00:00किंद्रिय कर्मचारियों और पेंचनर्स के लिए आठवे वितन आयोग से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है
00:05वितन आयोग की बैठकों का दोर लगतार आगे बढ़ रहा है और इसी बीच कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगे आयोग
00:12के सामने रखने शुरू करती है
00:14सबसे ज्यादा चर्चा उस प्रस्ताव की हो रही है जिसमें नियुन्तम बेसिक सैलरी को 72,000 रुपए करने और फिट्बेंट
00:21फैक्टर को चार करने की मांग की गई है
00:24यानि कि अगर ये प्रस्ताव स्विकार होता है तो मौझूदा 18,000 रुपए की नियुन्तम बेसिक पे के मुकाबले बहुत
00:30बड़ा बदलाव देखने को मल सकता है
00:32लेकिन यहाँ एक बात बिल्कुल साफ समझना जरूरी है
00:3632,000 रुपए अभी तयवेतन नहीं है बलकि कर्मचारी संगठन की ओर से रखा गया प्रस्ताव है
00:43अंतिम पैसला आठवे वेतन आयोग की सिफारिश और उसके बाद एकेंद्र सरकार की मंजूरी से ही होगा
00:49अंसकार मेरा नाम हिरिचा पराशर और आप देख रहे हैं वन इडिया हिंदी
00:53दसला आठवे वेतन आयोग का गठन जो है वो 3 नवेंबर 2025 को कर दिया गया था
00:59और इसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देशाई कर रही है
01:02आयोग फिलहाल अलग-अलग राज्यों और शहरों में जाकर करमचारी संगठनों, यूनियनों, पेंशनर्स और दूसरे हिधारकों से सुझाव ले रहा
01:11है
01:12आयोग की अधिकारिक वेबसाइट के मताबिक बेंगलूरू में 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बैठक होनी है
01:18जबकि मुंबई में 22 और 23 अक्टूबर को बैठक का कारेक्रम है
01:22इन बैठकों में वेतन, भत्ते, पेंशन और दूसरी सेवा शर्तों से जुड़े सुझाव लिये जा रहे है
01:28अब बात करते हैं उन दो प्रमुक करमचारी संगठनों की जिनकी मांगों ने इस समय सबसे ज्यादा ध्यान ही चाहे
01:36नेशनल काउंसल जॉइंट कंसल्टेटिव मशिनरी यानिकी एंसी जेसी एम ने नियूंतन बेसिक पे
01:4179,000 उपए करने और फिटमेंट फैक्टर 3.833 के रखने का प्रस्ताव दिया है
01:47इसके साथ संगठन ने सालाना इंक्रिमेंट को मौझूदा 3 फिसदी से बढ़ा कर 6 फिसदी करने की भी मांग रखी
01:53है
01:54दूसरी तरफ भारतिया प्रती रक्षा मजदूर संख्यानी की BPMS ने नियूंतन बेसिक के भतर हजार और फिटमेंट फैक्टर 4 रखने
02:04का प्रस्ताव दिया है
02:06BPMS ने भी सलाना इंक्रिमेंट को 6 फिसदी करने की बात कही है
02:10अब इसे आसान भाषा में समझेए
02:13अभी सात्वे वितनायोग के तहट केंद्री करमचारियों की नियूंतन बेसिक सेलरी जो है 18,000 रुपए है
02:19अगर किसी करमचारी संगठन का 4 फिटमेंट फैक्टर वाला प्रस्ताव सुईकार किया जाता है
02:24तो गड़ना के स्तर पर 18,000 रुपए की बेसिक पे 4 गुणा होकर 72,000 रुपए बनती है
02:30इसलिए 72,000 रुपए की नियूंतन बेसिक सेलरी की मांग चर्चा में है
02:34लेकिन करमचारी की वास्तविक हात में आने वाली सेलरी सिर्फ बेसिक पे से तैय नहीं होती
02:39इसमें महंगाई भत्ता, मकान के राया भत्ता और दूसरे भत्तों की भूमिका भी होती है
02:45इसलिए 72,000 रुपए को सीधे हाथ में आने वाली सेलरी समझना अभी सही नहीं होगा
02:51NCJCM और BPMS ने सिर्फ फिटमेंट फैक्टर की बात नहीं की है
02:55वेतन की पूरी संद्रचना में बदलाओ के भी सुझाव दिये गए है
02:59NCJCM ने कुछ पे लिविल को आपस में मिलाने और वेतन मेट्रिक्स में बदलाओ की मांगी है
03:04वहीं BPMS ने न्यूंतम बेतन तै करने के तरीके को आर्थिक परिस्तियों और प्रती वक्ति आये जैसे संकेतकों से जोडने
03:11का प्रस्ताव रखा है
03:13पेंशनर्स के लिए भी ये प्रक्रियम है तो पूर्ण है
03:16कर्मचारी संगठनों की मांगों में पेंशन, संशोधन और फिटमेंट फैक्टर के प्रभाव को शामिल करने की बाद सामने आई है
03:24यानि आठ्वे वितन आयोग के सिफारिशों का असर सिर्फ मौझूदा कर्मचारीों की सेलरी तक समित नहीं रह सकता
03:29वलकि पेंशन से जुड़े मामलों पर भी पड़ सकता है
03:32फिलाल आयोग की प्रक्रिया जारी है
03:35अलग-अलग कर्मचारी संगठन अपनी मांगे और सुझाव दे रहे हैं
03:39और आयोग ये प्रस्ताओं का अध्यायन करेगा
03:41इसके बाद आयोग अपने सिफारिशे तै करेगा
03:44और अंतिम नर्णय सरकार की मंजूरी के बाद ही लागू होगा
03:49इसलिए अभी कर्मचारीों के लिए सबसे बड़ी ख़वर ये है
03:52कि 79,000 से 72,000 तक की नियुन्तम बेसिक पे
03:563.833 से 4 तक के फ्रेटमेंट फेक्टर के प्रस्ताओं आयोग के सामने मौजूद है
04:02लिकर इन में से कौन सी मांग स्विकार होगी, कितनी स्विकार की जाएगी
04:06और कर्मचारीों के वास्तों कितनी बढ़ेगी इसका पैसला अभी बाकी है
04:19केंद्रिय कर्मचारियों और पैंचनर्स के लिए आठवें वेतनायोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है
04:24वेतनायोग को लेकर अब कर्मचारियों की सबसे बड़ी नजर सिर्फ फिट्मेंट फैक्टर और बेसिक पेपर नहीं बल्की सालाना इंक्रिमेंट की
04:31दर पर भी है
04:32मौजूदा व्यवस्था में केंद्रिय कर्मचारियों को बेसिक पेपर तीन प्रदिशत का वार्शिक इंक्रिमेंट मिलता है
04:38लेकिन कर्मचारी संगठनों ने अब इस दर को बढ़ा कर छे प्रतिशत करने की मांग आठवे वेतनायों के सामने रखी
04:44है
04:44यानि मांग मानी गई तो सालाना इंक्रिमेंट की दर मौजूदा स्तर से दोगुनी हो सकती है
04:50सबसे पहले समझे कि ये मांग किसने उठाई है
04:53भारतिय प्रतिरक्षा मजदूर संग यानि BPMS ने अपने ग्यापन में मौजूदा 3 प्रतिशत वार्षिक इंक्रिमेंट को बढ़ा कर 6 प्रतिशत
05:01करने की मांग की है
05:02संगठन का तर्क है कि महंगारी, जीवन यापन की लागत और कर्मचारियों की आर्थिक जिम्मेदारियों को देखते हुए 3 प्रतिशत
05:09की वृध्धी अपर्याप्त नहीं है
05:11BPMS ने 6 प्रतिशत इंक्रिमेंट के साथ 4 के फिटमेंट फैक्टर की भी सिफारिश की है
05:16वही National Council JCM के स्टाफ साइड ने भी आठवे वेतन आयोग को दिये अपने ग्यापन में 3 प्रतिशत से
05:22बढ़ाकर 6 प्रतिशत सालाना इंक्रिमेंट की मांग की है
05:26इस ग्यापन में 3.833 के फिटमेंट फैक्टर और 79,000 रुपे के न्यूनतम वेतन जैसी दूसरी मांगे भी रखी
05:33गई है
05:34इसके अलावा Survey of India की Ministerial Staff Association ने सालाना इंक्रिमेंट को 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है
05:41यानि कर्मचारी संगठनों के बीच ये सपष्ट मांग सामने आ रही है कि मौझूदा 3 प्रतिशत की दर में बदलाव
05:47गया जाए
05:48हालाकि अलग-अलग संगठनों की मांग अलग है
05:50अब सवाल है कि 3 प्रतिशत और 6 प्रतिशत के बीच असली फर्क कितना बड़ा है
05:55इसे एक उधारन से समझते हैं
05:57अगर किसी कर्मचारी की बेसिक पे 18,000 रुपए है और हर साल 3 प्रतिशत इंक्रिवेंट मिलता है
06:03तो 10 साल बाद उसकी बेसिक पे करीब 24,190 रुपए हो जाएगी
06:07लेकिन अगर हर साल 6 प्रतिशत इंक्रिवेंट मिले
06:21इसी तरह अगर किसी कर्मचारी की बेसिक पे 56,100 रुपे है तो 3 प्रतिशत की दर से 10 साल
06:28बाद और 6 प्रतिशत की दर से 10 साल बाद मिलने वाली बेसिक पे में करीब 25,000 रुपे प्रती
06:33महीने का अंतर हो सकता है।
06:35यहीं वज़ा है कि कर्मचारी संगठन इसे केवल एक छोटे बदलाव के तौर पर नहीं, बलकि लंबे समय में वेतन
06:41वृध्धी पर बड़ा असर डालने वाला फैसला मान रहे हैं.
06:44लेकिन यहां एक बेहत जरूरी बात समझना जरूरी है. 6 प्रतिशत इंक्रिमेंट अभी लागू नहीं हुआ है. यह कर्मचारी संगठनों
06:51की मांग और सुझाव है. अन्तिम फैसला आठवे केंद्रिये वेतन आयोग की सिफारिश और उसके बाद केंद्र सरकार की मनजूरी
06:57�
06:58पर निर्भर करेगा. इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि हर कर्मचारी का सालाना इंक्रिमेंट निश्चित तोर पर 6
07:04प्रतिशत हो जाएगा. अब बात डिये और एन्वल इंक्रिमेंट के अंतरकी. कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि महंगाई भत्ता यानि
07:24डिये म�
07:24वेतन घटकों पर भी पढ़ सकता है. अब सबसे बड़ा सवाल, आठवे वेतन आयोग के रिपोर्ट कब आएगी? केंद्र सरकार
07:31ने आठवे केंद्रिये वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया था और आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के
07:37लिए 18 महीने का समय दिया
07:54जुडी व्यवस्था लागू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. फिलहाल आठवें केंद्रिये वेतन आयोग की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही
08:01है. आयोग करमचारियों, पेंशनर्स, यूनियनों और अलग-अलग संगठनों से सुझाव ले चुका है और अल�
08:21प्रतिशत सालाना इंक्रिमेंट को 6 प्रतिशत करने की मांग जोर पकड़ रही है. लेकिन फैसला अभी बाकी है. यानि इंक्रिमेंट
08:29डबल होने की उनमीड जरूर है, लेकिन अभी ये अधिकार नहीं, बलकि मांग है. आप करमचारियों की निगाहें आठवें केंद्रिय
08:35वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों पर टिकी है. क्यूंकि अगर 6 प्रतिशत की मांग स्वीकार होती है, तो लंबे समय
08:41में करमचारियों की बेसिक पे की ग्रोथ पर इसका बड़ा आसर देखने को मिल सकता है.