- 25 minutes ago
IIT बॉम्बे के साहिल सुसाइड केस में क्या SC/ST एक्ट सही? देखें दंगल
Category
🗞
NewsTranscript
00:00तबसकार मैं हूँ साहिल जोशी दंगल में आपका स्वागत है
00:021958 में बनी आईटी बॉम्बे के परिसर के बाहर अब पुलीस की सरक्षा बढ़ा दी गई है
00:08क्योंकि 22 साल के छातर साहिल ने खुदकुशी करने के बाद ये मामला पूरी तरीके से सियासी भी बन चुका
00:15है
00:15और उसके साथ साथ स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट का केंद्र भी बन चुका है
00:18इसी परिसर के अंदर करीब सारे पाथ सो एकड में फैले इस परिसर के अंदर राद भर छात्र प्रोटेस्ट करते
00:26रहे उसके बाद आयाटी बॉंबे के प्रशासन को उनकी कई मांगे मान लेनी पड़ी और जिसके चलते आयाटी के प्रोफेसर
00:33दुल्ला को डीन पच से हटा �
00:35दिया गया लेकिन इस वक्त जब मैं यहाँ पर खड़ा हूँ वही पर कॉंग्रिस और आर्पी आई के कारेकरता प्रोटेस्ट
00:42करने हैं क्योंकि अब इस मामले में एक्रोसिटी आक के तहर भी मामला दर्च कर दिया गया अगर आप तस्वीर
00:48यहाँ पर देख सकते हैं तो मे
01:05कि इससे पहले जो प्राफरेस रिलीज आई टी बॉम्बे ने जारी किया था वो उन्हें पांपस देना पड़ा क्योंकि स्टूडन्स
01:11का यह कहना था कि इस पूरे मामले को लेकर आई टी बॉम्बे ने स्टूडन्स का नाम खराब करने की
01:16कोशिश पहले से की जबकि पुली
01:20स्थित्य बताने के लिए आई टी बॉंबे के तरफ से थोड़ी देर में कुछ रिलीस भी जारी कर दिया जाएगा
01:25लेकिन इसके साथ साथ कई आई टी आलमनाईज में भी प्रेस रिलीस के जरीए छात्रों की मांग को जायज ठहरा
01:42है लेकिन इस पूरे मामले को लेकर जो सिया
01:44सियासी पहलू इसमें जुड़ी है उसको लेकर सवाल भी उखने लगे हैं लेकिन इसके बावजूद आयाई टी जैसे प्राथमिक संस्थान
01:51जो एक टॉप एमिनन्स के संस्थान माने जाते हैं उसके भीतर चात्रों की खुदकुशी के मामले अब एक चिंता का
01:59विशय भी �
02:00इस तरीके से बन चुक है इस पूरे मामले पर हम चर्चा करेंगे कि आखिरकार आयाई टी के छात्र की
02:05खुदकुशी का मामला सियासी कैसे बन गया क्या ये खुदकुशी रोकी जा सकते थी और इस पे आयाई टी प्रबंदन
02:11और क्या कर सकता है इन सभी मामलों पर हम चर्च
02:30की खुदकुशी के मामले में तीन आयामों पर ख़बर चल रही है जिसमें पहली है सुसाइड की पुलिस जांच, दूसरी
02:36है केमपस में विद्यारतियों की चिंताएं और तीसरी है सियासर
02:39पहले बाद पुलिस जांच है
02:44ख़बर है की मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने केमपस में जाज शुरू कर दी
02:47सूत्रों के मुतावीक पुलिस ने 18 सितंबर की CCTV तस्वीरे ली हैं
02:51जिसमें दोपहर साणे बारा से 12 बचकर 45 मिनट के बीच परिक्षा हॉल में साहिल की तस्वीरे दिखी है
02:57प्रोफेसर डुल्ला से बातचीत के बाद साहिल करीब एक बचकर 25 मिनट पर अपने हॉस्टल के कमरे में पहुँचा और
03:04उसके बाद कमरे से बाहर नहीं नहीं
03:10पुलिस में दर्ज मुकतमी के मुताबिक प्रोफेसर सूरी नाराण डुल्ला के खिलाब आत्मत्या के लियुकसाने और से एस्टी एक्ट में
03:17आरोप लगाए गए हैं
03:21एक दिन पहले विरोधी दलों के छात्र समर्थक प्रदर्शन कर रहे थे अब RBI के कारिकरता प्रदर्शन की कोशिश कर
03:27रहे थे
03:27उने पुलिस ने गिरफ्तार किया उससे पहले जिस तरह खुदकुशी केस में प्रोफेसर डुल्ला पर S.C.S.T. एक्ट
03:32लगे उसके खिलाब सड़क पर रैल या निकली
03:36इस बीच बयानों की बाढ़ा में I.T. दिल्ली से लेकर I.T. मत्राज तक ने प्रोफेसर डुल्ला पर कार्णवाई
03:41का विरोध किया
03:42फैकल्टी फॉरम ने विरोध किया सुधींद्र कुलकर्णी ने विरोध किया विद्यार्थियों ने न विरोध किया न समर्थन
04:10मगर सवाल नकल से रोकने पर छात्र के खुदकुशी करने के बाद प्रोफेसर पर S.C.S.T. Act लगाने
04:16का है
04:18लोग बोल रहे कि ऐसा एट्रस टेक्ट क्यों लगया इसकी वज़ा है सर इसकी ये वज़ा है कि आज तक
04:25जीन बच्चों ने सुसाइड किया है वो बच्चे S.C.S.T. के ही है
04:30संस्तान का जो एक S.C.S.T. सेल है उसके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं है उसके उनके पास
04:37कोई रिकॉर्ड नहीं है कि साहिल ने जो है उनको किसी बार अप्रोच भी गिया हो या कुछ अपनी शंका
04:43भी जिताई हो ऐसा कोई रिकॉर्ड पिछले चार्प मांज मैंने का नहीं है
04:51साहिल के रिष्टदारों से लेकर दलित राजनेती करने वाले यही सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बड़े केंपस में दली
04:56थी क्यों मर रहे हैं जबकि केंपस के चातर कहते हैं कि जाती ये भेदभाव के आरोप गलत है
05:16को इतना लॉजिकल नहीं है क्योंकि अब चीटिंग करो तो पकले जाओगे दोस्ट जो मेरे छोटे भाही निकाए बहुत ही
05:22गलत किया बहुत ही अनफॉर्चनेट है और दुल्ला सर के साथ हो रहा है कि आप कास्वेस्क्रमेशन करते हो वो
05:26कम्रेटली बेसलेस है आड़ी मे
05:57जाहिर तो पर साहिल की खुदकुशी ने दो बड़े सवाल खड़े किये हैं जिसमें एक है केमपस में बढ़ती खुदकुशी
06:03और दूसरा है दली तुट पूल्ला
06:08देश के आईटी आईएम जैसे बड़े संगस्थानों में बढ़ती खुदकुशी का आकड़ा कुछ ऐसा है कि टॉप 5 आईएटी और
06:1515 नए आईएटी मिलाकर जनवरी 2006 से सितंबर 2026 के बीच 171 स्ट्रेंट्स की असा में मौत हुई जिसमें 140
06:23सुसाइड थे
06:24आईएटी खड़तपुर में 29, आईएटी मतरास में 26, आईएटी कानपुर में 21, आईएटी दिल्ली में 17, आईएटी बॉंबे में 14
06:33बच्चों ने जान दी
06:34सरकारी आखड़े बताते हैं कि आईएटी ज, आईएएँज और केंद्रे विश्विद्यालेओं में सुसाइड करने वाले 55 फिजदी से अधिक SC,
06:42ST, OBC स्ट्रेंट थे
06:44आईएटी में जादत तर SC, OBC के बच्चे ही आत्पहत्या क्यों कर रहा है
06:50मैं यह जनरल के भी कुछ करते हैं लेकि SC के क्यों ज्यादा करते हैं जबकि SC की प्रपोर्शनेट उनकी
07:00संख्या 15 फिजदी आईएटी बंबे के अंदर ही सुसाइड करने वाले च्छात्र दर्शन की पिता कहते हैं कि केंपस में
07:09भीधभाव तो होता है
07:11मेरे बच्चे के साथ ये आईएटी वालों ने कुछ नहीं किया था लेकिन एक उसका रूमेट था रूमेट ने दर्शन
07:20के साथ कुछ जातिकर बेदबाव किया था उसके साथ अच्छी तरह किसे बाच्चित नहीं कर रहा था जातिकर बेदबाव कर
07:28रहा था
07:30हलांकि केंपस में खुदकुशी के मामले में सुप्रिम कोर्ट में मार्च दोहजर पचीस में एक उच्च स्तरिय कमिटी बनाई है
07:36जो कहती है कि आईटीज में ग्रेड रैंक प्लेस्मेंट सफलता की गारंटी हो गए है
07:41वाइब चेक कल्चर में कमजोर स्ट्डेंट आईसुलेट हो रहे है
07:44क्लासरूम में SC, ST, OBC स्ट्डेंट 60 फीजदी हैं लेकिन 56 फीजदी फैकल्टी अगड़ी जाती है
07:507.57 फीजदी SC और 1.59 फीजदी ST फैकल्टी है
07:56देश के पैसर फीजदी 29 सिख्षान संगस्थानों में मानसीक स्वास्ति फ्रादाताओं की भारी कमी है
08:0123 IIT सहित 31 किंद्रिय संगस्थानों में स्ट्डेंट के तनाव की समय रहते स्क्रिमिंग की सक्री विवस्था नहीं
08:08लियाजा से स्टुडेंट में 75 पीज़ी मानसिक स्वास से संबंदी समस्याएं 24 साल से पहले शुरू हो जाती है
08:16नतीजा गलाकाट कम्शन के दौर में खुद को पिशारता देखकर या माता पिताब परिवार समाज की दवाब के कारण स्टुडेंट
08:23खुदकुशी जैसा खतरनाक कदम उठा रहे हैं
08:27मुस्तफा शेक और दिपेश्टि पार्ठी के साथ दिव्येश से मुंबई आज तक
08:45मानसिक दबाव का मामला है और उसके साथ साथ दलित उत्पिडन का मामला भी इस पूरे मामले पर उठाए जा
08:50रहा है
08:50लेकिन इस वक्त अगर हम देखें तो ये पूरी संस्ता एक तरीके से पुलीस के चाक्चौबंद व्यवस्था का एक दिशान
08:59बन चुकी है
09:00हर जगे पर पुलीस की व्यवस्था है आने जाने पर रोक है आने जाने के पहले दस बार लोगों की
09:05चेकिंग की जा रही है
09:06सभी जगे पर पुलीस की सुरक्षा व्यवस्था यहाँ पर लगा के रखे हुई है
09:10मुस्तफा शेक इस वक्त हमरे साथ जुड रहे है
09:12मुस्तफा लगातार यहां पर राजनेटिक प्रोटेस्ट भी हो रहा है
09:15अगर कुछ लोगों से आप बात करें
09:17आखिर का राजनेटिक प्रोटेस्ट का मामला यह क्यों बनता जा रहा है
09:42मुस्तफा आपका आडियो नहीं आपा रहा है
09:44अभी आडियो
09:56चले मुस्तफा के पीछे आप देख सकते हैं कि कैसे वहाँ पर प्रोटेस्ट चल रहा है
10:00पुली सब उनको साथ में लेकर जा रही है
10:02लेकिन लगातार हम देख रहे हैं कि
10:04आइटी का कैमपस जहां से ब्राइट स्टूडेंट्स आइटी से पास आउट होकर निकलते थे
10:10बड़ी आलमनाई की लिस्ट उनमें है
10:11लेकिन आज एक प्रोटेस्ट का की जगा भी यहाँ पर बन गया है
10:15तो चर्चा हम करेंगे
10:17तीन सवाल मैं इस पैनल के सामने रखूंगा
10:19लेकिन उससे पहले हमारे साथ इस बुद्धे पर चर्चा करने के लिए
10:25सुधिनर कुलकरनी इस पक्त जुड़े हुआ है
10:26उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर एक प्रेस्ट रिलीज जारी किया हुआ है
10:30उनका ये कहना है कि इसमें आइट्रोसिटी आक लगाना गलत था
10:34ये उनका कहना सुधिनर कुलकरनी सोशियो पॉलिटिकल अक्टिविस्ट है
10:38कॉलमनिस्ट है और आइटी बॉम्बे के अलम नाई है
10:53और प्रोफेसर बदरी नाराएंड वाइस चैंसले टाता इंस्टिट ऑफ सोशल साइंसे जैने किस के वो भी चर्चा में शामिल होंगे
10:59तीन सवाल इस पैनल के सामने मैं रखना चाहूंगा पहला सवाल
11:03किया साहिल के खुदकुशी केस में प्रोफेसर पर SCST एक्ड लगादा सही है
11:09क्योंकि कई लोग इसी मामले को लेकर सवाल उठा रहे हैं
11:12ये चातर के उत्पिडन का मामला है या ये SCST एक्ड के तहर दलित उत्पिडन का मामला बन चुका है
11:31दूसरा सवाल क्या IIT Bombay में दलित विद्यार्थियों के उत्पिडन भेदबाओं के आरोप सही है उसके साथ साथ तीसरा सवाल
11:39IIT IIM जैसे प्रतिश्टित संस्तानों में स्टूडेंट्स के मांसिक स्वास्त तनाव से निपटने की सुविदाएं क्यों नहीं बनाई गई है
11:46क्
11:47चात्रों का जब प्रोटेस्ट हुआ तब सबसे बड़ा मुद्दा उसमें यही बनाए गया था कि कांसिलर्स की कमी चात्रों के
11:53अनुपात में कांसिलर्स की कमी यह सबसे बड़ा मुद्दा उठाए गया था चुरूआत करते हैं सुदिन रखुलकरनी आप IIT के
11:59आलमनाई �
12:00रहे हैं IIT के चात्र रहें और आपने फैकल्टी के तरफ से भी ये कहा है कि आप फैकल्टी के
12:06साथ में खड़े हैं ये दलित उत्पिडन का मामला नहीं बनता है लेकिन कई सारे आकड़े ये बताते हैं कि
12:11अगर पिछडी जाती से चात्र इस बड़ी संस्थानों में आते हैं �
12:17तब यहां पर समय निकालना उनके लिए बड़ा मुश्किल हो जाता है ड्रॉप आउट रिक्स में भी इनकी संख्या जादा
12:22दिखाई देती है इस मामले को आप किस बिना पर इस पूरे मामले से अलग करने की कोशिश करें सुद्धिन
12:27रिकुल करें साहिल जी मैं विद्यार
12:45का चात के आत्महत्या जितनी पीड़ा उनके माता पिता को होती है उतनी ही पीड़ा हम सब को होनी चाहिए
12:58मैं यह नहीं देखता हूं कि यह चात्र यह दलित है या इस जाती का है उस जाती का है
13:05इस इस प्लिटली इर्रेलेवंट
13:08एक युवा भारतिय ने खुदकुशी की है कि हम सब के लिए एक बहुत शर्म की बात है और इट्स
13:20अ मैटर ओफ सोल सर्चिंग यह क्यों हो रहा है और यह यह दर सो मैंने इंस्टन्सेस अफ
13:28स्टूडन सुईसाइड एट बंबे और यह दर इस अन युवर्सिटी इस अक्रोस अग्रों तो इसलिए सबसे पहले जो हुआ है
13:39इसका इन पार्शल इन्वेस्टिकेशन होना चाहिए और सच बाहर आना चाहिए और जो भी दोशी है उसको सजा होनी चाहिए
13:49और साथ-साथ
13:50जो आज विद्यार्थी इतनी दबाव पर दबाव में वहां जीते हैं पढ़ते हैं जो स्ट्रेस लेवल इतना बढ़ गया है
14:01इसे कम करने के लिए हम सब की जिम्मेदारी क्या है इन संस्थानों के अड्मिनिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी क्या है इस
14:10पर चर्चा होनी चाहि
14:20एट्रोसिटी एक्ट शेडूल का शेडूल ट्राइब एक्ट यह लॉज होना यह भी बहुत अन्याइपूर्ण है उसकी गलती क्या है क्या
14:35गलती निकली है गलती निकली तो जरूरूर करेंगे कि आख आख आखिरकार पीन मुद्दे इसको निकल कर सामने आते हैं
14:43और मामला आ
14:50मैं इस पैनल के सामने रखूंगा लेकिन प्रोफेसर रवी कान यह मामला आखिरकार किस बात का बनता है अभी थोड़ी
14:56देर पहले कांग्रेस के कारेकरता यहां पर प्रोटेस्ट कर रहे थे उनका यह कहना था कि एट्रोसिटी आक्ट के तहट
15:01जो प्रोफेसर है उनका उनक
15:17प्रोटेस्ट करते हैं उन पर एक तरीके से दबाव था मानसिक दबाव था आत्मत्या का कारण एक यह भी हो
15:23सकता है और तीसरा दलित उत्पिड़न का मामला आप इसे किस मामले से देखते हैं
15:29देखिए साहिल जी उसके माता पिता ने यह आरोप लगाया है कि उसे जातिगत गालियां दी गई दी जा रही
15:36थी यह उनका आरोप है और उसी आरोप के आधार पर इसमें सेस्टी एक्ट लगा है और जो अभी पुलकरणी
15:45साब आर्गुमेंट दे रहे थे ठीक यही आर्ग
15:49रोहित बेमुला के आत्महत्या के बाद दिये गए थे पायल तडवी दर्शन सोलंकी एक लंबी फेरिष्ट है सेक्डों दलित और
15:58आधिवासी बच्चे आत्महत्या के लिए मजबूर होते हैं और उसके बाद बार बार ये तर्क दिया जाता है कि निसाब
16:06ये करण नहीं थ
16:09काउंस्लिंग की जरुवत तो उन प्रॉफेसर्स को होनी चाहिए जो जाती गत्व स्रेश्टता बोध से गरस्थ हैं जन्हें दलित और
16:16आधिवासी बच्चे बरदास्त नहीं होते हैं उन्हें लगता है कि नहीं ये तो रिजर्वेशन से आ गए हैं तो साब
16:22ये तो ये तो
16:23हमारा हिस्सा था इसलिए उनको नहीं अलच नहीं ये था हाई एजुकेशन में मेडिकल में आयाइटीज में आयायम में ये
16:30बरदास्त के बाहर है उनसे उनको देखे नहीं जाती है तो उनको काउंस्लिंग की सबसे पहले जरुवत है साहिए मैं
16:37तो ये करता हूं कि जिनके �
16:39दिमाग में इस रिष्टा बोद भरा हुबा है और जो चाहते हैं कि यहाँ पर दलिक वाधिवासी बच्चे नहीं पढ़
16:45सकें रही बात कि यह जो आरोप लगा है ऑब्यस है ठीक इसी तरह का तमाशा रोहित बेमुला एक्ट को
16:53लेकर के कॉंग्रेस पार्टी ने करना टेक
16:55में उसको किया है तेलंगाना में भी करने चाहरा है क्या बजाय है कि केंद सरकार रोहित प्रमुला एक्ट को
17:02नहीं लागू कर रही है करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए अभी बीज़ेपी के प्रबक्ता या जो भी सज्जन आएंगे
17:07आप पूछे को उसे जरूर क्यों इस
17:25कर्टिकलर कोई व्यक्ति हो सकता है लेकिन रवी कान जी ये प्रेसिडेंट है फैकल्टी फोरम के आई टी बॉम्बे के
17:35आपने जो सवाल उठा है वो लेकर मैं उनके पास चलूँगा तो कि आप ये कह रहे हैं कि इस
17:40से पहले भी इस तरीकी की घटा हुए भी एक मेहने में �
17:42दूसरी घटना है आई टी बॉम्बे के भी था लेकिन प्रोफिसर पंत आपका एक बयान मैंने देखा और आपने कहा
17:47कि साहिल ने इस से पहले पांच बहने में एक बार भी जो मंच होता है इस तरीके की शिकायतों
17:54को लेकर उसके सामने जाकर कोई शिकायत नहीं की थी कि उस
18:12अर्थान के भीतर इसमें कोई और सुधार की ज़रूरती की इस तरीकी की घटाएं नहीं होती दोनों घटा होता है
18:18जो रविकान का आरोप है और उसके बाद बाकी जो चीज़े मैंने पूछी
18:26जब भी कोई चातर अपनी जान लेता है तो सबसे ज़्यादा दुख उसके घरवालों के बाद हमें सैकल्टी को होता
18:34है चूंकि वो हमारे बच्चों के तेरह ही हैं हम उनसे रोल क्लास में मिलते हैं उनसे बादचीत करते हैं
18:39उनके साथ हम चाए पीते हैं और बादचीत भी
18:42कई बार करते हैं तो सबसे ज़्यादा दुख तो हमें होता है ठीक है तो ये बिल्कुल क्लियर है कि
18:51हमें कोई इंटरेस्ट नहीं है कि भई कोई बच्चा बेवज़ा से अपनी जान से हाथ दोए तो पहली बात यह
18:59है कि मैं अभी केवल एज़ फैकल्टी फोरम प्रेजिड
19:13बिल्कुल बेवनियाद है क्योंकि कोई जान अभी तक हुई नहीं है और बिना किसी जान के बिना किसी जानकारी के
19:20यह कहना कि उन्होंने धंकाया होगा उसकी बज़े से साहिल जो है वह परेशान हो गया उसके वज़े से उसमें
19:28आत्मत्या करी इसलिए पहले उनके ओपर अ
19:41मामला है नकल का वो किया भी कि नहीं किया तो अब देखे क्राइम ब्रांच की ओर से जो है
19:47कुछ साक्ष जारी किये गए हैं जिसमें कि यह क्लियर हो गया है जैसा कि हमारे कलीज ने हमें बताया
19:53था और कुछ शाक्ष ऐसे भी लोगों के हैं जो उस क्लास में थे और बच्च
19:58प्लस जो हमारे टेक्निकल सौरी टीचिंग असिस्टेंट होते हैं टीए उन्होंने भी इस बात को कबूला है उस लड़के ने
20:06मोबाइल फोन निकाल करके नकल करने की कोशिश करी है और यह चीज अब सिसी टीवी फोटेज को खंगाल के
20:13प्रूब भी हो गई है ठीक है लेक
20:26बॉम्बे के तरफ से पहला जो रिलीज निकाला गया था उसके बाद चातरों ने प्रोटेस्ट किया चातरों का यह कहना
20:31था कि जब तक जाच पूरी नहीं होती है और उसके कुछ नियम बने हुए उस नियमों के तहत उसका
20:36पालन किया गया है कि नहीं किया गया है उसकी भी
20:52पटने की जरूरत है वो नहीं सही तरीके से निटाए जाता और इसी के वज़े से प्रोफेसर डुल्ला को आप
20:59दीन पट से हटाई है और उसके साथ साथ फैकल्टी के तौर पर से भी हटाई है आला कि आई
21:02टी बॉम्बे में वो बात तो नहीं मानी है लेकिन दीन पट से उनक
21:22कि उनको क्योंकि जांच हो रही है इसलिए यह मुनासिब है कि जो व्यक्ति एड्मिस्टेशन का इंचार्ज है उसको इस
21:30से हटाए जाए तो जो टेक्निकल शब्द है वो यह है कि
21:36वो अभी भी आई टी बॉम्बे के एक प्रोफेसर है उनको सर्स्पेंड नहीं किया गया है यह बहुत अच्छी बात
21:43है कि जब कोई जांच होती है तो जिस व्यक्ति के ओपर आरोप है अगर वही उस चीज़ का मुख्या
21:48है तो उसको अपने आप हर जाना चाहिए यह तो ब
22:02बड़ी संख्या में प्रोटेस्ट किया तो आपकी जानकाली के प्रादू आइटी बंबई में 14,000 से जादा चाहत्र है और
22:09जो चाहत्र आपने गेट पर देखे हैं उनकी आप गिंती कर लिए आपको हमारे डिरेक्टर साब ने भी यह अपनी
22:15मीटिंग में कल क्लियर किया थ
22:31बात हैं इसका प्रमाण मैं आपको देता हूं कल फैकल्टी फोरम ने एक कैंपस मार्च अनाउंस किया सा शाम को
22:39पांच बज़े से उस कैंपस मार्च में स्वेच्छा से फैकल्टी के साथ साथ स्टाफ मेंबर्स और बहुत सारे चाहत्र जुड़
22:48गए और उसके बाद फिर
22:50हम सब जो कान्वोकेशन हाल में डिरेक्टर का एक ओपन हाउस चलना था उसमें मैक्सिमम लोग उसमें चले गए तो
22:57यह कहना कि आईटी बंबई के सारे चात्र या मेजारिटी चात्र जो है वो ब्रोटेस्ट कर रहे हैं यह बात
23:05गलत है एक्टुली क्या होता है यह सारा आ�
23:24चार्टर दिया था उन्होंने केवल इसको एक्सेप्ट कर लिया लिकिन मिले में क्या आपकी सारी मांगें मांग ली गई तो
23:33इसलिए अब देखिए जो लेटेस्ट चात्रों ने जो एक डॉक्यमेंट रिलीस किया है इस उपनांस के बाद उसमें कहीं भी
23:40जातिगद भेद�
23:48का आरोप नहीं है प्रोफेसर रवी कान्ट बिना जाज के देखें कुल मिला कर मामला यही निकल रहा है अब
23:53प्रोफेसर पंद भी यही कहरे है कि बिना जाज के सीधे इस तरीके से आरोप पढ़ना और मामले को सियासी
24:02बनाना कई नगए प्रेशर टैक्तिक्स तो नहीं है �
24:05आखलों पर भी आऊंगा लेकिन पहले आपकी भूमी का इस पर क्योंकि ये तो फैकल्टी मेंबर यहां पर कह रहे
24:09हैं जो प्रोफिसर पंथ है वो आई टी मौमें फैकल्टी मेंबर एक बैठें हैं आपने उनकी बात मान ली और
24:18जो बच्चे उनमें 200 प्रोटेस्ट कर रहे थ
24:32इस देश का एक नौजवान चला गया वो सवाल गयब हो गया है लेकिन ये सवाल जदा महत्रकूर बन गया
24:40किनी साब उन पर आरोप लगा है और उस एक्ट में अभी उन पर मुकदमा दर्ज हुआ है तो अभी
24:46चार्चित दाखिल नहीं हुई है अगर नहीं हुआ होगा तो �
24:49हट भी सकता है तो प्रॉबलम किस बात की है लेकिन नहीं पहले ही आपको क्लींचित देना है आपने पहले
24:55ही कर लिया कि नहीं साब यह आरोप गलत है इसका मतलब है कि बहुत सारे लोग उसमें मिल करके
25:02खेल कर रहे हैं क्योंकि मैंने इसलिए मैंने कहा ना कि काउंसलिंग �
25:05इनकी जबुवत है कि जिन लोगों के दिमाग में ये भरा हुआ है कि ये तो दलित और आदिवासी हैं
25:10वो वो कैसे आ सकते हैं IIT में मैं खुद
25:14स्टुडेंट रहा हूं मैंने देखा है कि जहां पर अंग्रेजी नहीं अब ये दलित बच्चे जो आ रहे हैं आदिवासी
25:21आ और बेस है कि कमजोर फ्रिष्ट भूमी से आते हैं कई बार इनको बहुत अच्छी अंग्रेजी नहीं आती है
25:26तो उनको इस नाम पर काली दी जाती
25:28है , ऑगए यह इए क्या है यह मानसीक उत्पिड़न है एक कोई भी नौजवान बिना ंके कभी भी आतमात्या
25:38नहीं कर सकता नहीं सम्बह ही नहीं है और चार मही
25:42वह मैं यह नहीं सिकायट क्या करेंगा इतना दवाव इतना रहता है कि वह शिकायट करने की हलत 설ा नहीं
25:49कभी एफायर हुई ही नहीं और इसके अलावा जो और होता है यह तो स्टुडेंट्स का मामला है सब फैकल्टी
25:57के जब अप्वाइंटमेंट होंगे तो उसमें एनफेस हो जाएगा
26:03कि कैसे या सकते हैं वो इनको तो यह अधिकारी नहीं है क्योंकि आपके दिमाग में तो मनुस्में चिवाई हुई
26:09है
26:09क्या आप इस बात तो मांते हैं
26:15क्या इस मामले को किसी स्टुडेंट पर मानसिक दबाव के रूप पे देखना चाहिए जो रविकान कहने की कुछिस कर
26:21दो
26:24साहिल जी मुझे पूछ रहे हैं
26:29सुरीन रजी येस आपको पूछा
26:31देखिए जैसे मैंने पहले कहा कि मानसिक दबाव जो आज सभी बच्चे एक्सपिरियन्स कर रहे हैं
26:42यह हम सब के लिए एक सामाजिक चुनावती है राष्ट्री चुनावती है
26:51चू इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थी आत्मत्या कर रहे हैं
27:00वो सव हो एन्हें मैं संख्या के संख्या में नहीं जा रहा हूँ
27:07तो इसलिए संख्या एन्हें अक्याडेमिक स्ट्रेस नॉन अक्याडेमिक स्ट्रेस इसे कम करने के लिए
27:15कैंपस के भीतर भी काम होना चाहिए कैंपस के बाहर भी काम होना चाहिए
27:21एकेडमिक स्ट्रेस के बाहर
27:25इसमें जाती स्ट्रेस भी है क्या जो रविकांत
27:27यहां पर सवाल उठा रहे हैं
27:29क्या जाती कर तोर पर भी उने
27:32स्ट्रेस का मुद्दा नहीं
27:34नहीं मैं IIT में पढ़ चुका हूँ
27:38और जो जो
27:39IIT में आज भी पढ़ रहे हैं
27:42हम इस बात का अतिशे योक्ती न करें
27:46ये जो हर हर विशे में जाती लाना
27:50ये जो जाती का विश हम सब जगा फैला रहे हैं
27:55इससे हमारा चात्रवर्ग बट रहा है
28:01हमारे शिक्षक वर्ग इसको बाटा जा रहा है
28:05हर एक को अपनी जाती से अइडेंटिफाई करना
28:09ये देश कहां जाएगा
28:12मैं कुछ नंबर्स यहां पर पैनल के सांग रहा हूँगा
28:15जरा जरा ग्राफिक्स वो चला दीजेगा
28:16क्योंकि हमने जानने की कोशिश की
28:20कि आप तक पिछले 10 साल में
28:22जो आई आई टीज में सूसाइड्स हुए हैं
28:25जो आत्मत्या ही हुई है उसके जरा नंबर्स देख लिएगे
28:28टॉप फाइव आई टीज और पंद्रा ने आई टीज बिलाकर
28:312006 से चनवरी 2006 से सितंबर
28:342026 के बीच में
28:36171 स्टूडेंट्स ने
28:37असमय मौत उनकी हुई हैं उसमें से
28:39140 सूसाइड केसे थी
28:41आई टी खरकपूर में 29, आई टी
28:43मदरास में 26, आई टी कानपूर
28:45में 21, आई टी दिल्ली में 17
28:47आई टी बॉम्बे में 14 केसे
28:49इस तरीके से हुई है और सरकारी आकड़े
28:51बताते हैं कि इसमें से
28:5355 प्रतिशत से अधिक
28:55SC, ST और
28:57OBC स्टूडेंट्स थे उसके
28:59साथ साथ अगर हम ड्रॉप आउट रेट्स भी
29:01देख लें तो ड्रॉप आउट रेट्स
29:03में भी हमें पता चलता है कि जारातर
29:05रजट सेटी और पद्रिन आराएंट जी
29:07हमारे साथ में उनको इस चर्चा में
29:09मुझे लाना है इस नंबर को लेकर
29:11क्योंकि पार्लिमेंट के
29:13भीतर इसका जब सवाल पूछा गया था
29:15ड्रॉप आउट रेट्स को लेकर
29:17इसमें भी जब देखा गया तब पता चला कि
29:20आई आई टीज में
29:21सबसे ज़ादा ड्रॉप आउट रेट्स में
29:23ज़ादा तर बच्चे ये
29:25OBC या SCST से आते हैं
29:28ऐसे में रजट सेठी इस पूरे मामलों को
29:30ऐसे पूरे मामलों को
29:32महज एक सामाजिक
29:34मुद्दे के तौर पर की
29:36छात्रों पर मानसिक दबाव ना बढ़ाए जाए
29:38इसी तरीके से देखना चाहिए
29:39या प्रबंदनों को प्रशास्ट को
29:42एक अलग तरीके से भी
29:44इन मामलों को देखना चाहिए
29:45पहले वद्री नाराएं जी और उसके बाद रजट से
29:53जो हमारी अभी शुदिन जी कह रहे थे
29:55एक तो हमें समझना होगा कि
29:57जो आईटी कैंपसेज है ना
30:00वो अत्ती जो
30:02एस्पिरेशन और उनका प्रियर प्रियर गूप बढ़ी समझा के साथ बेजती है यह कांशा लेके जाते हैं और कई बार
30:15उसके साथ कोप नहीं कर पाने के कारण जो जो मेंटल टेंशन्स हैं वो उससंस्थारों में बहुत है जहां पर
30:23कॉंपटिशन्स है
30:24कॉंपटिटिव जो जो लाइफ है और बढ़ी चाहतों का जीवन है तो वहां पर इस तरह की सुसाइट सी घटनाएं
30:32हुई हैं लेकिन यह एक सुसाइट की जो सबसे इंपॉर्टन बात है कि जब हमारा परिवार जब हमारा सिक्षन जब
30:42हमारा स्टुट कॉमुनिटी हमारे
30:45हमें सपोर्ट करता है तो यह चीज़े कम होती जाती है अगर आप देखें 22 जो की करोना के पीरिट
30:52था के बाद उस समय स्टेवलाइज होता है स्टेवलाइज होता है और आप यह भी देखेंगे कि उन कॉलेजेज में
31:01उन इस में जहां पर बहुत हायर कॉंपडिशन नहीं ह
31:13और वहां पर इस तरह के में इंटर्टेंशन सभावी के अब ऐसे में हमारा रोल यानि परिवार का समाज का
31:21और सिक्षक का और सबका यह हैं कि एक संब्रस कैंपस बने एक ऐसा कैंपस जो बोर हुमिन हो जो
31:29बहुत इमोशनली चीजों को हैंडल करे और सिंसिटिव हो और उस
31:43कारण डे सकते हैं पार्लमेंट में जवाब दिया जाता है कि 13,626 जो शेडूल का शेडूल ट्राइप और OBC
31:53जातियों से बिलॉंग करते हैं वो सेंट्रल यूनिवर्सिटी इस आइटी जायन से ड्रॉप आउट ले लेते हैं सबसे जादा संख्या
32:03इनकी दिखाई देती है
32:04क्या कारण डे सकते हैं एक तरफ तो ये बात सही है कि सबसे जादा एस्पिरेशनल के तौर पर आईटी
32:11के कैंफसे देखे जाते हैं लेकिन उस पर ड्रॉप आउट्स में भी जो छोटी जाती के छात्रे उनकी संख्या जादा
32:17होती है उससे कैसे निप्टाए जाए जाए ज
32:32उसके लिए गौवर्मेंट इस वरी संसिटिव एंड यार कम वर्की आइड एड डिशनरी मोट उसको कैसे कम किया जाए तो
32:41और वो भी एक सिर्फ इस कॉलेज जाने का मामने नहीं है साइटी वो भी एक सोच्यो एक सोच्यो एकनोमिक
32:45कंडिशन से बड़ावा है सोच्यो एक
32:48करना होगा समाज में लगाता है हर को कि में कैटिशिटी तो गो तु दे इनवेस्टी एंड सस्टेइन दे इनवेस्टी
32:56इस सिर्ट होगी उसके लिए सोचल विल्फियर स्किम्स हैं चल रहे हैं उनको और बहतर ढंसे और ज्यादा नीशे तक
33:03मोचना होगा तो मामला सिर्फ �
33:05कि छात्र का जाने और ड्रॉप ओफ हो जाने से नहीं है उसमें पूरे समाज कथा जोड़ी हुई है और
33:11उसमें सोचल विल्फियर पॉलिस्टी की बड़ी भूनिका होगी और उनके रखता है कि रहनितमों की सरकार ने जो बड़ीबों तक
33:17चावल और लेकर के दाल और तेल स
33:20पहुचा है उसका बहुत असर पनाने और क्योंकि वो भूजल की समस्या से पहले मुक्ती बैच्चे को स्कूल कॉलेज भेजने
33:27की शक्ती का कैपसिटी पी प्राप्ती और उसको सस्टेंड करना आब उसको सस्टेंडिबर्टी के दिशा में सर्कार को ले जाना
33:33है और मुझे
33:50इन दे रूम चीजे दिखाई दे रही है लेकिन उस पर कोई कारवाई करने की कोशिश नहीं हो रही है
33:56हम बात कर रहे हैं कि आम तोर पर ही सब भी पर दबाव होता है लेकिन क्या इसे कास्ट
34:00अंगल से देखना गलत है पूरी तरीके से
34:04साहिल जी पहले तो मैं शुरू करूंगा जो आपने 55% का आंकड़ा दिया आपने बोला 55% OBC SCST
34:12का ड्रॉपाउट रेट है या आपने सुसाइट रेट बाता है जो की कमोवेश जो रेप्रेजेंटेशन है स्टूडेंट कम्यूनिटी इसके आसपास
34:19ही है चितने SCST OBC स्टू
34:32स्टूडें जिसमें की प्रोपोर्शनालिटी का एंगल मिस हो जा है नंबर एक नंबर दो मैं खुद आइटी खड़कपुर से जहां
34:38पर सबसे ज्यादा सुसाइट है मैं वहां पर पढ़ा हुआ हूँ और मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि इसको
34:44दोजार आठ नौ में
34:46मैं स्टूडेंट प्रोटेस्टर भी था हम लोगों ने वहां पर डिरेक्टर को फोर्स किया था रिजाइन करने के लिए और
34:51एक स्टूडेंट की आत्मात्या का ही विशह था वहां पर भी और स्टूडेंट की आत्मात्या हम में से किसी भी
34:56स्टूडेंट ने यह नहीं दे�
35:10स्टूडेंट्स जबर्दस ट्रेस में हैं और आज से नहीं ये पिछले 15-20 सालों से ये स्ट्रेस का लेवल कम
35:17हो ही नहीं रहा है बच्चों की एक तरह से इसको मैं इंस्ट्रेशनल हत्या ही मानूंगा जहां पर इतना प्रेशर
35:22डाल दिया जाता है हर बार ऐसी घटना होती है �
35:25जिस पर की टीक एमोशन होता है इंस्ट्यूशनल फीडबैक करने का मेकैनिजम सी नहीं है यहां पर मेंटल हेल्थ को
35:31इतना नगरने चीज मानी जाती है कि प्रोफेसर्स भी उसको उतना सीरिसली नहीं लेते और मैं यहां पर प्रोफेसर पंद
35:37से भी नाराज हूं इस बात क
35:51आप सर्वे करवाईए आप अनॉनिमस सर्वे कराईए तब आपको मालूम चलेगा कि कितनी गंभीर सिती है लेकिन कास्ट का एंगल
35:59जिस तरह से राजनीतिक दल बनाने की भी कोशिश करेंगे वो बच्चों के स्ट्रेस के साथ नाइनसाफी करेंगे क्योंकि स्ट्रेस
36:05का ज
36:20नहीं कर पाएंगे और इस विशह में ऐसा ना हो कि जो में मुद्धा जो स्ट्रेस का है वो रिजॉल्व
36:26नहीं हो और यहां पर मैं आपको कितनी AI की बात हुई क्या ये प्रोफेसर्स को MIT की स्टडी पढ़नी
36:32चाहिए MIT में भी ये विशह आया कि अगर AI का यूज कर रहें स्
36:37कि आप उनको technology को adopt करके दूसरा mechanism निकालेंगे उनको evaluate करने का तो ये एक churning भी है
36:44technological shift भी है लेकिन उसकी वजह से अगर stress compound हो रहा है बच्चों की उपर तो आपको उनसे
36:51भी बचना चाहिए उस थिती से भी बचना चाहिए मैं यहां तक एगरी करता हूँ बच्चों ने अगर
36:56जो सडकों पर उतरे हैं कोई जात पात को देख के सडकों पर नहीं उतरा है अगर 300-400 बच्चे
37:02IAT के उतर रहे हैं वो cast line से उपर उठके वो student है सिर्फ इस नाते से सडक पर
37:07उतर रहे हैं तो मेरा प्रोफेसर पंत से भी folded hand request है हाथ जोड़ के विंती है कि please
37:12इस moment में जहाँ प
37:26permanent solutions निकल सकें ऐसा कोई कारण तो होगा कि विदेश में बाकी बड़े-बड़े institutions में ऐसा घटनाएं नहीं
37:31होती हैं सिर्फ भारत में ही ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं इसके पीछे जाच करें आप लोग best professors हैं
37:38best faculty members एक कंट्री के तो सारी जिम्मेदारी आपके आप इसका ज�
37:55उसके साथ-साथ मुझे इस बात की भी चर्चा करनी है कि एक सामान्य घर का जनरल कैटेगरी का चात्र
38:00अच्छे नंबर पाकर IIT के भीतर आता है उसको एक अलग तरीके से देखा जाता है लेकिन एक नीचली जाती
38:06का चात्र जो बहुत ही मेहनत से शायद हो सकता है कि उसके �
38:09परिवार की पहली पीडी का चात्र होगा जो किसी संस्थान में पढ़ने के लिए भी जा रहा होगा उसका स्ट्रेस
38:15लेवल इसमें कोई तो भेध हम करेंगे या कभी नहीं करेंगे सामाजिक न्याई की जब इस देश में बात होगी
38:22तो IIT जैसे संस्थानों को अलग तरीके
38:24इसे भी देखा जाएगा या नहीं देखा जाएगा लेकिन उससे पहले प्रोफेसर पंट जो रजट सेठी सवाल उटा रहे उसका
38:30जवाब दीजिए उसके बाद में चर्चा आगे बढ़ाओंगा क्योंकि UGC का एक रिपोर्ट भी मुझे इस पैनल के सामद्र रखना
38:34है प
38:35प्रोफेसर पल देखिए मुझे कहना है कि बहुत बड़ी मातरा में जो आई टी बॉंबे के च्छात्रे हैं वो इस
38:47समय इस बात से सहमत हैं कि प्रफेसर दुला के साथ बे इनसाफी की जा रही है देखिए जिस च्छात्रे
38:54ने आप पत्या करी है उसके परिवार के साथ सम्
39:05सेंजिटिविटी नहीं है यह कहना बहुत गलत है हम बहुत आहच है कि ऐसा क्यों हो रहा है लेकिन इसी
39:12बजाए यह नहीं है कि हमारे कलीग ने जो है कुछ को कह दिया है जिसका कोई प्रूफ नहीं है
39:17किसी घटना की का ठीकरा किसी प्रफेसर के सिर्फ पे पोड़ना यह भ
39:34कोई अनुचित कारे क्रिया है तो ठीक है अपना law will take its own course लेकिन अभी कुछ हुआ नहीं
39:41है कुछ पता नहीं है और यह इस बात के ऊपर बहुत शुरू हो गई गातिगत भेदभाव और वह सब
39:46की बातर शुरू हो गई है देखिए जिस तरह से रज शेटीजी भी आईटी के
39:52चातर रहे चुका हूं और मैंने भी महाँ पर बहुत समय बिताया है पिछले लगबक 37 साल से में आईटी
39:59बाम में में पढ़ा रहा हूं मैं यह कह सकता हूं कि मेरे सामने न मैंने कभी न मेरे किसी
40:04मेरे सामने किसी प्रफेसर ने जान बूच के किसी व्यक्ति के उपर जाति�
40:22इसको थोड़ा सा सीजी लिया जाए ऐसे ही आप आयटी बॉंबे के बहुत से स्टूडेंट से बात करेंगे तो वो
40:27यही कहते हैं कि बाई देखिए हमें अपने दोस्त से मतलब है हमें एक बार और दूसरी बात जिस व्यक्ति
40:35के बारे में यह कहा जा रहा है कि वो उसने इस
40:51स्टूडेंट्स का जो जातीगर भेदबाव है उसको फर एक्जांपल में बताता हूं आपको रजल जी भी समझेंगे एक आल इंडिया
40:59रैंक होता है हर स्टूडेंट का और अगर आप आयाई टी में किसी स्टूडेंट से उसको और रैंक पूछेंगे तो
41:05आप अंदार ल�
41:19रैंक बताना बिल्कुल बंद कर देना चाहिए ताकि ये बच्चों का स्ट्रेस निकला जाए ऐसे व्यक्ति के खिलाफ बेबुनिया तरीके
41:28से उसको विलिफाई किया जा रहा है ठीक है और हमारे कली कहते हैं कि कोई बात नहीं इल्जामी तो
41:34लगा है अरे इल्जाम तो ल�
41:49अरे उनका चुराइब पर वापीश करेगा इस वक्त हम बात कर रहे है उसी वक्त एवड़ी खबर आ रही है
41:56थोड़ी दर पहले
41:59साहिल वाकोडे के पिता का बड़ा बयान इस वक्त आया हुआ है, उन्होंने अभी थोड़ी दर पहले प्रस्कॉर्फंस की है,
42:04और एक बार फिर यह आरोप लगाया, उन्होंने कहा है कि IAT में मेरा बेटा पढ़ रहा था, उन्हें फोन
42:09आया कि उसने आत्पत्या कर ली है, और
42:27कास्टीजम को लेकर कास्टीजम स्लर्स याने रिमार्क्स उस तरीके के जातिगत रिमार्क्स उस पर कई बार उसे टार्गेट किया जाता
42:34था, और उसको धमकाया गया था, कि अगर उसने शिकायत की, तो उसे दोबार टार्गेट किया जाएगा, और उस पर
42:42एक्शन ली जा
42:57लिखा वाला वाय इसके इसके तहर चवकेशी होने को होना और उसको अरेश्ट करके जो है अरेश्ट होने के बाद
43:05ही यह सब यह हो जाएगा
43:12अब तेरा तारिक को क्या कहा था वही सच बात है मैं यह पायर की कपी सब को दूँगा
43:26जो लिखा हुआ है उसको जाती वांचे क्षिविगार करे थे उपड़के जाती का है यह करा है वाला है सब
43:34उसको पाउचर करके और उसको उसको जले एक बात फिर आरोप लगाया है हलांकि पुलीस इस बारे में पूरी जाज
43:41करेगी प्रोफिसर पंद भी इससे पहले बता र
43:53चाचा के अंतिम पलों में मुझे यह आकड़े भी सब के सामने रखने है यूजी सी के यह दरसल आकड़े
43:58सुधियों न कुल करनी और रजट सेटी यह आकड़ों को लेकर आपको क्या लगता है क्योंकि उस पर पतिक्रिया बहुत
44:03जरूरी है यूजी सी के आकड़े यह कहते
44:18स्टी फैकल्टी है देश के 65 प्रतिशत उच्चे शिक्षा संस्थानों में मानसिक स्वास्त प्रदाताओं की भारी कभी है तेईस आईटी
44:27सहित 31 खेंद्रिय संस्थानों में स्टूडेंट्स के तनाव की समय रहते स्क्रीनिंग की कोई भी व्रक्रिया या सक्रिय व्यवस्
44:48माताथ 2 एक जीजी सी का रेपोर्ट मैं आपके सामने रख रहे हुँ सुदिन्रकुलकरनी जो टास्क पोर्स बनाई गई गई
44:57है उसके रहा और उसके आधार पर पर डिन्रकुलकरनी उसके बाद रजए शैक्र शाहिल जी आपने जो आकडे अभी बताये
45:08है इन आकडों से
45:09यही पता चलता है कि हमारे शिक्षा संस्थानों में
45:18स्ट्रेस लेवल जो बढ़ रहा है इसके लिए आज तक जो भी व्यवस्थाएं हैं
45:24जो भी प्रोविजन्स हैं वो परियाप्त नहीं है उनमें कमी है
45:29और इस कमी को दूर करना अत्यावशक है
45:33कौंसलिंग की अवश्यक्ता है
45:36मेंटल हेल्थ को सुधारने के लिए और जो जो करना चाहिए
45:40जो एक्सपर्ट्स बताते हैं इसकी अवश्यक्ता है
45:46और साथ साथ मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं
45:50कि the most important stress buster is mutual support
45:57जो विद्यार्थी जो दोस्ती का माहौल बनता है
46:03एक दूसरे को support कर सकते हैं
46:07batchmates, classmates, hostelmates और पूरे campus में
46:13साहिल जी जितने जोस्ती का माहौल होता है उतना stress कम होता है
46:20मैं सुदीनर जी मैं एक आपको एक concrete example देता हूं सुदीनर जी
46:26देखिए क्या होता है जब SCST अब reservation के through हमारे IIT होता है
46:30दानियन सोलंखी के पिता न भी यही कहा था
46:36मैं एक मिनिट में अपनी बात करता हूं देखिए साहिल जी
46:39institutionally जब SCST और जो reservation के through students आते हैं
46:44उनका एक preparatory school भी होता है मेरे समय में होता था
46:47जिसमें उनको PCM physics, maths और chemistry के skills में update किया जाता था
46:52ताकि वो एक साथ समरस्ता से एक रुप में जो अपने incoming batch के students हैं
46:57उनके साथ रह सकें अब इसकी इसका negative aspect क्या होता है जब आप उनको एक preparatory school में डालते
47:02हैं
47:02कि उनकी जितनी भी दोस्ती होती है तो दलिट students की दोस्ती सर्फ आपस में रह जाती है वो बाहर
47:07उन्मुखी ही नहीं हो पाते हैं अगले
47:09चार सालों में तो उसके साथ जो एक composite stress बनता है उनको यह लगता है कि हम isolated group
47:14बने यहीं बात है तो ऐसी कई सारी देखने की ज़रत है
47:19इस चातर ने इसी IAT Bombay के campus में आत्मत्या की थी और उनके पिता से हमने जब बात की
47:24उन्होंने यहीं बात का जिक्र किया
47:25कि उसके सहपाथी ही इस तरीके के सलर्स बताते हैं
47:29उसके सहपाथी ही कही न कहीं तानाब लगाते हैं
47:31और इसी के चलते ये छात्र कहीं न कहीं इस सोच में दबाव में आ जाते हैं
47:36कि आगे अपनी यात्रा इस संस्थान के भीतर किस तरीके से बढ़ानी है
47:40ये मुद्दा काफी कमभी रहे और इसलिए चर्चा भी बहुत जरूरी थी
47:44फिलाल हम लेंगे एक ब्रेक ब्रेक के बाद खबरे जारी रहेंगे आप देख करें आज
Comments