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हूती और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। हूती की ओर से संभावित बड़े हमले की तैयारियों ने पूरे मिडिल ईस्ट में चिंता बढ़ा दी है। सऊदी अरब के शहरों और रणनीतिक ठिकानों पर खतरे की चर्चा के बीच अब सबकी नजर हूती की अगली कार्रवाई पर है। आखिर हूती किस तरह के हमले की तैयारी कर रहे हैं? इस हमले का सऊदी अरब पर कितना असर पड़ सकता है और क्या इससे यमन युद्ध एक बार फिर तेज हो सकता है? इस वीडियो में हूती-सऊदी संघर्ष, हूती की मिसाइल और ड्रोन ताकत, यमन युद्ध और मिडिल ईस्ट के ताजा घटनाक्रम को विस्तार से समझिए।

Houthi Attack On Saudi Arabia is once again raising tensions across the Middle East as the Houthis prepare for a possible major escalation against Saudi Arabia. After years of conflict between the Houthis and the Saudi-led coalition, the region remains highly sensitive to any new military move. The latest developments have put Saudi cities, strategic locations and critical infrastructure under renewed attention. What is behind the Houthis’ latest preparations? How could a major Houthi attack impact Saudi Arabia and the wider Middle East? In this video, we explain the latest Houthi vs Saudi developments, military threats, regional tensions and the possible consequences of a fresh escalation.

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~PR.540~HT.408~ED.104~GR.538~VG.HM~

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00:00अगले सवाल की और बढ़ते हैं, बाचीत के अगले हिस्से की और सौधी और हुटी विद्रोहियों के भी जो कुछ
00:05हो रहा है, तेजावस सर, अपने धरती पर अपने देश में अमेरिका के सैनिक अड़ो की मौजूदगी, रक्षा पर तमाम
00:14तरह के खर्च जो की दुनिया के
00:16बहुत सारे बड़े-बड़े देश खर्च करते हैं, वो करने के बावजूद, सौधी अरब ऐसे कैसे फस गया है, अभी
00:22ऐसी सिती में कैसे आ गया है, कि उसके साथ कोई धिख नहीं रहा, उसे अकेले लड़ना पड़ रहा है,
00:30देखिए वेवर साहब, बात ये कि सौधी अ
00:46अपनी कोई सी बच्छान उनके लिए, और कभी-कभी जैसा कि अकसर उनके बयाना को उसे पता चलता है, उनमें
00:52एक खास तरीके से जंदा की तरफ से भी ढर है, ये जंदा कहीं विद्रो न कर ले, तो सुरक्षा
00:58की खोज में उन्हें वैस दिखाए देता है, और खासका United State of America
01:02तो जब अमरीका की गोज में जाके वो तो जाहिर है कि जो अमरीका शर्के सुपेगा, उसके इसाथ सोने करना
01:10पड़ेगा, और अमरीका पूरी दुनिया को हथियार बेचता है, तो जाहिर है कि साओधी अरेबिया को भी बेचेगा, उसमें डिफेंस
01:18सिस्टम बेचेइए, �
01:20यह तमाम चीजें जो है, वो साओधी अरेबिया, उनाइडिक स्टेट ऑफ अमरीका से खड़िकता रहा है, तो ऐसी इस्तती में
01:27तो जो रक्षा खांश है, वो बड़ेगा, दूसरी बात यह है कि भारत यसे तमाम देश है, जहां पे रक्षा
01:37उत्पादब उस मात्तरा में �
01:39नहीं होता है, जितना की थास कर वेस्टन कंट्रीज में होता है, अगर एक छोटा सा देश की देख लेए
01:44वेस्टा, चाहे वो चेक रिपगलिक हो या स्लोवाकिया हो, वहां पे भी जिस तरीके से टैंकर वगरा जो बनते हैं,
01:52वो अगर हम कहें, तो वो उनकी पूरी उकोनो
02:08से पैसे कमाता है, तो वह चाहेगा कि युद्द भी हो, तो यह जो साजो सामान है, चाहे वो पाइटर
02:16प्लेंज हो चाहे, मिसाइल हो जो अमेरीका बनाता है, और उससे अच्छा खासा मोटी रटम भी करता है, और यही
02:23कारण है कि दुनिया में जब-जब युद्द की हाला
02:38क्या इलाज है होतियों का, साजोदी के पास अभी क्या रास्ता बचा हुआ है, कैसे निप्टेंगे इन से, बिर्कुल वैबफ
02:48जी देखिए, कहीं न कहीं साजोदी जो अमेरिका को अपना सेक्योरिटी गैरिंटर माना करता था, कहीं न कहीं एक समझता
02:57था कि कोई भी दिक्
03:07हमने सबसे पहले उनको डंप किया, दूसरा आता है तुर्किये, तुर्किये ने वादा किया है, कि वो असिस्ट करेंगे, military
03:15उनको, militarily असिस्ट करेंगे साओधी अरीबिया को इन अटाक्स के बाद, पाकिस्तान इस पूरी पिच्चर से गाया देख रहा है,
03:23जिसने डिफें
03:40साथी अरेबिया के साथ तो साथी अरेबिया और पाकिस्तान की हमिशा से हमने देखा था एक बहुत बड़ी क्लोजनेस भी
03:46थी पूरे उन्होंने न्यूक्लियर एंबिशन को पाकिस्तान के एक यूखान के टाइम में सपोर्ट किया था बिलियन ओव डॉलर्स का
03:54ओईल माफ कि
03:55था तेल उनको फ्री में दिया था ताकि वो अपना निूट्लियर बना सके रखने और बाग में उनकी उन्होंने इसको
04:11अपने उपर शेंज कर दिया पाकिस्तानने बहुत स्मार्ट ली कि यह वाले यूद्ध के लावा कभी ऐसा
04:24सिचुएशन अराइज होगा तो पाकिस्तान जरूर अपनी पॉज भेजेगा तो देखे एड दी एंड ओफ दे डे ओल कहीना कहीं
04:32साओधी अरेबिया को पूरी सिचुएशन में अपने आपको अखेली समझ रहा है कहीना कहीं वो उसके जितने भी एरपोर्ट के
04:39अभी एरपो
04:56कि अभी एड़िया की जो हिस्टी रही है यह बहुत कुछ अच्छी खासी नहीं रही है देखे वैबल जी यह
05:03समझने वाली बात है कि जो साओध येमिन है उसको कंट्रोल करता है साओधी अरेबिया जो पूरी दुनिया जो लेजिटिमेट
05:11गवर्मेंट बनाई है येमिन की
05:13वो साओधी अरेबिया बैग्ड गवर्मेंट है जिसको हुती नफरत करते हैं जो नौर्थ येमिन में हैं तो नौर्थ येमिन और
05:19साओध येमिन के बीच में हमेशा हमने देखा है एक रिफ्ट रहा है सिविल वार की सिच्वेशन रही है अभी
05:252021 में वो शान्त हुए है उस
05:43रिफाइनिरी है उसके ऑपरेशन बंद कर देना है इंपाक्ट हाल ये है कि अराम को के ऑफिशल स्टेटमेंट आया है
05:51जिसमें वो बताते हैं कि ऑक्टोगर तक वो कहीं यॉरॉप वगरा और कहीं भी वो एक्सपोर्ट अपना तेल नहीं कर
05:58पाएंगे तो ये बहुत बड�
05:59का सेड़ बैक है उनके ओई इंफ्रस्ट्रच्चर को कहीं न कहीं तो साओधी अरेबिया को अब हाइटाइम है कि हुटीज
06:07देखें हुटीज अपनी सर्वाइवल के लिए लड़ रहे हैं हुटीज उनके प्रिपैर्ड है वो एक रिबेल प्रॉक्सी ग्रूप है उनके
06:17पा
06:29है बट इनके लिए कहीं न कहीं जैसे ही है अगर इनके ओई इंफ्रस्ट्रच्चर पर और डीप अटाक करने लग
06:36जाएंगे तो साओधी अरेबिया के जो पूरी एकॉनिमी है ये चोग हो सकती है
06:42बिल्कुल एक आकरी सवाल है इस बाचीत का तो याओ साब के पास सलते हैं फिर मल्का पंडेजी के पास
06:47आएंगे तो याओ सार युद जो इरान अमेरिका का हुआ फरोरी के बाद जो शुरू हुआ जो कुछ हुआ उसके
06:53बाद आप से भी लगातार बात हो रही थी तमाम ल
07:10बिल्कुल सर मेरा सवाल ये है कि रियाद में बैठे हुए अभी MBS क्या सोच रहे होंगे साओधी का जो
07:19परोसी देश है तमाम वो सब इस युद्ध के बाद क्या अपनी विदेश नीती में बड़ा बदलाव लाने वाले हैं
07:25क्या इनके जो पुराने सायोगी थे उनकी जग
07:38जो तो बिल्कुल नहीं दिख रहे हैं तो इनको किसी नई रहनीती पर तो चलना होगा क्या तरेंगे ये सारे
07:44देश
07:46जी वैवर साब मैं जितना सुन पाया है चाहिड आपने पूछा है कि साओधी अरेबिया की विदेश नीती में क्या
07:52कोई बड़े मौलिक पर इवर्तना सकते हैं जो अभी की जो परिस्तिती है उसमें तो हाँ बहुत तुरंट से कुछ
08:00बदल जाएड़ा इसकी संभावना त
08:03यह पर हाँ साओधी अरेबिया ने यह सोचना शुरू कर दिया खासकर अमरीका की तरफ से जब उसको अर्श सुरक्षा
08:10महसुत हो रही है तब उसमें सुरक्षा के लिए वहाँ पाइस्तान और तुर्किय की तरफ बढ़ रहा है दूसरी बात
08:16यह कि खासकर हूतियों से या ह
08:32इराम की जो रुहान लीडरशेप है वो भी शिया है और हुतीज भी शिया है तो साओधी अरेबिया इराम के
08:39साथ अपने संबंदों को लेकर वापस दुबारा से सोच सकता है और वो यह सोच सकता है कि अगर अमरीकन
08:45प्रिजर्म से यह पूरा अगर पूरा फित्ता यह पू
09:02तरीके से वहाँ अमरीका को अपना जादा तर जो पेटॉलियम लेज़ता है तो यह तमाम चीज़ें हैं जो यह बताता
09:08है कि उसकी जो डिपेंटेबिलिटी है वह अमरीका के ऊपर काफी हद से ज्यादा है तो अच्छानक से तो कम
09:15नहीं होगी तहां साओबी अरेबिया में ए
09:31ज्यादा फायदे में दिख रहा है इरान, सौधी और हूती यह सब जो कुछ हो रहा है जैसे युवई को
09:39लेकर कहा जा रहा है कि उसने अपना पाला तै कर लिया है कि मुझे किधर रहना है इरान तो
09:43अब युवई को लेकर एकदम से चिड़ा ही रहता है सौधी भी क्या नि
10:00दिखा जाए तो इसमें अमेरिका को नुकसान हो रहा है इसमें पूरे वेस्ट एशिया को नुकसान हो रहा है पर
10:07अगर इसमें कहीं किसी की कूछ नेती या रन नेती अगर विजय होती ही दिखाई देती है तो वह इसराइल
10:14की ही है नहीं तो अग भी इसराइल और इसराइल
10:27की जग में आता है पर अमेरिका को उसने इस लड़ाई में लगा लिया है और वह जो अपने इस्थानी
10:33इस पर खासकर हिस्बॉल्ला और हमास के जो बचे कुछे लडाके हैं उनको निसमाबूद करने पर वह जोर दे रहा
10:41है तो जाहिर है कि इस पूरे ही प्रकरण में अगर कि
11:00मेरा सवाल ये था कि सौधी एरब खासकर बाकी सौधी के जो पडोसी देश है इरान वाला युद्ध हो या
11:08हूतियों का जो हमला हो इनके बाद अब वो अपनी विदेश नीती में कोई बड़ा व्यापक परिवतन कर सकते हैं
11:14पुराने सहीयोगियों का साथ छोड़ कर कुछ
11:17नहीं है जैसे सौधी ने कोशिश की पाकिस्तान और तुर्कियों को साथ मिला कर और दूसरा ये सब जो कुछ
11:22हो रहा है जैसे कि तर्याओ साब ने बटा है कि इसका सबसे बड़ा फायदा उठा रहा है इस्राइल यूए
11:28को लेकर कहा जा रहा है कि उसने इस्राइल से घनि�
11:31बढ़ाई है साओधी आपको लेकर क्या कुछ हो सकता है क्या वो भी नेतन्याहो के देश के साथ नजदेकी बढ़ाने
11:37कोश्ची कर सकता है
11:45कि कैसे साओधी अरेबिया ने इंटेल गैदरिंग के लिए मुसाद को अप्रोच किया है कहिने इस्रेल को अप्रोच किया हो
11:54साओधी अरेबिया माइंड यू अबराहाम अकॉर्ड का सिगनेटरी नहीं रहा है
11:59इन फैक्ट इरान ऐसा तेश रहा है जिसने साओधी अरेबिया ऐसा देश रहा है जिसने कभी भी रेकेगनाईज नहीं किया
12:10है
12:11इस्रेल की existence को भी इस्रेल को कभी उसने आस अं इंडिपेंडेंट स्केट नहीं माना है उसने गाजा पर जो
12:19भी हुआ है
12:20humanitarian crisis wave
12:22फिलिस्तीन को हमेशा
12:23उपर माना है, recognize
12:25किया है as independent from
12:27Israel, तो हम continue
12:29से जब भी भी देखते है वैबव जी कि
12:31कैसे
12:35साउदी
12:35ने माननेता
12:38नहीं दी इसरेल को
12:39बट कही ना कहीं कितना
12:41pressure में है साउदी आज के
12:43time में, जहां पर
12:45US उसको मदद नहीं दे रहा है
12:47जहां पर उसको
12:49अपने खुद के सांती पाकिस्तान तुर्के
12:51कोई भी मदद नहीं बेज रहा है
12:52तो उसको at the end of the day
12:54इसरेल का मजबूरन दर्वाजा खटकटाना
12:57पड़ रहा है, तो वैबव जी हम
12:59continuous देख रहे हैं कि कैसे चीज़े
13:01geopolitics बदलती है
13:02जहां पर साउदी अरेविया जो एक तरफ
13:05Abraham Accord का signatory नहीं था
13:07जिसने कभी भी मानिता नहीं दी थी
13:09इसरेल को अब वो कैसे कोक्स कर रहा है
13:11कैसे इसरेल के पास आना चाहरा है
13:14ताकि उसको हुतीज का पर
13:16intel मिल सके ताकि उसको
13:18हुतीज की location मिल सके
13:19ताकि उसको मुसाद की intelligence की
13:22help मिल सके तो कही न कहीं
13:24वो बहुत बड़ी in fact वीच में news भी बनी थी
13:26कि कैसे ये दोनों करीब आना चाहते तो
13:28इस युद्द से वेबवजी
13:30all in all जितनी भी खाडी के
13:32देश थे वो कही
13:45हैं या साथ में खड़े होना चाहा
13:47रहे हैं तो ये बहुत बड़ा
13:49हमने एक mind shift देखा है
13:51वेबवजी
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