00:28indian express
00:30indian express की रिपोर्ट के मुताबिक
00:32SIR को लेकर तीम में से
00:34दो चुनाव आयुक तो ने
00:3514 बार आपत्ती जताई है
00:37चुनाव आयुक सुखबीर सिंग संधु
00:40और विवेक जोशी ने
00:4110 महीने में 14 बार
00:43चुनाव आयुक के फैसलों पर
00:45आपत्ती दर्ज कराई
00:47जिसमें नए वोटर जोडने
00:49नाम हटाने और बहाल
00:51करने के फैसलों पर सवाल
00:53उठाए गए हैं साथ ही
00:55SIR के लिए बनाए गए
00:56Form 6 में बदलाव को
00:58अनधिकृत और अवैद बताया है
01:01इसके लावा वोटर डेटाबेस
01:03के दिल्ली केंद्री करण
01:04और राज्यों के अफसरों की
01:06पहुच नहीं होने पर भी
01:07चिंता जताई है
01:09इन दोनों आयुक्तों ने
01:11वोटर सॉफ्टवेर और
01:12आईटी सिस्टम को लेकर
01:13काबिनिट सचीव से शिकायत की है
01:16इंडियन एक्स्प्रिस के रिपोर्ट के बाद
01:18चुनाव आयोग ने इसे सिरे से नकार दिया
01:21चुनाव आयोग ने ऐसायान को लेकर
01:23चुनाव आयुक्तों में
01:25मदभेट से जुड़ी रिपोर्ट को
01:26खारिच कर दिया
01:28और कहा कि पिछले एक साल में लिए गए
01:30सभी फैसले सर्वसमीती से हुए हैं
01:33किसी भी संस्थान में
01:34विचार विमर्ष के दौरान
01:36अलग-अलग राय और टिपणियां आना
01:39सामान निप्रक्रिया का हिस्सा है
01:40और इसका मकसद
01:42पारदर्शिता बनाए रखना
01:44और कानूनी नियमों का पालन सुनिशित करना है
01:47ये तो चुनाओ आयोग की ओर से दी गई सफाई थी
01:51अब आपको बताते हैं कि चुनाओ आयोग में
01:53रिपोर्ट में गलत क्या कहा है
01:55तो चुनाओ आयोग के मताबिक
01:57सदस्यन निकाए के भीतर
01:59असहमती को अलग होना नहीं कहा जाता
02:02फॉर्म सिक्स में भी कभी अवैद रूप से
02:05कोई बदलाव नहीं किया गया था
02:07मदाता सूची में
02:09तेरा दशमलव तीन साथ करोड नाम
02:12हटाए जाने का दावा और आकडा भ्रामक है
02:15चुनाओ आयोग में कहा कि
02:17पश्चिम बंगाल में सभी अपीले
02:19चुनाओ आयोग की तरफ से
02:20दायर नहीं की गई थी
02:22जबकि गुवा में सौफ्ट्वेर की कमी थी
02:25मताधिकार से वंचित करने की
02:27योजना नहीं थी
02:28चुनाओ आयोग ने कहा कि
02:30केंद्री करण एक चिंता का विश्य है
02:32सिद्ध निश्कर्ष नहीं है
02:34सुप्रीम कोट ने इस कारूनी प्रश्न
02:36का पहले ही निप्टारा कर दिया है
02:39और SIR प्रक्रिया में
02:40पहले से ही सुरक्षा उपाए
02:42मौजूद है
02:43SIR एक नियमित प्रक्रिया है
02:45और ये पहली बाद नहीं हो रहा है
02:48अब सवाल ये है
02:50कि अगर किसी मुद्दे पर
02:51मुख्य चुनाव आयुक्त और दूसरे
02:54आयुक्तों के बीच की राय
02:55अलग-अलग हो तो क्या होगा
02:57जैसा कि इंडियन एक्सप्रेस ने
02:59अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है
03:01इस प्रश्न का जवाब मुख्य चुनाव
03:03आयुक्त और अन्य चुनाव
03:05आयुक्तों की न्युक्ती सेवा
03:07शर्ते और कार्यकाल से जुड़े
03:09कानून में है इस कानून
03:11का नाम Chief Election Commissioner
03:13and Other Election Commissioners Act
03:152023 है
03:17इस कानून के मुताबिक
03:19आयुक का काम जहां तक संभवो
03:21सवसमिती से किया जाना चाहिए
03:23लेकिन अगर
03:33तीन सदस्य आयोग में
03:35अगर दो चुनाव आयुक्त एक राय पर है
03:38तो C.E.C. उन से
03:39अलग राय रखते हैं
03:41तो केवल C.E.C. होने के कारण
03:43उनकी राय को अंतिम नहीं माना जा सकता
03:46फैसला बहुमत के
03:47आधार पर ही होगा
03:49जहे समझ नहीं आती
03:50क्योंकि इलेक्शन कमिशन में
03:52जो कानून है काम करने का
03:55उसके अनुसर तीनों कमिशनर्स
03:57बराबर हैं और
03:59फैसले जो हैं
04:00तीनों बैठके सर्वसमती से लेंगे
04:03या फिर वोटिंग करके लेंगे
04:05तो जो मिज़रिटी जिस तरफ होगी उदर वोट होगा
04:07तो अगर दोनों एक तरफ हैं
04:11तो इसका मतलब
04:12उनकी मरजी से फैसले हुए होंगे
04:14तो प्रेस नोट में जो यह कहा गया है
04:17कि सर्वसमती से हुए है
04:19क्योंकि आप आपती अलग से लिखके दे रहो
04:20इसका कोई मतलब नहीं है
04:22फैसला अगर हो गया
04:23तो यही माना जाएगा कि मिजोरिटी
04:25सर्वसमती से हुआ है
04:26मिशनर जो सम्विधानिक संस्ता है
04:28सम्विधानिक हस्ती है
04:30वो गर यह आरोप लगा रहा है
04:31तो उसे वहां बैठने का हकी खतम हो जाता है
04:34उसे तो सीधे राश्पती किया जाना चाहिए
04:37कि हमें जानकारी नहीं दी जा रही है
04:39हमें बिल्कुल एक
04:44ऐसे ही समझ के ट्रीट किया जा रहा है
04:46चुनावा योग को नहीं चलने देना चाहिए उनको
04:48उन्हें वहां बैठने का जरूरत क्या है फिर
04:51अगर उनको जानकारी नहीं है
04:52और सब चीज़ा उनके पास नहीं आ रही है
04:54वो हर फैसले में उनकी राए नहीं ली जा रही है
04:57क्योंकि बिना उनकी राए के फैसला हो ही नहीं सकता
05:00ये तो कानून है चुनावा योग का
05:02मुझे ये लगता है कि चुनावा योग के
05:49।
05:51authority नहीं है सम्विधान CEC को विशेश सुरक्षा देता तो है लेकिन फैसला लेने में उसे कोई विशेश वीटो पावर
05:59नहीं देता तीन सदस्य आयो की विवस्था का मकसद ही सामोहिक निर्णे और संतुलन बनाए रखना है