00:00दिल्ली हाई कोट ने एक पॉक्सों के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है जिसके बाद से देश की राजनीती गर्मा
00:07गई है
00:07दरसल दिल्ली हाई कोट ने साफ किया है कि 18 साल से कम उम्रिकी लड़की से शादी करने के बाद
00:14उसके साथ यौन संबंद बनाने पर पती को सिफ इसाधार पर आपराधिक कारवाई से चूट नहीं मिल सकती कि शादी
00:22मुस्लिम पॉसनल लौके तहत हुई थी
00:24कोट ने साफ किया कि व्यक्तिगत कानून पॉक्स को एक्ट और भारतिये नया सनहिता में बच्चों को दिये गए कानूनी
00:31सनरक्षन को खत्म नहीं कर सकता अब इसी मामले पर राजनितिक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं कोट के इस फैसले
00:38पर पहले आप एंडिये नेताओ
00:40को सुनिये कि वो क्या पुछ कह रहे हैं?
01:10Muslim Personal Law जो सरिया कानून है मजहबी गतिविधियों के लिए ठीक है लेकिन हर मामले में Muslim Personal Law
01:21की आड़ले जिस प्रकार से Muslim लोग नाजायस काम करते हैं उस पर एतराज बना चाहिए
01:27दिली आइपोट में सही का है कि अगर कोई Muslim व्यक्ति 18 साल से कम उमर की बच्ची के साथ
01:35ब्याह करता है तो वह भले उसकी पत्नी हो जिन वह एक पौक्सों कानून के तरद अपराजमा आजाएगा
01:44यहां पर यह नहीं हो सकता है बच्चे बच्चे होते हैं 18 साल के कम की हुमर की बच्चे में
01:51बत्यानी बनाये ऊसके मधश के अंदर उसको सजा होने चाहिए और
02:32ुपक्षी दल भी दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले से सहमत दिखे
02:36उनके मताबिक कानून कम उम्र के बच्चों और युवाओं के लिए समविधान के मताबिक ही फालो होने चाहिए
02:43सुनिये
02:44ये मुस्लिम परसनल लाबोड की कानूनी कोई हैसियत नहीं है
02:50चानून के मताबिक लड़के और लड़की की जो उमर तै कर दी गई है
02:56शादी उसी हिसाब से होनी चाहिए
02:59अगर उस हिसाब से शादी नहीं होती है
03:02तो भारत के अंदर उसे निश्चित तोर से गएर कानूनी माना जाएगा
03:06और हाई कोट का जो ये फैसला है
03:09कि एज के मताबिक शादी होनी चाहिए
03:12कानूनी पाबंदिया जो है एज को लेकर उसके मताबिक शादी हो
03:18तो ये सही फैसला है
03:20जो हमारा मझहभी अजादी है
03:23मझहभी कानूने यकिन मैं ये नहीं कह रहा है कि
03:25all those of us in our hearts are going to be free
03:29We have to do this in our own way
03:32The point of life is to do this
03:34We can still do this in our own way
03:37But the fact that each dispute is very different
03:40which comes from a law
03:42and the other one
03:43So the point of this we have to do this
03:49We must do this into our own
03:51but this is another view
03:54मैं घुंबी बहस की जरूरत है और अमें यही कहनगा कि हाईी कऊूट
03:59का जो आदेश है उसकी खिलाफ मैं अभी ऐसे कोई टिपड़ई
04:03नहीं करना चाहता है जब तक कि मैं उसकी पूरी जानकरी
04:05नहीं करलों."
04:06This is the same as Muslim Muslim Guru also has a high court to make a decision.
04:11And the law of the law of the government has been given to us.
04:15This is the same thing that we have been told by Muslim people who have been told by the country.
04:21We have been told by the whole world that our country, our Hindus, our Muslims are concerned.
04:27We have seen the same Muslims in the personal life as well.
04:31We have seen the same people who have not given us.
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04:43foreign
04:53foreign
04:55foreign
04:57foreign
04:57व्यक्ति को बच्चा माना गया है नाबालिक के सहमती होने का दावा भी आरोपी को अपराधिक जिम्मेदारी से नहीं बचाता
05:05बी एनिस में भी 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ यौन संबंद को वैवाही कपवाद का संरक्षन
05:12नहीं दिया गया है दरसल मामला ऐसे दमपती क
05:15ता जिनकी शादी के समय लड़की की उम्र 16 साल 3 महीने और यूवक की उम्र 28 साल थी शादी
05:23के बाद दोनों साथ रहने लगे और महिला गर्ववती हो गई गर्वा वस्था के दोरान सरकारी अस्पताल में जाच के
05:30समय उसकी उम्र सामने आई जिसके बाद पुलिस ने मामला
05:33didge kiya tha