00:00जबलपुर के महराजपुर से पनागर के बीच में मत्यप्रदेश का सबसे बड़ा दुख्त उत्पादक छेत्र है एक अनुमान के तहट
00:08इस इलाके में लगभग दो लाग से जादा पसुधन है यह पसुधन बड़े पैमाने पर दूद का उत्पादन करता है
00:17लेकिन इसके स
00:18यहां पर बहुत बड़े पैमाने पर गोवर का उत्पादन होता है सरकार ने गोवर के सदुपयोग के लिए यहां पर
00:27एक बायो गैस प्लांट भी लगाया हुआ है लेकिन इसमें भी गोवर की पूरी खफत नहीं हो पाती
00:34कुछ गोवर यहां परियट और हिरन नदी में फेक दिया जाता है इसकी बज़े से नदी और नाले प्रदूसित हो
00:42रहे थे तब कुछ लोगों ने यहां पर गोवर से उपले बनाना शुरू किया इन उपलों का उप्योग आसपास के
00:50इंडरिस्टियल एलाकों में होता है
00:51इसके साथ ही कुछ उपले सेहर में पूजा पाट के लिए भी भेजे जाते हैं वहीं कुछ युवाव ने इसी
00:59गोवर का उप्योग जैविक खाद, कमपोस्ट और बर्मी कमपोस्ट बनाने में किया
01:06बल्राम भी इसी तरह की एक यूनिट चलाते हैं उनकी यूनिट में पूरे साल 10-15 लोगों को रोजगार मिलता
01:13है और वे इस फेके जाने वाले गोवर को भी 400-500 रुपया प्रतिकुंटल के खाद में बदल कर एक
01:21अच्छा रोजगार कर रहे हैं
01:23कि यहां पास हम लुग कंड़े बनाते हैं प्रकर्ची बनाते जो गोवर वस्ता है तो उसको का चुगा डाल की
01:30उसको सड़ा के खाद चानते हैं
01:35Yes, you have a dairy? Yes, I have a 10-year-old.
01:39What happens there?
01:42We store it for 4 months.
01:46We store it for 4 months.
01:48How do you know this?
01:50It goes to gover and it goes cold and it goes cold.
01:53It goes cold and it goes cold and it goes cold.
01:53It goes cold and it goes cold and it goes cold and it goes cold.
01:55Then we pack it.
01:59How do you pack it?
02:00Yes, I take it.
02:02It goes cold and it goes cold and it goes cold.
02:05Then it goes cold and it goes cold.
02:09This is an industrial gover.
02:12First, we make a bag of clothes.
02:14Then we make a bag of clothes.
02:16How do you make clothes?
02:20We make clothes.
02:22After we make clothes, we make clothes.
02:29We make clothes.
02:30We make clothes.
02:32Yes, we make clothes.
02:34We make clothes.
02:37How do we make clothes?
02:37We make clothes.
02:40How do we sell?
02:42It is in Madhya Pradish.
02:43It is different.
02:44How do you know this?
02:47इसकी वज़े से सीजन के टाइम पे तो कम सकम 15-20 लोग भी काम कर सकते हैं वागी अभी
02:58बार इसका टाइम है तो कम हो जाता है खुड़ा रोजगार
03:01अच्छा विआ पार है ये आप तहां के रहे हैं यहीं लोकल की हूँ
03:08दरसल इस समय पूरे देश में प्राकर्टिक खेती और जैवेक खेती की काफी चर्चा है लोग कर भी रहे हैं
03:14सहरों में भी लोग सौकिया तोर पर जैवेक खात का इस्तेमाल करते हैं
03:19किसान अपने उपयोग के लिए जो खात बनाता है उसे बजार में नहीं बेशता इसलिए इस तरह के उद्द्योग की
03:26जरूरत थी
03:27दीरे दीरे इस छेतर में ऐसी कई ये काईयां सुरू हो गई हैं और देजवर से बैपारी यहां से जैवेक
03:35खात बर्मी कंपोस्ट खरीदने के लिए पहुंसते हैं
03:38इसकी वज़े से इन लोगों को इस खात के 400 से 500 रुपया प्रती कुंटल तक के दाम मिल रहे
03:44हैं
03:44इससे ना के बल इन युवाओं को आर्थिक फायदा हो रहा है बलकि परियट और हिरन जैसी नदियों में लाखोड
03:53टन गोवर फिकनी से बच रहा है जिससे इन नदियों को भी बचाया जा सकता है
03:58हाला कि इन युवाओं को सरकार की मदद मिलनी चाहिए थी लेकिन इस इंडरस्टी को फिलहाल सरकार की कोई मदद
04:05नहीं है
04:06विश्युजीत सिंग एटीबी भारत जबलपूर