00:11पित्रों की आत्मा की शांती के लिए पिंडदान की परमपरा सद्यों पुरानी है।
00:30ये पूरे विश्यों में एकलोता ऐसा अनोखा मंदिर है जो पुरवजों के लिए नहीं बलकि जीवित इंसानों के पिंडदान के
00:37लिए प्रसद है।
01:02जानकारों के मताबक यहां ऐसे साधू संत आते हैं जो संसार से मोहमाया त्याग चुके हैं।
01:08इसके अलावा वे लोग भी आते हैं जो नी संतान हैं या जिन्हें अपनी संतान पर भरोसा नहीं होता है
01:14क्योंके मरने के बाद कोई उनका पिंडदान करेगा।
01:39इस पिंडदान को करने की बाद वेक्ति की जीवन की दिशा हमेशा के लिए
01:44बदल जाती है। धार्मिक मानेताओं के अनुसार वह बैक्ति भविश्य में अपने परिवार या समाज की किसी भी शुब या
01:51मांगलिक कारियर जैसे शादी विवाह मुंडन या पूजा पार्ट का हिस्सा नहीं बन सकता।
01:56सांसरिक रिती रिवाजों से उसका नाता हमेशा के लिए तूट जाता है।
02:01ETV भारत के लिए गयाजी से रतनीश कुमार की रिपोर्ट।
Comments