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  • 6 minutes ago
ओडिशा के भवानीपटना में रहने वाले 14 साल के छात्र स्वराज सत्पथी ने अपनी शानदार प्रतिभा से सबको हैरान कर दिया है. गैरेज के कबाड़ और पुरानी गाड़ियों के फेंके गए पार्ट्स का इस्तेमाल करके स्वराज ने महज तीन महीने की कड़ी मेहनत से दो सीटों वाली एक सोलर-पावर्ड इलेक्ट्रिक कार तैयार की है, जिसका नाम 'VOLT-X' रखा गया है.विकास रेजिडेंशियल स्कूल में पढ़ने वाले स्वराज ने अपनी इस इनोवेटिव गाड़ी में 48 वोल्ट की बैटरी, 800 वॉट का ब्रशलेस डीसी मोटर और डिस्क ब्रेक सिस्टम लगाया है. यह कार 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है और इसे बनाने में करीब एक लाख रुपये का खर्च आया है. कबाड़ में संभावनाएं तलाशने वाले स्वराज की इस प्रेरणादायक कहानी और 'VOLT-X' के फीचर्स को विस्तार से जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें.

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Transcript
00:00Hello, I'm on a steering. I'm on a forward reverse switch.
00:03I'm on a car car. I'm on a disc brake pedal.
00:07Kabaad में किसी को बेकार का सामान नजर आता है तो किसी को खजाना.
00:12Udisha के भवानी पटना के रहने वाले 14 साल के स्वराज सत्पती को भी
00:18उसी kabaad में एक सपना और एक नई मशीन नजर आई.
00:22और तीन महिने की महनत से उन्होंने दो सीटों वाली सोलर पावर्ड इलेक्ट्रिक वहीकल पैयार की.
00:29जसका नाम उन्होंने रखा वोल्टेक्स.
00:33विकास रेसिडेंशल स्कूल में पढ़ने वाले स्वराज के मन में लंबे वक्त से खुद की डिजाइन की हुई गाड़ी बनाने
00:40का सपना था.
00:41बस फिर क्या था? स्वराज ने गैरेज से पुरानी गाड़ियों के निकल चुके मोटर, बैटरी और दूसरे पार्ट्स जुटाए और
00:51धीरे-धीरे कबाड के धेर से एक इलेक्ट्रिक वहीकल तयार की.
00:58वोल्टेक्स में 1000 वॉर्ट का सोलर सिस्टम लगाए गया है. गाड़ी की अधिक्तम रफ्तार करीब 25 किलोमीटर प्रती घंटा है,
01:07जिसे फुल चार्ज होने में करीब 3-4 घंटे लगते हैं.
01:16वही इसमें 48 वॉल्ट का 800 वॉट ब्रूसलेस डीसी मोटर, 48 वॉल्ट की बैट्री और डिस्क ब्रिक सिस्टम लगाया गया
01:26है, ताकि गाड़ी रात में भी चलाई जा सकते हैं.
01:36वॉल्ट टेक्स को बनाने में स्वराज ने लगभग एक लाख रुपे खर्च किये, लेकिन उनकी इस सफर में सबसे बड़ी
01:43अडचन थी स्टेरिंग सिस्टम.
01:45स्वराज ने इसे बार-बार टेस्ट किया, गलतियां हुई, फिर सुधार किया, और आखिरकार स्टेरिंग ने काम करना शुरू कर
01:54दिया.
01:55अब स्वराज की नजर सिर्फ वोल्टेक्स पर नहीं, उनका सपना है एक दिन अपनी बनाई इलेक्ट्रिक गाड़ी को बाजार तक
02:03पहुचाना.
02:08मैं एक दिन ऐसा वाहन बाजार में लाने की योजना बना रहा हूंगी, अगर मुझे सरकार का समर्थन मिलता है,
02:16तो मैं और अधिक इलेक्ट्रिक वाहन बनाना चाहूंगा, और यात्रियों के लिए सुविधायें जोड़ना चाहूंगा.
02:41शुरुवात में उनके माता पिता भी चिंतित थे, लेकिन जब वोल्टेक्स ने आकार लेना शुरू किया, तो चिंता की जगा
02:48गर्व ने ले लिया.
02:53शुरुवात में मुझे इस बात की चिंता थी कि वो गाड़ी को बनाने में ज्यादा समय बता रहा है.
02:58मैं अक्सर उससे कहती थी कि वो इस काम के बज़ाए अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे, लेकिन आज उसने
03:04मुझे बहुत गर्व मैसूस कराया है.
03:34शुरुवात में मुझे बहुत हुची है.
03:36विकाश कुमार दास की रिपोर्ट

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