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  • 6 minutes ago
मतदाताओं को नोटिस दिए जाने को लेकर रार देखी जा रही है. जानिए क्या है इसके पीछे कारण. पढ़ें आशुतोष झा की स्पेशल रिपोर्ट..

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00:00election commission
00:01ने 33,000,000,000
00:02लोगों को और
00:03notice जारी किये हैं
00:05कि आप अगर प्रूव नहीं कर पाते
00:07कि आप citizen हैं आपको voter list पे
00:09होना चाहिए तो आपका नाम भी delete
00:11कर दिया जाएगा मतलब 90,000,000
00:14से जादा potential
00:15deletions हम देख रहे हैं कि दिल्ली में
00:17हो सकती है इस SIR
00:19और PSIR face के अंदर
00:21तो बड़ा सवाल तो यही उठ रहा है
00:24कि 2025 में फरवरी में
00:27जो चुनाव हुए उसके
00:29जो नतीजे आए
00:31उसमें भारतिय जनता पाटी जीती
00:33रेखा गुपता चीफ मिनिस्टर
00:36बनी तो क्या
00:37उन चुनावों के नतीजों
00:40पर विश्वास किया जा सकता है
00:41क्योंकि अगर वोटर लिस्ट इतने खराब थी
00:44तो फिर किसने वोट किया
00:46किसने चुना और
00:48उन नतीजों को
00:50कैसे हम विश्वास निया देखें
00:52दूसरी बात यह है
00:54कि जब election commission
00:56ने notices जारी किये
00:58यह कहा कि कुछ logical
01:00discrepancies है कुछ unmapped
01:02लोग है जिन्हें की
01:04अब अपने दस्तावेश दिखाने होंगे
01:06उन्होंने कहा कि हम notices
01:08दे रहे हैं लोगों को
01:09ऐसे लोग जो की
01:11वोटर लिस्ट में पहले phase के बाद
01:14आ गये थे करीब
01:15एक करोड लोगों में से
01:1733 लाख लोगों को
01:19यह notices जारी किये गए
01:21लेकिन election commission
01:23ने list मुहया नहीं की
01:25ना reasons बताए
01:27कि इन लोगों को आखिरकार
01:28क्यों notice भेजे जा रहे हैं
01:31यह कौन लोग हैं
01:32और तमाम जो जनता है
01:35दिल्ली की उन्हें यही
01:36नहीं मालूम पढ़ रहा था
01:38कि अगर उनका नाम first list में
01:41आ गया वोटर लिस्ट में
01:42तो क्या वो निश्चिल्त होके बैठ जाए
01:43कि उन्हें notice आ सकता है
01:45किसको notice आया नहीं मालूम था
01:47एक याचिका हम लोग ने दायर करी
01:50Supreme Court में जिसमें यह कहा गया
01:52कि पारदर्शिता के बिना यह काम
01:54नहीं होना चाहिए
01:55वोटर लिस्ट को तुरंट डालना चाहिए
01:58in the public domain
02:00और साथ ही में logical discrepancy
02:03किसे कहा जा रहा है
02:04वो criteria भी बताने की जरूरत है
02:07Court ने इसमें जब की गई special mentioning
02:10तो Court ने कहा कि यह जरूरी मुद्दे है
02:13इन्हें precedence दिया जाएगा
02:14और मंगलवार के लिए
02:16इस hearing को रखा
02:17Election Commission ने इस दौरान अब
02:21लिस्ट को मुहाया करा दिया है
02:23जब Court में केस गया उसके बाद
02:26और अब जब लिस्ट सामने आ रही है
02:29तो चौकादे में वाली
02:30information सामने आ रही है
02:32यह पता चल रहा है कि दिल्ली की
02:34मुख्यमंत्री खुद
02:35वो आज इस
02:46चीफ मिनिस्टर दिल्ली के अर्विंद केजरिवाल
02:48पूर्व मुख्यमंत्री उन्हें
02:50नोटिस दिया गया है
02:51ऐसे सुप्रीम कोट के कई
02:54जज रह चुके हैं उन्हें नोटिस
02:56दिया गया है तो मतलब
02:57Election Commission यह कह रहा है
02:59कि यह सभी लोगों को
03:01अब प्रूव करना होगा
03:03कि वो वास्तव में citizen है
03:05हमारे देश की और उन्हें voter list पर होना चाहिए था
03:07मतलब कि आप
03:09दिल्ली की मुख्यमंत्री बन सकती है
03:11चुनकर लोग बना सकते हैं
03:13आपको लेकिन आपको vote करने का अधिकार है
03:15के नहीं यह Election Commission
03:17आज कह रहे हैं मतलब बिल्कुल मजाक एक नजर आ रहा है
03:21और समझ में आ रहा है कि शायद यही कारण था
03:25कि Election Commission इस लिस्ट को मुहया नहीं करा रहे थे
03:29Election Commission को लग रहा होगा कि ऐसे नाम जब सामने आएंगे
03:33तो यह नजर आएगा कि Election Commission ने
03:37सायर के जरिये से किस तरीके का मजाक बनाया है
03:40इलेक्टोरल रोल्स को प्यूरिफाइ करने की बात कर रहे है
03:45Election Commission पर यह तो सरासर Election Commission का लग रहा है
03:52कि यह तो फ्रॉड हो रहा है लोगों के साथ में
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