Skip to playerSkip to main content
  • 8 minutes ago
4 करोड़ की लागत से बने विद्युत और पारंपरिक शवदाह गृह में लगा ताला, एक साल बाद भी नहीं हुआ दाह संस्कार. रिपोर्ट-अटल बिहार पांडे

Category

🗞
News
Transcript
00:00ुपालगन चिले में आधुनिक सुविधाओं से लैस बिधुत सौधागरी और परंपरिक सौधागरी बनकर पूरी तरह तयार है
00:09लेकिन बिड़ा मना यह है कि करीब 4 करोर रुपए की लागत से बना यह बिधुत सौधागरी आज उद्घाटन का
00:17बाट जो रहा है
00:19यह तस्विरे आप देख सकते हैं यह गोपालगन सहर के बीचों बीच चिराई घर के पास यह बनाया गया सौधागरी
00:26आज उपेच्छा का सिकार हो गया है
00:28यह चालू नहीं होने के कारण जो यहां के लोग है वे सरकों के किनारे या खाली अस्थानों पर सौधागर
00:37करते हैं लेकिन यह हाथी का दाथ सावित हो रहा है
00:42यह तस्विय देख सकते हैं कि अभी भी यहां पर ताले लटके हुए है और इंतजार है यह ताला कब
00:49खुलेगा
00:49क्योंकि लोगों की कई तरह की शमस्याएं होती है लोग बरसात में वाव है उसका दास हंसकार करते हैं लेकिन
00:57आत्याद हुनिक सुविधाओं से लेस यह सौधागरी चालू नहीं हुआ
01:02लकरी के सौधागरी भी बनाए गया है और साथ ही बिधुत सौधागरी भी है यह तस्विए देख सकते हैं कि
01:08इसके अंदर में घास भी जम चुके है और कुछ दिन के बाद यह तूट तूटकर गिरने भी लगेंगे
01:32आते हैं तो उनको दिक्कत होता है यह तक है लेकि बना हुआ तो इसको यूज में लाना चाहिए तक
01:37कि एक बहुता है डर का जो महौल जो बच्चे देखके डर जाते हैं वो डर जल से जल्द को
01:42फसे बना है जिसमें दो बिधुत का भी यह चिराई घर के पास बुड्डकों
02:20Sub indo by broth3rmax
02:45Thank you very much.
02:51Thank you very much.
03:21Thank you very much.

Recommended