00:00लगता है कि अखिलेश यादव की रत यात्रा कॉंग्रेस को बिलकुल रास नहीं आ रहे हैं
00:04कॉंग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष
00:06अजे राय ने कहा है कि अखिलेश की यात्रा योगी सरकार के खिलाब कम
00:10हमें ताकत दिखाने की कोशिश ज्यादा थी
00:13अजे राय ने कहा है कि अगर अखिलेश अमेटी राइबरेली आएंगे तो हम भी कनोज इटावा और मैनपुरी जा सकते
00:20हैं
00:21अजे राय ने ये भी कहा कि लगता है कि ये यात्रा राहूल गांधी को ताक्त दिखाने के लिए निकाली
00:26गई है
00:27आपको बता दें कि दोनों पार्टियों के बीच जोकी है तो गड़बंदन में लेकिन इस वक्त रिष्टे काफी तल्क नजर
00:35आ रहे हैं
00:40और इस पर ज्याद अच्छा चक ले आईए सीधर रुख करते हैं हमारे से योगी आशीश श्रवास्तव का
00:44आशीश यहां ये दोनों विपक्षी पार्टियां जो गड़बंदन में इने साथ मिलकर योगी को काउंटर करना चाहिए लेकिन ये तो
00:53आपस में ही बिढ़ रही है
00:56अब फिल्पन दीदे कि जिस तरीके से इकल ये प्यात्रा दिखाई गई है और वो भी राइबरेली से तो कॉंग्रेस
01:02का जो गड़ है राइबरेली जहां कॉंग्रेस के लीडर राउल गांदी रहते हैं मेंचा और बात करते हैं तो पहने
01:08भी कीतों को लेकर ये मामला पेज
01:10सब्सा हुआ था और अब पूड़े रत वहां से सुरुआ थी है तो कॉंग्रेस के सब्साब कहना है ये ताकत
01:16दिखा ही किसको जा रही है बीजेपी को या राउल जांदी को या कॉंग्रेस को और यही बज़े है कि
01:21अगर वोई नेतार राइबरेली से सुरू कर सकता है तो �
01:25पूरी से दिखा है तो कही नहीं तो कही ना कही जो शीटों को लेकर अभी तक बात कहते आ
01:29रहे थे वह रार खुल कर सामने आ रहे है यही बज़े है कि अजय एराय उस्ताब तो कहते आए
01:35है इसे पहने भी तमाज़ादी पाटी चीफ और अजय राय के बीच पी चिर्कुट
01:57अब ऐसे में ये रैली जरूर एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की गई कि हमारा मजबूत इसकर है यानि
02:04समाजवादी का अगिका कॉंग्रेट में और इसी वजे से वहाँ पर ये रैली दिखाई गई इने गिरत्यात्रा कॉंग्रेट उसी वहाँ
02:11पर एक मजबूत संदे�
02:24को जाया है इसी वजे से जाय वो सीटों की बात तो गडबंदन कहीं अफे रार दिखती ही नेजर आ
02:28रही है और इसी के मज़े से माना जा रहा है कि अभी तो दोजय को टाई चुनाव शूरूर ही
02:32हुए है ये पहली आज रहली पहली भी कॉंग्रेस के गड़ते तो ये कही �
02:37कही रास नहीं आ रहा है और यही को टुब रहा है और इसी वजे से इस्टाफ तोर ते मैंपुरी
02:55और जो इड़ावा और इसी बात की जा रही है ये पेड़ेश अभी भी थोका हुआ है और फीपोड़ गड़वन
03:01को लेकर समाजारी पाटिय ने जिस तरीके से है पहली रही
03:25तो जिन लोगों को साथ में बैठकर सीट के बटवारों पर
03:35आईए एक बार सुन लेते हैं माफ कीजेगा आपको सुना देते हैं कि अजेराय कहे क्या रहे हैं एक बार
03:40सुन लेते हैं
03:42चुनाओ का समय है और कोई विक्ति कहीं जा सकता है अखिलेज जी रहबरेली ये मिठी जा सकते हैं हम
03:52सब लोग कन्नोज भी जा सकते हैं
03:54हम रही टावा जा सकते हैं, से फेही जा सकते हैं, उसमें कोई वो नहीं है, पर निश्चिय तोर से
03:59मैं तना ही करना चाहूंगा, कि आज पूरा देश का राहूली के तरफ देख रहा है, राहूल गांधी, आज जिस
04:06तरीके की बात आम आदमी को उठा रहे हैं, जिस तरीके से �
04:08चुना आयो को उन्होंने पहले से, पहले दिन से, जिस तरीके से सिरीज की तहत उन्होंने प्रेस कॉन्फरेंसेस की, और
04:15बताई चुना आयो की सतता कैसे चोरी करा रहे हैं, सिवाए राहूल गांधी के अलावा, मजबूती के साथ इस बात
04:21को किसे ने ने उठा जाया।
04:38तो राइ बरेली यानि की कॉंग्रेस पार्टी का गड़, अब सवाल है कि अखिलेश ने उतरप्रदेश के 75 जिलों में
04:47से राइ बरेली को ही क्यों चुना, क्या इससे बीजेपी के साथ साथ कॉंग्रेस के लिए भी कोई मेसेजिंग है?
05:14अखिलेश यादव ने 2027 में यूपी जीतने के लिए आज बिगुल फूंग दे, अखिलेश का रथ निकल चुका है, मिशन
05:22है, यूपी फते है, और जगह चुनी है, राइ बरेली, वही राइ बरेली जो कॉंग्रेस का गड़ है।
05:28अखिलेश यादव ने हर चुनाव की तरह इस बार भी एक लगशरी बस को अपना रथ बनाया है। इस बार
05:35नारा पीडिय का है। वैसे तो अखिलेश यादव पीडिय की परिभाशा बदलते रहे हैं और इस पर सवाल भी उठते
05:41हैं। लेकिन अब की बार इस बस पर ही लि
05:56इस पीडिय रद तयार है दोजार सताइस के विदान सबाचुनाव को लेका जिसमें पिछला दलित अल्फ संक्य के साथ साथ
06:03जो पीडिय में पी है वो पीडिय का हिस्सा है एक नया एक नारा और उसमें ब्लू रंग को भी
06:11शामिल किया गया। नीले रंग जो परंपरागत स
06:16उसमें नीले रंग को भी शामिल किया गया। तो एक तरीके से पीडिय से समाज़ादी पार्टी ने कई गड़ साथने
06:22की कोशिश किये। राउल जांदी के संसद्य एक शेतर से और वहीं दूसरी तरफ जो बहुतन समाज़ाद के जो बीएस
06:28पी का जो नीला कलर है उसके जर
06:4327 के 24 समर की शुरुआत सपाध्यक शकले शादर रावर बेरेली से यात्रा करके करें।
07:13बहुत बड़ा ब्रैंड बन चुका है। हाला कि ये भी आरोप लगते हैं कि योगी का बुल्डोजर एक तरफा कारवाई
07:19में लोगों के घर भी तोड़ता है।
07:54अब अखिलेश यादव इसी बुल्डोजर से योगी आधित्यनाथ को जवाब दे रहे हैं।
07:59जैसे ही वो आज राइवरेली पहुँचे तुरंत उनके कारेकरता बुल्डोजर लेकर स्वागत के लिए खड़े थे और बुल्डोजर से फूल
08:06बरसाए जा रहे हैं।
08:07जैसे कि ये संदेश दे रहे हो कि समाजवादी पार्टी का बुल्डोजर घर नहीं तोड़ता बलकि फूल बरसाता है।
08:37के बच्रामा में और आप देखिए कि बुल्डोजर पर तमाम कारेकरता हैं। अभी तक ये तस्वीरें जो आती थे वो
08:43बीजेपी के नेताओं के स्वागत के आती थे लेकिन राइबरेली में बुल्डोजर से अकले श्यादों का स्वागत किया जा रहा
08:51है। और ये बुल्
09:09अखिलेश बढ़ते जा रहे थे और कारेकरताओं की भीड उनका स्वागत करती जा रही थे।
10:06पहना रहे थे।
10:07एक, दो, तीन, तीन जेसीबी के साथ ये माला पहनाई जा रही है सपध्यक्ष अकलेश श्यादों को और ये एक
10:14तरीके से बीजेपी का जो बुल्डोजर और जेसीबी जिसके सहारे वो कानून वेवस्ता बेहतर करने का दावा करती है।
10:22उसी का जवाब समाजवादी पार्टी के कारकरताओं ने जवाब दिया है कि वो जेसीबी लगा करके अपने अध्यक्ष का स्वागत
10:30कर रही है।
10:31अपने उसाहिक कारकरताओं को हिदायत भी दे रहे हैं अध्यक्ष यादो के किसी भी तरीके से कोई खत्रा ना ले।
10:38लेकिन उसाहिक कारकरताओं उनसे मिलने के लिए आतुर हैं।
10:41जेसीबी पर चड़ करके जो करकरताओं वो पहुँचे हुए हैं और ये तीन जेसीबी लगा कर अब राइबरेली पहुँच चुका
10:50है अखिलेश शादो को काफिला।
10:55चुनावी केंपेइन की शुरुवात में ही अखिलेश यादम न ये साफ कर दिया कि इस बार का चुनाव वो पीडिये
11:01के नारे पर ही लड़ रहे हैं।
11:06ड्राइबरेली की रैली में उन्होंने पीडिये का एक नया मतलब भी बता दिया।
11:10पीडिये मतलब, पीडित, दुखी और अप्मान।
11:13और मुझे तो लग रहा है, यहां हम लोग कह रहे थे, के पीडिये का तूफान, पीडिये की हबा चल
11:27रही है।
11:28लेकिन रैभेली में देखने को मिलना है, के पीडिये पनामभात की जन्ता पाटी तो है है।
11:39लेकिन कहीं लोदी बनाम योगी तो नहीं हो गया चुनाओं
11:45समाज एक आंदोलन हमेशा इस धर्टी पर सफ़द हुए भारत की धर्टी पर सफ़द हुए ये भी वही आंदोलन की
11:54कड़ी है पीजे का आंदोलन
12:14बीजेपी भी जानती है कि अगर उन्हें अखिलेश यादब को जबाब देना है तो उनके पीजेपी में हर कोई इसी
12:22नेरेटिव पर है कि पीजेपी पर अखिलेश यादब कंफ्यूज है
12:25पी पीजेअ के बारे में खुड कंफ्यूज है कि अची फिड़ीए क्या है कभी पी पीजेए और के लिए मुकित
12:33थे पिछला बल्र संकर फिर फिर पंडित को जोड़ दिये पिछ्ड़े में फिर एससे पूरे आधीयबादी को
12:43जोड दिये तो खुद उस पीडिये में ऐखन्फूज है पीडिये का कुछ दिन के बाद कहे देंगे कि पताल धरती
12:50अकासे तो क्या है यह यह पहले खुद इस पस्तो हूं मैं नहीं कहा रहा हूं वो खुद ही कहे
12:57कि पी से पंडित
13:21अब रत्यात्रा कोई काम नहीं आएगी
13:27पीडिये की चोपाल भी अब कोई काम नहीं आएगी
13:32कोई सड़ी अंतर काम नहीं आएगा
13:35उत्तर परदीश की 25 क्रोड लोग जब याद करते हैं
13:4012 से 17 के 5 वर्सों की सरकार के कालखन को
13:44तो आज भी चेहरे पे लोगों के चेहरे पे तनाव होता है
13:49महिलाव और बच्चियों के मन में दैसत का भाव होता है
13:54उत्तर परदेश की जनता बहुत सूजवान हो गी है
13:58इसलिए ऐसी किसी पार्टी को ऐसे किसी दल को सत्ता में नहीं लाएगी
14:05जिस दल का उद्देश गुंडागर्दी हो जिस दल का उद्देश परिवारवाद हो
14:11जिस दल का उद्देश भरटाचार हो दंगा और फसाद हो
14:17इसलिए रत या चौपाल अब सब वेर्थ की बाद
14:21संदोश कुमार शर्मा राइबरेली आज तर
14:27पैसे समाजवादी पार्टी और कॉंग्रेस के बीच
14:29सीट शेरिंग को लेकर बात फसी हुए है
14:32अब अंदर की बात क्या है पता नहीं
14:38समाजवादी पार्टी से जल्द से जल्द सीट फाइनल करने को कह रहे है
14:42लेकिन अखिले शयादव कोई लोड नहीं ले रहे है
14:46सवाल है कि क्या यूपी में समाजवादी पार्टी और कॉंग्रेस का अलायंस होगा
15:05अखिलेश यादव ने अपनी यात्रा राय बरेली से ही शुरू क्योंगी
15:09जो राय बरेली कॉंग्रिस का गढ़ कहा जाता है
15:13जहां से फिरोज गांधी, इंद्रा गांधी, सोनिया गांधी सांसद रहे
15:17और अभी मौझूदा दौर में राहुल गांधी जिस राय बरेली के सांसद है
15:21ऐसे कॉंग्रिस के गढ़ को अपनी यात्रा की शुरूबात के लिए अखिलेश यादव ने क्यों चुना
15:42और जिस तरह कि बयानबाजी दोनों खेमों से हो रही है, उससे तो इस गढ़ बंधन पर सवाल भी उठने
15:48लगे है
15:50तीन दिन पहले ही कॉंग्रिस और समाजवादी पार्टी के दो लोक सभा सांसर, सीट शेरिंग पर ही मीडिया के कैमरों
15:56के सामने भिड़ चुके है
15:57ऐसी बयानबाजी कि गढ़ बंधन को दोस्ती तो किसी लिहाद से न कहा जाए
16:02ये बयानबाजी बता रही है कि समाजवादी पार्टी और कॉंग्रिस के बीच सब कुछ ठीक नहीं है
16:0921 सितंबर को इमरान मसूद से पूछा गया कि यूपी में सफा के साथ गढ़ बंधन पर क्या फाइनल हुआ
16:14तो उन्होंने साफ साफ समाजवादी पार्टी को जवाब दे दिया
16:17कि अगर कॉंग्रिस के बिना जाने की सोच रहे हैं तो फिर गलत पहमी न पाने
16:25कितने अक्टीव नज़र आ रहे हैं उसके कोई माहिने नहीं है अगर गडबंदन करना है तो उसे फाइनल
16:28करने और नहीं करना है तो फिर हम भी अपनी तैयारी के अंदर जा रहे हैं उससे कोई मतलब नहीं
16:33है
16:36कॉंग्रेस के बिना अब महल नहीं है कहीं भी पूरे देश में नहीं है
16:42तो कॉंग्रेस के बिना चलने की भी मैं सोचेगे चल सकते हैं
16:45क्योंकि अगर आप कॉंग्रेस के बिना जा रहा है तो पिर आप कहीं न कहीं आपके दिमाग में कहीं न
16:50कहीं
16:51बाजपा को हराना नहीं है
16:54इन से लड़ाई कॉंग्रेस के साथ ही हो सकती है
16:57और कॉंग्रेस ही लड़ सकती है
16:59राहूल गांधी का नित्रोतीन से पार पा सकता है
17:02मैं बार बार कह रहा हूँ
17:05इमरान मसूत में कॉंग्रेस को ऐसे बताया
17:07कि जैसे वो यूपी में मुख्य विपक्षी पार्टी और राहुल गांधी को ऐसा दिखाया जैसे वो यूपी के अगले मुख्यमंत्री
17:13होंगे
17:14जबकि जमीनी लडाई में कॉंग्रस यूपी में कहीं नहीं ठहरती
17:17इसी लिए तुरंथ अगले ही दिन समाजवादी पार्टी की ही मुस्लिम सांसत से इमरान मसूद को जवाब मिला
17:29अगर उत्तर प्रदेश में कोई व्यक्ति ऐसा है जो भाजपा को हरा सकता है तो वो सिर्फ अकलेश यादव जी
17:35है
17:36कॉंग्रस अपने दम पर कुछ कर नहीं पाएगी रटबंदन रहा तो बहुत अच्छा रहेगा नहीं रहा तो ये उनके लिए
17:41नुपसान है मारे लिए इकरा हसन ने तो इमरान मसूद को एकदम से बेवकूफी कह दिया
17:47असल में कॉंग्रस को ये लग रहा है कि वो यूपी में उन सीटों को जीत सकती है जहां मुस्लिम
17:53वोट की बहुलता है
17:53लेकिन लगता है कि इमरान मसूद को ऊपर से कुछ फटकार पड़ी है इसलिए अब वो थोड़ा बैक फूट पर
17:59नजर आ रहे हैं
18:01अखिलेश यादव ने उनके नेता के गड़ से यातरा की शुरुवात की है फिर भी वो बड़े पूल दिख रहे
18:06है
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