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भारतीय राजनीति में उस समय भूचाल आ गया जब राहुल गांधी द्वारा दिए गए एक विवादित बयान पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला और कहा कि उन्होंने देश के प्रधानमंत्री का अपमान करने के साथ-साथ सभी राजनीतिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस हद तक गिर चुके हैं कि उन्हें किसी के भी सम्मान की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से यह मुद्दा उठाया कि राहुल गांधी ने बयानों के जरिए परिवार और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की पारंपरिक भारतीय संस्कृति का भी पूरी तरह से उपहास उड़ाया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद देश की राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है और दोनों दलों के बीच तीखा बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो सकता है तथा जनता के बीच भी इसकी भारी चर्चा हो रही है। सुधांशु त्रिवेदी के इस कड़े रुख ने कांग्रेस खेमे में हलचल मचा दी है और विपक्षी पार्टी को इस पर सफाई देना मुश्किल साबित हो रहा है। सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ चैनलों तक हर जगह इसी बात की चर्चा है कि क्या राहुल गांधी के ये बयान उनके राजनीतिक भविष्य और पार्टी की छवि को भारी नुकसान पहुँचाएंगे।

The political landscape of India witnessed a massive storm when senior BJP leader and spokesperson Sudhanshu Trivedi launched a scathing attack on Rahul Gandhi over his controversial remarks. Trivedi vehemently criticized Rahul Gandhi during a press conference, accusing him of crossing all limits of political decency and directly insulting the nation's Prime Minister. The BJP spokesperson stated that the Congress leader has stooped to a new low for petty political gains, showing absolute disregard for ethical boundaries and traditional values. He specifically highlighted how these remarks reflected a total lack of respect for family dignity and elders, which goes against the core cultural ethos of the country. This explosive confrontation has immediately heightened political tensions across New Delhi and nationwide, triggering a fierce war of words between the ruling party and the opposition. Political analysts suggest that such direct verbal clashes will further intensify the electoral atmosphere, drawing widespread public debate and scrutiny. Sudhanshu Trivedi's aggressive stance has put the Congress camp on the defensive, making it difficult for them to justify or defend the statements. From prime-time news channels to social media platforms, the debate is centered on whether Rahul Gandhi's persistent attacks will severely damage his political credibility and party image.

#SudhanshuTrivedi #RahulGandhi #BJPvsCongress #IndianPolitics #PMModi #PoliticalNews #BreakingNews #DelhiPolitics

~PR.512~HT.408~GR.506~VG.HM~

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00:00हम सब एक महात्पूर्ण विशय पर विचार करने के लिए करते हुए कि देश के समवैदानिक पद पर रहे चुके
00:07विक्ति किस प्रकार से अपने अंतर मनोभावों और कॉंग्रेस के मनोभावों को कैसे अभिवेक्त करते हैं उसका एक अत्यंत ही
00:20निंदनिय उधारन सान में �
00:23आया है जब पूर्व उपराष्टपती हामिद अंसारी साहब ने एक किताब को कोट किया है जो 2019 में लिखी गई
00:34है और बकॉल उनके नहरू जी ये कह रहे हैं कि उनके लिए कम्मुनिजम उतना बड़ा खत्रा नहीं है जितना
00:44हिंदू राष्टवाद
00:46इस बात के लिए मैं हमिद अंसारी जी को बढ़ाई देना चाहूंगा कि उन्होंने तीन अत्यन्त महत्वण काम किये हैं
01:05लिए मुस्लिम लीगी माववादी कॉंग्रेस इन टोटेलिटी यानि स्री हमिद अंसारी जी ने या इस पश्ट कर दिया कि कॉंग्रेस
01:15अब पूरी तरीके से
01:16माववादी मुस्लिम लीगी कॉंग्रेस हो चुकी है सांगो पांग रूप में सांग सा उपांग विद पार्ट एन पार्सल इन टोटेलिटी
01:26चाहें उनसे जुड़ा कोई व्यक्ती जो उनकी सरकार के द्वारा समयधानिक पत पर ही न रहा हूँ
01:32दूसरे आधार पे वो बढ़ाई के पात रहें कि उन्होंने कोट किया कि बकॉल नहरू जी कम्मिनिजम से बड़ा खत्रा
01:42यानि कम्मिनिजम को वो एक खत्रा मानते थे
01:46ये खुलासा करने के लिए भी हामिद अंसारी साथ को बढ़ाई और आज की कॉंग्रेस तो अल्ट्रा लेफ्ट में जा
01:54चुकी है यानि वो कम्मिनिजम में गोता लगा चुके हैं राहूल गान्दी जी बकॉल हामिद अंसारी नहरू जी जिसको खत्रा
02:04मानते थे
02:06तीसरे बिंदू के लिए हामिद अंसारी साथ की हमसराना करना चाहेंगे और इस बात में बहुत विशेश रूप से कहना
02:12चाहूंगा
02:13सारे लोगों से और विशेश के लिए कॉंग्रेस समर्थक लोगों से
02:16क्यों भाई आप ही बोलते थे ना नहरू का संदर्ब क्यों लाते है
02:20नहरू का संदर्ब कौन लाया है
02:22हम नहीं लाएं है
02:24आपके समर्थक लाएं
02:26और ऐसे वेक्तिला हैं जो समयदानिक पत पे रहें
02:29यानि तीसरे वामनेब में वो बढ़ाई के पात रहें
02:33कि वो नहरू का भी संदर्व ले के आएं
02:35यानि तीन चीज़े उन्होंने क्लियर कर दी है
02:38कॉंग्रेस पूरी तरीके से मुस्लिम भी की महवादी कॉंग्रेस हो चुकी है
02:43कम्मुनिजम यानि वामपंथ एक खत्रा था नहरू ये मानते थे
02:46और नहरू का संदर्व वो ले के आएं
02:49और इससे ये भी साफ हो गया है
02:51कि आज नेता प्रतिपक्ष राहूल गांदी
03:08कि राहूल गांदी जी दो जून दो हजार तेईस को वाशिंग्टन डीशी में
03:14प्रेस क्लब को समोधित करते हुए कहते हैं
03:17मुस्लिम लीग इस एपसलूटली सेकुलर
03:20आइम हैविंग नो प्रॉब्लम अबाउट इट
03:24वो मुस्लिम लीग जो जिन्ना के द्वारा इस्थापित हुई
03:28जिसके साथ मिलकर आज आप केरल में सरकार चला रहे हैं
03:32और स्वतंतर भारत के इतिहास में एक काला ध्याय है
03:35कि पांच मंत्री मुस्लिम लीग के हैं
03:39वो एपसलूटली सेकुलर है
03:40और मैं पुना बार बार रिपीट करता हूँ
03:43ताकि ये जो कॉंग्रेस समर्थित क्लिप कट हुआ गैंग है
03:47उसके सुलब संग्यान के लिए
03:48कि अगर कोई कहता है कि ये मुस्लिम लीग यानि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग
03:53जो मार्च 1949 में बनी है
03:54ये जिन्ना की मुस्लिम लीग नहीं है तो सरासर जूट बोलता है
03:58क्योंकि उसके संस्थापक मुहम्मद इसमाईल
04:00जिन्ना की मुस्लिम लीग के मडरास प्रेसिडन्सी के अध्यक्ष थे
04:05और अगर जिन्ना को काईद आजम कहा जाता था
04:07तो वो मुस्लिम लीग जिसके साथाज कॉंग्रिस मिलकर केरल में सरकार चला रही है
04:13उसके संस्थापक मुहम्मद इसमाइल को काइदे मिल्लत कहा जाता था
04:19अगर ये मुस्लिम लीग वो मुस्लिम लीग नहीं है तो ये कॉंग्रिस भी वो कॉंग्रिस नहीं है
04:23जो इंडियन नेशनल कॉंग्रिस कहते थे
04:25अब आईए साथ
04:27राहूल गांदी जी को क्या जरूवत थी
04:28वाशिंटन में जाके यह सब बोलने की
04:30कि बीजेपी इस कमिनल एंड मुस्लिम लीग इस अबसलूटली सेकुलर
04:33और 2011 में बकॉल विकी लीक्स
04:36मैं नहीं कहता हूँ विकी लीक्स में जो कुछ लिखा हूँ सबको सही है
04:38पर आस तक कॉंग्रिस से खंड़न नहीं आया है
04:40कि उन्होंने जाकर
04:43अमेरिकी
04:44राजदूद से बाचीप में ये कहा
04:46कि लशकरे तैवा से ज़्यादा बड़ा
04:48खत्रा उनके लिए
04:51हिंदू अपराइजिंग नजर आ रही है
04:53यानि जो नहरूक की सोच थी
04:55वही राहूल गांदी की सोच है
04:58और इतना ही नहीं
05:01ये सोच किस प्रकार से सरवत व्यापत है
05:05कि सुशील कुमार शिंदे
05:06जो होम मिनिस्टर थे
05:08उन्होंने जैनवरी दोहजार तेरा में
05:20तो भारत के इतिहास का कितना
05:22विशित्रो निंदनी उधारन है
05:24कि सुशील कुमार शिंदे जो उन्होंने का
05:26आप ग्रह मंतरी हैं आपने किस आधार पे बोला
05:28सदन के पड़ल पे साफ करिये तो उन्होंने का
05:30मैं अपना बयान वापस लेता हूँ
05:31मैंने ऐसे ही बोल दिया था
05:33यानि ये दर्शाता है कि इनकी बाते
05:36तथ पर आधारित नहीं होती है
05:37और ये पूरी तरीके से कपोल कल्पना
05:40पर आधारित होती है
05:41अब
05:44कॉंग्रेसियों के लिए परमादरनी
05:46और सम्मानी जवाला नहरू जी
05:48जिनका उलेक
05:49उनके लिए सेकुलरिजिम के
05:51सर्ताज हामिद अंसारी साथ
05:54ने किया है तो मैं नहरू जी की
05:56के मनो भावों को
05:57मैं व्यक्त करना चाहता हूँ उन्हीं की जवानी
06:01नहरू जी ने 17 मार्च 1959 को
06:06आकाश वानी के साथ
06:07एक कारिक्रम में जिसमें की
06:11वो
06:11भारत के म्यूजियम का उद्गाटन कर रहे थे
06:14और तत्कालीन शिक्षा मंत्री हिमाईू कबीर
06:16भी थे वो क्या कहते है
06:17मैं कोट कर रहा हूँ
06:18Mr. हिमाईू कबीर रिफर्ट टू
06:20the great temples of south
06:23well they are very beautiful
06:25some of the temples of the south
06:26however repel me in spite of their beauty
06:30I cannot stand
06:31why do I do not know
06:33I feel suppressed
06:37यानि जवालनेरू कह रहे है कि दक्षन भारत के मंदिर
06:40जिनकी हिमाईू कबीर तारीफ कर रहे है
06:42वो अपने शांदार इस्थापत के बावजूद
06:45मुझे रिफिल करते है
06:47मुझे उनसे
06:48एक
06:50विप्रीत प्रभाव महसूस होता है
06:52और मैं depressed फिल करता हूँ
06:54और जब मैं ताज महल जब मैं ताज महल संग मनवर से बनी इमारत है
07:09और वही जवालन रिफिल 62 में क्या कहते है
07:13मंदिरों में संग
07:14अच्छा ये जो मैंने बोला है
07:16इसमें भी
07:19कौंग्रेसियों के सुलब संग्यान के लिए
07:22चाचा जी के चाहतों वालों के लिए मैं बोल देना चाहता हूँ
07:25तो sources
07:26speech by जवाला नहरू
07:2717th of March 1959
07:29sources selected words of जवाला नहरू
07:31series 2 volume 47
07:32in the first edition from page number 401 to 406
07:35अब आईए सार्व
07:38वो संग मरमर का ताज महल
07:40नहरू जी को कितना अच्छा लगता है
07:42मगर वही बोलते हैं
07:43मंदिरों में संग मरमर या मारबल
07:46इतना ज़्यादा यूज होता है
07:47कि मुझे गुसल खाने की याद आती है
07:51बाथरूम की याद आ रही है
07:54यिसका source है
07:55selected words of जवाला नहरू
07:57series 2 volume 74
07:59in the original edition page number 181
08:03आप फितरत देखिए
08:04मंदिर में डिप्रेशन
08:06ताज महल को देख के
08:08वह क्या सुन्दर
08:09और मंदिरों के संग मरमर पे
08:12बाथरूम याद आता है
08:14ये है असली फितरत
08:16और
08:18मैं यह भी आप दिलाना चाहता हूँ
08:20कि उन्होंने सिर्फ इतरा ही नहीं बोला था
08:25उन्होंने कहा
08:28कि संग मरमर के पत्थर से
08:30चाहें जितनी अच्छी भी मूर्तियां बना दी गाएं
08:32मगर मुझे उस में से
08:33गुसल खाना ही याद आता है
08:36बनारस के लोगों को भले ही बुरा लग रहा हो
08:38यानि बुरा लग रहा है कोई फरक नहीं पड़ता है
08:40अब मैं आपको बताने चाहता हूँ
08:43कि सिर्फ इतना ही नहीं है
08:46नहरू जी ने
08:47वंदे मातरम के लिए क्या कहा
08:49वो सबको पता है
08:50अब जो इन्होंने कोट किया है
08:52वही नहरू
08:54जो कि ये कहते हैं
08:57विदेशी आकरानताओं के लिए
08:59वही नहरू
09:01चछत्रपति शिवाजी महाराज के लिए
09:03लिखते हैं लूट अफ सूरत और जब उसका विरोध होता है तो 1936 में वो विड्रो करते हैं और रिगेट
09:10वेक्ट करते हैं
09:11मगर वही नहरूजी डिस्कवरी ओफ इंडिया में जहां मेहमूद गजनी का वर्णन है वहां कहते हैं गजनी वास फार मोरे
09:17वारियर
09:22और इस कदर छुपाते हैं कि मतुरा में जो घजनी का आने का उलेक होता है उसमें वो कहता हरे
09:29इतने सुन्दर इमारते हैं
09:31मुझे लगता इनको बनाने में तो 200 साल लगे होंगे फरिष्टों ने बनाया होगा और वहीं पर नहरूजी रुक जाते
09:36हैं
09:37कहते देखिये वो कितना बड़ा कला का पार्की था जबकि उनके साथ आए हुए जो इतिहासकार थे जिसमें उत्बी हैं
09:43फरिष्टा हैं मिनाजुस सिराज हैं वो लिखते हैं कि ये कहने के बाद गजनी ने कहा सारे मंदिरों को तोड़
09:50दो आग लगा दो निफ्था लगा
10:06आए हैं कि स्वतंता के समय हिंसा बढ़ी। था इस्पीचिश अफ नहरू नुश्लिम प्रोबम इंसाइट थे मुष्ट थे मिफिरे देखिए
10:13थे लिए प्रेट एंपाटेल अगा प्रेश्ट पाटेल प्रेश्ट जो नुश्म्स कंटिनू तो ग्रोव ट्मॉस्ट थे प्
10:35इस बुक फ्रोव इंसाइट थे मुष्ट थे मुष्ट थे लिए उन्होंने इतिहास के गड़े हुए मुर्दे उखाडे नहीं हैं उन
10:51मुर्दों में जान फूग दिये जो लोग भूल गए थे उनको भी वो सारी के सारी चीजे उन्होंने याद दिला
10:57दी हैं इसलिए हम सि
10:59सिर्फ यह कहना चाहेंगे कि आज अंसारी साब ने अपने बयान से साबित कर दिया है कि कॉंग्रेस जिस प्रकार
11:09के मुस्लिम्स को आगे बढ़ाती है उनके अंदर वही लीगी भावना होती है जो कॉंग्रेस के अंदर आज पूरी तरीके
11:18से व्याप्त हो गई है और इसलि
11:29कर दो 1935 में ग्लिम्से दो वर्ल्ड हिस्ट्री में लिखते हैं I am having no problem about the Hindu nationalism
11:38as described by स्वामी विवेका नन
11:43यानि 1934 में ये लिख रहे हैं और जैसे 1937 में जिन्ना कहता है बंदे मातरम का विरोध करो खडाक
11:50से सरेंडर 6 अपराइल 1938 को वो लेटर लिखते हैं नहीं नहीं हम सब चोड़ने को तयार हैं सब काटने
11:56फाटने को तयार हैं
11:571934 में Discovery of India में लिख देते हैं यानि जो गलती कॉंग्रेस ने 100 साल पहले की थी वही
12:05आज कर रहे हैं और जिस प्रकार से हामिदन सारी साब ने कॉंग्रेस को एक्सपोस किया नहरू जी को एक्सपोस
12:13किया और ये साबित किया कि वामपंथ एक खत्रा है उसके लिए उससे अब
12:21एकदम साफ हो गया कि कॉंग्रेस के चेहरे का मास्क हट गया है और वो पूरी तरीके से साफ हो
12:27गया है इसलिए मुझे लगता है कॉंग्रेस वालों को नहरू जी को पोट करने से पहले सोच लेना चाहिए क्योंकि
12:32उनकी किताबों में जो कुछ लिखा है शायद उन्होंने �
12:34खुद भी नहीं पढ़ा है और रहूल गांदी तो ऐसे नेता है आपने पढ़ा लिखा दो शब्द सुने होंगे ना
12:39वो सिरु लिखे हैं पढ़े नहीं है खड़ा कट खड़ा कट ट्वीटर पे लिखते हैं और पढ़ते कुछ नहीं है
12:45इसलिए मैं कहूंगा नहरू जी और �
12:48जो कुछ लिखा है उसको पढ़िए और याद रखिए बैठें हैं वो दिल में इतने राज छुपाए यानि जो उनका
12:54अर्शाहित है वो बैठा है दिल में इतने राज छुपाए जरासा एक पन्ना उठे तो तुम्हारा दिल डगमगाए है थान्यवादा
13:23अधिक अधिक आधिक आधिक तो रिमांड यू दिल रखिए जैसे नेकलस या हार को तिजोरी में बंद करके रखते हैं
13:42वैसे रखना चाहिए यह किरला के ग्रैंड मुफती ने बोला है
13:45इसलिए मैं कह रहा हूँ विदेश में क्या बोला गया वो तो छोड़िये अब मैं कॉंग्रेस पार्टी और राहूल गांडी
13:51जी से यह कहना चाहूंगा ए भाई इस मैस पैट्रियार्की के जंडा बरदार अब ग्रैंड मुफती के हो गए फर्मा
13:59बरदार और मैं उनसे कहत
14:03है आपकी सरकारे के रहल में हैसियत है तो चूंग बोलके दिखाओ जो हिंदू धर्मगरंतों के उपर चिंगारते और पता
14:14नहीं क्या क्या करते रहते हैं
14:21इस सिस्टम के जो सिस्टम को ड़कता है साथरों से और तकी साथरों किसी चाहता सवाल पूछते हैं यह जो
14:34बात नों ने कहीं इस पर देखे मैं पुना कहाना चाहूंगा जो कुर्स कॉंग्रेस पार्टी यह राहूल गांधी बोल रहे
14:42हैं उसे मुर्ता कहा जाए या धूर
14:44पूछता कहा जाए यह देश के लोग तैकरें उनसे पूछना चाहता हूं शिक्षा क्या इट इस अ कॉंकरेंटिंट सब्जेक्ट समवर्ति
14:51सूची का विशह है राज्य का भी है और केंद्र का भी है बताई यह आपने राज्य में कौन सा
14:56मॉडल स्टैबलिश किया है बता�
15:12सा प्रोसेस था भई इसलिए इस व्यक्ति का उद्देश समाधान नहीं घमासान है यह भूल जाते हैं कि चार जहें
15:21सत्ता में हैं करके दिखाओ जैसे प्रदान मंत्री मोदी जी ने गुजरात मॉडल करके दिखाया था जिसकी देश से लेके
15:28विदेश तक प्रसंसा हो रही
15:52सब्सक्राइब करनाटक में केरल में और आंद्र में
16:10मुझे लगता है कि नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए राहूल गांधी जी एक यक्ष्प्रश्ण बन गए और उन्हों
16:21ने इस गरिमा को गिरा कर विदू शकत्व की सीमा पर ले आये हैं।
16:39सामान हिंदी में कहें तो वो जोकरई में आ गए हैं।
16:43और जिस प्रकार की बाते वो लोग बोलते हैं मैं कहूंगा जब स्रजनात्मक्ता का अभाव होता है तो पतन कैसे
16:51होता है जैसे किसी जमाने में हास से कभी संबेलन होते थे।
16:56फिर वहां से चीजे एक स्टेप अलग हुई और लाफ्टर शो में बदले और लाफ्टर शो स्टैंडप कमेटी में बदले
17:04और स्टैंडप कमेटी में फूहरता अशलीलता आ गई।
17:09ठीक वही वास्विक्स रजनात्मक्ताव द्रष्ट के अभाव में कॉंग्रेस पार्टी लाफ्टर शो से स्टैंडप कमेटी और स्टैंडप कमेटी से वल्गर्टी
17:23की तरफ आकर सेटिल हो गई है और मुझे लगता है कॉंग्रेस को इस पे विचार करना चाहिए
17:31कि ये वो कॉंग्रेस है
17:34जिसको ये नाम लेने का भी हक है
17:36कि वो महत्मा गांधी की कॉंग्रेस है
17:38इसको नाम लेने का हक है
17:40कि वो लोकमाने तिलक की कॉंग्रेस है
17:41इसको नाम लेने का हक है
17:43कि वो बाबु राजिन परसाजी की कॉंग्रेस है
17:45ये सीराजगोपला जी की Congress है, ये मदन मोहन मालवी जी की Congress है, सर्दार बल्लब भाई पटेल की Congress
17:50है, ये प्रणो मुखर जी जी की Congress है, इसलिए मैं कहूंगा जो कुछ दाउल गांधी जी आज कर रहे
17:59हैं, with due respect, ये नहरू किया इंद्रा जी की Congress है, ऐसी निम्नता निकरष्टत
18:06कभी उनके जमाने में भी देखने को नहीं मिली, और इसलिए Congress जिस नीचाई पे है, 140 साल में कभी
18:12इससे नीचाई नहीं गई, इसलिए मैं राहूल गांधी जी के इन कर्तूतों को कारगुजारियों की घोर भरतना करते हुए कहना
18:24चाहूंगा, कि उन्होंने जो सिर्फ संस�
18:31में गले मिलकर या गले पढ़कर प्रधान मंत्री से जाकि आकियों से गोली मारे थे, तो ये इनका नेचर है,
18:37तो इसलिए मैं कहना चाहूंगा कि इन्होंने अपने परिवार की नहीं परिवार की भी गरिमा गिराई है, तो मैं एक
18:45लाइन में कहूंगा कि बूड़ा वंस इ
19:25प्रफॉर्मेंस में सही सावित नहीं हो पा रहा है
19:29दूसरी बात, जो आपने NSUI की बात कही, तो पहले पंजाब उनिवस्टी चंडिगर्द और उसके बाद दिल्ली विश्य विश्य विद्याले
19:38में, तो NSUI खाता नहीं खोल पाई, उन्हें अगर विवेचना करनी है, तो बस एक वाक्य ध्यान लखे कॉंग्रिस, अकिल
19:49भारत
19:58अज्यान पूर्ण, अशलील, अराजकता और फूहरता के साथ नहीं है, वैसे मुझे नहीं लगता है कि stand-up comedian या
20:11उनका सहयोग लेने वाले लोग विवेचना करने लाइक, विवेख और विशलेशन करने लाइक बुद्ध्यमत्ता रखते हैं
20:28करना सहिन लाइक, अराजकता है, विवेख और विवेख और फूहरता है है, विवेख और विवेख और रखते हैं
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