00:02नुमाइंदा कमीटे का मेंबर हूं
00:30लेकिन वो मामला अपस में नहीं बन पाया तो इसे इसमें यह हुआ है कि सवच्छा से अपनी जो कटिंग
00:36आ रही है वो हमने लगा दी थी एक बज़े चुकी बात करी थी सुबह ही काम लगाना था वह
00:41बाते पर निर्णे जो हुआ था सुबह काम लगाने का हमने सुबह बरा�
00:58चैने वाले हों समें निर्णाय और उने वाला है कि कितनी जबे जाएगी कि यह बात नहीं है पर नहीं
01:14हुआ तो आट बार नहीं है जो लोग यह पर मस्जिद में उनको बता दिया गया था वह समझ चुके
01:24थे लिकिन जो जिन लोगों को रात को मौलुम नहीं पड़ा और स�
01:28पर गई के मजजी तोड़ रहे मजजी तोड़ रहे तो वो लोग एकदर आने की कोशिश करी और परसासन ने
01:32रात को ही बेरिग्रेट कर दिया थे तो इसलिए हलका फुलका एक गंटे आदा गंटे के लिए थोड़ा सा माहूल
01:38में गर्माट हुई थी जब सब को पता चल गया क
01:40अब बड़े लोग भी इसमें और अपने हाँ से तोड़ और तो फिर वो संती होगी कोई दिक्कत निए कोई
01:49धिकत थी अभी जैसे काम लगा दिया है अभी कुछ जैसे शेरकाजी साब किंवा कई पोच गय थे तो उसमें
01:56क्या हॉआ कि निर्ना ही नहीं हो पाया कि कितनी या
02:11हाँ बुला गई है उसमें जो मुस्लिम समाच पर्शासन ने भी इसमें सहयोग की गुजारिश के लिए कि अगर हमारा
02:17सहयोग लगे तो हम तैयार है यह इतना बड़ा मिनारा है उसको किस तरह से उतारा जाए किस तरह से
02:25क्या कर जाए तो इसके लिए बात चल रही है
02:37अगर उसे हो जाएगा तो ठीक है ने तो फोकलेंट का भी इस्तिमाल करेंगे जो जो जो सहुलियत लगेगी उस
02:43हिसाफ से काम करेंगे लेकि अभी ध्यान अपड़ा का कि कोई जनहानी ना हो जाए और विस्तार से जिस तरह
02:48से काम हो इस तरह से उतारा जाए थैंकि बड़ाइ
02:51इंब काम हो जाए?