां एक्जैक्ली
04:1130 टाइम्स पढ़ना तजवीज किया गया है
04:13सुबह का वक्त वैसे भी एक नई शुरुआत होता है
04:16जब दिन की पहली बुनियाद ही इन रोहानी अलफास पर रखी जाए
04:20तो उस पूरे दिन के लिए खौफ और बेकीनी बिलकुल दूर रहते हैं
04:24इसके साथ साथ इस वजीफे को मुकमल और असर अंगीज बनाने के लिए एक और नहायद एहम खदम है
04:30किस मतास्तरों बताते हैं कि इन दो नामों को 30 दफा पढ़ने से पहले
04:35अवल ठीक 14 दफा दूरूदे पाक पढ़ना है और बिलकुल आखिर में भी 14 दफा दूरूदे पाक का विर्द करना
04:42है
04:42दूरूदे पाक की ये रोहानी ढाल इस अमल को कबूलियत का दर्जा बखशती है
04:47और इसकी ताकत को लिटरली कई गुना बढ़ा देती है
04:50तो आखिर में सवाल यही पैदा होता है
04:53क्या हम इन खौफ के अंधेरों से बाहर निकलने के लिए तैयार है
04:56अपनी तमाम दुन्यावी परेशानियों को जरा एक नए नजरीय से देखकर
05:01और किसमतास्रों के बताये गए इस गहरे रोहानी अमल को अपना कर
05:05खौफ को हमेशा के लिए अपनी जिन्दगी से निकाला जा सकता है
05:09हिम्मत और रोहानियत के इस रास्ते को अपनाने से जिन्दगी पूर इतिमाद हो जाती है
05:13काम्याबी दरासल खौफ के बिलकुल उस पार आपका इंतिजार कर रही है
05:18तो क्या हम आज वो पहला खदम उठाने की हिम्मत रखते हैं जरूर सोचिएगा
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