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  • 16 minutes ago
EC विवाद को लेकर क्या बोले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत? देखें

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00:00इस वक्त मेरे साथ ओपी रावत साब जुड़ रहे हैं जो कि पूर मुखे चुनाव आयुक्तिया के लिए जी फॉरन
00:04आ रहे हूं एक बार रावत जी से बात करते हैं क्योंकि ये पूरा जो विवाद है ओपी रावत जी
00:09उसमें सबसे बड़ा सवाल अब ग्यानेश कुमार प
00:23पर आप क्या कहेंगे रावत जी मैं उसे दुर्भागी जनाएक मानता हूं कि ऐसे इस्तिती होनी नहीं चाहिए थी एलेक्शन
00:31कमिशन के फंक्शनिंग के कानून में इस पश्ट है कि जब सभी फैसले सर्वसमती से लेंगे मिजॉर्टी से लेंगे तो
00:39अगर दो चुनावा
00:53सिंग संदू जैसे फॉर्म 6 को लेकर आ रहा है कि दोनों की राय थी कि यह अडिशन आप नहीं
00:57कर सकते हैं सरकार कानून में बदलाव करें फिर यह होगा ठीक है अब उनकी आपतियां जो है वो नहीं
01:03सुनी जा रही है वो क्या कर सकते थे
01:07वो उसे तुरंट रोक सकते से अगर नहीं रुकता नहीं रिकॉर्ड होता तो वो अपनी शिकायत लेकर राश्पती जी को
01:13जा
01:14सकते से कि सब हमारी मेजरी अ कानूना हमारा मेजरीटी वाला मत
01:19मत जो है रिकॉर्ड होना चाहिए लेकिन उखो नहीं रहा है तो राश्पती जी एक्षन ले लेते और सुल जाता
01:25चौदा चिथिया लिखने की कोई जरूरत नहीं क्योंगी एलेक्शन कमिशन इस तरह से काम नहीं करती है उसमें कोई चिथी
01:30पत्रीकत नहीं होता है एलेक्शन
01:57क्यानेश कुमार को रिजाइन करना चाहिए उन्हें हटाया जाना चाहिए लेकिन इलेक्शन कमिशन अपनी जवाब में बार बार एक ही
02:02बात कह रहा है कि जो भी अन्तिम निर्णे लिया गया वो युनानिमस था सामूहिक था अब क्या है इससे
02:10आगे कैसे
02:11अब यह देखे क्या कौन क्या कर रहा है इसको सब्सक्राम करना तो जिपनी है मिरे लिए मैं फॉर्माट चीफ
02:19celebration कлан ant आईनिमस वैशन कमीशन में कि प्रिकर्षा कह पूरी तरह से क्कानूनी किफ़रा यहा तो मिज़री ते पिर
02:31सार्वत अगर सर्वत Queens झाहिक नहीं थी आप
02:39लेकिन मेरा सवाल आपसे यह है रावज जी कि क्या किसी भी संस्थान में ये व्यवहारिक है
02:46मतलब एक मुख्य चुनाव आयुकत रहे जो कि बहुत ही जिनकी परस्नालिटी या काम करने का तरीका जो है वो
03:04बहुत प्रबल रहा चुनाव आयोग के अंदर
03:08आप कह रहें कि दोनों चुनाव आयुकतों को राश्रुपति के पास जाना चाहिए था क्या ये व्यवहारिक है कि नहीं
03:15हम यहाँ पर हमारी बात नहीं सुनी जारी हम सीधा राश्रुपति के पास जाएंगे
03:20अरे क्यों नहीं मुख्य चुनाव आयुकत को अलग से कोई पावर नहीं है वो भी इनके बराबर ही है मैजोरिटी
03:26जिस तरह वह फैसला होगा और अगर नहीं हुआ है चुनाव मुख्य चुनाव आयुकत के नियंतरण में अगर प्रशाशन जो
03:33है आपकी बात नहीं लिख �
03:34है नहीं रिकॉर्ड कर रहा है आप तुरंत वहीं से सीधे जाईए राश्पती जी से टाइम लेके वहां उनको अपनी
03:40शिकायत दर्ज करा दीजे तो उम्प्रकाश रावच जी पूर्व मुख्य चुनाव आयुक सबसे बड़ी बात यहीं कह रहे हैं आपकी
03:46राश्पती के
03:47पास दोनों को अभी भी जाना चाहिए अभी भी मीटिंग बुलाएं आप कह रहे हैं और वहां पर चुकि ये
03:52दोनों एक तरफ अगर हैं तो उन फैसले को वह वापस ले सकते हैं लेकिन देखिए दोनों चुनाव आयुक जो
03:58हैं वो समवैधानिक पत पर हैं उन्होंने अप
04:17अभी फैसले हुए है सायार को लेकर उस पर रजामंदी रही यही तो चुनाव आयोग अपनी तरफ से बता रहा
04:22है तो अब इस पर क्या हो सकता है और क्या इस तरह के सवाल उठाने से कोई कुछ उसका
04:27निकलेगा कुछ आउटकम होगा
04:30अचली यह दोनों चुनाव आयोग थी कह रहे हैं ना और वहां से जो भी अभी प्रेस नोट आया उसमें
04:36भी यह है कि सर्वसम्मती सही फैसले हुए आया अलग अलग हो सकती है तो वो भी इलक्शन कमिशन के
04:42भिहाफ में आया है तो वो भी हमें ऐसे लगेगा कि तीनों इलक
04:51करती है और उसका सिधानत है या तो सर्वसम्मती या मैज़ॉरणी बाहर वाले को कैसे बता लगेगा कि आपके साथ
04:58ही हो रहा है आप जब तक सही जगह जाके शिकायत नहीं करोगे राश्पती जी को नहीं मिलोगे तब-दक
05:04कैसे बता लगेगा बाहर वाले को लेकिन ऐसा �
05:07कि सारा ओनस अब उन पर डाला जा रहा है कि मैं एक बार फिर से आप से पूछ रहे
05:11हूं कि क्या दोनों जो ये चुनाव आयुक्त है सुप्विंदर संदू साहब या फिर जोशी साहब उनके पास क्या सिर्फ
05:17यही एक विकल्प है कि वो राश्रोपती के पास जाएं अपने श
05:38किसी को भी टो पावर नहीं है मैजोरिटी अगर है तो आपका निर्णाय लिखा जाएगा वही आगे बढ़ेगा तो यह
05:45आपका निर्णाय होगा और अगर नहीं रिकॉर्ड होता है नहीं उस पर अमल होता है तो आप राश्पतीजी को शिकायत
05:50पुरंत कर दिए तो देखे
06:04ये आर्टिकल आ गया एक शक बन गया है वो दोनों जाहेत और पर दोनों चुनावायोक तो इस वक्त कुछ
06:10नहीं कह रहे हैं मुख्य चुनावायोक प्रेस्णोड जारी करके कहता कि कुछ भी गढ़़ नहीं है अब क्या कोई आक्शन
06:17हो सकता है अब क्या हो सकता है यस पू
06:31कर सकते हैं और अगर वो प्रद्द करने का मिरना रिकार्ड नहीं होता है आपको ऐसा लग रहा है तो
06:37आप राश्पती जी को शिकायर कर सकते हैं यह तो अखरी सवाल मेरा की प्रक्रिया पर है इस प्रोसेस को
06:46आप कैसे आखेंगे क्योंकि आपने इससे पहले बहुत नेगेट
07:00होई हैं उसमें कमिया रही हैं वो दीरे दीरे वो सुधारते रहे हैं उसको मानते रहे हैं बाहर से लोगों
07:08ने का उसको भी करते रहे हैं टाइम एक्स्टेंड करते रहे हैं जब देखा गया कि टाइम कम पड़ रहा
07:12है तो वो उस साब से चल रहा है अगर कहीं आपती है और
07:18स्पेशली एलेक्शन कमिशनर्स को है तो उनको अपना जो मेज़ोरिटी वाला काम है वो कर देना ची
07:27बहुत बहुत धन्यवाद आपका बहुत धन्यवाद आप मतलब दो बड़ी बातें जो ओपी रावत जी कह रहे हैं

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