Skip to playerSkip to main content
प्याज की कीमतों में इजाफा एक बार फिर से लोगों की आंखों में आंसू ला रहा है। मौसम की मार कहे या महंगाई का आलाम लेकिन फिलहाल प्याज ने लोगों के किचन का बजट बिगाड़ दिया है। इसकी वजह लोग कई बता रहे हैं। हालांकि प्याज के दामों में बढ़ोत्तरी का असर सीधा लोगों के जेब पर पड़ रहा है।
#Onion #OnionPriceHike #OnionRate #Pyaz #Pyaj #OnionPriceToday #breakingnews #asianetnewshindi #Todaynews #HindiSamachar #Nationalnews #Hindinews #LatestNews #HindinewsLive #SamacharInHindi #asianetnews #HindiNewsUpdate #ViralVideo #HindiLiveNews #BigNews #News



📰 Breaking news. ⚡Live updates. 🔍 Trusted stories — all in one app. Download Asianet News App today 👇
🍎 iOS: https://apps.apple.com/in/app/asianet-news-official/id1093450032
🤖 Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.vserv.asianet&hl=en_IN

For the full story:

To get the latest news, subscribe to our channel-

Log In Website- https://hindi.asianetnews.com/

Follow Us On Twitter-https://twitter.com/AsianetNewsHN

Follow Us On Instagram- https://www.instagram.com/asianetnews_hindi

Follow Us On Facebook- https://www.facebook.com/AsianetnewsHindi/

Follow Us On Telegram- https://t.me/AsianetnewsHindi

Follow Us On Kooapp-https://www.kooapp.com/profile/asianetnewshindi

Category

🗞
News
Transcript
00:10प्यास की कीमतों में एक बर फिर से पिछले कुछ दिनों से तेजी से इजाफा देखने को मिल रहा है।
00:30प्यास के कटने से नहीं बलकि उसको खरीदने भर से आ रही है।
01:00कि इस पूरे एक साल में थोक के भाव में खुद्रा से ज्यादा महेंगाई देखने को मिल रही है।
01:05दो महीनों में दिखा भारी उच्छाल।
01:06प्यास की कीमते साल के कुछ महीने में शांत रहती हैं और कुछ महीनों में तेजी से उचलती हैं।
01:12ये दो महिने होते हैं सितंबर और अक्टूबर.
01:14पूरे दस महिने शान्त रहने के बाद इन दो महिनों में ही प्यास की कीमते सबसे ज्यादा आस्मान छूती हैं.
01:19बात करें आंकणों की, तो एक महिने पहले इसकी औसत कीमत 40.79 रुपए प्रती किलो थी,
01:24और 21 सितंबर 2026 को 54.23 रुपए पर पहुँच गई.
01:29क्यूं बढ़ी प्यास की कीमत?
01:31प्यास की कीमते बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है गर्मिया और बेमौसम बारिश है,
01:35क्योंकि इसकी बज़े से महराष्ट्र में प्यास की फसल को काफी नुकसान पहुचा है.
01:39सरकारी एजंसियों के स्टॉक में भी करीब 30 प्रतिशत प्यास खराब हो गई है.
01:42इसके अलावा बाजार प्यास का उत्पादन अब बांगला देश में भी हो रहा है,
01:46जिसकी वज़े से बाजारों में कॉम्पिटिशन बढ़ गया है.
01:49सितंबर अक्टूबर में क्यों बढ़ते हैं दाम?
01:51बतादें कि साल के कुछ महीनों में ही प्यास के दाम बढ़ने के पीछे भी खास वज़ा है.
01:55इसकी पहली वज़ा है मंडियों में प्यास की आवक पर होने वाला बदलाव.
01:59और दूसरा है फसल चक्र.
02:00मार्च अप्रेल से रवी की फसल की प्यास आती है, जिसका स्टॉक अगली खरीव की फसल तकाने तक चलाना होता
02:06है.
02:06ऐसे में इन दो महीनों तक प्यास का स्टॉक खत्म होने की कगार पर होता है, जिसकी वज़ए से दाम
02:10भी बढ़ने लगते हैं.
02:31इसलिए प्यास का रेट ज्यादा है, प्यास तो आयागा तो लोकल का बिजापूर का आईटा मया तो रेट कम होता,
02:37उदर का नहीं है बोलके बारिश के वज़ए से बारिश के वज़ए से प्यास नहीं है, नहीं रहने में से
02:41महाराश्टा का रहा है, वो श्टाक माल इदर �
02:46भी आया को दो नहीं है लोकल वाला नहीं सबस्सक्राइब नहीं है अभी तो रेट ज्यादा है औहले प्यासा ज़्चाइब
03:00होता पथा अधितर ही 30 रुपधे नहीं है पचास् raised पान्च साट रुपधे होगया अभी प्यास का रेट ज़्यादा होता
03:11क्योंकि हमनामाल तो भ�
03:28ये लोकल का बोले तो इदर से सिरा सेड में भूत आता है अबी सिरा सेड का तो बारिश नहीं
03:33बोलके प्याज नहीं है
03:34चितरो दुरुगा का भी नहीं है बारिश कुए पारिश नहीं आया ना इसलिए प्याज नहीं है ये लोकल नहीं है
03:40और फरदर सकेंट रहा जो को हमारा विजापूर मेन बोलते है वो विजापूर का भी नहीं है
03:46मारा शर्टा का है श्टाक माल है वो यह बल्ला का वा न वहीं है उसते रेट ज्यादा है वो
04:11कि बारिश चार्ट राट वा तो बारिश चार्ट होटेज प्याज नहीं आता ना बारिश आने के बाद दो मेना जुपना
04:18पड़ता दो तीन मान जपेगा तो तब प्याज आता तब रेट कम होता है।
04:30अब ही तो विजापुरों लोकल आइता लागी रिट जयादा है रही होता क्योंकि महारास्टा में स्टाक है वो माल इस
04:35भेज रहे होगा रिट में जादा चाहता रेट जयादा च्छोता अजर लोकल का दुरुख का या गए तो कम होता
04:53झाल झाल
Comments

Recommended