00:00हम सब एक महात्पूर्ण विशय पर विचार करने के लिए करते हुए कि देश के समवैदानिक पद पर रहे चुके
00:07विक्ति किस प्रकार से अपने अंतर मनोभावों और कॉंग्रेस के मनोभावों को कैसे अभिवेक्त करते हैं उसका एक अत्यंत ही
00:20निंदनिय उधारन सान में �
00:23आया है जब पूर्व उपराष्टपती हामिद अंसारी साहब ने एक किताब को कोट किया है जो 2019 में लिखी गई
00:34है और बकॉल उनके नहरू जी ये कह रहे हैं कि उनके लिए कम्मुनिजम उतना बड़ा खत्रा नहीं है जितना
00:44हिंदू राष्टवाद
00:46इस बात के लिए मैं हमिद अंसारी जी को बढ़ाई देना चाहूंगा कि उन्होंने तीन अत्यन्त महत्वण काम किये हैं
01:05लिए मुस्लिम लीगी माववादी कॉंग्रेस इन टोटेलिटी यानि स्री हमिद अंसारी जी ने या इस पश्ट कर दिया कि कॉंग्रेस
01:15अब पूरी तरीके से
01:16माववादी मुस्लिम लीगी कॉंग्रेस हो चुकी है सांगो पांग रूप में सांग सा उपांग विद पार्ट एन पार्सल इन टोटेलिटी
01:26चाहें उनसे जुड़ा कोई व्यक्ती जो उनकी सरकार के द्वारा समयधानिक पत पर ही न रहा हूँ
01:32दूसरे आधार पे वो बढ़ाई के पात रहें कि उन्होंने कोट किया कि बकॉल नहरू जी कम्मिनिजम से बड़ा खत्रा
01:42यानि कम्मिनिजम को वो एक खत्रा मानते थे
01:46ये खुलासा करने के लिए भी हामिद अंसारी साथ को बढ़ाई और आज की कॉंग्रेस तो अल्ट्रा लेफ्ट में जा
01:54चुकी है यानि वो कम्मिनिजम में गोता लगा चुके हैं राहूल गान्दी जी बकॉल हामिद अंसारी नहरू जी जिसको खत्रा
02:04मानते थे
02:06तीसरे बिंदू के लिए हामिद अंसारी साथ की हमसराना करना चाहेंगे और इस बात में बहुत विशेश रूप से कहना
02:12चाहूंगा
02:13सारे लोगों से और विशेश के लिए कॉंग्रेस समर्थक लोगों से
02:16क्यों भाई आप ही बोलते थे ना नहरू का संदर्ब क्यों लाते है
02:20नहरू का संदर्ब कौन लाया है
02:22हम नहीं लाएं है
02:24आपके समर्थक लाएं
02:26और ऐसे वेक्तिला हैं जो समयदानिक पत पे रहें
02:29यानि तीसरे वामनेब में वो बढ़ाई के पात रहें
02:33कि वो नहरू का भी संदर्व ले के आएं
02:35यानि तीन चीज़े उन्होंने क्लियर कर दी है
02:38कॉंग्रेस पूरी तरीके से मुस्लिम भी की महवादी कॉंग्रेस हो चुकी है
02:43कम्मुनिजम यानि वामपंथ एक खत्रा था नहरू ये मानते थे
02:46और नहरू का संदर्व वो ले के आएं
02:49और इससे ये भी साफ हो गया है
02:51कि आज नेता प्रतिपक्ष राहूल गांदी
03:08कि राहूल गांदी जी दो जून दो हजार तेईस को वाशिंग्टन डीशी में
03:14प्रेस क्लब को समोधित करते हुए कहते हैं
03:17मुस्लिम लीग इस एपसलूटली सेकुलर
03:20आइम हैविंग नो प्रॉब्लम अबाउट इट
03:24वो मुस्लिम लीग जो जिन्ना के द्वारा इस्थापित हुई
03:28जिसके साथ मिलकर आज आप केरल में सरकार चला रहे हैं
03:32और स्वतंतर भारत के इतिहास में एक काला ध्याय है
03:35कि पांच मंत्री मुस्लिम लीग के हैं
03:39वो एपसलूटली सेकुलर है
03:40और मैं पुना बार बार रिपीट करता हूँ
03:43ताकि ये जो कॉंग्रेस समर्थित क्लिप कट हुआ गैंग है
03:47उसके सुलब संग्यान के लिए
03:48कि अगर कोई कहता है कि ये मुस्लिम लीग यानि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग
03:53जो मार्च 1949 में बनी है
03:54ये जिन्ना की मुस्लिम लीग नहीं है तो सरासर जूट बोलता है
03:58क्योंकि उसके संस्थापक मुहम्मद इसमाईल
04:00जिन्ना की मुस्लिम लीग के मडरास प्रेसिडन्सी के अध्यक्ष थे
04:05और अगर जिन्ना को काईद आजम कहा जाता था
04:07तो वो मुस्लिम लीग जिसके साथाज कॉंग्रिस मिलकर केरल में सरकार चला रही है
04:13उसके संस्थापक मुहम्मद इसमाइल को काइदे मिल्लत कहा जाता था
04:19अगर ये मुस्लिम लीग वो मुस्लिम लीग नहीं है तो ये कॉंग्रिस भी वो कॉंग्रिस नहीं है
04:23जो इंडियन नेशनल कॉंग्रिस कहते थे
04:25अब आईए साथ
04:27राहूल गांदी जी को क्या जरूवत थी
04:28वाशिंटन में जाके यह सब बोलने की
04:30कि बीजेपी इस कमिनल एंड मुस्लिम लीग इस अबसलूटली सेकुलर
04:33और 2011 में बकॉल विकी लीक्स
04:36मैं नहीं कहता हूँ विकी लीक्स में जो कुछ लिखा हूँ सबको सही है
04:38पर आस तक कॉंग्रिस से खंड़न नहीं आया है
04:40कि उन्होंने जाकर
04:43अमेरिकी
04:44राजदूद से बाचीप में ये कहा
04:46कि लशकरे तैवा से ज़्यादा बड़ा
04:48खत्रा उनके लिए
04:51हिंदू अपराइजिंग नजर आ रही है
04:53यानि जो नहरूक की सोच थी
04:55वही राहूल गांदी की सोच है
04:58और इतना ही नहीं
05:01ये सोच किस प्रकार से सरवत व्यापत है
05:05कि सुशील कुमार शिंदे
05:06जो होम मिनिस्टर थे
05:08उन्होंने जैनवरी दोहजार तेरा में
05:20तो भारत के इतिहास का कितना
05:22विशित्रो निंदनी उधारन है
05:24कि सुशील कुमार शिंदे जो उन्होंने का
05:26आप ग्रह मंतरी हैं आपने किस आधार पे बोला
05:28सदन के पड़ल पे साफ करिये तो उन्होंने का
05:30मैं अपना बयान वापस लेता हूँ
05:31मैंने ऐसे ही बोल दिया था
05:33यानि ये दर्शाता है कि इनकी बाते
05:36तथ पर आधारित नहीं होती है
05:37और ये पूरी तरीके से कपोल कल्पना
05:40पर आधारित होती है
05:41अब
05:44कॉंग्रेसियों के लिए परमादरनी
05:46और सम्मानी जवाला नहरू जी
05:48जिनका उलेक
05:49उनके लिए सेकुलरिजिम के
05:51सर्ताज हामिद अंसारी साथ
05:54ने किया है तो मैं नहरू जी की
05:56के मनो भावों को
05:57मैं व्यक्त करना चाहता हूँ उन्हीं की जवानी
06:01नहरू जी ने 17 मार्च 1959 को
06:06आकाश वानी के साथ
06:07एक कारिक्रम में जिसमें की
06:11वो
06:11भारत के म्यूजियम का उद्गाटन कर रहे थे
06:14और तत्कालीन शिक्षा मंत्री हिमाईू कबीर
06:16भी थे वो क्या कहते है
06:17मैं कोट कर रहा हूँ
06:18Mr. हिमाईू कबीर रिफर्ट टू
06:20the great temples of south
06:23well they are very beautiful
06:25some of the temples of the south
06:26however repel me in spite of their beauty
06:30I cannot stand
06:31why do I do not know
06:33I feel suppressed
06:37यानि जवालनेरू कह रहे है कि दक्षन भारत के मंदिर
06:40जिनकी हिमाईू कबीर तारीफ कर रहे है
06:42वो अपने शांदार इस्थापत के बावजूद
06:45मुझे रिफिल करते है
06:47मुझे उनसे
06:48एक
06:50विप्रीत प्रभाव महसूस होता है
06:52और मैं depressed फिल करता हूँ
06:54और जब मैं ताज महल जब मैं ताज महल संग मनवर से बनी इमारत है
07:09और वही जवालन रिफिल 62 में क्या कहते है
07:13मंदिरों में संग
07:14अच्छा ये जो मैंने बोला है
07:16इसमें भी
07:19कौंग्रेसियों के सुलब संग्यान के लिए
07:22चाचा जी के चाहतों वालों के लिए मैं बोल देना चाहता हूँ
07:25तो sources
07:26speech by जवाला नहरू
07:2717th of March 1959
07:29sources selected words of जवाला नहरू
07:31series 2 volume 47
07:32in the first edition from page number 401 to 406
07:35अब आईए सार्व
07:38वो संग मरमर का ताज महल
07:40नहरू जी को कितना अच्छा लगता है
07:42मगर वही बोलते हैं
07:43मंदिरों में संग मरमर या मारबल
07:46इतना ज़्यादा यूज होता है
07:47कि मुझे गुसल खाने की याद आती है
07:51बाथरूम की याद आ रही है
07:54यिसका source है
07:55selected words of जवाला नहरू
07:57series 2 volume 74
07:59in the original edition page number 181
08:03आप फितरत देखिए
08:04मंदिर में डिप्रेशन
08:06ताज महल को देख के
08:08वह क्या सुन्दर
08:09और मंदिरों के संग मरमर पे
08:12बाथरूम याद आता है
08:14ये है असली फितरत
08:16और
08:18मैं यह भी आप दिलाना चाहता हूँ
08:20कि उन्होंने सिर्फ इतरा ही नहीं बोला था
08:25उन्होंने कहा
08:28कि संग मरमर के पत्थर से
08:30चाहें जितनी अच्छी भी मूर्तियां बना दी गाएं
08:32मगर मुझे उस में से
08:33गुसल खाना ही याद आता है
08:36बनारस के लोगों को भले ही बुरा लग रहा हो
08:38यानि बुरा लग रहा है कोई फरक नहीं पड़ता है
08:40अब मैं आपको बताने चाहता हूँ
08:43कि सिर्फ इतना ही नहीं है
08:46नहरू जी ने
08:47वंदे मातरम के लिए क्या कहा
08:49वो सबको पता है
08:50अब जो इन्होंने कोट किया है
08:52वही नहरू
08:54जो कि ये कहते हैं
08:57विदेशी आकरानताओं के लिए
08:59वही नहरू
09:01चछत्रपति शिवाजी महाराज के लिए
09:03लिखते हैं लूट अफ सूरत और जब उसका विरोध होता है तो 1936 में वो विड्रो करते हैं और रिगेट
09:10वेक्ट करते हैं
09:11मगर वही नहरूजी डिस्कवरी ओफ इंडिया में जहां मेहमूद गजनी का वर्णन है वहां कहते हैं गजनी वास फार मोरे
09:17वारियर
09:22और इस कदर छुपाते हैं कि मतुरा में जो घजनी का आने का उलेक होता है उसमें वो कहता हरे
09:29इतने सुन्दर इमारते हैं
09:31मुझे लगता इनको बनाने में तो 200 साल लगे होंगे फरिष्टों ने बनाया होगा और वहीं पर नहरूजी रुक जाते
09:36हैं
09:37कहते देखिये वो कितना बड़ा कला का पार्की था जबकि उनके साथ आए हुए जो इतिहासकार थे जिसमें उत्बी हैं
09:43फरिष्टा हैं मिनाजुस सिराज हैं वो लिखते हैं कि ये कहने के बाद गजनी ने कहा सारे मंदिरों को तोड़
09:50दो आग लगा दो निफ्था लगा
10:06आए हैं कि स्वतंता के समय हिंसा बढ़ी। था इस्पीचिश अफ नहरू नुश्लिम प्रोबम इंसाइट थे मुष्ट थे मिफिरे देखिए
10:13थे लिए प्रेट एंपाटेल अगा प्रेश्ट पाटेल प्रेश्ट जो नुश्म्स कंटिनू तो ग्रोव ट्मॉस्ट थे प्
10:35इस बुक फ्रोव इंसाइट थे मुष्ट थे मुष्ट थे लिए उन्होंने इतिहास के गड़े हुए मुर्दे उखाडे नहीं हैं उन
10:51मुर्दों में जान फूग दिये जो लोग भूल गए थे उनको भी वो सारी के सारी चीजे उन्होंने याद दिला
10:57दी हैं इसलिए हम सि
10:59सिर्फ यह कहना चाहेंगे कि आज अंसारी साब ने अपने बयान से साबित कर दिया है कि कॉंग्रेस जिस प्रकार
11:09के मुस्लिम्स को आगे बढ़ाती है उनके अंदर वही लीगी भावना होती है जो कॉंग्रेस के अंदर आज पूरी तरीके
11:18से व्याप्त हो गई है और इसलि
11:29कर दो 1935 में ग्लिम्से दो वर्ल्ड हिस्ट्री में लिखते हैं I am having no problem about the Hindu nationalism
11:38as described by स्वामी विवेका नन
11:43यानि 1934 में ये लिख रहे हैं और जैसे 1937 में जिन्ना कहता है बंदे मातरम का विरोध करो खडाक
11:50से सरेंडर 6 अपराइल 1938 को वो लेटर लिखते हैं नहीं नहीं हम सब चोड़ने को तयार हैं सब काटने
11:56फाटने को तयार हैं
11:571934 में Discovery of India में लिख देते हैं यानि जो गलती कॉंग्रेस ने 100 साल पहले की थी वही
12:05आज कर रहे हैं और जिस प्रकार से हामिदन सारी साब ने कॉंग्रेस को एक्सपोस किया नहरू जी को एक्सपोस
12:13किया और ये साबित किया कि वामपंथ एक खत्रा है उसके लिए उससे अब
12:21एकदम साफ हो गया कि कॉंग्रेस के चेहरे का मास्क हट गया है और वो पूरी तरीके से साफ हो
12:27गया है इसलिए मुझे लगता है कॉंग्रेस वालों को नहरू जी को पोट करने से पहले सोच लेना चाहिए क्योंकि
12:32उनकी किताबों में जो कुछ लिखा है शायद उन्होंने �
12:34खुद भी नहीं पढ़ा है और रहूल गांदी तो ऐसे नेता है आपने पढ़ा लिखा दो शब्द सुने होंगे ना
12:39वो सिरु लिखे हैं पढ़े नहीं है खड़ा कट खड़ा कट ट्वीटर पे लिखते हैं और पढ़ते कुछ नहीं है
12:45इसलिए मैं कहूंगा नहरू जी और �
12:48जो कुछ लिखा है उसको पढ़िए और याद रखिए बैठें हैं वो दिल में इतने राज छुपाए यानि जो उनका
12:54अर्शाहित है वो बैठा है दिल में इतने राज छुपाए जरासा एक पन्ना उठे तो तुम्हारा दिल डगमगाए है थान्यवादा
13:23अधिक अधिक आधिक आधिक तो रिमांड यू दिल रखिए जैसे नेकलस या हार को तिजोरी में बंद करके रखते हैं
13:42वैसे रखना चाहिए यह किरला के ग्रैंड मुफती ने बोला है
13:45इसलिए मैं कह रहा हूँ विदेश में क्या बोला गया वो तो छोड़िये अब मैं कॉंग्रेस पार्टी और राहूल गांडी
13:51जी से यह कहना चाहूंगा ए भाई इस मैस पैट्रियार्की के जंडा बरदार अब ग्रैंड मुफती के हो गए फर्मा
13:59बरदार और मैं उनसे कहत
14:03है आपकी सरकारे के रहल में हैसियत है तो चूंग बोलके दिखाओ जो हिंदू धर्मगरंतों के उपर चिंगारते और पता
14:14नहीं क्या क्या करते रहते हैं
14:21इस सिस्टम के जो सिस्टम को ड़कता है साथरों से और तकी साथरों किसी चाहता सवाल पूछते हैं यह जो
14:34बात नों ने कहीं इस पर देखे मैं पुना कहाना चाहूंगा जो कुर्स कॉंग्रेस पार्टी यह राहूल गांधी बोल रहे
14:42हैं उसे मुर्ता कहा जाए या धूर
14:44पूछता कहा जाए यह देश के लोग तैकरें उनसे पूछना चाहता हूं शिक्षा क्या इट इस अ कॉंकरेंटिंट सब्जेक्ट समवर्ति
14:51सूची का विशह है राज्य का भी है और केंद्र का भी है बताई यह आपने राज्य में कौन सा
14:56मॉडल स्टैबलिश किया है बता�
15:12सा प्रोसेस था भई इसलिए इस व्यक्ति का उद्देश समाधान नहीं घमासान है यह भूल जाते हैं कि चार जहें
15:21सत्ता में हैं करके दिखाओ जैसे प्रदान मंत्री मोदी जी ने गुजरात मॉडल करके दिखाया था जिसकी देश से लेके
15:28विदेश तक प्रसंसा हो रही
15:52सब्सक्राइब करनाटक में केरल में और आंद्र में
16:10मुझे लगता है कि नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए राहूल गांधी जी एक यक्ष्प्रश्ण बन गए और उन्हों
16:21ने इस गरिमा को गिरा कर विदू शकत्व की सीमा पर ले आये हैं।
16:39सामान हिंदी में कहें तो वो जोकरई में आ गए हैं।
16:43और जिस प्रकार की बाते वो लोग बोलते हैं मैं कहूंगा जब स्रजनात्मक्ता का अभाव होता है तो पतन कैसे
16:51होता है जैसे किसी जमाने में हास से कभी संबेलन होते थे।
16:56फिर वहां से चीजे एक स्टेप अलग हुई और लाफ्टर शो में बदले और लाफ्टर शो स्टैंडप कमेटी में बदले
17:04और स्टैंडप कमेटी में फूहरता अशलीलता आ गई।
17:09ठीक वही वास्विक्स रजनात्मक्ताव द्रष्ट के अभाव में कॉंग्रेस पार्टी लाफ्टर शो से स्टैंडप कमेटी और स्टैंडप कमेटी से वल्गर्टी
17:23की तरफ आकर सेटिल हो गई है और मुझे लगता है कॉंग्रेस को इस पे विचार करना चाहिए
17:31कि ये वो कॉंग्रेस है
17:34जिसको ये नाम लेने का भी हक है
17:36कि वो महत्मा गांधी की कॉंग्रेस है
17:38इसको नाम लेने का हक है
17:40कि वो लोकमाने तिलक की कॉंग्रेस है
17:41इसको नाम लेने का हक है
17:43कि वो बाबु राजिन परसाजी की कॉंग्रेस है
17:45ये सीराजगोपला जी की Congress है, ये मदन मोहन मालवी जी की Congress है, सर्दार बल्लब भाई पटेल की Congress
17:50है, ये प्रणो मुखर जी जी की Congress है, इसलिए मैं कहूंगा जो कुछ दाउल गांधी जी आज कर रहे
17:59हैं, with due respect, ये नहरू किया इंद्रा जी की Congress है, ऐसी निम्नता निकरष्टत
18:06कभी उनके जमाने में भी देखने को नहीं मिली, और इसलिए Congress जिस नीचाई पे है, 140 साल में कभी
18:12इससे नीचाई नहीं गई, इसलिए मैं राहूल गांधी जी के इन कर्तूतों को कारगुजारियों की घोर भरतना करते हुए कहना
18:24चाहूंगा, कि उन्होंने जो सिर्फ संस�
18:31में गले मिलकर या गले पढ़कर प्रधान मंत्री से जाकि आकियों से गोली मारे थे, तो ये इनका नेचर है,
18:37तो इसलिए मैं कहना चाहूंगा कि इन्होंने अपने परिवार की नहीं परिवार की भी गरिमा गिराई है, तो मैं एक
18:45लाइन में कहूंगा कि बूड़ा वंस इ
19:25प्रफॉर्मेंस में सही सावित नहीं हो पा रहा है
19:29दूसरी बात, जो आपने NSUI की बात कही, तो पहले पंजाब उनिवस्टी चंडिगर्द और उसके बाद दिल्ली विश्य विश्य विद्याले
19:38में, तो NSUI खाता नहीं खोल पाई, उन्हें अगर विवेचना करनी है, तो बस एक वाक्य ध्यान लखे कॉंग्रिस, अकिल
19:49भारत
19:58अज्यान पूर्ण, अशलील, अराजकता और फूहरता के साथ नहीं है, वैसे मुझे नहीं लगता है कि stand-up comedian या
20:11उनका सहयोग लेने वाले लोग विवेचना करने लाइक, विवेख और विशलेशन करने लाइक बुद्ध्यमत्ता रखते हैं
20:28करना सहिन लाइक, अराजकता है, विवेख और विवेख और फूहरता है है, विवेख और विवेख और रखते हैं
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