00:00जो प्रहना सीखो, तब बोलो जब तुम्हारे बोलने की जरूरत हो, सिर्फ तब बोलो जब मौन की अपेख्छा शब्द बहतर
00:08पढ़ते हो, अन्य था बहुत बोलो मत और खासकर प्रतिक्रिया में तो बिल्कुल मत बोलो, रियाक्ट तो बिल्कुली मत करो।
00:14बले ही तुम्ह
00:28ना आप हमें मजबूर कर सकते हो बोलने के लिए प्रतिक्रिया देने के लिए और ना आप हमें रोक पाओगे
00:34जब हम कुछ करेंगे