00:00एजुकेशन सिस्टम में, ब्यूरोक्रिसी में, जुडिशरी में, ये बिना वोट चोरी कभी नहीं हो सकता था।
00:11इसमें एक और बात समझनी की है। अगर वोट चोरी हुई है, जो हुई है, तो जो भी कानून बनाए
00:21गए हैं, वो सारे के सारे इल्लीगल कानून है।
00:26उनका कोई मतलब नहीं। क्योंकि वोट is the basis of laws. वोट कानून का बेसिस है।
00:40और ये मैं चीज लाइटली नहीं कह रहा हूँ। मैं ये तीन साल से कह रहा हूँ। और हर बार
00:47मैंने आपको प्रूफ दिया है।
00:50हर्याने में प्रूफ दिया, महराष्ट्रा में, करनाटक में प्रूफ दे के मैं बोल रहा हूँ।
00:59डिसमबर 2023 में प्रदान मंत्री जी एक नया कानून बनाते है।
01:10कानून ग्यानेश कुमार जी को इम्यूनिटी देता है।
01:17ग्यानेश कुमार जी को लीगल सिस्टम से बाहर कर दिया जाता है।
01:21किस ने किया? हिंदुस्तान के प्रदान मंत्री ने किया।
01:28क्यूं किया? क्यूंकि ग्यानेश कुमार उनके लिए कोई काम कर रहे थे।
01:35जो आपके दो एलेक्शन कमिश्र ने क्लेरली बता दिया है।
01:40उसके बाद महराष्ट्रा की प्रेस कॉन्फरंस होती है।
01:447 फबरेरी को 17 फबरेरी को मैं प्रदान मंत्री को ये चिठी देता हूँ।
01:52डिसेंट नोट ग्यानेश कुमार जी का
01:57कि we do not accept ग्यानेश कुमार जी as election commissioner।
02:01मेरे opinion को bypass कर दिया जाता है और प्रदान मंत्री और home minister ग्यानेश कुमार को चुनते हैं।
02:10मैं ये दोहरा रहा हूँ क्योंकि ग्यानेश कुमार के उपर controllers है।
02:17ग्यानेश कुमार इंडिपेंडेंटली काम नहीं कर रहा है।
02:20मैंने अपनी चिठी में लिखा।
02:23Most fundamental aspect of independent election commission, free from executive interference is the process of choosing the election commissioner and
02:33the chief election commissioner.
02:34मतलब जो process है वो executive से independent होनी चाहिए, neutral process होनी चाहिए।
02:41और मैं कह रहा था वो process independent नहीं है।
02:44उस पर प्रदान मंत्री का और home minister का दबाव है।
02:51Constitution, legal structure और institutions ये chain कभी पहले नहीं तूटी है।
03:00हमारी history में आजादी के बाद ये कभी नहीं तूटी है।
03:05और अगर ये chain तूट गई है, तो election का कोई मतलब नहीं है।
03:11सारे के सारे कानून जो pass किये गए हैं, चाहिए वो GST हो बागी कानून वो सारे के सारे illegal
03:18हैं।
03:20और जो लोग हमारी संस्ताओं को चला रहे हैं वो भी illegal है।
03:25ये reality है।
03:29ग्यानेश कुमार जी को बात समझ लेनी चाहिए।
03:34उनके दो जुनियर्स ने बहुत अच्छा काम किया है।
03:43एक प्रकार से उन्होंने बात accept कर ली है, कि election छोरी किये जा रहे हैं।
03:50इस एक्राइम ज्यानेश कुमार जूट तर्ण अप्रूवर।
03:55My advice to him.
03:59Because let me tell you,
04:02there are going to be consequences of this.
04:07आप ये मत सोचिए, कि Congress Party और विपक्ष,
04:11Hindustan के vote को खटम,
04:14BJP खटम कर दे,
04:16Narendra Modi ji खटम कर दे,
04:17ज्यानेश कुमार ji खटम कर दे,
04:21national framework
04:22को कदम कर दे
04:23legal structure को कदम कर दे
04:24हम यहां बैचे चुप बैठे रहेंगे
04:28हमारी party अजादी के लिए लड़ी थी
04:31हम नहीं चुप बैठेंगे
04:34तो सब लोगों को
04:35सोच समझ के काम लेना है
04:38क्योंकि यह इसके उपर
04:39जो लिखा है
04:40number one
04:42Dejh Drozh are going to get punished
04:47and we already have enough information
04:49don't worry
04:54you will see in the next
04:56two three months
04:58four months
04:59what is going to happen
05:01because our information is available to us
05:08and I am
05:10making a commitment here
05:13from the people of India
05:15the Congress party
05:16and the opposition
05:19that Mr. Modi
05:20and Mr. Shah
05:22will be investigated for this crime
05:27no matter what happens
05:29we are not
05:30going to let this crime
05:33go unanswered
05:41election commissioner
05:42कोई court
05:43नहीं है
05:43कोई response
05:45नहीं है
05:46off the record
05:46भी कोई response
05:47नहीं mentioned है
05:48तो उसका आधार क्या है
05:51और अगर इस आधार
05:52पे कालपनिक बाते करें
05:54तो तो अप्रेल
05:552012 में उसी अकबार
05:56नहीं ये भी लिखा था
05:57कि कॉंग्रेस की सरकार
05:58इतनी डर गई थी
05:59किसे नहीं आग कप्चर के ले रही
06:02कैसी खारी सारी
06:02खबरों के उपर आप यकीन करते है
06:05अब मैं आप से ये भी बताना चाहता हूँ
06:08इसके बाद
06:09मीडिया से भी बहुत गहरा तालूक है
06:12इनका
06:14अकबारों की जब
06:15चीफ पे जाएंगे तो मैं याद दिलाना
06:29थ्री इस पष्ट रूप
06:31से अधिकृत करता है
06:33चुनावायोग को कि वो
06:35कभी भी अपनी इच्छा और व्यवस्था
06:37के अनुसार SIR करवा
06:39सकता है
06:39कितनी जगे चीफ जस्टिस अफ दे स्टेट इन्वाल्व है
06:43हाँ या ना
06:45खुद मिया फजी है
06:47दूसरों को नसीहत
06:49यहाँ तो लीडर अफ दा पोजिशन इन्वाल्व है
06:51और महोदे को ये भी याद नहीं रहता
06:54वो कह रहे हैं
06:55कि हमने नोट अफ डिसेंट दिया था
06:57चीफ एलेक्शन कमिशनर की
07:00नियुक्ती पर
07:01उन्होंने नोट अफ डिसेंट
07:03बाकी एलेक्शन कमिशनर की नियुक्ती पर भी दिया था
07:06जिनकों किया जिनके वक्तवे को आज वो कह रहे हैं
07:08इसी को कहते हैं
07:10पल में वो तोला हैं और पल में वो माशा हैं
07:12करते तो तमाशा हैं और खोदी तमाशा है
07:15दूसरी बात
07:16ये सारे विशे सुप्रीम कोट के संग्यान में लाए गए
07:19सुप्रीम कोट ने SIR के सारे प्रॉसेस को अफेल्ड किया
07:23एलेक्शन कमिशन की पूरी पावर को अफेल्ड किया
07:27और जिसको प्रारंभिक जानना हो ये एलेक्शन कमिशन में तीन लोग होते हैं
07:32अगर कोई भी दो election commissioner किसी भी चीट में बद्भेद रखते हैं तो वो निर्णे हो ही नहीं सकता
07:37है क्योंकि बहुमत से ही होना है
07:39तो सारे निर्णे एक मत से हुएं उनके पास कोई ऐसा सबूत नहीं है