00:10प्यास की कीमतों में एक बर फिर से पिछले कुछ दिनों से तेजी से इजाफा देखने को मिल रहा है।
00:30प्यास के कटने से नहीं बलकि उसको खरीदने भर से आ रही है।
01:00कि इस पूरे एक साल में थोक के भाव में खुद्रा से ज्यादा महेंगाई देखने को मिल रही है।
01:05दो महीनों में दिखा भारी उच्छाल।
01:06प्यास की कीमते साल के कुछ महीने में शांत रहती हैं और कुछ महीनों में तेजी से उचलती हैं।
01:12ये दो महिने होते हैं सितंबर और अक्टूबर.
01:14पूरे दस महिने शान्त रहने के बाद इन दो महिनों में ही प्यास की कीमते सबसे ज्यादा आस्मान छूती हैं.
01:19बात करें आंकणों की, तो एक महिने पहले इसकी औसत कीमत 40.79 रुपए प्रती किलो थी,
01:24और 21 सितंबर 2026 को 54.23 रुपए पर पहुँच गई.
01:29क्यूं बढ़ी प्यास की कीमत?
01:31प्यास की कीमते बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है गर्मिया और बेमौसम बारिश है,
01:35क्योंकि इसकी बज़े से महराष्ट्र में प्यास की फसल को काफी नुकसान पहुचा है.
01:39सरकारी एजंसियों के स्टॉक में भी करीब 30 प्रतिशत प्यास खराब हो गई है.
01:42इसके अलावा बाजार प्यास का उत्पादन अब बांगला देश में भी हो रहा है,
01:46जिसकी वज़े से बाजारों में कॉम्पिटिशन बढ़ गया है.
01:49सितंबर अक्टूबर में क्यों बढ़ते हैं दाम?
01:51बतादें कि साल के कुछ महीनों में ही प्यास के दाम बढ़ने के पीछे भी खास वज़ा है.
01:55इसकी पहली वज़ा है मंडियों में प्यास की आवक पर होने वाला बदलाव.
01:59और दूसरा है फसल चक्र.
02:00मार्च अप्रेल से रवी की फसल की प्यास आती है, जिसका स्टॉक अगली खरीव की फसल तकाने तक चलाना होता
02:06है.
02:06ऐसे में इन दो महीनों तक प्यास का स्टॉक खत्म होने की कगार पर होता है, जिसकी वज़ए से दाम
02:10भी बढ़ने लगते हैं.
02:31इसलिए प्यास का रेट ज्यादा है, प्यास तो आयागा तो लोकल का बिजापूर का आईटा मया तो रेट कम होता,
02:37उदर का नहीं है बोलके बारिश के वज़ए से बारिश के वज़ए से प्यास नहीं है, नहीं रहने में से
02:41महाराश्टा का रहा है, वो श्टाक माल इदर �
02:46भी आया को दो नहीं है लोकल वाला नहीं सबस्सक्राइब नहीं है अभी तो रेट ज्यादा है औहले प्यासा ज़्चाइब
03:00होता पथा अधितर ही 30 रुपधे नहीं है पचास् raised पान्च साट रुपधे होगया अभी प्यास का रेट ज़्यादा होता
03:11क्योंकि हमनामाल तो भ�
03:28ये लोकल का बोले तो इदर से सिरा सेड में भूत आता है अबी सिरा सेड का तो बारिश नहीं
03:33बोलके प्याज नहीं है
03:34चितरो दुरुगा का भी नहीं है बारिश कुए पारिश नहीं आया ना इसलिए प्याज नहीं है ये लोकल नहीं है
03:40और फरदर सकेंट रहा जो को हमारा विजापूर मेन बोलते है वो विजापूर का भी नहीं है
03:46मारा शर्टा का है श्टाक माल है वो यह बल्ला का वा न वहीं है उसते रेट ज्यादा है वो
04:11कि बारिश चार्ट राट वा तो बारिश चार्ट होटेज प्याज नहीं आता ना बारिश आने के बाद दो मेना जुपना
04:18पड़ता दो तीन मान जपेगा तो तब प्याज आता तब रेट कम होता है।
04:30अब ही तो विजापुरों लोकल आइता लागी रिट जयादा है रही होता क्योंकि महारास्टा में स्टाक है वो माल इस
04:35भेज रहे होगा रिट में जादा चाहता रेट जयादा च्छोता अजर लोकल का दुरुख का या गए तो कम होता
04:53झाल झाल
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