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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ग्लोबल साउथ के देशों की उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि सप्लाई चेन, वित्त और कनेक्टिविटी में किसी भी तरह के चोक पॉइंट को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा विकास की बुनियाद है और ऊर्जा की उपलब्धता व कीमतों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। खाद्य सुरक्षा के लिए अनाज और उर्वरकों की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का समाधान जरूरी है। उन्होंने निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था, औद्योगिकीकरण के अधिकार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कानून और नाविकों व वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही।

Description in English

At a High-level meeting of Like-Minded Global South countries and Friends, EAM Dr S Jaishankar said, "First, we must not accept or legitimise choke points, be they in supply chains, finance, or connectivity. Second, energy security is at the heart of development. Availability and prices should not be manipulated for political edge. Third, food security is a common goal, and we must swiftly address challenges in that regard, particularly the supply of grains and fertilizers. Fourth, ensuring fair economic and trade practices that enhance our production capabilities and do not reduce us to be mere consumers. Our right to industrialise must not be denied. Five, the maritime commons must be secured, international law observed, and the safety and security of seafarers and commercial shipping guaranteed.

#SJaishankar #Trump #India #USIndiaRelations #IndiaUNNewYork #UNGA81 #UNJaishankarSpeech #FIPIC

~HT.318~PR.516~GR.506~VG.HM~

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Transcript
00:00अमेरिका की धमकी और भारत का साफ जवाब
00:02वाशिंटन में एक नया कानून पास होता है जो भारत पर 100 प्रतिशत टारिफ लगाने का रास्ता खोलता है
00:09वजा भारत का रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीद लेकिन ठीक इसी वक्त न्यूयोक में सयुक्त राष्ट महा सभा के
00:1781 सत्र के दोरान भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जैशंकर अमेरिकी विदेश मंत्री माको रूवियों के ठीक सामने बैठते
00:25हैं और बिना किसी हिच
00:26की चाहट के भारत का रुख साफ कर देते हैं
00:30140 करोन भारतियों की उर्जा सुरक्षा पर कोई समझोता नहीं होगा
00:34सबसे पहले समझे कि आखिर अमेरिका ना ऐसा कौन सा दाव चला है जो से ग्लोबल मार्कित्स में हल चलमची
00:41पिछले हफ़ते अमेरिकी राश्वपती डॉनल्ड ट्राम्प ने लिंट से ओ ग्राहम सेंसेशनिंग रूस एंड इरान आक्ट ऑफ 2026 पर दस्तकत
00:49किये
00:49इस कानून की सीधी मंच्रा ये है कि जो भी देश रूस से तेल या फिर ग्यास खरीदेगा अमेरिका उस
00:54पर 100% तक का टारफ लगा सकता है
00:57निशाना सीधा है भारत और चीन अमेरिका का मकसल भारत पर दबाव बनाना है ताकि भारत रूस से अपनी एनर्जी
01:05सप्लाई बंद कर दे
01:06लेकिन भारत की एकॉनमिक जरूरतों और ग्लोबल मार्केट की हकीकत को अमेरिका नजर अन्दास कर रहा है
01:11न्यूयोक में हुई जैशुंकर रूबियो बैठक इसी तनावपूर्ट बाकड्रॉप में है
01:15बैठक के बाद डॉक्र जैशुंकर ने साफ किया कि भारत ने सीरिया कानून को लेकर अपने गंभीर चिंताओ और आर्थिक
01:22हेतों को अमेरिकी प्रसाशन के सामने मजबूती से रखा है
01:25इसके साथ ही खाड़ी देशों और यूक्रेन संकट पर भी बातचीत हुई
01:28भारत का रोक एकदम सपश्ट है भारत की प्रातमिक्ता अपने नागरे को को सस्ती और निर्बाद एनरजी देना है भारत
01:35की विदेशनीती पूरी तरह से सवनेंग है
01:37अमेरिका के साथ रणनीतिक और अंतरिम विपार समझोते पर बातचीत जारी रहेगी लेकिन दबाव में कोई फैसला नहीं होगा
01:44असी साल जुलाई में मनीला में हुई बैठकों में दोनों देशों ने ट्रेड, AI और टृटिकल मिनरल्स पर बात की
01:51थी
01:51अमेरिका भी जानता है कि भारत को दर किनार करके इंडो पैसिफिक की रणनीति पूरी नहीं हो सकती
01:57जहां एक तरफ भारत अमेरिका के साथ कठिन बाचीत कर रहा था
02:00वही दूसरे तरफ प्रशांत महासागर के 14 दूइब देशों के साथ अपनी पकर्ण मजबूत कर रहा था
02:05जशंकर ने फिपिक यानि फॉरम फर इंडिया पसिफिक आइलेंस कोपरेशन की दूसरी विदेश मंत्रियों की बैठकी अध्यक्ष ताकी
02:12इसमें समोवा, फिजी, पिलाव, पापुआ, न्यू गिने, सोलमान, आइलांस जैसे देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए
02:20ये वही छेतर है जोहाचीन अपने पैसों के बलपर प्रभाव जमाने की कोशिश कर रहा है लेकिन भारत का मॉडल
02:25अलग है
02:26हेल्थ केर और रिन्यूबल एनरजी, भारतें देशों को सोलर पावर और मेडिकल सपोर्ट दे रहा है
02:32बारा सूत्रे कारे योजन, पेमोदी द्वारा घोशत किनेक्टिविटी, टेकनोलोजी और शमता निर्मार की योजना है तेजी से आगे बढ़ रही
02:38है
02:38आए सुनते हैं इस बैठक में जैशनकर ने क्या कुछ का
02:42धन्यवाद महा महिम सबसे पहले मैं न्यू यॉर्क में भारती एमिशन में आप सभी का बहुत कर्म जोशी से स्वागत
02:49करता हूँ
02:49और मैं इस अवसर पर 2023 में तीसरे फिपिक एफाइपिक शिकर सम्मेलन के बाद से हमारे द्वारा की गई प्रगती
02:59का जाइजा लेना और आप सभी के साथ चर्चा करना चाहूँगा
03:05और मैं जो कहना चाहता हूँ यह है कि हमारे पास दो रूप रेखाएं हैं जिन में हमारे संबंध विशेश
03:13रूप से हमारी विकास साज्येदारी बड़ी है
03:16एक FIPIC रूप रेखा है दूसरी भारत संयुक्त राष्ट्र विकास साजेदारी निधी है और इन दोनों के माध्यम से हमने
03:27कई परियोजनाएं की हैं जिन्होंने आजिविका को मजबूत करने एक शमता निर्माण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए
03:34हमारी प्रतिब�
03:45से सम्मान और समर्थन करता है जब हमारा पिछला शिकर सम्मेलन हुआ था तो प्रधानमंत्री मोदी ने कई पहलों की
03:56घोशना की थी और आज मैं आपके साथ उस संबंध में वर्तमान स्थिती साजहा करना चाहूंगा एक निश्चित रूप से
04:05फिजी में सौ बिस्तरों वा
04:09हो रही प्रगती है और यह आगे बढ़ा है और हमें विश्वास है कि यह अस्पताल प्रशान्त द्वीब देशों की
04:21स्वास्थ देखभाल आवशकताओं को पूरा करने में मदद करेगा दूसरा हेमोडायलिसिस मशीनों की आपूर्ती के संबंध में है और यह
04:33पापुआ,
04:33न्यू गिनी, सोलोमन द्वीब, समोवा, पलाउ, नावरू, किरिबाती और मार्शल द्वीब समुह के संबंध में हुआ है और मेरा मानना
04:43है कि चार अन्य सदस्य देशों में यह प्रक्रिया में है
04:47अल्नीनों से मदद, जलवाईयों, परिवर्तन और अल्नीनों की मार्ट झेल रहे प्रशान देशों को भारत हर संबव तक्नीकी और आर्थिक
04:55मदद दे रहा है
04:55कूटनीति के इस पूरी तस्वेर को देखे तो दो बाते शीशे की तरह साफ है
04:59पहला, भारत अपके से एक सूपरपावर के दबाव में अपनी आर्थिक नीतिया तेह नहीं करता
05:04और दूसरा, भारत ग्लोबल साउत और प्रशांत महसागर जैसे रणनीतिक इलाकों में अपनी अलग और मजबूत पहचान बना चुका है
05:10लेकिन बड़ा सवाल अभी भी कायन है, क्या ट्रॉम्प रसाशन 100% टारिफ लागू करने का जोखे मुठाएगा
05:17या भारत के सक्त रुख के आगे अमेरिका को अपने कदम पीछे खीचने पड़ेंगे
05:20आपके स्मुद्धे पर क्या रहा है, कॉमेंट करके जरूर बताए, फिलाल बस इतना ही देश और दुनिया के तमाम बड़ी
05:25खबरों के लिए देखते रही, One India है

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