00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदाथ
00:03कानपूर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा मडर केस में कानपूर पुलिस ने घजब का यूटन लिया है
00:10विनीत मिनोचा की जिस बहु शालू को कातिल करार दे कर कानपूर पुलिस ने जेल भेज दिया था
00:17असल में वो बेगुनाह निकली असली कातिल विनीत मिनोचा का अपना बेटा सुबरत निकला
00:23अब जब सक्चाई सामने आई तब कानपूर के पुलिस कमिशनर कह रहे हैं कि तब उन्हें ऐसा लगा था बस
00:30लगा था इसलिए शालू को पकड़ लिया
00:33समय लग रहा था कि घटना का सही अनावरन हो चुका है लेकिन जब विशाल से पूस्ताच की गई तो
00:41विशाल ने जो बताया है वो आपको भी पता है कि विशाल ने कहा कि घटना मैंने करी है पर
00:48उन्तों घटना मेरे से भावी ने करवाई है शालू का नाम लिया है और शालू
01:03और ये बिल्कुल किलियर रूप से जो है सालो को मुल्जिम बना दिया गया था और जब इससे भी हमारी
01:10बात चीत हुई ये भी ठाने पे गया था तो इसने भी पत्नी की तरफ ही इंगिट करा कि पत्नी
01:15जिसमें पत्नी द्वारा घटना कारित कराई गई है
01:20हम लोगोंने पहले दिन से ही जब सालो से पूसा आज़ों सालो ने बताया है मैंने मुझे कुछ जानकारी नहीं
01:27है लेकिन परस्तितिजन ने उस समय ऐसी परस्तितिया जो घटना करने वाला विशाल है विशाल में किलियर कार्ट बोल दिया
01:36था कि 6 छे लाक रुपे में सौदा
01:38हुआ है दो लाक रुप तुरंत देने की बात कही है और चार लाक रुपे बात में देने के लिए
01:43कहा गया है और उनने सीधे सीधे सालो का नाम लिया है और सालो के मुबाइल फोन से हमें सालो
01:53के और विशाल की बातों का हमें यह लगा इनके आपस में टेली फोन पर बात भ
02:08प्राप्ट हुई थी उसके आधार पर उन लोगों को जेल भीजा गया था
02:15कितने मासूम हैं हमारे कनपुरिया कमिश्टर सहाब
02:19कह रहे हैं कि उस वक्त ऐसा लगा था उस वक्त ऐसा सोच रहे था
02:24उस वक्त विशाल ने ऐसा बोला था उस वक्त सबूर ऐसे दिख रहे था
02:29सो इसलिए उस वक्त बाकी दोनों कातिलों के साथ शालू को भी एक कातिल मानकर जेल भीज़ दिया
02:36क्या करें तब उस वक्त यही लग रहा था कि शालू ही अपने ससुर की कातिल है
02:42कमिशनर साहब के इस लगने भर की वज़ा से क्या-क्या हो गया
02:46क्या उन्हें खुद इस बात का अंदाजा है
02:49क्या उन्हें अंदाजा है कि सिर्फ उनके लगने के चक्रम
02:53पूरी मीडिया और सोशल मीडिया जिसमें हम भी शामिल है
02:57एक महिला एक पत्नी एक वहू एक माँ के बारे पिछले 16 दिनों से क्या क्या कहा गया
03:04सिर्फ कमिशनर सहाब और उनकी कानपुर पुलिस के इसी लगने की वजह से
03:09शालू बेगुना होते हुए भी पूरे 16 दिन तक चेल में रही
03:14कमिशनर सहाब के इसी लगने ने बेकसूर शालू को इतना बदनाम कर दिया
03:19कि बेगुना होते हुए भी मुझरिमों की तरह उसे दुपटे से अपना मुझ छुपाना पड़ा
03:25एक IPS अफसर को कमिशनर की कुरसी तक पहुचने में आराम से 15 साल तो लगी जाते हैं
03:32अब अगर इतने तजरुबेकार कमिशनर सहाब सिर्फ कुछ लगने की वज़ा से आधी अधूरी जाच और एक कातिल के नाम
03:41भर लेने से किसी को कातिल करार देकर जेल फेज दे
03:45तो इसे आप क्या कहेंगे वाकई कमाल है कमिशनर सहाब
03:52पांच सितंबर की रात कानपुर के दवा कारोबारी वनीत मिनुचा काउनी के घर में कतल होता है
03:58कतल के 72 घंटे के अंदर अंदर कानपुर पुलिस वनीत मिनुचा की बहुई शालू को कातिल करार देते हुए ग्रफतार
04:07कर लेते हैं
04:08शालू की ग्रफतारी पर बाकाइदा कानपुर के आला पुलिस अफसर मीडिया को बयान देते हैं। दो में से एक सुपारी
04:15किलर विशार बाकाइदा पुलिस सिरासत में मीडिया के कैमरे पर ये कहता सुनाई देता है। क्यों से कतल के लिए
04:22उसकी भावी यानि शालू ने कहा
04:48अब कानपुर पुलिस खुद कह रही है कि शालू बेकसूर है असली गातिल खुद विनीद मिनोचा का बेटा और शालू
04:56का पती सुब्रत है
05:00सुब्रत की और विशाल की जो बातें होती हैं जब आमना सामना हुआ तो सुब्रत ने कल ही दो पर
05:08में जब हमारी उसे पूसा रिमांड पे लिए गये था
05:11तो हमारी टीम हमने जब बात कीट करना शुरू करा था तो उस के सामने जैसे उसको लाए गया बिशाल
05:20को तो बिशाल ने बिलकुल कह दिया था कि सर मैं बिलकुल अब सही बताता हूं कि मेरे से बहुत
05:26गलती हुई है और इसमें भावी इनोसेंट है लेकिन जो है भाईया ने क
05:33कराएं तो फिर सवाल तो बनता है कमिश्टर सहा बगार ठोस तहक्रिकात के सिर्फ एक कातिल के नाम लेने भर
05:43से दो चार कॉल डिटेल से या घर में एंट्री के लिए गेट पर गाट को इजाज़त दे देने से
05:49अगर आपकी जाच पूरी हो जाती है और आप 72 घंटे के अं
06:01एत दिन बात तक आपकी पुलिस पूचताज क्यों नहीं करती जितनी जल्दबाजी आपने बेकसूर शालू को कातिल करार देने में
06:10दिखाई इतनी जल्दबाजी सुबरत से पूचताज करने या उसे गिरफतार करने में क्यों नज़र नहीं आ और अब आप कह
06:18रहे हैं कि �
06:18विनीत मिनोचा मडरकेस का असली मास्टर माइन सर्फ और सर्फ सुब्रत शालू को फंसाया गया।
06:28शाडू की जितने हमारी अब जितने भी जो बातें हुई हैं एक बार फिर हम उसे बात करेंगे।
06:33शालू अब तक की पूरी घटना करम ने विशाल की बातों पर हमने जो विशाल ने उनके पक्ष में उनके
06:42आरूप लगाये थे जो टेलीफोनी कनवर्सेशन में जो क्लियर हो गया है कि मुख्य भूमिका केवल इनकी थी शालू को
06:52फ्रेम करने में भी इनकी और विशाल की भू
07:03कि दाल कर रखगा कम से कम सचाई सामने आने के बार इतनी हिम्मत तो दिखा रही है कि खुद
07:10आप से कह रही है कि मुझे बेश्चक आप जाने दीजिए पर मेरे अशटी को भी छोड़ दीजे। उससे धसाई
07:16ये वक्त्त
07:33वैसे आप और आपकी पुलिस की तमाम घलतियों के बावजूद एक चीज के लिए आपकी तारीफ भी बनती है
07:39आप चाहते तो आगे की जांच के नाम पर शालू को क्लीन चिट देने की बजाए उसे कानूनी दाव पेच
07:46में फसा कर रख सकते थे
07:48कुछ और दिन तक जेल लेकिन आपने कम से कम ये कहा तो सही कि शालू बेकसूर है असली गुनागार
07:55उसका पती सुबरत है
07:56जसने अपने पुराने नौकर विशाल के साथ मिलकर अपने पिता के गतली की साज़श रची
08:0624 सितंबर की दोपहर कानपुर में पलिस कमिशनर ने एक प्रेस कानफेंस रखी थी
08:11इस पूरी प्रेस कानफेंस के दोरान पलिस अपसरों के पीछे सिर्फ एक आरूपी ख़़ा था
08:17सुबरत अपने पिता का कातिल आदे घंटे से ज्यादा चली प्रेस कानफेंस के दोरान सुबरत इसी तरह बुद बन कर
08:25ख़़़ा रहा
08:26चेहरे पर कोई भाव नहीं
08:28जबकि ठीक उसके आगे बैठे पुलिस कमिशनर रगोबीर लार लगातार इसी सुबरत के बारे में बोल रहे थे
08:35उन्होंने विनीत मिनोचा मडरकेस की साज़िश के बारे में तफसील से बताया
08:39साथी बीच सुबरत की पुलिस कस्टडी में रिकार्ड बयान को भी मीडिया को दिखाया और सुनाया
08:45वो खुद सुबरत की जबानी आपको आगे सुनाएं पहले साज़िश की पूरी कहानी जान लेते हैं
08:52क्योंकि आप कहानी पूरी तरह से बदल चुकी है
08:5424 सितंबर की देरात करीब ठाई बजे पुलिस पूछताज के बाद जैसे ही सुबरत को उसकी गिरफतारी की खबर दी
09:02जाती है
09:03तब पहली बार सुबरत अपने पापा के गतल की कहानी सुनाता है
09:07उसका पूरा बयान पुलिस वाले रिकार्ड कर रहे थे
09:11जिसे प्रेस कांफरेंस में भी पुलिस वालों ने सुना है
09:14यह रही सुबरत की जुबानी उसके पापा यानि विनीत मिनोचा के गतल की वज़ा और कतल की साज़श की कहान
09:23जिसके आखिर में वो खुद कहता है कि इस साधिश के बारे में शानु को कुछ भी पता रही था
09:33तेज बोलो थो थो थो थो ने विसाल और उसके साथी राज किसों को कहा था
09:37कि जब हम निकल जाएंगे तब अंदर दुसिये गए उसको मैंने चाबी दी थी
09:42चावीज से अन्दिके बनाई थी तो जुसा और से का था मैंने कि अपना ला जाना जब अपिता जी आए
09:50पर चुपर रेना मेरे तुमरे में जब उखना कर देना है तो थेखना है किसो जाए तब आप पर पना
09:57तक्ये से अब रवाग के यजना पैर बगड़ना यजना मूर ब
10:12कि दूस करेक्टर के आदमें से, क्या जगह संबन्त हैं, और वे संबन्त हैं, कई अरतों के साथ, जिसमें से,
10:21इस वार शब भी होता था कभी एक बार, कि कई और कोई आना जाए और किसी और को नहीं
10:31ले आने को बता, ब्याक है, जो कोई अना आ जाए, कि गरभती है या या या
10:40संपत्ती ना चली जाए ह। तुमारे उपर करजा की तना है और सब मिला कर्невा कर्चा होगा है, सब मिला
10:51करके लग लग हर �леek कतने वेस्के महीने मेरे कितने किसे किْ पहर बोट वेस्ट currently किस्त जाती है है,
10:58महीने के लग वाड़ पच-पान हजबा था रस जाती है,
11:04चालिस हजार रूपए खर्च के लिए देते थे पच्पन हजार रूपए किस तहर महीने आप भी हो जाती थी तो
11:12आप उसको बढ़े हुए पैसे कहां से लाते थे सब नया लोन लेते थे लोन चुकाने के लिए या पर
11:19करेंट काड़ साइब करते थे इस सिल पैसा बढ़ते थ
11:23जह हैं आपि जाओ कि अचाने के मतलब माल पार करानी के मतलब किसकी मातियांसा लिए यह फिस्दी जाताया है
11:35उससे अपना खर्चा पूरा प्रण प्रण चाग्डिए पहने देख से नंगे जोजना कभ बनाई, मुन्सा रमादर वाली मुन्सा रूनर लिए
11:45बदा लपते �
11:46विज़ विजव बने तभी उसे होता है तिर चर्माइनर पेट क्या ओफर दिया दा उसको का तभी कर जा जितना
11:53है और चुका रेंगे ने चाहिए कि लग बग कितना पैसा देला पर जट दो लाग देट दो लाग
12:02तो पैसे क्या प्र प्लां बनाया अपने विज़ा से अपने पापा की हत्या कराने के समद्ध में क्या-क्या यो
12:09जिना बनाईी सुरू में इसले बताया कि एक्सेलेंट भी करवा सकते हैं कि उन गाड़े से जाएं अपना उनके सामने
12:18रिक्सा करवाते हैं उसले तो तुकिंग
12:25तो लमात दिया जाएगा, तो मैंना ये सही नहीं है, तो रुकेंगे वहाँ पर थुकेंगे भी तो निकल जाएगे, आगे
12:33बढ़ जाएगे, या उस समर पर सक पर ये चीद नहीं करेंगे, और तो उन्हें सोचा था ये कि वहाँ
12:40किट्टी है, आज तरीके लिए किट्टी थी
12:53इराप में कौन घर रहेगा और क्या पेसे तो बता ज़िए कि कोई घर नहीं होगा, कैमरा नहीं चला है,
12:59रिकोर्टिंग हमने बंद का रखेड़, और अंदा जाओगे, हमारे में चले जाना है, ताज जब आएगे नहीं नहीं नहीं पार
13:08नहीं खाये ज़ जाएगे तो उस
13:23तो विनीत मिनोचा के कतल, कतले की साधिश और कतले की वज़ा की पूरी कहानी आपने खुद आरोपी गातिल, यानि
13:31सुबरत की जबानी सुने, असल में सुबरत को यह अंदाजा ही नहीं था, कि उसने अपने पापा के कतले की
13:38जो असली साधिश रची थी, वो एन वक्त पर
13:53शुरू किया, दोनों कातिल घबरा गए, और चाकू से हमला कर दिया, यहीं से सारा खेट पिकड़ गया, सिमर चावला,
14:04तानपुर, आज तक
14:09सुबरत को इस बात का जरा सा भी अफसोस नहीं है, कि उसने पापा का कतली किया, अलबत्ता इस बात
14:15का दुख जरूर है, कि उन्हें चाकू से मारा गया, सुबरत को इस बात का भी मलाल है, कि उसकी
14:21वज़ा से इस केस में शालू फस गए, पुलिस के मताबिक, इसी अफसोस क
14:26कि वज़ा से खुद्सुब्रत खुद्कुशी करने की भी सोच रहा था।
14:33खुद्सुब्रत ये बता चुका है कि उसने अपने पापा को क्यों मारने का प्लैन बनाया था।
14:38चालीस हजार रुपए उसे खर्च के लिए मिलते थे।
14:41चालीस लाग का अर्जा था।
14:43उपर से उसे एक और दर था।
14:45डर ये कि कहीं किसी दिन विनीत मिलोचा किसी महिला को घर न ले आए
14:50और फिर सारी जायदार उसी के नाम न कर दे।
14:53सुब्रत का इल्जाम है कि उसके पिता की कई महिलाओं के साथ संबन थी।
15:01अंदर से जो है अपने पिता जी से काफी वो इनको उनके परतिज्वेस की भावना थे।
15:21इनका ये भी कहना है कि पिता जी खुद फोटो हमको दिखाते थे और ये गोवा जाना और पार्टी में
15:27जाना
15:27तो पिता जी के आचरन के बारे में इनको थोड़ा वो था और इनको ये था कि संभाव था पिता
15:34जी के साथ अगर कोई महला यहां आ जाएगी और कोई क्लेम करने लग जाएगे प्रॉपर्टी पे तो ये हमारे
15:40हम कहीं के ने रहें ये भी एक रिजन था इनका उकरा निकले औ
15:47लोग अपत्या करते होंगे इन पर कमेंड मारते होंगे जिसकी जैसे इनके देश की भावना बढ़ती चले गए लेकिन इस
15:56पूरी साजिश के दौरान कभी भी किसी भी मोड़ पर सुब्रत की पत्ली शालू इस साजिश का हिस्सा नहीं रहे
16:03वजा ये कि सुब्रत ने कभी �
16:05उसे ये पताया ही नहीं था जबके सुब्रत पिछले चार-पांच महीनों से अपने पिता को मारने की साजिश रज
16:12रज रहा था तक्ये से मू दबाने की बजाए जब घबराकर विशाल और राट की शोर में चाकू से विनीत
16:19मिनोचा पर हमला किया तो जाहिर था अब ये के
16:22पूलिस केस बनने वाला था इसी के बाद सुब्रत ने सबसे पहले अपने पिता के मड़र केस में चाचा को
16:29भासाने की सोची
16:34योजना ये भी थी कि इनके चाचा पर डाला जाए इसको परन्तो जो है घुम फिलकर कि जब सालू का
16:43नाम आ गया तो इनोंने फिर उसी को अपना जो है वो करने की कोशिश करी कि ताकि उसी पर
16:49साबित हो जाए ये जब हमारी पूस्तात में हमने इनको मैंने इसको कहा कि आ�
16:58इस अरिस नहीं होंगा इनकी दिमाग में बैठा वहाँ दा लेकिन अंदर से इनके अंदर से जो अवचीतन मन हो
17:03था और लगा थर कह रहा था कि मुझे अरिस्ट हो जाएगा अरे साब करें लेकिन विशार चाचा की वजाए
17:11गिरफतारी के वारा शालू का नाम दो बैठा इ
17:25हमेशा शालू का ही नाम हिला.
17:55असके बाद इन्होंने कहा,
17:57कि मैं पहले दिन सोच रहा था
17:59कि आप लोग मुझे अरेस्स कर देंगे.
18:01मुझे ये अंदाजा था कि आप मुझे
18:03अरेस्स कर देंगे. लेकिं क्योंकि
18:05बिसाल ने मेरे को बचा दिया था,
18:19बिसाल इसके पर تी काफी
18:21हुआ कि है आप सच्चाई सामने आने के बाद सुबरत को इस बात का मलाल क्योंति उस ने शालू को
18:30भसा दिया था पर उसे अपने शत
18:32की मौत का मलाल नहीं है इतना जरूर है कि वह नहीं चाहता था कि उसके पिठा चाकू से बारे
18:39जाये
18:42सुबरत सुबरत क्यों मारा आप अपिता जीग यही मौका पूर्ण नहीं का किसी और लेडी के साथ रहना है लेकिन
18:54वह बड़े खुलियाम करता है बड़े कैश्वल थे कि हम करते हैं उससे तो हम मतलब नहीं है
19:02अपने पतनी को आपना करते हैं उसका प्री प्लैंड नहीं था लेकिन उसको कुछ भी नहीं पता ते जवारे में
19:22कर्ज किस चीज का था आपके 20-30 लाग रुब जो पुलिस ने पता है कि जो गोद के उनको
19:40मार दिया गया मैं वैसे नहीं चाहता था लेकिन मैं चाहता था कि उमरे अभी आप यह जाते हैं कि
19:44उनका मरना जायस था या आप को इस चीज का मला है बहुत पेड़ी इस से उनके सं�
20:01किसी चीज से आपकी पतनी आपको मलाल है कि आपकी पतनी का इतना जो घबरे चली और तमाम चीज आपको
20:06इस चीज का गिल्ट है इसा नहीं होना चाहिए शालू के साथ नहीं होना चाहिए नहीं होना चाहिए
20:13सुब्रत के बिछाये जाल में शालू फंस तो चुकी थी लेकिन कहीं न कहीं सुब्रत को इसका मलाल भी था
20:20विनीत मिनोचा के मडर के बाद से वो ठीक से सो नहीं पा रहा था
20:24इसी मलाल के चलते उसने ये भी सोच रखा था
20:27कि वो नीन की गोल या खाकर अपनी जान दे देगा
20:34इनका ये भी कहना था कि मुझे अंदर से गिल्ट भी हो रहा था
20:37ये भी नोने का मुझे अंदर से गिल्ट हो रहा था
20:51इनकी आदतें भी खराब रही हैं, करजा इन पर है, पेपर भी पढ़ रहे थे और इनको काफी इसस्ता तो
21:00ये पॉसिबिलिटी थी, ये अगर ये अरिस्ट नहीं होते हैं बाई देवे और ये जैसे गुमाते ही रहते तो इनकी
21:07नेक्स योजना ये भी थी, ये दवा खा करके
21:17अपने खुदी बैठ जाते हैं
21:39शाल के साथ मिलकर कई महीनों से इस पूरे हत्या कांट की साजिश रच रहा था और साती साथ ये
21:45भी प्लैनी रख रहा था कि अगर वे पकड़ा गया तो इस कैसे शालू को इस पूरे मामले में फसाया
21:51जा सके
21:51फिलहाल पुलिस ने सुबरत को गिरफतार करके जेल भेज दिया है जेल जाने से पहले आज तक के कैमरा पर
21:57सुबरत ने बताया कि उसे अपने पिता की हत्या करने का कोई मलाल नहीं है
22:01लेकिन उसे अपने पत्नी को फसाने का मलाल जरूर है अब ये देखने वाली बात है कि क्या वो सच
22:08बोल रहा है या नहीं ये बात सिर्फ सुबरत ही जानता है
22:12वीडियो जनले शुबम शुकला के साथ से मरचावला कानपूर आज तक
22:15तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर डेश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक