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  • 8 minutes ago
गोवा वोटर लिस्ट विवाद पर मचा बवाल, विपक्ष ने चुनाव आयोग को घेरा

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00:00अब देखिया बात करते हैं गोवा की गोवा में वोटकार्ण को लेकर एक ख़बर सामने आई है और एक बार
00:04फिर से एक खुलासा हुआ है और वहाँ पर यह बताया जाता है कि 97 नाम को एड करने के
00:09लिए कई बार में लिखा गया
00:11कई बार में लिखा गया लेकिन वो नाम शामिल नहीं हो पाए चुनाव आपत्यों वाला वो आपने देखा दस महीने
00:31में चौदा वारा समयती जटाई गई थी
00:32लेकिन वो नाम नहीं जुड़ पाते हैं अब इसको लेकर अब सवाल भी पूछा गया और आज तक ने तो
00:38सवाल पूछा और पूछा इस बारे में तो पहले बाग गुवाने की कोशिश की गई पहले पहले ये हुआ कि
00:45जानकारी नहीं याददाश नहीं पर बोलता है अच्छ
01:00आपके पास नॉलेज़ बट सब्सक्राइब को समझ में आ रहा है बार बार बार रुपिटिंग सेंग पूछ नाम जुड़वाने के
01:25लिए कोई रिप्लाइ आया है क्या
01:28सर्जो 97 नाम है जुड़वाने कि अभी मैंने आपको बताजिये प्लीज ठीक अभी आपको बताजिये लेट मी चेक माई रिकोर्ड
01:40ये इस्व अभी का है से अभी रिसेंट रिश्व आया है
01:48पड़ आपके और से कोई रिप्लाइं नहीं आ रहे हैं क्योंकि जवाब देंगे तो क्या देंगे यह आप समझ सकते
02:07हैं इंकी जो भाशा थी जो बॉड़ी लेंग्विश थी उससे आप समझ सकते हैं विद्धिया
02:12हैं विद्धिया बार-बार सवाल पूचा गिया उन्ह Salt गहा, कि इस मामले में क्या हुआ आपको कुछ याद है
02:18की नहीं लेकिन सवाल देने का मनी ही आप
02:20का उपर से बोल रहे हैं आप बहुत रिजड हो रहे हैं सवाल पूछना क्या गलत है अब जी देखिए
02:27इस मामले में जैसा की पूरा ये मामला है वो यही सवाल यही है कि जो चीफ एलेक्शन कमिशनर ने
02:33जो का किया था कि पूरा जो सिस्टम है एसी आइनेट का वो बहुत सें
02:49हुए होंगे क्योंकि बात तो यही है कि 97 वोटर्स और एहम वोटर्स होते हैं हर एक वोट बहुत कीमती
02:56होता है ऐसा हर किसी को बताया जाता है और उसके बावजूद जब जो एथार्टी है जो स्टेट लेवल एथार्टी
03:03एलेक्शन कमिशन की वो अगर कोशिश कर रही है �
03:06तरीके से अपने तरीके से की जो 97 वोटर्स है जिनकी जिनका नाम निकाल दिया गया था सिस्टम से डिस्क्रिपेंसी
03:12की वज़य से उनको वापिस जोड़ा जाए क्योंकि उन्होंने जब फिर से करेक्शन देखे उन्होंने पाया कि नहीं ये वाजिब
03:19है ये सही है इन सब क
03:21नाम 97 वापिस जोड़ा जाना चाहिए उसके बावजूद सिस्टम उन्हें अलाव नहीं कर रहा था क्योंकि IT का जो ECI
03:28NET का जो इनका जो सिस्टम है IT का उसने उन्हें करने नहीं दिया क्योंकि ये पूरा का पूरा सिस्टम
03:34सेंट्रलाइस हो गया है और यही वज़़ा है कि
03:37यह शायद गोईल के चेहरे पे शायद उनके हावब हाव में यह साड़ी जो चिड है वो दिख रही है
03:43अच्छा क्या इनी की तरफ से आठ दिन में नौ मिल किये गए थे यह कह सकते हैं शॉट में
03:50इक बाद फिर से दोर आएंगे पना साथ इनी की तरफ से आठ दिन में नौ मिल किये गए थे
03:53यह जी बिलकुल अगर आप देखें कुछ और रिपोर्ट्स जो है वो सीधे कहते हैं कि इन्होंने ही इमेल किये
04:02थे तो जाहिर सी बात है इन्हें इस बूरे मुद्दे पे जानक
04:05कम�us जरूर है और इंहोंने का है कि कीस तरह से जो सेंट्रलाइज सिस्टम वो सेंट्रलाइज नहीं होना चाहिए ताकि
04:11जो स्टेट लेवल के जो लोग हैं वो अपना काम कर सके लेकिन इसके बावजूद ये सेंट्राइज सिस्टम होने से
04:18ऑर यही आप याद रखें
04:20और इसलिए अब यह मामला बहुत जारा तूल पकड़ता हुआ जा रहा है और देखिए एक बार फिर आपको बता
04:24दे इंडियन एक्सप्रेस की ओर से एक तरह से पार्ट तो कि पार्ट वन तो आपको कलियाद होगा जिसमें बताया
04:29गया था कि 14 आपतिया दर्श कराए गए पि
04:45और आपतियां सुदने के बाद योग इमाना था रिपोर्ट के मुताबिक 29 जनवरी को सुप्रीम कूट ने ऐसा यार के
04:51दौरान लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी वाले मद्दाताओं के नाम से अरजनिक करने उन्हें दस्तावेश देने और अपनी आपति दर्श कराने का मौक
05:15लिस्तों में शामिल किया जाना चाहिए और इसलिए इतने मेल किये गए
05:28पूरा मामला इसी नेट के स्कर पर अटक गया रिपोर्ट के मुताबिक सिस्टम में इन नामों को रोल बैक के
05:34दोबारा शामिल करने की सुवधा उपलब्द नहीं थी
05:36गुआ के मुखिद दिर्वाचिन अधिकारी के दफ्तर ने इस सुवधा के लिए 11-17 फरवरी के बीच आठ बार इमेल
05:43और पत्र बेजे और 17 फरवरी को 97 मामलों की सूची जारी बेजी गई
05:48इंडियन एक्स्प्रिस के मुताबक 18 फरवरी को दिल्ली में तैना जिप्ती लेक्शन अधिक कमिश्टर ने आई टी विबाग को लिखा
05:54कि आई टी सिस्टम सुप्रीम कोट के निर्देशों के मुताबक जरूरी कारवाई को रोप नहीं सकता और ERO और ERO
05:59के फैसले के नुस
06:18अब इस मामले को लेकर जो मुद्दा है वो बढ़ता हुआ जा रहा है ये तो आपने गुआ कर एक
06:23मामला देख लिया लेकिन उससे पहले भी एक मामला सामने कला आया था जिसमें एक कहा गया था कि दौनों
06:26जिन चिनाव अधिकारी है उनकी तरफ से आपतिया दर्शकराई �
06:29गयी थी हाला कि ECI की तरफ से भी उसमें एक प्रेस नोट जाली किया गया था और उनकी तरफ
06:33से कहा गया था कि सर्वसंबती से ही सब हुआ है अगर कहीं पर कोई बात सामने आती है तो
06:37ये तो अच्छी बात है इंडियन एक्सप्रेस की तरफ से ये खुलासा किया गया है अ�
06:47मामला आया दो दिन में दो मुद्दे सामने आए और उसको लेकर विपक्ष की तरफ से अब निशाना साधा जा
06:53रहा है विपक्ष चोतरफा घिराव यहां पर कर रहा है कॉंग्रेस तो बहुत एग्रेसिव यहां पर हो गई है राहुल
07:00गंदी की तरफ से भी निशाना साधा
07:03लेकिन जब राहूल की बात की तो राहूल गांदी ने क्या कहा था वो आपको सुनवाते हैं
07:07मैं एलेक्शन कमिशन और एलेक्शन के ऑफिसर्स को साफ कह रहा हूँ
07:12आप जो कर रहे हो गलत कर रहे हो यह ट्रीजन है देश के खिलाफ है यह मत भूलिये टाइम
07:19आएगा हम आपको पकड़ेंगे बचने वाले नहीं
07:34मीडिया में जो आया है कि तीनों के बीच में कुछ ओफिशियल डेलिबरेशन्स हुए है
07:39जो की एक अच्छे लोकतंत्र की निशानी है
07:43जहां पर डेलिबरेशन्स हो रहे है
07:45और इलेक्शन कमिशन ने अपने पहले ही चंद में
07:49अपने पहले ही पारग्राफ में एक बात बड़ेश पश्टता के साथ लिख दिया है
07:54सारे ओफिशियल डेमोकरटिक डेलिबरेशन होने के बाद
07:58अंततों गत्वा अट दी एंड
08:02SIR जो हुआ
08:04Special Intensive Revision जो हुआ
08:06वो युनानिमिटी के साथ हुआ
08:09अर्थात हम सबने तीनों कमीशनर उसमें युनानिमस थे उसमें किसी प्रकार का मतांतर मतभेद मनांतर नहीं था
08:42एक प्रकार से उसमें सर्व करने से अलग कर दिया
08:49उन्होंने अपने खुद के ECS को हाईजाक कर दिया
08:54ये एक आंतरिक बुल्डोजर का उधारन है
08:57तो बहारी बुल्डोजर और आंतरिक बुल्डोजर किस प्रकार से
09:02पार्टनर्शिप में काम कर सकते हैं
09:04उसका ये बहुत घिनोना एक उधारन है
09:08और विशेश रुप से घिनोना है
09:10सामविधानिक संस्ता के लिए
09:11सभी संस्ताइं महत्वपुर होती है
09:13स्टैशिट्री संस्ताइं भी महत्वपुर उल्टनी ही होती है
09:16लेकिन सामविधानिक संस्ताइं
09:18एक स्पेशल स्टेटर्स रखती है
09:26अब इससे पहले अगर आपको याद होगा का पियंका गांधी वाड़ा की तरफ भी प्राहर किया गया है वो भी
09:33सुनी जारा
09:34I do not see why the election commissioner has to have any protection against it.
09:40If he has done an illegal act, he has been fully aware that this is happening under his nose.
09:46His colleagues have brought it to his attention. He has ignored it and intentionally allowed an unfair election to take
09:54place.
09:54He should be criminally prosecuted.
09:59मौसमी हमारी सायोगी हमारी साथ में जड़ी है मौसमी कॉंग्रिस की तरफ से हर तरफ से हर दिशा से प्राहर
10:05इस वक्त किया जा रहा है
10:07और जानिश कुमार को भी कटगरे में यहां पर खड़ा किया जा रहा है अब आगे किस तरह की रड़नीती
10:12कॉंग्रिस की तरफ से बनाई जा रही है घेराव के लिए
10:19देखे बिलकुल दो घंटे में राहूल गांधी प्रेस कॉंफरेंस करने वाले हैं इंद्रा भवन में और जिस तरीके से पिछली
10:26बार उनकी प्रेस कॉंफरेंस काफी लंबी चोड़ी चली थी जो की उन्होंने चुनाव आयोग पर करी थी पूरा बंडारा लगा
10:33हुआ था
10:34एक तरीके से कागजों की पूरी पाइल थी और उन्होंने बोला था कि चुनाव आयोग और CEC जो है वो
10:40बिलकुल मोधी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं वोट चोरी जो है मोधी सरकार के इशारे पर हो
10:47रही है तो उसी को लेके अब और तीखा प्रहार राहुल गांधी क
11:01करना होगा बताया जा रहा है कि इंडिया ब्लॉक की बैठक आगे इसको लेकर हो सकती है बाकी दल चारे
11:07कि साजा प्रेस वारता वारता इंडिया ब्लॉक के नेता करें तो सियासी रूप से संसद से लेके सड़क तक की
11:14तैयारी है मांचू और बिलकुल वो यहां पर देखा �
11:17जा रहा है कि कैसे प्रहर यहां पर किये जा रहा है हर तरफ से निशाना यहां पर सादा जा
11:20रहा है और पूरी तरह से कहा जा सकता है कि इस वक्त एक मुद्दा यहां पर मिल चुका है
11:26और कॉंग्रेस उस मुद्दे को पूरी तरह से बुनाती हुई दिखाई भी दे रही है
11:29लेकिन आब आगे इसमें आफ क्या दिखाई दे रहा है।
11:50बिल्कुल देखिए मामला पेचीदा है। एक तरफ आप जान रहे हैं कि
11:54कोट में appointments को लेकर भी CEC और election commission के appointments को
11:59लेकर भी मामला चल रहा है कहा जा रहा है जो नियुकती है वो
12:03majority vote से अगर हो रही है तो सरकार के मंत्री और प्रधान
12:07मंत्री के मौझूदगी में अगर एलोपी रहते हैं तो वो minority में
12:12रहते हैं तो selection भी सरकार ने एक तरह से अपने
12:15control में ले लिया है CGI को बाहर करने से और ऐसे में
12:19appointment से लेके कामकाज को लेके खासतोर से घ्यानेश कुमार को
12:24लेके राहूल गांदी या विपक्ष के निता काफी सक्त हैं कोई कह रहा है
12:41लेकिन impeachment उनके खिलाफ लाने की बात मुहिम चड़ गई है
12:45और ये एक तरीके से rallying point होगा पूरा विपक्ष ज्यानेश कुमार के जरिये
12:50निशाना प्रधाण मंत्री नरेंद्र मोधी होंगे है मांचू
12:54ये बिल्कुल साफ है कि इसमें आगर आज़ आज़ी की भूमिका भी यहां पर बनाई जा रही है
12:58अब समझ ये चनाव है तो हरे एक मुद्ध यहां पर उठाया जाएगा शक्री आपका अमारे साथ जुड़ने के लिए
13:02लेकिन अब इस मामने भी देखिए जो मुख्य चनाव आयुकते हैं उनकी तरफ से भी बयान साबने आया है
13:06और इस पूरे मुद्ध पर उन्होंने अपनी बात रही है वो सुनाते हैं आपको
13:20अब यह जो आज विवाद प्रदा हो अब जो आज विवाद प्रदा हुआ अगर मेजोरिटी से डिस्टिशन जो नहीं लिये
13:32गए है वो डिसटिशन इल्लीगल है
13:35फुल स्टाप यह जो आज विवाद प्येदा हुआ यह अलग किसम का है इस में तो यह बात कही गई
13:42है
13:42मीडिया द्वारा के इस किसम की चिठियां लिखी हैं जिसमें विरोध प्रकट किया है जो कुछ प्रक्रिया चल रही थी
13:51अब वो
13:52विरोध कब प्रकट किया उस उन चिठियों का कोई संङ्ञान लिया गया नहीं लिया गया यह सारे बातें
14:01election commission को clarify करने की आवश्यक्ता है

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