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सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक... देखें 'मन की बात' में PM मोदी का पूरा संबोधन

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00:00मेरे पैरे देश वाचियों नमस्कार मन की बात के सितंबर माह में फिर से एक बार आपको मिलने का आउसर
00:08मिल रहा है मैं देश के सभी लोगों का स्वागत करता हूँ मन की बात में हम देश वाचियों के
00:15सकारात्मत प्रयासों को मंच देते हैं देश की उपलब्दियों की बात
00:20करते हैं भारत की ऐसी ही एक बड़ी एतिहासिक उपलब्दी को एक दिन बाद दस साल होने जा रहे हैं
00:29ये उपलब्दी है सर्जिकल स्ट्राइक की दस वर्स पहले 28-29 सितंबर 2016 को भारतिय सेना ने पाकिस्तान में आतंकी
00:41ठिकानों पर सर्जिकल
00:43स्ट्राइक की थी एलो सी के उसपार जाकर हमारे वीर जवानों ने जिस तरह आतंगवाद के खिलाब कारवाई की थी
00:53वो देख
00:54दुनिया हरान थी
00:55सर्जिकल स्ट्राइक ने डंके की चोट पर
00:59पूरी दुनिया के सामने
01:01भारत की आतंगवाद विरोधी नीती का
01:04एक नया उदाहर प्रस्तुत किया था
01:07आतंगवादी हमलों के कारण
01:09भारत ने लंबे समय तक
01:11जो दर्द जेला था
01:13सर्जिकल स्ट्राइक उस कष्ठ के खिलाब
01:17हमारी निरनायक प्रतिक्रिया थी
01:19बीते एक दसक में
01:22बाला कोट की एर स्ट्राइक से लेकर
01:24आपरेशन सिंदुर तक
01:26भारत ने बार बार ये स्पष्ठ संदेश दिया है
01:29कि अगर आतंगवादी भारत पर आँख उठाएंगे
01:33तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा
01:35साथियों आतंगवादी हमलों ने भारत को लंबे समय तक चोट पहुचाई है
01:41एक समय था जब भारत में
01:44सीरियल ब्लास्ट होना बहुत सामान्य बात हो गई थी
01:47सितंबर के इस महिने में यानि 13 सितंबर 2008 को
01:51दिल्ली में हुए सिरियल ब्लास्ट में अनेक निर्दोस्ट लोग माले गए थे
01:57इसके कुछ सब्ता भाद ही मुंबई में 26-11 का इतना बड़ा हमला हुआ था
02:03साथियों पहले भी हर आतंगवादी हमले के बाद
02:07पाकिस्तान पर कारेवाई की मांग होती थी लेकिन उस पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता था
02:14समय बीतने का इंतजार किया जाता था अब आज का भारत आतंगवाद के खिलाप
02:20जीरो टॉल्डरेंस पॉलिस से लेकर चल रहा है और हम इसके नतीजे भी देख रहे हैं
02:27साथियों इस साल 9-11 के आतंग की हमले को भी 25 वर्ष हुए हैं अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर
02:35में जिन निर्दोस्त लोगों ने अपना जीवन ख्वाया था
02:38उनमें अमेरिका के बाद सबसे ज़्यादा लोग भारत के थे
02:42मुझाद है 2014 में पीएम बनने के बाद जब मैं अमेरिका गया था तो नियोर्क में मैं इन निर्दोस्त नागरिकों
02:51को अपनी इस्ता धांजली देने पहुँच गया था
02:54और आज फिर एक बार मैं भारत के करोडों नागरिकों के और से पीडित परिवारों के प्रती अपनी संवेदना व्यक्त
03:02करता हूँ
03:03मेरे पहले देश वास्यों इन दिनों देश की एक बहुत बड़ी तस्वीर तयार हो रही है
03:09इस तस्वीर में आप भी है आपका परिवार भी है आपके अडोस परोस के लोग भी है
03:16मैं बात कर रहा हूँ भारत की जनगरना की देश के सभी राज्यों और केंदर सासित प्रदेशों में इसका पहला
03:26चरण लगबग पूरा हो चुका है
03:2732 करोड से अधिक परिवारों की जानकारी दर्जिक की जा चुकी है
03:33इन दिनों लदाक, हिमाचल प्रदेश, जम्मु कश्मीर और उत्राखन के दुर्गम और बर्फिले इलाकों में भी ये काम चल रहा
03:43है
03:43वहां से कई प्रेरक अनुवह हमारे सामने आये हैं
03:47उत्राखन में जन्गणना की शुरुवात चमोली के माना गाउं से हुई
03:52माना को देश का पहला गाउं कहा जाता है
03:56माना में सबसे पहले 83 साल की पुर्णिमा रावत जी से इसकी शुरुवात हुई
04:02उत्तरकासी के बगोरी गाउं में होमस्टेज चलाने वाले हरदेव सी राणा जी ने डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी स्वयम दर्ज
04:11की
04:12साथियो जन्गणना हम सब का राष्ट्रिय दाईत्व है
04:18मैंने 15 अगस्त को भी देशवास्यों से अगर किया था कि इसके लिए अपना समय जरूर निकाले
04:25जन्गणना के लिए अपनी जानकारी स्वयम दर्ज करने की ये सुविदा बहुत आसान है
04:33आप अपने मोबाइल से ही अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज करा सकते हैं
04:40ये सुविदा हिंदी सहीद 16 भाशाओं में उपलब्दा है
04:45साथियो इसके लिए आपको जन्गणना के ऑनलाइन पोर्टल पर जाना होता है
04:53ये पोर्टल है se.census.gov.in
05:00इस पोर्टल पर जाकर आप अपने मोबाइल नमर से लॉग इन कीजिए
05:06अपना स्थान दर्ज कीजिए
05:08अपने परिवार से जुड़ी जानकारी भरिए
05:10और उसे सब्मिट कर दीजिए
05:12इस पूरी प्रक्रिया में करीब 15 से 20 मिनिट का समय लगता है
05:17इसके लिए आपको कोई डोकुमेंट भी अपलोड नहीं करना है
05:21जानकारी सब्मिट करने के बाद आपको एक विशेश आईडी मिलेगी
05:26जब गणना करमी आपके घर आएं तो आप उन्हें ये आईडी बता सकते हैं
05:31आपके द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टे होने के बाद वो जनगनना का हिस्सा बन जाएगी
05:37साथियों अब तक मोबाइल से 2.60.000.000 से जादा लोग जनगनना पॉर्टल पर अपनी जानकारी भर चुके हैं
05:46स्वगनना कर चुके हैं आपका भी इसमें थोड़ा सा समय खर्च होगा लेकिन देश के लिए बहुत महत्वपून है क्योंकि
05:56आपकी सही जानकारी आपके परिवार की सही जानकारी देश के भविश्य की सही तस्वीर तयार करने में मदद करती हैं
06:07मेरे पहरे देश्वांचियों आज 27 सितंबर की ये तारीक एक विशेष कारण से और भी विशेष हो गई है आज
06:17एक ऐसे महनुभाव की सौवी जन्मजेंती हैं जिनोंने संस्कृती, समाज और राष्ट के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया
06:28था
06:29मैं बात कर रहा हूँ विश्वे हिंदू परिशत के पुर्व अंतरराष्टिय कारकारी अध्यक्ष सद्धे स्वर्गी अशोक सिहल जी की 27
06:40सितंबर 1926 को आज के ही दिन हागरा में उनका जन्म हुआ था
06:46उन्होंने समाज में रहकर तपस्वियों जैसा जीवन जिया उन्होंने राणजन में भूमी आंदुरन को जो दिशा दी जो उर्जा दी
06:55आज उसी का परणाव है कि हम अयोध्या में भव्य मंदिर को साक्षाद देख रहे हैं
07:02मेरा तो बहुत बड़ा सौभगे रहा है मैंने न केवल उनके उस जीवन को करिब से देखा बल्कि मुझे उनके
07:11साथ इस मिशन से जुड़ने का भी अवसर मिला
07:13जब राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के अनुस्थान में सामिल हो रहा था तब भी मुझे बार बार अशोग जी
07:21की याद आना बहुत स्वाभावी था
07:24साथियों अशोग जी के बारे में ऐसी कितनी ही बाते हैं जिनकी उतनी चर्चा नहीं होती
07:31राम मंदिर आंदोल उनके साथ ही उन्होंने सामाजिक बेदवाव और विशमता के खिलाब भी एक बड़ी लड़ाई लड़ी थी
07:40उनका जन्म एक बेहत सम्रुत परिवार में हुआ था उनके पीता एक सिविल सिवा अधिकारी थे
07:48उनके भाई बहनों में भी अधिकाउंस लोग बड़े बड़े पदों पर रहें वे खुद भी आई आई टी बी एच
07:55यू से गेजुएट थे लेकिन इस सब के बावजुब उन्होंने समाज और संस्कृति के लिए अपना जीवन समर्पित किया
08:05यही महान लोगों की पहचान होती है आज मैं उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर उनके करोणों प्रसंसकों की और
08:15से उन्हें नमन करता हूं मेरी तरब से भाव पूर्ण स्था धांजली देता हूँ
08:21मेरे पहरे देश वाच्यों इस साल की शुरुवात हमने स्वाभिमान के एक महा परव के साथ की थी यह परव
08:30था सोमनात स्वाभिमान परव आज से 1000 साल पहले 1026 में महमत गजनी ने पहली बार सोमनात मंदिर को विद्धोंस
08:42किया था
08:42लेकिन जो लोग सोमनात को तोड़कर भारत की पहचान मिटाने आये थे आज उनका कोई वजूद भी नहीं है और
08:50सोमनात मंदिर पूरी भव्यता के साथ विशाल समद्र के किनारे भारत को अमरता का आशिरवाद दे रहा है
08:59इसलिए हमने पूरे गर्व के साथ इस साल सोमनात स्वामिमान पर्व बनाया साथियो यह चर्चा में आज मन की बात
09:08में फिर से क्यों कर रहा हूं इसकी भी खास बज़े है
09:121026 इस्वी में जब गजनी द्वारा सोमनात विद्वंस हुआ था उसी साल गुजरात के ही मोधेरा में प्रसिद्ध सुर्य मंदीर
09:22पर भी हमला हुआ था
09:24उसे तोड़ा गया था यानि मोधेरा मंदीर विद्वंस के ओभी इस साल 1000 साल हुए है
09:31जबकि उस समय इस मंदीर को बड़े सिर्फ एक ही साल हुए थे
09:371025 में इस मंदीर का अंदिरमाण राजा भीमदेव ने कराया था
09:41साथियों आप उस कालखन के बारे में सोचिए
09:44जब इतना बड़ा अक्रमन हुआ हो
09:47सोमनाथ मंदीर जैसा आस्ता का इतना बड़ा केंद्र खंडित किया गया हो
09:52और कई जगहों पर भी हमले हुए हो
09:55तो किसी भी समाज या सासन का मनोबल तूट सकता था
09:59लेकिन राजा भीमदेव प्रथम ने न केवल गजनी का मुकाबला किया था
10:05बलकि कुछी समय में मोढेरा सुर्य मंदीर का पुन्दर निर्माण भी करवा दिया
10:11इसी जिवर्ता के कारण सोमनाथ मंदीर का भी बार बार विद्वांस के बावजुद पुन्दर निर्माण होता रहा
10:20साथियो मोडेरा सुर्य मंदीर पर भी बात के कालखन में हमले रुके नहीं
10:25बात में अलाउ दिन खिल जी ने एक बार फीर वास्तु कना के इस भव्य मंदीर को तोड़ दिया था
10:32लेकिन साथ्यों हम भारत के लोग सुर्य की उपासना केवल वास्तोर और मंदिरों के जरिये ही नहीं करते हैं
10:40हमारी सुर्य उपासना उसका एक अर्थ ये भी होता है प्रकाश, उर्जा, विज्ञान और निरंतरता की प्रेणा
10:50इसलिए मोडेरा भी आज नकेवल सुर्य मंदिर के लिए जाना जाता है बलकि गुजरात का ये गाउं देश का प्रथम
10:58सुर्य ग्राउं सोलर विलेज बन चुका है
11:01मोडेरा आज पूरी तरह सौर उर्जा से चलता है और उसे देश के सामने सस्टेनिबिलिटी का उधारन प्रस्तुत किया है
11:11मोडेरा में परियर्टरकों के लिए कई आकरशन और सुबीदाओं के शुरुआत भी हुई है
11:16जन्वरी में मकर सक्रांति के बाद महां मोडेरा नुर्त्य महोतसव का आयोजन भी होता है
11:22इसमें भारत के सांस्कूर्टिक और शांस्त्रे नुर्त्यों की अद्बूत प्रस्तुत ही होती है
11:27मैं चाहूँगा आप सब भी एक बार मोडेरा अवश्य जाएं
11:33और भारत के इस गवरोशाली विरास्त के दर्शन करें
11:37साथियों अतीत से हमारा जुड़ा आज भी बहुत जीवन था है
11:43इसके पीछे उन लोगों का समर्पन और परिस्रम है जो इसे और गहरा बना रहे है
11:50तमिल नाड़ू में तिरुचिरापल्डी के मनप्पारई में ऐसा ही एक अनूठा प्रयास हो रहा है
11:59एक कॉलेज में डिपार्टमेंट अब तमिल स्टडिस से जुड़े ए सेलवा राजुजी इसे आगे बढ़ा रहे है
12:08एक लेक्चर के दोरान उन्हें अपने एक स्टूडन्ट से कुछ प्राचिन प्रतिमाओं की जानकारी मिली थी
12:15इस विशेवए चर्चा के बाद उन्होंने फिल्ड विजिट का प्लान्ट बनाया
12:20इस विजिट के दोरान उन्हें अलग-अलग जगों पर कई प्रतिमाओं मिली और प्राचिन मंदिर मिले
12:26अतीत से जुड़ने का ये ग्रोचक प्रयास है
12:30इस प्रकार हम अपनी विरासत को और बहतर तरीके से जान सकते हैं
12:36देश के दूसरे हिस्सों में भी ऐसे प्रयास किये जा सकते हैं
12:40ये हमें अपने इतिहास को करीब से देखने और समझने का अउसर देते हैं
12:47मेरे पहरे देश वाच्वों कुछी दिनों बाद दो अक्तुबर है
12:52पुझ्य बापु की जैनती का दिन
12:55बापु ने हमें जीवन के बहुत से मंत्र दिये हैं
13:00स्वच्चता भी उनमें से एक है
13:03हम अक्सर अपने आसपास स्वच्चता से जुड़े अनेक प्रयासों को देखते हैं
13:10ये प्रयास बहुत प्रेरक और उत्सावराने वाले हैं
13:15सोशल मीडिया पर भी ऐसी तस्वीरें ऐसे वीडियो ऐसी रिल्स बार बार हमारा ध्यान खिंकती है
13:25हाल के दिनों में मैंने ऐसे कई प्रयास देखे हैं
13:30कहीं मद्र प्रदेश में कुछ नवजवान नदी की सफाई का काम कर रहे हैं
13:36उनके छोटे से प्रयास में पुरा समाज जूड रहा है
13:40हैसे ही आंद्र प्रदेश में युवा पुरानी बावडियों और कुओं की सफाई कर रहे हैं
13:46इससे हमारी पुरानी धरोहरों उसे फिर से समारने का काम हो रहा है
13:51मुंबई में कुछ युवा समुद्र तटो को साप रखने की पहल कर रहे हैं
13:58हर अपते किसे ने किसी बीच पर सैंक्लो युवा साथी एकटा हो रहे हैं
14:04स्वच्छता से सेवा कर रहे हैं
14:07यहां दिल्ली में बच्चे और युवा लोगों को कच्रा अलग-अलग रखने और अपने आस्पा सभाई रखने के लिए जागरुक
14:16कर रहे हैं
14:16पस्चिब मंगाल में युवा चात्रों और सानिय लोगों के साथ मिलकर पिकनिक स्थलों पर भाजारों के सभाई कर रहे हैं
14:24शाथियों इन सभी प्रयासों में एक बात बहुत सहत्ता से दिखाई देती हैं
14:30कहीं शुरुवात एक ब्यक्ति ने की फिर उसके साथ कुछ और लोग आ गये कारवा बढ़ता गया यही तो जन्भागिदारी
14:39है बापू के प्रती हमारी सबसे सुन्दर स्रद्धान्जली भी स्वच्छता ही है
14:45मेरे प्यारे देशवात्यों हम परियावरन की रक्षा करते हैं तो हम केवल पेड़ पौध या जीव जन्तु को ही नहीं
14:54बचाते हैं हम उस पूरी जीवन विवस्था को मजबूत करते हैं देश के अलग-अलग हिस्टों में हो रहे कुछ
15:01प्रयास इस भावना को बहुत सु
15:05सामने ला रहा हैं साथियों असम्म है सोनाई रुपाई वाइड लाइव सेंचुरी है एक समय था जब यहां हाथियों का
15:14बसेरा हुआ करता था लेकिन दीरे दीरे जंगल की जमीन पर इनसानी दखल बढ़ता गया जिसे हाथियों ने इस इलाके
15:22से दूरी बना ली तीन साल �
15:24पहले इस जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया और अब इसकी अध्भूत परणाम सामने आये हैं हाथि यहां फिर
15:33लौट आये हैं जिस इलाके में बरसों से उनकी चहल पहल नहीं थी आज बहां फिर हाथियों के जुन दिखाई
15:41दे रहे हैं साथियों असम में ही एक और
15:45सुन्दर प्रयास हुआ है यह प्रयास एक बहुत छोटे से जीव पिग्मी हौक को बचाने का है एक समय इसके
15:54अस्तीत्व पर संकट मंडराने लगा था तब केवल छे पिग्मी हौक के साथ एक कंजर्वेशन प्रोग्रेम शुरू किया गया उन्हें
16:04फिर जंगलों में बसा
16:05आया गया उनके रहने के लिए ग्रास लेंड्स को भी संवारा गया आज इस प्रोग्रेम की वज़े से पिग्मी हौक
16:13की संक्या एक सो नब्बे से जादा हो चुकी है
16:16साथियों प्रकृती के साथ हमारा रिस्ता सिर्फ उसे सहजले तक सिमित नहीं है कई बार हम प्रकृती को समालते हैं
16:26तो वही प्रकृती हमारे जीवन का सहारा बन जाती है
16:30पच्चिम बंगाल के सुन्दरबन में कुछ महला एं इसी रिस्ते की प्रेरक मिशाल पेश कर रही है
16:37जारखाली की ये महला एं मैंग्रो के जंगल तयार कर रही है
16:42इन मेंसे जादातर वो महला हैं जिनके पती की टाइगर एटेक में जान चली गई थी
16:49पती को खोने के बाद उन्हें सुन्दरबन से ही आजीविका का सहारा मिला
16:55उनके द्वारा लगाए गए मेंग्रो अज गाउं के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कबच बन रहे
17:02और इने लगा कर इन मैलाओं की कमाई भी हो रही है
17:06साथियों हम परियावरन को सहजे प्रकृतिके संतुलन का सम्मान करे और उसकी विवित्ता को सुरक्षित रखे हमारा हर ऐसा प्रयास
17:17भविश्की पीडियों के प्रती हमारी जिम्मेदारी है
17:20मेरे पैरे देश्वासियों हाली में देश के लाखों युवाओं ने नशे के विरूद ड्रक्स के खिलाब एक बहुत महत्वपुर्ण संकल
17:31पलिया है
17:32युवाओं ने खुद भी नशे से दूर रहने की प्रतिग्या ली है
17:37और इस संदेश को दूसरों तक पहुँचाने की जिम्मेदारी भी ली है
17:42ये सब हो रहा है नशा मुक्त युवाओं अभियान के तहर ये अभियान सो सप्ताह तक चलेगा है
17:50इसमें माई भारत के वॉलेंटेर्स शामील है
17:53एनसेस से जुड़े हमारे युवाओं भी इसका हिस्सा है
17:57स्कूल, कॉलेज और विश्वर जिदले भी साथ आए है
18:01और अनेक सामाजिक और अध्यात्मिक समस्ताय भी इससे जुड़ी है
18:06पिछले कुछ दिनों में ही देश भर में हजारों संकल्प समारों और जागरुकता के कारकम हुए है
18:15साथियों इस अभ्यान में एक बात मुझे विशेश्रुप से अच्छी लगी
18:20नशा मुक्ति का संदेश
18:22हमारे युवा खुद अपनी भाषा में अपने तरीके से इस संदेश को आगे बढ़ा रहे है
18:29मैंने मन की बात में भी युवा साथियों से आगर किया था
18:34कि वे अपनी क्रियेटिविटी के माध्यम से इस अभ्यान से जुड़े
18:39और मुझे खुशी है कि हजारों युवा इस आवान पर आगे आये है
18:44माय भारत पर एंथेम, स्लोगन राइटिंग और नुकर नाटक जैसी अलग-अलग प्रतियोगीत आये हुई है
18:52इसी तरह सोशल मीडिया पर हमारी युवा हैश्टेग नशामुक्त युवा के साथ अपना क्रियेटिव कंटेंट साजा कर रहे है
19:02यानि संदेश भी युवाओं का है, माध्यम भी युवाओं का है
19:06और इसे आगे ले जाने की उर्जा भी युवाओं की ही है
19:12आने वाले दिनों में इस अभ्यान के तहर हिल चेक अप और ध्यान सिविर जैसी गतिविदिया भी होंगी
19:20साथियों जल्द ही हमारे अनेक पर्व और त्योहर भी आने वाले हैं
19:26इस बार त्योहरों की खुशियों के बीश हम अपने आसपात भी नजर डाले
19:32अगर कोई हुआ किसी गलत आदत की और बढ़ रहा है तो उससे बात करें
19:38अगर कोई नचे से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है तो उसका साथ दे
19:43नशा मुक्ति हुआ विक्सित भारत के इस संकल्प को हम सब मिलकर आगे बढ़ाएं
19:50मेरे पैरे देशवासियों लाल किले से मैंने इस बार स्पोर्ट के लिए टैलेंट हंट अब्यान का एलान किया है
19:58भार लगातार बहतरीन प्रदर्शन करता रहे इसके लिए गामों और कस्मों तक पहुँचकर स्पोर्टिंग टैलेंट को खोजना जरूरी है
20:08वही कई ऐसे लोग भी हैं जिनोंने इसी काम के लिए खुद को समर्पित कर दिया है
20:15उनका एक ही पैशन होता है टैलेंट को खोजना और उन्हें तराशना
20:20हमारे पंजाब में यही काम राजिंदर सेंजी कर रहे हैं
20:26राजिंदर सेंजी ऐसे एक व्यक्ति है जिनके नाम में सीनियर भी जुड़ा हुआ है
20:33वे 1980 के ओलिम्पिक में होकी में गोल मिडल जीतने वाली टीम का हिस्ता थे
20:401982 के वर्ल्ड कप में च्छाए रहे थे
20:442001 में भारत ने पहली बार मैंस जुनियर वर्ल्ड कप का खिताब जिता था
20:51मही 2003 में देश ने सीनियर एशिया कप टाइटल पर कबज़ा किया था
20:57इन दोनों ही टुर्नामेट में वे कोच की भूमी का में थे
21:01अब वे राउंड ग्लास होकी अकडेमी के जरिये अपने पैशन को आगे ले जा रहे हैं
21:08उनके प्रयासों से गामों में नई होकी एस्टो टर्फ बिशाई जा रही है
21:14राजिंदर जी का फोकस एकदम क्लियर है
21:17ऐसे गामों में बच्चों की पहचान करना जहां बैतरीन कोचिंग की सुविधाएं कम है
21:24ऐसे प्रयासों से कई खिलाडी भारत के जूनियर और सीनियर लिवल पर अपनी जगह बना रहे हैं
21:31राजिंदर सीजी के इस समर्पन की जितनी भी सरहना की जाए वो कम है
21:37मेरे प्यारे देशवासियों आवला हम सभी के लिए बहुत जाना पहचाना है
21:44जादातर घरों में इस से बने आचार और मुरब्य का प्रयों होता है
21:49बहुत से लोग आवले का जूस पसंद करते हैं
21:53और सर्दियों में चवन प्रास हमारी दिन्चरिया का अहम हिस्सा बन जाता है
21:59हमारे बड़े बुजुर्ग तो पीडियों से आवले के गुणों के बारे में बताते आए हैं
22:04साथियों यहीं आवला आज उत्तर प्रदेश के प्रताब गड़ में नई संभावनाओं का माध्यम बन रहा है
22:12प्रताब गड़ और आवले का रिस्ता बहुत पुराना है
22:16पीडियों से यहां के किसान आवले की खेती कर रहे हैं
22:20आवले ने प्रताब गड़ को एक मजबुत पहचान दिया है
22:24और अब यही पुरानी पहचान यहां के किसानों और महिलाओं के लिए नए अवसल लेकर आ रही है
22:31बन डिस्टिक बन प्रोड़क्ट यानी ओड़ी ओपी के माध्यम से
22:36यहां आवले से जुड़े स्थानिय उद्यमों को बढ़ावा मिला है
22:41आज प्रताब गड़ में आवला प्रोसेसिंग से जुड़ी करीब सो यूनिट काम कर रही है
22:47और इसमें सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी महलाएं भी बड़ी भूमी का निभा रही है
22:53ऐसा ही एक समू है देवगर्ट कमासी गाउं का सावित्री फुले सेल्फ हेल्प ग्रुप
23:01इससे जुड़ी महलाएं आवले से केंडी मुरब्बा और जुस बना रही है
23:07ओडी ओपी के तहट नए बाजारों तक पहुच बढ़ने से उनकी आयमें भी वड़ोत्री हुई है
23:14इसी तरह एक गाउं में बिन दिवासिनी सेल्फ हेल्प ग्रुप है
23:20इस ग्रुप की महला है आवले का आचार, डैजेस्टिव पावडर ऐसी कई चीज़े तयार कर रही है
23:28इन महलाओं को प्रोसेसिंग के लिए मशिनरी मिली, लोन की सुविधा मिली, स्थानी व्यापार मिले से जुड़ने का आउसर भी
23:38मिला
23:39और देखते ही देखते, उनकी आये काफी बढ़ गई, साथियों, हमारे देश के हर ख्षेत्र में, ऐसी कोई ने कोई
23:48विशेस्ता जरूर है
23:49कहीं कोई खास फल है, कहीं कोई पारंपरी कला है, तो कहीं कोई अनोखा हूनर है
23:57वन डिस्टिक, वन प्रोड़क, इनी विशेस्ताओं को आगे बढ़ने का अभ्यान है
24:03हमारा प्रयास यही होना चाहिए, कि हमारे गाउं और छोटे शहरों की पहचान, सिर्फ स्थानिये बाजार तक सिमित न रहे
24:13वे देश और दूसरे हिस्तों तक पहुँचे और दुनिया के बाजारों तक भी पहुँचे, इससे वोकल्फ और लोकल अभ्यान को
24:23भी बल मिलता है
24:24ये देश को आत्म निर्भर बनाने की भी प्रेणा देता है। आने वाले त्योहारों में भी हमें बोकल फोर लोकल
24:35वाले मंत्र को तो कभी भी भूलना नहीं है।
24:37मेरे प्यारे देश्वासियों सितंबर का ये महिना कूपोशन से लड़ाई को समर्पित है।
24:45पोशन माह में अलग-अलग छेत्रों से जुड़े लोग और संस्ताय इस नेक कार्य के लिए एक साथ आती है।
24:54कूपोशन से मुकाबला करने के लिए इस साल कई सरहान ये पहल की गई है।
25:01थतिस गड़ ने हरगर मुनगा, गरगर मुनगा ये अभ्यान शुरू किया है।
25:07इसमें लोगों को पौश्टिक मुनगा यानि मौरिंगा को अपने खान पान में सामिल करने के लिए प्रोचाइत किया जा रहा
25:17है।
25:18गुजरात ने भी वांगिस परदा यानि मिलेट से बने व्यंजनों का कॉम्पिटिशन शुरू किया है।
25:26इस पहल के जरिये सस्ते और पौश्टिक स्थानिय खान पान को बढ़ावा दिया जा रहा है।
25:34अब तक दो लाग से जादा लोग इस प्रतियोगीता में हिस्सा ले चुके हैं।
25:40महराश्ट भी इस दिशा में सरानिय प्रयास कर रहा है।
25:45वहाँ टीचर्स, अंगनवाडी कायर करता और बच्चों के माता पिता जागरुकता अभियान से जुड रहे हैं।
25:53मिजोरम में भी इस चान लोगों ने साथ मिलकर पोशन वाटिकाओं की देखभाल के लिए एक अभियान शुरू किया है।
26:02यह मीजो समाज के तलो मढ याना की परंपरा के अनुरूप है। इसका आर्थ है निश्वार्त सेवा और दूसरों की
26:13मदद में हमेशा आगे रहना।
26:17ऐसे प्रयास बेहत सरानिय है।
26:20मुझे आंगनवाडी केंद्रों से जुड़े उन सभी लोगों पर भी गर्व हैं जो इस तरह की पहल का हिस्सा रहे
26:28हैं।
26:28यह आंगनवाडी केंद्र अब पोशन ट्रेकर से डिजिटली जुड़ गए हैं।
26:34करीब नव करोल लाभारती इसमें रजिस्टर हो चुके हैं।
26:39इससे बच्चों, गर्ववती महलाओं और तनपान कराने वाली माताओं की बहतर देखबांत संभव हुई हैं।
26:48हमें कुपोशन के खिलाप इस लड़ाई को इसी तरह आगे लेकर जाना है।
26:53हमें हमारे समाज को कुपोशन से पुरी तरह मुक्त करना है।
26:59साथियों, हम सब ने इस महिने पूरी स्रद्धाव और उत्सा के साथ गणेश उत्सव मनाया है।
27:08देश भर में पूरे भक्ति भाव से गणपती बपा का स्वागत किया गया।
27:13यह पावन अवसर पूरे वातावरन को उमंग और उल्लाज से भर देता है।
27:19साथियों, विग्न हर्ता भगवान से गणेश, ज्यान, बुद्धी और शुप कारियों के आरंब के प्रती है।
27:27उनके प्रती अगाद अस्रद्धा सिर्प भारत में ही नहीं है।
27:33जैसे स्रिमान, पंथोन, ठिरखानों जीर, उनी की बार ले लीजिए।
27:39वे वैसे तो थाइलेंट के हैं।
27:41यहां भगवान स्री गणेश की पूजा फ्रा फिकानेत के रुप में की जाती है।
27:47और जब वे 19 वर्ष के थे, तब उनके पिता ने उन्हें भगवान स्री गणेश की एक फोटो बेंट की
27:54थी।
27:54यहीं से उनमें अद्बुत भक्ती जागरत हुई।
27:57वे भगवान स्री गणेश से जुड़ी परंपराओं के अध्यन में चार दसक से भी अधिक समय बिता चुके हैं।
28:05उन्होंने भारत और नेपाल सही एशिया के कई देशों की यात्रा की है।
28:10महराश्टर से उनका विश्यस लगाव रहा है।
28:13अस्ट विनायक परंपरा के बारे में जानने के बाद वे कई बार यहां आ चुके हैं।
28:18उनके प्रयासों से थाइलेंड के सरधनों के बीज भी अस्ट विनायक आत्रा लोगप्रिय हो चुकी है।
28:26वर्थ 2002 में उन्होंने उत्तरी थाइलेंड के चियांग माई में गनेश हिमाल मुजियम के स्थापना की।
28:36आज इसमें दस हजार से अधिक गनेश प्रतिमाय हैं।
28:41मिजिम में उन भक्तों के लिए अस्ट विनायक की प्रतिमाय भी मुझूद हैं जो भारत नहीं आ सकते।
28:49यहां हर रविवार सुबे करीब दस बजे गनेश जी की पूजा अर्चना की जाती हैं।
28:56गनपती से जुड़े विशेश अवसरों पर भी अनुस्ठान होते हैं।
29:02यह बताता है कि भारत की आस्था, कला और सांसकृतिक परंपराय दूसरे देशों में भी कैसे लोकप्रिय हो रही हैं।
29:12मेरी कामना है, गनपती बप्पा का आशिरवाद सभी पर हमेशा बना रहे हैं।
29:19साथियों, मन की बात के हर एपिसोड के बात, मुझे अनेक विशों पर आपके संदेश मिलते रहते हैं।
29:27आप इसी तरह प्रेणा से भरी गाखाएं भेगते रहे हैं।
29:31जब आप अपने आसपास हो रहें, ऐसे प्रयासों की सरहना करते हैं, तो उनका उत्सा और बढ़ जाता है।
29:41मन की बात के माध्यम से, उनके बारे में जानकर देश के दूसरे हिस्सों के लोग भी प्रेरित होते हैं।
29:49ये यात्रा इसी तरह आपके सहयोग से निरंतर आगे बढ़ती रहें।

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